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आतंकियों के खिलाफ अपना ऑपरेशन घने अंधेरे के चलते सेना को बंद करना पड़ा

नई दिल्‍ली : जम्‍मू और कश्‍मीर के कुपवाड़ा जिले में आतंकियों की तलाश में सेना द्वारा शुरू किए गए ऑपरेशन को अंधेरे की वजह से रात में ही रोकना पड़ा. दरअसल, राष्‍ट्रीय राइफल्‍स की 32वीं बटालियन के जवानों का एक दल बुधवार देर रात्रि कुपवाड़ा जिले के अंतर्गत आने वाले हिंदवाड़ा इलाके में गश्‍त पर निकला हुआ था. सेना के जवानों का यह दल करलगुंद इलाके में आने वाले काजियाबाद के जंगलों से गुजर रहा था, तभी पहले से घात लगाए आतंकियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. आतंकियों की इस फायरिंग का सेना के जवानों ने मुंहतोड़ जवाब दिया. सेना के जवानों और आतंकियों के बीच काफी देर तक गोलीबारी चलती रही. सेना के जवान सामने से आ रही गोलियों से आतंकियों का अंदाजा लगाकर लगातार निशाना लगाते रहे. आतंकियों की तरफ से गोलीबार शांत होने के बाद सेना ने अपना सर्च ऑपरेशन शुरू किया.

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आतंकियों के शव के साथ मिली कई AK-47 राइफल
सेना के सूत्रों के अनुसार घने अंधेरे की वजह से सेना के जवानों का जंगल के भीतर जाना ठीक नहीं था, लिहाजा सेना के जवानों ने इलाके की घेराबंदी करने के बाद सर्च ऑपरेशन को रोक दिया. सेना के जवान जंगल के इर्द-गिर्द पूरी रात डटे रहे. गुरुवार तड़के जैसे ही उजाला हुआ, सेना के जवानों ने जंगल को खंगालना शुरू कर दिया. गुरुवार सुबह दोबारा शुरू हुए दोबारा सर्च ऑपरेशन के दौरान सेना ने जंगल के भीतर से दो आतंकियों के शव बरामद किए. इसके अलावा, आतंकियों के कब्‍जे से कई AK-47 राइफल सहित अन्‍य हथियार बरामद किए गए.

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आतंकियों के विदेशी होने की आशंका
सेना के सूत्रों के अनुसार ऑपरेशन में मारे गए आतंकियों की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है. यह पता लगाया जा रहा है कि मारे गए आतंकी कौन थे और वे किस आतंकी संगठन से संबंध लगते थे. उन्‍होंने बताया मारे गए आतंकियों के हुलिया देखकर यह माना जा रहा है कि दो आतंकी विदेशी थे. आशंका है कि दोनों आतंकी हिंदवाड़ा इलाके से सटी भारत-पाक एलओसी से घुसपैठ कर आए थे. वे हिंदवाड़ा इलाके से बाहर निकल पाते इससे पहले उनका सामना सेना के जवानों से हो गया.

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