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देश के 80 फीसद हिस्से में बारिश की संभावना समय से पहले केरल पहुंचा मानसून, जून में

नई दिल्ली। मई की इस झुलसा देने वाली गर्मी के बीच आखिरकार मंगलवार को मानसून केरल पहुंच गया। इस बार मानसून तीन पहले ही केरल पहुंच गया है। सामान्य तौर पर एक जून को यह केरल तट पर पहुंचता है। मौसम विभाग ने मानसून आने की आधिकारिक घोषणा की है। अब अगले 24 घंटे के मानसून के केरल में छाने की उम्मीद है। मंगलवार को केरल सहित दक्षिण के तटवर्ती इलाकों में बारिश शुरू हो गई है।

इस बारे में मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि अगले 24 घंटे में केरल के कुछ भागों में तेज बारिश होगी जबकि तमिलनाडु, बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के बाकी भागों में तेज बारिश के आसार हैं। हालांकि, मौसम विभाग ने इस बार देश में सामान्य मानसून का अनुमान जाहिर किया है। साथ ही जून में देश के 80 फीसद इलाके में मानसून के छा जाने का अनुमान है।

हालात अनुकूल रहे तो मध्य प्रदेश में यह 12 से 15 जून के बीच आ सकता है। स्काइमेट के उपाध्यक्ष महेश पलवत के मुताबिक, सभी मौसम स्टेशनों पर लांग-वेव रेडिएशन सतत दो दिनों तक 140 डब्ल्यूएम-2 दर्ज किया गया है। इसके अलावा हवाओं का रुख भी बता रहा है कि मानसून केरल आ गया है।

उत्तर भारत में जारी है भीषण गर्मी –

इधर, उत्तर भारत के अधिकांश इलाकों में भीषण गर्मी का दौर जारी है। पंजाब के कपूरथला में लू की चपेट में आ जाने से एक मजदूर की मौत हो गई। मृतक 42 वर्षीय सतनाम सिंह सुंदरनगर का रहने वाला था। काम से घर लौटने के बाद वह अचेत हो गया था। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। सिविल अस्पताल के डॉ. गुरमेज सिंह सहोता ने बताया कि सतनाम की मौत लू से हुई है।

बिहार में कहर बनकर बरसा प्री-मानसून, 17 की मौत

उधर, पटना में आंधी और ओले के साथ सोमवार देर शाम हुई भारी बारिश के बीच दीवार गिरने एवं वज्रपात से बिहार में 17 लोगों की मौत हो गई। हालांकि, आपदा प्रबंधन विभाग को अभी विस्तृत रिपोर्ट की प्रतीक्षा है। मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। मौसम वैज्ञानिकों ने इसे प्री-मानसून बारिश बताया है।

तेज हवा के साथ बारिश और वज्रपात के चलते सासाराम, कटिहार, औरंगाबाद, नवादा जिले में दो-दो एवं गया जिले में चार लोगों की मौत हो गई। गांवों में आंधी से सैकड़ों घरों के छप्पर उड़ गए। गया जिले के टिकारी में पॉल्ट्री फार्म की दीवार पलट जाने से एक हजार मुर्गियां दब गईं। राजगीर में मलमास मेला पर भी असर पड़ा है। बारिश में कई घरों को भी नुकसान पहुंचा है। जगह-जगह तार टूटने और फॉल्ट आने से बिजली भी गुल हो गई है। राजधानी पटना समेत प्रदेश के दक्षिण-पूर्व के कई जिलों में जमकर बारिश हुई। मौसम विभाग ने पहले ही अलर्ट जारी कर रखा था।

मानसून घोषित करने का यह है पैमाना –

– अगर उपलब्ध 14 स्टेशनों (मिनिकॉय, एमिनी, तिरुअनंतपुरम, पुनालुर, कोल्लम, अल्लपुझा, कोट्टयम, कुडुलु, कोच्चि, त्रिशूर, कोझिकोड, थालासेरी, कन्नूर और मंगलोर) के 60 प्रतिशत में 10 मई के बाद अगर सतत दो दिन 2.5 मिमी या इससे अधिक बारिश हो जाती है तो उसके अगले दिन मानसून के आगमन की घोषणा कर दी जाती है।

– पश्चिमी हवाएं मुख्य समुद्र स्तर से ऊपर 15 हजार फीट तक होनी चाहिए।
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– विदा हो रहा दीर्घ-तरंग (लांग-वेव)] रेडिएशन 200 डब्लूएम-2 (वॉट प्रति वर्गमीटर) से कम होना चाहिए।

इससे पहले मौसम पूर्वानुमान जारी करने वाली निजी कंपनी ‘स्काइमेट’ ने दावा किया है कि दक्षिण पश्चिम मानसून ने सोमवार को केरल में दस्तक दे दी है। इसके साथ ही देश में दक्षिण पश्चिम मानसूनी बरसात का मौसम शुरू हो गया है। माना जा रहा है कि ये मानसूनी हवाएं आगे बढ़ते हुए एक हफ्ते के अंदर मुंबई पहुंच जाएंगी। आमतौर पर मानसून के केरल पहुंचने की तारीख 1 जून है।

‘स्काइमेट’ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जतिन सिंह ने कहा, ‘केरल में मानसून जैसी स्थितियां हैं। हम कह सकते हैं कि सालाना बारिश के मौसम की शुरुआत हो गई है।’ इससे पहले ‘स्काइमेट’ ने अपने पूर्वानुमान में भी कहा था कि मानसून 28 मई को केरल पहुंचेगा।

भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के मुताबिक, यदि 10 मई के बाद केरल में स्थापित 14 मौसम निगरानी केंद्रों में से 60 प्रतिशत में लगातार दो दिन तक 2.5 मिलीमीटर या उससे अधिक वर्षा दर्ज की जाती है, तो दूसरे दिन केरल में मानसून के प्रवेश की घोषणा की जा सकती है।

यह मानसून आने के मुख्य मानकों में से एक है। लेकिन आईएमडी ने सोमवार सुबह 8.15 बजे के मौसम बुलेटिन में कहा कि मानसून अगले 24 घंटे में केरल पहुंचेगा। आईएमडी के अतिरिक्त महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने इसकी पुष्टि की है।

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