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आस्ट्रेलिया के 104 साल के वैज्ञानिक इच्छामृत्यु के लिए स्विट्जरलैंड रवाना हुए

सिडनी। आस्ट्रेलिया के सबसे बुजुर्ग वैज्ञानिक 104 साल की उम्र में अपनी जीवनलीला समाप्त करने के लिए स्विट्जरलैंड रवाना हो गए। 10 मई को डेविड गुडाल प्राण त्यागेंगे। आस्ट्रेलिया में इच्छामृत्यु की इजाजत नहीं है।

बुधवार को जब गुडाल विमान में सवार होने लगे तब परिजनों और मित्रों ने घेर लिया और अंतिम गुडबाय कहा।

वह परिवार के अन्य सदस्यों के साथ फ्रांस के बोरडॉक्स में कुछ दिन बिताने के बाद स्विट्जरलैंड पहुंचेंगे। गुडाल को वैसे तो कोई बड़ी बीमारी नहीं है लेकिन उनके जीवन की गुणवत्ता कम हो गई है। उन्होंने स्विट्जरलैंड के बैसेल स्थित एजेंसी लाइफ सर्किल से इच्छामृत्यु के लिए समय लिया है। एजेंसी इस काम में सहायता करती है।

आस्ट्रेलिया से रवाना होने से पहले गुडाल ने एबीसी को बताया कि वह स्विट्जरलैंड जाना नहीं चाहते थे, लेकिन खुदकशी का अवसर पाने के लिए उन्हें ऐसा करना पड़ा क्योंकि आस्ट्रेलिया में इसकी अनुमति नहीं है। इस पर उन्होंने काफी नाराजगी जताई।

गौरतलब है कि दुनिया के अधिकांश देशों में इच्छामृत्यु गैरकानूनी है। आस्ट्रेलिया के विक्टोरिया प्रांत में पिछले साल इसे वैधानिक बनाने तक यह प्रतिबंधित था। लेकिन वहां का कानून जून 2019 से लागू होगा। इसके अलावा केवल वैसे व्यक्ति को इसकी इजाजत होगी जिसे असाध्य रोग हो और जिसकी जिंदगी छह महीने से कम हो।

गुडाल पर्थ के एडिथ कोवान यूनिवर्सिटी में मानद रिसर्च एसोसिएट हैं। उन्होंने दर्जनों शोध कार्य किए हैं। गुडाल ने उम्मीद जताई कि उनके मामले से स्वेच्छा मौत को अपनाने को लेकर चर्चा जोर पकड़ेगी। इच्छामृत्यु की वकालत करने वाली संस्था एक्जिट इंटरनेशनल ने कहा कि आस्ट्रेलिया के सबसे बुजुर्ग और प्रमुख नागरिक को सम्मान के साथ अंतिम सांस लेने के लिए दूसरे देश जाने को मजबूर करना उचित नहीं है।

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