छत्तीसगढ़

विधानसभा निर्वाचन 2018 : आदर्श आचरण संहिता के प्रति प्रतिबद्धता आवश्यक-कलेक्टर

बेमेतराकलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी महादेव कावरे ने कहा है कि सभी राजनीतिक दलों एवं अभ्यर्थियों को निर्वाचन आयोग की आदर्श आचरण संहिता के प्रति प्रतिबद्धता आवश्यक है तथा आदर्श आचरण संहिता के तहत दिए गए दिशा निर्देशों एवं मार्गदर्शन के अनुरूप ही चुनाव संबंधी सभी कार्यवाही संपादित की जानी चाहिए।

विधानसभा निर्वाचन 2018 के संदर्भ में आज कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी कावरे द्वारा विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक कलेक्टर कक्ष में ली गई। बैठक के दौरान आदर्श आचरण संहिता के संबंध में विस्तार से जानकारी प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई तथा संहिता का आवश्यक रूप से पालन करने की अपेक्षा राजनीतिक दलों से की। बैठक के दौरान कलेक्टर कावरे ने कहा कि प्रत्येक राजनीतिक दल एवं अभ्यर्थी को जातीय, धार्मिक विषयों से बचकर अपना प्रचार-प्रसार करना चाहिए तथा किसी भी व्यक्ति के घर के सामने धरना प्रदर्शन नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि निर्वाचन के दौरान सक्षम स्वीकृति प्राप्त कर ही जुलूस, रैली एवं सभा का आयोजन किया जाय तथा पुलिस को भी इसकी सूचना दी जाय। उन्होंने बताया कि निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देशों के अनुसार सभा आदि के आयोजन में की जाने वाली टेंट, कुर्सी, माईक, पण्डाल तथा अन्य सामग्रियों की संख्या आदि की जानकारी अनिवार्य रूप से निर्वाचन कार्यालय को दी जानी चाहिए। जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा इसकी वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जुलूस आदि के दौरान यदि किसी व्यक्ति द्वारा बाधा पहुंचायी जाती है तो राजनीतिक दल स्वंय उस पर कार्यवाही न करें तथा कानून अपने हाथ में न लें, इसकी सूचना पुलिस को दें साथ ही जुलूस के दौरान उपस्थित पुलिस बल इस पर कार्यवाही करेगा। उन्होंने बताया कि पुतला दहन आदि पूर्णरूप से प्रतिबंधित रहेगा। इसके साथ ही आदर्श आचरण संहिता लागू हो चुकी है अतः कोई भी भूमिपूजन, लोकार्पण तथा घोषणाएं प्रतिबंधित रहेगी।

