September 17, 2021

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विशेष साक्षात्कार dainandini.in के साथ : डॉ रमन सिंह

ब्रजेश शुक्ला/आशीष सिंह 
चुनावी माहौल के शांत होने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से शानिवार 24 नवंबर को चर्चा करने का अवसर मिला। चुनाव के दौरान तो आरोप और दावों की बात होती है लेकिन मतदान के बाद नेताओं से बातचीत समीक्षात्मक होती है। चुनावी मोड और मूड से बाहर निकल चुके डॉ. रमन सिंह से दैनंदिनी के प्रधान संपादक ब्रजेश शुक्ला और आशीष सिंह की विस्तार से हुई चर्चा के संपादित अंश प्रस्तुत हैं।

क्या कर रहे है डॉ रमन आजकल 

चुनावी तनाव और दौरों की थकान से मुक्त डॉ. रमन सिंह बिलकुल तरोताजा और पूरी ऊर्जा से लबरेज नजर आए। उन्होंने स्वीकार भी किया कि वे इन दिनों बहुत रिलेक्स महसूस कर रहे हैं, घर-परिवार के साथ वक्त बिताने का मौका भी मिल रहा है। वे किताबें पढ़ रहे हैं, पौत्री के साथ खेल रहे हैं और फिल्म भी देख रहे हैं। कुल मिलाकर एक राजनेता पूरी तरह से गृहस्थ जीवन में रमा हुआ है।

चुनावी परिदृश्य पर चर्चा 

स्वाभाविक तौर पर हमने प्रदेश में भाजपा की संभावाओं के बारे में पहला सवाल किया। उन्होंने पूरे यकीन और आत्मविश्वास से कहा कि पूरे बहुमत से सरकार बन रही है, पिछली बार से ज्यादा सीटें भी आ रही हैं। ‘किसानों का कर्ज माफ और बिजली का बिल हॉफÓ से वे न प्रभावित दिखे और न ही चिंतित। सोसायटियों तक धान नहीं पहुंचने के सवाल पर डॉ. सिंह ने कहा कि चुनाव शुरू हो जाने के कारण ऐसा हुआ है। धान की कटाई, मिंजाई जैसे कार्यों के लिए बड़ी संख्या में मजदूरों की जरूरत होती है। बड़ी संख्या में मजदूर चुनाव प्रचार आदि कार्यों में लगे थे। मजदूरों की कमी के कारण धान समितियों तक नहीं पहुंचा पर अब धान खरीदी में तेजी आ गई है। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया है कि इस बार भी लक्ष्य से अधिक धान की खरीदी समर्थन मूल्य पर होगी। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस के घोषणा पत्र से प्रदेश के किसान प्रभावित होते तो बंफर वोटिंग होती। वे कहते हैं कि मतदान प्रतिशत में 4-5 प्रतिशत की वृद्धि होनी चाहिए थी।

उन्होंने कहा कि इस बार के चुनाव में करीब एक प्रतिशत मतों की कमी हुई है, जबकि पिछले चुनाव में वोट पर्सेंट की दृष्टि से कांग्रेस भाजपा से पाइंट 77 पर्सेंट अधिक थी लेकिन वह नौ सीटों पीछे रह गई। उन्होंने कहा परिणाम भाजपा के पक्ष में है। हम पहले से ज्यादा सीटें लेकर चौथी बार सरकार बना रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि पिछले चुनाव में भी कांग्रेस ने समर्थन मूल्य और बोनस को मुद्दा बनाया था, मगर किसान भाइयों ने उन पर विश्वास नहीं किया था, इस बार भी किसानों का भरोसा भाजपा पर बना हुआ है।
डॉ. रमन सिंह हमेशा कहते आए हैं कि अजीत जोगी तीसरी शक्ति होंगे। उन्होंने फिर दोहराया कि जोगी-माया गठबंधन काफी सीटों पर प्रभाव डाल रहा है, जिसका नुकसान कांग्रेस को हो चुका है। फायदा निश्चित रूप से भाजपा को मिलेगा। टिकट वितरण के बाद पनपे असंतोष और बागी तेवरों पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि अधिकांश सीटों पर असंतुष्टों को मना लिया गया है। वे सारे पार्टी के लिए काम भी करते रहे। उन्होंने विश्वासपूर्वक कहा कि जशपुर और वैशालीनगर सीट बड़े अंतर से जीत रहे हैं।
भाजपा के कई दिग्गज नेता कड़े संघर्ष में फंसे हैं, ऐसी दशा में भाजपा को दिक्कत नहीं आ रही है, पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि कुछ सीटों पर मुकाबला कड़ा है, लेकिन कार्यकताओं ने खूब मेहनत की है, बड़ी संख्या में महिलाओं और युवाओं ने वोट दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला और युवा भाजपा के पक्ष में मतदान करते हैं इसलिए कड़े संघर्ष वाली कही जा रही सीटों पर भाजपा की जीत की संभावनाएं कांग्रेस से ज्यादा हैं।

