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थाईलैंड में चक्रवाती तूफान ने बदली दिशा, अंडमान में ‘यलो वॉर्निंग’ जारी

बैंकाकः थाईलैंड की खाड़ी में बना चक्रवाती तूफान पाबुक (Pabuk) दिशा बदल अब पश्चिम उत्तर-पश्चिम दिशा की तरफ बढ़ चुका है। इसकी पोर्ट ब्लेयर से दूरी तकरीबन 800 किलोमीटर है। मौसम विभाग ने आशंका जताई है कि तूफान 5 जनवरी को अंडमान सागर में पहुंच जाएगा। अंडमान सागर में पहुंचते ही तूफान अपनी दिशा बदलेगा और उत्तर उत्तर-पश्चिम दिशा की तरफ चलकर अंडमान द्वीप समूह की तरफ रुख कर लेगा। चक्रवाती तूफान के खतरे को देखते हुए मौसम विभाग ने अंडमान दीप समूह के लिए ‘यलो वॉर्निंग’ जारी कर दी है। मौसम विभाग के साइक्लोन सेंटर के मुताबिक, चक्रवाती तूफान पाबुक 6 जनवरी की शाम या रात में अंडमान दीप समूह को पार करेगा।
जब यह चक्रवाती तूफान अंडमान द्वीप समूह को पार कर रहा होगा तो इसमें चलने वाली हवाओं की रफ्तार 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे होगी, जिसमें हवा के झोंके 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक जा सकते हैं। अंडमान द्वीप समूह को पार करने के बाद यह तूफान उत्तर उत्तर-पश्चिम दिशा की तरफ बढ़ेगा और फिर उत्तर-पूर्व दिशा की तरफ मुड़कर म्यांमार कोस्ट की तरफ रुख कर लेगा, लेकिन ऐसा अनुमान है कि 7 या 8 जनवरी को यह तूफान बंगाल की खाड़ी में ही कमजोर पड़ जाएगा। चक्रवाती तूफान के खतरे को देखते हुए मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जारी किया है कि अंडमान द्वीप समूहों में ज्यादातर जगहों पर 5 तारीख की शाम से बारिश शुरू हो जाएगी और 6 जनवरी आते आते ज्यादातर जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने लगेगी।
साथ ही मौसम विभाग ने अंदेशा जताया है कि जब चक्रवाती तूफान 6 तारीख को अंडमान दीप समूह के बीच से होकर गुजर रहा होगा तो यहां पर हवा की रफ्तार 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती है। मौसम विभाग ने चक्रवाती तूफान के चलते मछुआरों को समंदर में न जाने की सलाह दी है। इसके साथ अंडमान द्वीप समूह में मौजूद सैलानियों को सलाह दी गई है कि वह सुरक्षित स्थानों पर रहें. स्थानीय निवासी लगातार प्रशासन की चेतावनी पर ध्यान दें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। बता दें कि येलो अलर्ट किसी भी खराब मौसम में आगामी दिक्कतों को लेकर सचेत करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। येलो अलर्ट में लोगों को आगे के लिए सचेत किया जाता है और बताया जाता है कि कोई भी दिक्कत आ सकती है।

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