July 26, 2021

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वास्तु शास्त्र के अनुसार अपने व्यापार को नई ऊंचाई प्रदान करें :-

🕉️वास्तु शास्त्र के अनुसार दो प्रकार का वास्तु होता है एक वास्तु जिसे हम स्थूल वास्तु कहते हैं और दूसरा वास्तु जिसे हम सूक्ष्म वास्तु कहते हैं !!

🕉️ स्थूल वास्तु में वास्तु शास्त्र के अनुसार कौन सी चीज कहाँ होनी चाहिए ये सब आता है जैसे किचन अग्नि कोण में ,पूजा इशान कोण में होना चाहिए !!

🕉️ सूक्ष्म वास्तु में जातक के व्यापार और कुंडली के आधार पर वास्तु का सूक्ष्म प्रयोग किया जाता है !!

🕉️ यहाँ पर हम आपको वास्तु के सूक्ष्म प्रयोग की जानकारी देंगे !!

🕉️ अगर किसी जातक का व्यापार राईस मिल है तो राईस मिल का तत्व अग्नि हुवा क्योंकि चांवल का उपयोग किचन में होता है और किचन का सम्बन्ध अग्नि कोण से है !!

🕉️ ऐसे जातक को अपना किचन अग्नि कोण में ही रखना चाहिए !!

🕉️ ऐसे जातक को अपना मीटर,जनरेटर या अग्नि से चलने वाली सामग्री अग्नि कोण में ही रखना चाहिए !!

🕉️ ऐसे जातक को अपना फेक्टरी की चिमनी हर हाल में अग्नि कोण में ही रखना चाहिए !!

( वास्तु प्रवास :- 20 जून रविवार को अमलेश्वर (दुर्ग) और रायपुर प्रवास
Pt Deonarayan Sharma
वास्तु सलाहकार
+91 94252 07282
+91 83199 44101 )

🕉️ ऐसे जातक को घर और फेक्टरी के अग्नि कोण को जल तत्व के दोष से बचा के रखना चाहिए ,अर्थात अग्नि कोण में पानी की टंकी ,बोर,कुवाँ,सेप्टिक टेंक किसी भी हाल में नही रखना चाहिए !!

🕉️ अगर आपका राईस मिल नही चल पा रहा है तो आफिस एवं ड्राइंग रूम के अग्नि कोण में जलते हुए दिए एवं लाल रंग का बल्ब जलाकर रखना चाहिए !!

🕉️ घर के अग्नि कोण में रोज दिया जलाने से अग्नि कोण का तत्व विकसित होता है !!

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