छत्तीसगढ़

ये हैं शुभ मुहूर्त, 18 अप्रैल को अक्षय तृतीया के महामुहूर्त से बजेगी शहनाई

रायपुर। पिछले माह 14 मार्च को मीन मलमास ‘मीनार्क’ शुरू हुआ था, जो 14 अप्रैल समाप्त हो चुका है। ऐसी मान्यता है कि सूर्यजब मीन राशि में हो तो उसका प्रभाव क्षीण होता है, ऐसी अवस्था में शुभ संस्कार नहीं किए जाते। इसी मान्यता के चलते शुभ संस्कारों पर रोक लगी हुई थी। अब जबकि सूर्य मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश कर चुका है, चूंकि सूर्य के मेष राशि में प्रवेश को शुभ माना जाता है इसलिए अब पुनः शुभ संस्कार संपन्न किए जा सकते हैं।

महामुहूर्त अक्षय तृतीया में प्रदेशभर में होंगी हजारों शादियां

वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया 18 अपै्रल को पड़ रही है। इसे अक्षय तृतीया कहा जाता है। जिस तिथि का कभी क्षय नहीं होता। इसे महामुहूर्त भी माना गया है। इस महामुहूर्त से विवाह की शहनाईयां बजने लगेगी। प्रदेशभर में गांव-गांव में हजारों शादियां होंगी।

बच्चे करेंगे गुड्डा-गुड़िया का ब्याह

छत्तीसगढ़ की परंपरा के अनुसार अक्षय तृतीया पर घर-घर में बच्चे गुड्डा-गुड़िया का ब्याह रचाने की रस्म निभाएंगे। जिस तरह शादी की सभी रस्में निभाई जाती है, उसी तरह गुड्डा-गुड़िया के ब्याह में भी रस्मों का पालन किया जाएगा।

चातुर्मास से पहले 30 शुभ मुहूर्त

अक्षय तृतीया से शुरू हो रहे विवाह मुहूर्त चातुर्मास शुरू होने तक चलेंगे। अपै्रल से लेकर जुलाई तक 30 शुभ मुहूर्तों में फेरे लिए जा सकेंगे।

सबसे ज्यादा नौ मुहूर्त जून में

अपै्रल व मई में सात-सात, जून में नौ मुहूर्त, जुलाई में आठ मुहूर्त शुभ मुहूर्त हैं। जुलाई में ही देवशयनी एकादशी से चातुर्मास शुरू हो जाएगा और फिर चार माह तक शुभ संस्कारों पर रोक लग जाएगी। इस साल नवंबर में तारा अस्त होने की स्थिति में नवंबर में भी मुहूर्त नहीं है। तारा उदित होने के बाद दिसंबर में छह श्रेष्ठ मुहूर्त में शादियां होंगी।

ये हैं शुभ मुहूर्त

माह मुहूर्त

अप्रैल- 18,19, 20, 24, 25, 27, 29

मई- 1, 3, 5, 6, 9, 11, 12

जून- 17, 18, 19, 20, 21, 22, 25, 27, 23

जुलाई- 2, 3, 5, 6, 10, 11, 15

(अगस्त से नवंबर तक कोई मुहूर्त नहीं)

दिसंबर- 10, 11, 13, 14, 15

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