छत्तीसगढ़

बेमेतरा के बाद अब जगदलपुर स्ट्रांग रूम परिसर में लैपटॉप के साथ तीन पकड़ाए…

कांग्रेसियों के हंगामे के बाद गिरफ्तार…सुरक्षा में लापरवाही, 2 पुलिसकर्मी निलंबित…


जगदलपुर।
गुरुवार को जगदलपुर के स्ट्रांग रूम परिसर में कांग्रेसियों ने तीन संदिग्धों को लैपटॉप समेत पकड़ा है। इसकी खबर लगते ही वहां काफी संख्या कांग्रेसी पहुंच गए और हंगामा करने लगे। जिला निर्वाचन अधिकारी और पुलिस को इसकी सूचना दी गई।

पुलिस मौके पर पहुंच कर तीनों आरोपियों कोतवाली लेकर पहुंची और पूछताछ शुरू की। प्रशासन ने लापरवाही बरतने के कारण प्रधान आरक्षक केशव साहू व आरक्षक इंद्रकुमार पैकरा को निलंबित कर दिया है। इससे पहले बेमेतरा के स्ट्रांग रूम में लैपटॉप के साथ एक सुरक्षा कर्मी को पकड़ा गया था।

जगदलपुर के धरमपुरा स्थित पॉलिटेक्निक कॉलेज को स्ट्रांग रूम बनाया गया है। वहां बस्तर जिले की तीन सीटों की ईवीएम वहां रखा गया है। प्रशासन ने यहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। इसके बावजूद गुरुवार शाम को परिसर में तीन संदिग्ध लोगों लैपटॉप के साथ देखा गया। आनन-फानन में इसकी जानकारी कांगे्रस कार्यकर्ताओं को लगी तो उन्होंने इन संदिग्धों को मौके पर पकड़ लिया।

बताया जा रहा है कि ये तीनों करीब तीन घंटे तक परिसर में थे। जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में कांग्रेसी पहुंच गए और हंगामा करने लगे। आक्रोशित कांग्रेसियों ने जिला निर्वाचन अधिकारी, पुलिस और आला नेताओं को इसकी जानकारी दी। देररात तीनों आरोपियों को लेकर पुलिस
कोतवाली पहुंची। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है।
पूछताछ में संदिग्धों ने निजी टेलिकॉम कंपनी के इंजीनियर व हेल्पर होने की बात कही है। तीनों ने गेट में अपनी जांच करवाने के बाद रजिस्टर में नाम दर्ज करवाया है। उनका कहना है कि किसी भी तरह के हैकर नहीं हैं।

मामले में बस्तर के जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. अयाज तांबोली ने बताया कि स्ट्रांग रूम में किसी भी तरह की चूक नहीं हुई है। सभी इवीएम सुरक्षित हैं। बिना अनुमति पत्र के किसी भी व्यक्ति का प्रवेश वर्जित है। इसलिए दो पुलिसकर्मी निलंबित किए गए हैं।

कांग्रेस स्ट्रांग रूम की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। वे लगातार इसकी शिकायत करते आ रहे हैं। कांग्रेसी स्ट्रांग रूम की नियमित निगरानी भी कर रहे हैं। चित्रकोट सीट के कांग्रेस कार्यकर्ता परिसर में रूक कर निगरानी कर रहे हैं। इसी दौरान कुछ लोग लैपटॉप लिए हुए दिखाई दिए। उनकी गतिविधियों से संदेह हुआ। उनसे पूछताछ की तो वे संतुष्ट जनक जवाब नहीं दे पाए।

इसके बाद कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष समेत अन्य पदाधिकारियों को फोन पर इसकी जानकारी दी। कुछ देर में वहां काफी संख्या में कांग्रेसी पहुंच गए और हंगामा करने लगे। कांग्रेसियों का कहना है कि ये सभी हैकर हैं और वे ईवीएम की रेंज में आकर उसे हैक करना चाहते थे।

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