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ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं के लिए छत्तीसगढ़ स्वास्थ विभाग और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के मध्य एमओयू

रायपुर : स्वास्थ्य मंत्री अजय चन्द्राकर की उपस्थिति में आज राजधानी रायपुर स्थित मल्टी सुपरस्पेशलिटी डीकेएस अस्पताल के सभाकक्ष में छत्तीसगढ़ स्वास्थ एवं परिवार कल्याण विभाग और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान रायपुर के बीच ‘ग्रामीण स्वास्थ्य प्रशिक्षण केन्द्र’ (आरएचटीसी) की स्थापना के लिए 30 साल की अवधि के लिए अनुबंध (एमओयू) हुआ। यह केन्द्र धमतरी जिले के कुरूद विकासखण्ड में विकसित किया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार ने कुरूद विकासखण्ड के ग्राम गाड़ाडीह के पास दस एकड़ रकबे का चिन्हांकन कर लिया है। ग्रामीण स्वास्थ्य प्रशिक्षण केन्द्र की स्थापना से क्षेत्र के लोगों उच्च स्तरीय प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं से लाभान्वित होंगे। राज्य सरकार की ओर से स्वास्थ्य विभाग की सचिवमती निहारिका बारिक सिंह और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान की ओर से निदेशक डॉ. नितिन नागरकर ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।

उल्लेखनीय है कि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान द्वारा दिल्ली के वल्लभगढ़ में उच्च स्तरीय चिकित्सा शिक्षा और शोध केन्द्र विकसित किए गए हैं, जो पूरे देश में लोगों को उच्च स्तर के चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर रही हैं। इसी केन्द्र के तर्ज पर कुरूद में भी उच्च स्तरीय शोध संस्थान विकसित किया जाएगा। इस मौके पर स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सा शिक्षा संचालक डॉ. ए.के. चन्द्राकर, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रबंध संचालक डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भूरे, संयुक्त सचिव सुनील जैन, डीकेएस मल्टी सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. पुनीत गुप्ता और कुरूद क्षेत्र के जनप्रतिनिधि सहित अन्य संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अनुबंध में ग्रामीण स्वास्थ प्रशिक्षण केन्द्र की स्थापना की माध्यम से ग्रामीण अंचल में प्राथमिक स्वास्थ देखभाल सुविधा अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान रायपुर के संयोग से धमतरी जिले के कुरूद सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में किया जाएगा। ग्रामीण स्वास्थ्य प्रशिक्षण केन्द्र का मुख्य उद्देश्य रायपुर के चिकित्सा अधिकारी, पैरामेडिकल छात्रों एवं एमबीबीएस प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे छात्रों का प्राथमिक स्वास्थ सेवाओं में प्रशिक्षण संचालन करना है। इस प्रशिक्षण संस्थान में समुदाय आधारित शोध कार्यों का सुदृढ़ करने की एक पहल है। साथ ही ग्रामीण स्वास्थ केन्द्र को मॉडल के रूप में विकसित करना भी अनुबंध का प्रमुख उद्देश्य है।

अधिकारियों ने बताया कि उक्त अनुबंध के आधार पर एम्स रायपुर को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कुरूद के भवन, कर्मचारियों के आवास एवं वर्तमान में संचालित संस्थान की सभी सुविधाओं का उपयोग करने के लिए अनुमति प्रदान किया जाएगा। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कुरूद के अंतर्गत उपलब्ध दस एकड़ जमीन एम्स रायपुर को राज्य शासन द्वारा एमओयू अवधि तक पट्टा आधार पर प्रदान किया जाएगा। केन्द्र सरकार द्वारा प्राप्त अनुदान राशि से ग्रामीण स्वास्थ्य केन्द्र स्थापित करने एवं स्नातक और स्नातकोत्तर प्रशिक्षणार्थी के लिए हॉस्टल सुविधा प्रदान करने के लिए इस भू-खण्ड का उपयोग किया जाएगा। स्थापित ग्रामीण स्वास्थ्य केन्द्र के भवनों पर प्रशासिक नियंत्रण और आवंटित भू-खण्ड एम्स रायपुर का होगा। एम्स रायपुर द्वारा विभागों के पैरामेडिकल स्टॉफ डॉक्टर, एमओ और संकाय की पदस्थापना करेंगे।

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