छत्तीसगढ़

हाथियों को रोकने करंट का सहारा…जंगल किनारे फेंसिंग कर बिछाए जा रहे तार…टकराया तो लगेगा झटका…

बैकुंठपुर। वन विभाग हाथियों को गांवों तक पहुंचने से रोकने के लिए जंगल किनारे पेड़ों पर बैरिकेटिंग करने का कार्य शुरू किया है। बैरिकेटिंग से तार पर करंट लगाया जा रहा है। इससे हाथियों को करंट लगेगा और वे आगे नहीं बढ़ पाएंगे। इस कार्य के लिए 40 सदस्यों की टीम काम कर रही है।

बैकुण्ठपुर वन मंडल के वन परिक्षेत्र बैकुण्ठपुर के सलबा में सोमवार को हाथियों के दल ने एक युवक पर हमला कर मार डाला था। मंगलवार की सुबह सरगुजा संभाग वन वृत्त से सीसीएस के के बिसेन सहित वन विद्यालय अंबिकापुर के 40 सदस्यों की टीम बैकुण्ठपुर के सलबा पहुंची।

दल ने सलबा के जंगल पहुंचकर बसाहट से हाथियों के झुंड को अलग करने के लिए पूरे वन क्षेत्र में बैरिकेटिंग करने का कार्य शुरू किया। इस दौरान देर शाम तक अंबिकापुर से वन विद्यालय के 40 कर्मी बैरिकेडिंग के कार्य में लगे रहे।

अंबिकापुर वन वृत्त सीसीएफ के के बिसेन ने बताया कि सोमवार को हाथियों के दल द्वारा युवक की हत्या के बाद पूरे क्षेत्र में बैरिकेटिंग लगाने का निर्णय लिया गया। जोकि बसाहट के क्षेत्रों में हाथियों की आमद को रोकेगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि बेरिकेटिंग के साथ छेड़छाड़ करने वालों को भी बख्शा नहीं जाएगा।

गौरतलब हो कि हाथियों के इसी दल द्वारा 3 माह पूर्व केल्हारी वनपरिक्षेत्र के डिप्टी रेंजर मार डाला था। बैकुण्ठपुर वन परिक्षेत्र के वन परिक्षेत्र अधिकारी अखिलेश मिश्रा ने बताया कि बीते 1 सप्ताह के दौरान 11 हाथियों के इस दल के द्वारा लगभग 40 किसानों के फसलों को नष्ट किया है एवं कुछ एक मकानों एवं सोमवार को एक युवक की मौत के बाद सभी प्रकरणों को तैयार कर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है और 1 सप्ताह के भीतर सभी प्रकरणों में लगभग 9 लाख की राशि संबंधित के बैंक खातों में डाल दी जाएगी।

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