छत्तीसगढ़

वो 90 मिनट नक्सलियों के लिए बन गया कहर।

रायपुर।

सुबह 9 बजे का वक्त….90 मिनट की मुठभेड़ और 9 नक्सली ढेर !…9 नक्सलियों पर काल बनकर बनकर टूटने वाले 1200 से ज्यादा जवान 24 घंटे का सफर तय कर 150 किलोमीटर दूर नक्सलियों के मांद में घुसे थे। कंपकंपाती ठंड के बीच ये जवान इतनी सफाई के साथ नक्सलियों के मांद में दाखिल हुए, कि नक्सलियों को भनक तक नहीं लगी कि सोमवार की सुबह उनके लिए इतनी भयावह होगी। सुकमा के सकलेर में सुबह नक्सली जब जवानों के खिलाफ एक और कायराना करतूत का खाका तैयार कर रहे थे, तभी जवान उन नक्सलियों को कहर बनकर टूट पड़े।

मुठभेड़ के बाद नक्सल डीजी डीएम अवस्थी ने आज शाम एक प्रेस कांफ्रेंस कर आपरेशंस की पूरी जानकारी दी। डीजी डीएम अवस्थी ने कहा कि इस मुठभेड़ में दो डीआरजी के जवान भी शहीद हो गये हैं। अवस्थी के मुताबिक सकलेर, टोंडामरका, सारेतोंग में मुठभेड़ हुई।

जिस जगह पर ये मुठभेड़ हुई, वो कितना दुर्गम और नक्सलियों का पनाहगाह माना जाता , उसका उसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि शहीद जवानों और नक्सलियों के शव को लाने में शाम 5 बज गया। सकलेर के जंगल से शाम 5 बजे जवानों का शव लाया गया। खुद एसपी अभिषेक मीणा सुकमा हैलीपेड पर मौजूद रहे।

इधर जिन नक्सलियों को मार गिराया गया है, उनमें दो हार्डकोर कमांडर बताये जा रहे हैं। जो डीवीसी मेंबर हैं और उन पर 8-8 लाख रुपये का इनाम है। एक नक्सली का नाम ताती भीम गंगानपल्ली हैं का रहने वाला है जिस पर 8 लाख का इनाम था, वहीं दूसरी लेडी है पोडियम राजे है, ये भी डीबीसी मेंबर है और पालमपल्ली सुकमा की रहने वाली है। इन नक्सलियों के पास से आटोमैटिक वैपन सहित कुल 10 हथियार को बरामद किया गया है। चार दिन में कुल 14 नक्सलियों की बॉडी मुठभेड़ में बरामद की गयी है।

वहीं जो शहीद हुए है वो दोनों डीआरजी के जवान है। उन जवानों में डेरडी रामा और मांडवी जोबा शामिल है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Close