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वीजा धारक के जीवनसाथी को नहीं मिलेगा वर्क परमिट, H-1B वीज नियम होंगे और सख्त

नई दिल्ली। अमेरिका में H1B वीजा पर काम कर रहे हजारों भारतीयों को ट्रंप प्रशासन ने नया झटका देने की तैयारी कर ली है। अमेरिकी सरकार ने एच1-बी वीजा धारकों के पति/पत्नी को कानूनी रूप से अमेरिका में काम करने की इजाजत न देने की योजना पर काम शुरू किया है। यह जानकारी अमेरिका की टॉप फेडरल एजेंसी के अधिकारियों ने दी है। अमेरिका में इस सुविधा की शुरुआत पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने की थी।

बराक ओबामा के समय की इस सुविधा को समाप्त करने से 70,000 से अधिक उन एच-4 वीजा धारकों पर असर पड़ सकता है, जिनके पास वर्क परमिट है। आपको जानकारी के लिए बता दें कि एच-4 वीजा आमतौर पर एच-1बी वीजा धारकों के जीवन साथियों (पति-पत्नी) के लिए जारी किया जाता है। एच-1 वीजा धारक वो लोग होते हैं जिनकी नियुक्तियां अमेरिकी कंपनियों की ओर से उस क्षेत्र के लिए की जाती है जहां पर अमेरिकी पेशेवरों की काफी कमी है। डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति बनने के बाद से ही अमेरिकन फर्स्ट की नीति पर काम करना शुरू कर दिया है।

भारतीय-अमेरिकी इस प्रावधान के एक प्रमुख लाभार्थी रहे थे। इस नियम के तहत 100,000 से अधिक एच-4 वीजा धारक लाभार्थी रहे हैं। ओबामा प्रशासन की ओर से साल 2015 में जारी एक नियम उन पत्नियों के लिए वर्क परमिट की इजाजत देता है जिन्हें और कहीं नौकरी नहीं दी जा सकती है, जबकि एच-1बी वीजा धारक स्थायी निवास के लिए आवेदन करते हैं। यह एक एक प्रक्रिया है जो एक दशक या उससे अधिक समय ले सकती है। ट्रम्प प्रशासन इसी प्रावधान को समाप्त करने की योजना बना रहा है।

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