बैठक के दौरान कलेक्टर ने व्यय लेखा के संबंध में निर्वाचन आयोग के सामान्य अनुदेशों के संबंध में विस्तार से जानकारी प्रतिनिधियों को दी तथा बताया कि विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र हेतु निर्वाचन व्यय की अधिकतम सीमा 28 लाख रूपये तथा कोई भी व्यक्ति 50 हजार रूपए से अधिक राशि लेकर चलने पर जांच एवं 10 हजार रूपए से अधिक की सामग्री बिना प्रकाशक, मुद्रक के नाम पता तथा संख्या नहीं होने पर कार्यवाही होने की जानकारी भी दी। इसी प्रकार उम्मीदवार द्वारा 20 हजार रूपए से अधिक चेक द्वारा भुगतान तथा प्रत्येक वाहन के ओरिजनल अनुमति गाड़ी के विंड स्क्रीन पर लगाने के बारे में भी बताया गया। उन्होंने निर्वाचन व्यय के प्रकारों की जानकारी देते हुए बताया कि निर्वाचन व्यय को दो प्रकार की श्रेणी में रखा गया हे। प्रथम ऐसा व्यय जो निर्वाचन प्रचार के कानून के अन्तर्गत अनुज्ञेय है बशर्ते कि ये अनुज्ञेय सीमा के अन्तर्गत हो। द्वितीय ऐसा व्यय जो निर्वाचन प्रचार के कानून के अन्तर्गत अनुज्ञेय नही हो, अर्थात विधि के अधीन जिनकी अनुमति प्राप्त नहीं होती। कलेक्टर ने बैठक के दौरान अभ्यर्थी द्वारा किए गए दैनिक निर्वाचन व्यय के रख-रखाव एवं अनुवीक्षण के लिए प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में व्यय तंत्र के गठन तथा उसके विभिन्न स्तरों की जानकारी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को दी जिसमें व्यय प्रेक्षक, सहायक व्यय प्रेक्षक, लेखा टीम, शिकायत अनुवीक्षण, नियंत्रण कक्ष एवं काल सेन्टर, वीडियो निगरानी समिति, वीडियो अवलोकन समिति, स्थैतिक निगरानी दल, जिला स्तरीय मीडिया प्रमाणन एवं अनुवीक्षण समिति, फ्लाईंग स्कवैड समिति तथा व्यय निगरानी समिति आदि तंत्र शामिल है। कलेक्टर ने बताया कि निर्वाचन व्यय के लिए प्रत्येक अभ्यर्थी द्वारा पृथक बैंक खाता खोला जाना आवश्यक है जिसके खाता संख्या की लिखित जानकारी नाम निर्देशन दाखिल करते समय अभ्यर्थी द्वारा दी जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने निर्वाचन व्यय तथा बैंक खाते के संचालन, भुगतान के स्वरूप, नकद संव्यवहार, चेक से भुगतान, व्यय की जानकारी प्रस्तुत करने के साथ अन्य संबंधित तथ्यों की विस्तार से जानकारी प्रतिनिधियों को दी।

लेखाओं की जांच आवश्यक- बैठक में कलेक्टर ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को जानकारी देते हुए बताया कि प्रत्येक अभ्यर्थी अपनी लेखाओं की जांच 3 बार अवश्य कराएंगे तथा लेखाओं की अंतिम जांच मतदान की तिथि से 3 दिन पहले कराना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक अभ्यर्थी अपनी लेखाओं की जांच जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा निर्धारित कार्यालय में ही कराएगा। यदि अभ्यर्थी द्वारा व्यय के किसी भी मद के लिए किसी भी व्यक्ति को राशि देय है तो संपूर्ण निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान यह राशि बीस हजार रूपये से अधिक नहीं होगी। बैठक में अभ्यर्थी द्वारा व्यय पंजी के संधारण तथा उसके प्रारूप, दिन प्रतिदिन के लेखे के रख-रखाव के लिए नकद रजिस्टर तथा उसके प्रारूप, बैंक रजिस्टर तथा उसके प्रारूप, व्यय एजेंट की नियुक्ति तथा उसके नियम, सभा जुलूस की अनुमति हेतु निर्धारित प्रारूप में आवेदन, फोटो निर्वाचन नामावली, बूथ लेबल एजेंट की नियुक्ति, निर्वाचन हेतु वाहनों की अनुमति, विभिन्न सामग्रियों की दरों का निर्धारण, स्टार प्रचारक, हेलीकाप्टर या विमान के खर्चे, पुस्तिकाओं, पोस्टरों के व्यय, बी.एल.ओ.द्वारा मतदाता पर्चियों के वितरण, सम्पत्ति विरूपण के प्रकार तथा उस पर वैधानिक कार्यवाही, अभ्यर्थियों का नया शपथ पत्र तथा उसका प्रारूप आदि के साथ अन्य विभिन्न तत्यों की जानकारी कलेक्टर द्वारा प्रतिनिधियों को दी गई। बैठक के दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए प्रश्नों का समाधान कारक जवाब दिया गया। बैठक में अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी के.एस. मंडावी, निर्वाचन सुपरवाईजर संतोष नामदेव, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Close