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मुख्यमंत्री भक्तिन माता राजिम जयंती महोत्सव में शामिल हुए

शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए हम सबको मिलकर काम करना होगा
भक्त राजिम माता ने अपनी मेहनत और त्याग
से किया साहू समाज को संगठित

रायपुर : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि भक्तिन माता राजिम ने जिस साहू समाज को अपनी मेहनत और त्याग से संगठित किया, आज वह समाज शिक्षा, कृषि व व्यवसाय सहित सभी क्षेत्रों में संगठित तरीके से काम कर आगे बढ़ रहा है और दूसरे समाज भी उनका अनुकरण कर रहे हैं। बघेल आज राजिम के मेला स्थल में प्रदेश साहू संघ द्वारा आयोजित भक्तिन माता राजिम जयंती महोत्सव को सम्बोधित कर रहे थे। महोत्सव स्थल पहुंचकर सबसे पहले मुख्यमंत्री बघेल, गृह एवं जेल मंत्री ताम्रध्वज साहू सहित सभी अतिथियों ने भक्तिन माता राजिम की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने सभी लोगों को भक्तिन माता राजिम जयंती की बघाई और शुभकामनाएं भी दी।
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में अधिक बजट का प्रावधान किया जाता है, लेकिन शिक्षा की गुणवत्ता अच्छी नहीं होने के कारण बच्चे प्रतिस्पर्धा में पीछे हो जाते हैं। अतएव शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए हम सबको मिलकर काम करना होगा, ताकि हमारे प्रदेश के बच्चे भी प्रतिस्पर्धी प्रतियोगिताओं में आगे बढ़ सके। उन्होंने कहा कि किसान गर्मी में फसल के लिए पानी की मांग करते हैं। किसानों को गर्मी में पानी देने की व्यवस्था कैसे की जाए, इस विषय पर चर्चा कर निर्णय लिया जायेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के किसानों के हित में राज्य सरकार 6100 करोड़ कृषि ऋण माफी का फैसला कर चुकी है। साढ़े तीन लाख किसानों के खाते में 1248 करोड़ रूपये पहुंच गया है। बजट सत्र के बाद बचत राशि किसानों के खाते में जाना शुरू हो जायेगा।
बघेल ने कहा कि सहकारी बैंक और ग्रामीण बैंक में किसानों के केसीसी लोन को माफ किया जा चुका है। इसके अलावा राष्ट्रीयकृत बैंकों से किसानों द्वारा लिए गये के.सी.सी लोन का आंकड़ा भी संकलित किया जा रहा है। धान का प्रति क्विंटल मूल्य 2500 रूपये कर दिया गया है। इस विषय को बजट में शामिल किया जायेगा और बढ़ाये समर्थन मूल्य के अनुसार 450 रूपये प्रति क्विंटल के हिसाब से मार्च माह तक किसानों के खाते में अतिरिक्त राशि पहुंच जायेगी। बघेल कहा कि अन्नदाता किसानों को दिये गये सभी वायदों को आप सभी के सहयोग से पूरा किया जायेगा। उन्होंने कहा कि शराब निश्चित रूप से एक सामाजिक बुराई है। इसे खत्म करने के लिए जनजागरण और सामाजिक सहभागिता जरूरी है।
बघेल ने कहा कि हरदीहा साहू समाज द्वारा सामूहिक विवाह समारोह में ही अपने पुत्र-पुत्रियों का विवाह करने के निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि यदि अन्य साहू समाज भी सामूहिक विवाह समारोह में अपने बेटे-बेटियों की शादी का निर्णय लेते हैं, तो यह एक क्रांतिकारी निर्णय होगा। उन्होंने कहा कि खर्चीले विवाह के कारण लोग कर्ज में डूब जाते हैं और कई बार तो उनका जमीन-जायदाद भी बिक जाता है।
इस अवसर पर गृह, जेल, लोक निर्माण, धर्मस्व, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति, बोली, रहन-सहन और परम्परा को आगे बढ़ाने के उददेश्य को ध्यान में रखते हुए राजिम महाकुंभ का नाम बदलकर इस वर्ष राजिम माघी पुन्नी मेला के नाम से आयोजन किया जाएगा। राज्योत्सव और अन्य आयोजनों में स्थानीय लोक कलाकारों और प्रतिभाओं को पर्याप्त अवसर प्रदान किया जायेगा। साहू ने कहा कि प्रदेश के सांस्कृतिक और धार्मिक स्थलों की पहचान कर उन्हें विकसित किया जायेगा। सरकार बनते ही 15 दिन के भीतर ऐसे स्थलों का चिन्हाकंन कर न्यास व ट्रस्ट बनाने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री बघेल द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धि हासिल करने वाले साहू समाज के प्रतिभाओं को सम्मानित भी किया गया। राजिम भक्तिन माता राजिम जयंती महोत्सव कार्यक्रम में लोकसभा सांसद चन्दूलाल साहू, और लखनलाल साहू, राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा, विधायक अभनपुर धनेन्द्र साहू, विधायक राजिम अमितेश शुक्ल, विधायक धमतरी श्रीमती रंजना साहू, विधायक कसडोल सुशंकुतला साहू,, असम के विधायक राजू साहू, प्रदेश साहू संघ के अध्यक्ष विपिन साहू एवं साहू समाज के पदाधिकारी डॉ. ममता साहू, मोती लाल साहू, चन्द्रशेखर साहू, कृपाराम साहू, थानेश्वर साहू, डॉ सियाराम साहू एवं साहू समाज के प्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में समाज के महिला एवं पुरूष उपस्थित थे।

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