छत्तीसगढ़

भैरमगढ़ में बाल श्रम व भिक्षावृत्ति रोकने हेतु विशेष अभियान

बीजापुर| महिला एवं बाल विकास विभाग बीजापुर के अंतर्गत बाल संरक्षण ईकाई की रेस्क्यू टीम द्वारा विकासखण्ड भैरमगढ़ मंे 27 जून को बाल श्रमिक, बाल भिक्षावृत्ति एवं अपशिष्ट संग्राहक से लिप्त बच्चों को निकालकर संरक्षण देने के लिए विशेष अभियान चलाया। भैरमगढ़ में जिला बाल संरक्षण ईकाई, श्रम विभाग व पुलिस विभाग के तत्वाधान में जन जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। नगर पंचायत व ग्राम पंचायत अंतर्गत आने वाले वार्डो में सर्वेक्षण का कार्य भी किये जा रहे हंै। इस दौरान दुकानों, हाॅटलों, गैरेजों, ढाबांे, मंदिरों व बस स्टैण्ड का जांच करते हुए बाल संरक्षण रेस्क्यू टीम द्वारा बच्चों के संबंध में समझाते हुए किशोर न्याय अधिनियम बाल श्रम अधिनियम का व्यापक प्रचार-प्रसार की गई। जांच के दौरान 09 बाल श्रम करते पाये गये जिसमें से 04 बच्चों ने बताया कि वे कक्षा 9वीं, कक्षा 7वीं, व 10वीं मंे अध्ययनरत् है और 04 बच्चे 5वीं व 4 चैथी के बाद पढ़ाई छोड़ चुके है। वर्तमान में बच्चे अपने जेब खर्च के लिए कार्य कर रहे है। जांच टीम द्वारा बच्चों व दुकानदारों को बाल श्रम और भिक्षावृत्ति से लिप्त बच्चों के संबंध मंे संक्षिप्त जानकारी प्रदान की गई। प्राप्त बच्चांे को बाल संरक्षण विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों द्वारा बालक कल्याण समिति में प्रस्तुत कर पुनर्वासित करने शिक्षा से जोड़ने व कौशल उन्नयन में प्रशिक्षण दिलाने हेतु कार्य किये जा रहे है। किशोर न्याय अधिनियम 2015 की धारा 76 अंतर्गत किसी भी बालक को भिक्षावृत्ति में नियोजित करने पर एक लाख रूपये जुर्माने के साथ दंडित किये जाने के संबंध मंे निर्देशित किया गया हैं। इस दौरान अभियान मंे कल्याण निरीक्षक श्री मुकेश बघेल, संस्थागत अधिकारी श्री नवीन कुमार मिश्रा, विधिक सह परिवीक्षा अधिकारी सुश्री आंनदमई मल्लिक आउटरीच वर्कर राजूराम कश्यप एवं विनोद चिलमुल शामिल थे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Close