उत्साह से लबरेज़ डॉ रमन 

डॉ. सिंह ने कहा कि भाजपा के प्रत्याशी भी कांग्रेस के दिग्गजों को कड़ी टक्कर दे रहे हैं। उन्होंने पाटन और साजा में भी नजदीकी मुकाबले का स्पष्ट संकेत किया है। डॉ. रमन सिंह पार्षद, विधायक और सांसद का चुनाव लड़ चुके हैं। चौथी बार भी भाजपा के मुख्य चेहरे के रूप में वे ही सामने रहे। उनसे पूछा गया कि अब तक सबसे कठिन चुनाव कौन सा रहा। उन्होंने कहा कि हर चुनाव कठिन होता है। दबे तौर पर ही सही उन्होंने माना कि इस बार के चुनाव में मेहनत खूब हुई है। जाहिर है जब चौथी बार सत्ता के लिए जंग छिड़ी हो तो मुखिया को फ्रंट पर डटना ही होता है। मुख्यमंत्री ने बताया कि वे पिछले तीन महीनों से लगातार चुनावी मोड में रहे। सरगुजा से बस्तर तक 75 विधानसभा सीटों पर उन्होंने सभाएं की। उन्होंने बताया कि सभाओं के दौरान लोगों के चेहरों पर भरोसे का भाव उन्हें आश्वस्त कर रहा है और चौथी पारी का आत्मविश्वास दे रहा है। प्रथम चरण के मतदान के वाद प्रत्येक दिन उनके आत्मविश्वास के बढऩे का कारण उन्होंने पब्लिक रिस्पांस को माना है। भाजपा को मिले जनसमर्थन को उन्होंने उत्साहवर्धक कहा।

क्या और कौन है आजकल दिनचर्या के हिस्से

बातचीत की शुरूआत ही उन्होंने किताबें पढऩे के मौके से की थी। डॉ.रमन सिंह उन चंद राजनेताओं में से हैं जिनके पास एक समृद्ध लायब्रेरी है। उन्हें जब समय मिलता है वे पढ़ते जरूर हैं। और पढ़ी किताबों पर चर्चा भी करते हैं। उन्होंने बताया कि इन दिनों वे योगी आदित्यनाथ की जीवनी पर आधारित पुस्तक पढ़ रहे हैं। इस पुस्तक को पढऩे की जिज्ञासा के पीछे उन्होंने कारण बताते हुए कहा कि वे जानना चाहते थे कि उस व्यक्ति में ऐसी क्या बात है कि एक सामान्य से परिवार से आकर वह गोरखनाथ पीठ का प्रमुख बन गया। वे कई बार सांसद बने और अब उत्तरप्रदेश जैसे विशाल राज्य का मुख्यमंत्री बने। डॉ. सिंह योगी आदित्यनाथ के व्यक्तित्व से प्रभावित हैं, वे कहते हैं योगी अद्भुत व्यक्ति हैं उनमें एक विशेष तेज है। डॉ. सिंह कहते हैं कि आदित्यनाथ तो पढऩे के लिए गोरखपुर आए थे, इस बीच वे गोरखनाथ पीठ के संपर्क में आए। पीठ प्रमुख अवैद्यनाथ आदित्यनाथ की सेवा समर्पण से प्रभावित हुए और अपना उत्तराधिकारी बनाने का मन बना लिया। लेकिन योगी इसके लिए तैयार नहीं हुए कुछ वक्त मांगा। आखिरकार आदित्यनाथ ने संन्यास लेने का मन बना लिया और गोरखनाथ पीठ के प्रमुख बने। डॉ. रमन सिंह ने चर्चा को आगे बढ़ाते हुए कहा कि एक समय ऐसा था गोरखपुर में कई तरह के माफिया आतंक जमाए हुए थे, पर आदित्यनाथ के पीठ प्रमुख बनते ही तमाम माफिया संगठनों पर लगाम कस गई। डॉ. सिंह ने योगी को प्रभावशाली वक्ता कहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि योगी की सभाओं में उमड़ी भीड़ वोट में तब्दील होती है।बातचीत के दौर में हमने महसूस किया कि डॉ. सिंह को इस बात का पूरा अहसास है कि इस बार का चुनाव उनके नाम-काम और चेहरे को सामने रखकर लड़ा गया है। पार्टी को चौथी बार सत्ता में लाने के लिए उन्होंने अपने आप को पूरी तरह से झोंक भी दिया था। उन्होंने बताया उनको मध्यप्रदेश से लगातार बुलावा आ रहा है, वे वहां भी प्रचार के लिए जा सकते हैं। तेलंगाना के चुनाव प्रचार में वे हैदराबाद जाने वाले हैं।