छत्तीसगढ़

कांग्रेस के डूबते जहाज से कूद गए कप्तान: कौशिक

रायपुर। न मांझी, न रहबर, न हक में हवाएं हैं, कश्ती भी जर्जर , यह कैसा सफर है‘ं। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल से जुड़े सीटों की कथित सौदेबाजी सम्बंधी विवाद से खफा होकर पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा छत्तीसगढ़ से किनारा कर लेने के मद्देनजर जोरदार हमला बोलते हुए कहा है कि यहां भंवर में फंसी कांग्रेस का कोई मांझी नहीं, न उसे राह दिखाने वाला, न ही उसके हक में हवा का रुख है और ऊपर से कांग्रेस की कश्ती भी पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। ऊपर से भूपेश बघेल ने इस कश्ती में छेद करके रही-सही कसर पूरी कर दी है। पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी जी इस सत्य से भली प्रकार से अवगत हैं कि छत्तीसगढ़ में वे अपनी पार्टी में प्राण फूंकने की जितनी भी कोशिश कर लें, वह निर्जीव ही रहेगी।
श्री कौशिक ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की जीर्ण-शीर्ण काया को सियासी वेंटिलेटर पर रखते हुए श्री गांधी ने अपने सूबेदार भूपेश बघेल को दो माह का पट्टा भले ही दे दिया किन्तु वे यहां कांग्रेस की तयशुदा बर्बादी में हिस्सेदारी प्रदर्शित करने का साहस नही जुटा पा रहे हैं। वे यह जानते हैं कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस मुक्त हो रहा है इसलिए ऐतिहासिक हार की जिम्मेदारी से बचने का उन्होंने यह तरीका निकाल लिया कि पार्टी को भगवान भरोसे छोड़ दिया जाए। जिस पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व को पार्टी के बजाय अपनी पराजित योध्दा की छवि को लेकर चिंता सता रही हो वह पार्टी किस आत्मबल के साथ लोकतंत्र के महायज्ञ में आहुति दे पाएगी, यह समझना एकदम आसान है।
श्री कौशिक ने कहा कि कांग्रेस की डुबती नैया में पहले तो बसपा-गोंगपा ने ही बैठना पसंद नही किया लेकिन हद तो यह है कि उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष ने भी पल्ला झाड़ लिया है। डूबते जहाज से उसके कप्तान का कूद जाना कांग्रेस की दशा और दिशा स्पष्ट कर रहा है।

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