छत्तीसगढ़ / जशपुर
ट्रक से 271 बोरी अवैध कच्चा तंबाकू जब्त, चालक गिरफ्तार
जशपुर। जिले में अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान ऑपरेशन आघात के तहत जशपुर पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन पर सक्रिय पुलिस टीम ने लोदाम क्षेत्र में रोकथाम कार्रवाई करते हुए एक अशोक लिलैंड ट्रक (UP 78 LN 0509) से भारी मात्रा में अवैध कच्चा तंबाकू बरामद किया है। पुलिस ने मौके से ट्रक चालक अवधेश सिंह को हिरासत में ले लिया है। ट्रक में कुल 271 बोरी कच्चा तंबाकू मिली, जिसकी अनुमानित कीमत 5,18,932 रुपये आंकी गई है।
बिल्टी और वाहन नंबर में अंतर ने बढ़ाई पुलिस की शंका
जानकारी के अनुसार, पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि लोदाम क्षेत्र से एक ट्रक अवैध तंबाकू लेकर गुजरने वाला है। इस पर पुलिस ने तत्काल नाकाबंदी कर वाहन को रोका। जांच के दौरान चालक अवधेश सिंह, निवासी निवालुद्दीनपुर थाना सफीपुर, जिला उन्नाव (उ.प्र.) वाहन से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।
पुलिस ने जब ट्रक में मौजूद बिल्टी नंबर और वाहन नंबर की जांच की, तो दोनों में स्पष्ट अंतर पाया गया। इसके बाद पुलिस टीम ने वाहन का निरीक्षण किया और भीतर रखी 271 बोरियों में भरा कच्चा तंबाकू बरामद किया। वाहन से प्राप्त दस्तावेजों के अभाव और संदिग्ध परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस ने ट्रक और माल—दोनों को बीएनएसएस की धारा 106 के तहत जप्त कर लिया है।
गुजरात से सिलीगुड़ी ले जाया जा रहा था तंबाकू
प्राथमिक पूछताछ में चालक अवधेश सिंह ने पुलिस को बताया कि तंबाकू गुजरात से लोड किया गया था और इसे पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी ले जाया जा रहा था। हालांकि वह इस अवैध माल की ढुलाई से संबंधित किसी वैध अनुमति या बिल्टी को सत्यापित रूप में प्रस्तुत नहीं कर सका। पुलिस अभी चालक से नेटवर्क और सप्लायर की जानकारी जुटा रही है, ताकि पूरे तस्करी गिरोह का खुलासा किया जा सके।
29 नवंबर को भी पकड़े गए थे दो ट्रक
जशपुर जिले में अवैध तंबाकू और नशे के कारोबार पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले 29 नवंबर को भी लोदाम क्षेत्र से दो ट्रकों में 200 बोरी कच्चा तंबाकू जब्त किया गया था, जिसकी कीमत 4,18,320 रुपये आंकी गई थी।
लगातार हो रही जब्तियों से यह स्पष्ट है कि जिले में नशे के अवैध व्यापार पर पुलिस ने शिकंजा और कस लिया है। इस कार्रवाई में निरीक्षक हर्षवर्धन चौरासे, प्रधान आरक्षक विनोद भगत, प्रधान आरक्षक प्रदीप लकड़ा और आरक्षक धनसाय राम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम ने सटीक जानकारी, मुस्तैदी और त्वरित कार्रवाई के माध्यम से बड़ी मात्रा में अवैध तंबाकू की तस्करी को रोक दिया।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने दी कड़ी चेतावनी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा है कि जिले में नशे और अवैध तस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है। उन्होंने साफ कहा कि इस तरह की किसी भी अवैध गतिविधि में शामिल व्यक्तियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, आम जनता से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि यदि उन्हें कहीं भी अवैध नशा, तंबाकू या ड्रग्स तस्करी की जानकारी मिलती है, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। पुलिस ऐसी सूचनाओं को गोपनीय रखते हुए तत्काल कार्रवाई करेगी।
धान खरीदी केंद्रों में किसानों के लिए सुदृढ़ सुविधाएं उपलब्ध
किसान बुधनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार
जशपुर, 02 दिसंबर 2025

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में पूरे प्रदेश में धान खरीदी कार्य सुचारू, पारदर्शी और किसान हित में संचालित हो रहा है। इसी क्रम में जशपुर जिले के सभी धान खरीदी केंद्रों में किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी लगातार जारी है।
दुलदुला विकासखंड के ग्राम पंचायत कस्तूरा स्थित धान खरीदी केंद्र में धान बेचने पहुंचे ग्राम केंदापानी के किसान श्री बुधनाथ सिंह ने खरीदी व्यवस्था पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किसानों के हित में उत्कृष्ट व्यवस्था सुनिश्चित की है। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी से हमें सीधा आर्थिक लाभ मिल रहा है और हमारी मेहनत का उचित मूल्य मिल रहा है। मैं मुख्यमंत्री जी के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।
प्रदेश के धान खरीदी केंद्रों में शासन के निर्देशानुसार वजन और मापक व्यवस्था, बारदाना उपलब्धता, हितग्राही सुविधा, त्वरित प्रक्रिया सहित सभी बुनियादी प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं। जिले का प्रशासन पूरी खरीदी प्रक्रिया की नियमित मॉनिटरिंग कर रहा है, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और खरीदी कार्य समयबद्ध, पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
कृषकों की संतुष्टि यह दर्शाती है कि शासन द्वारा की गई व्यवस्थाएं जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू हो रही हैं और किसानों को उनका उचित हक उपलब्ध हो रहा है।
मैनी नदी पर बगिया दाबित सिंचाई योजना कार्य के लिए 124 करोड़ रूपए स्वीकृत
जशपुर , 02 दिसम्बर 2025
छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा जशपुर जिले के विकासखण्ड-कांसाबेल की मैनी नदी पर बगिया दाबित सिंचाई प्रणाली (सौर/विद्युत ऊर्जा) योजना के कार्य के लिए 124 करोड़ 13 लाख रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना से 4831 हेक्टेयर क्षेत्र खरीफ फसलों को सिंचाई मिलेगी। जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन से योजना के कार्य पूर्ण कराने मुख्य अभियंता, हसदेव गंगा कछार, जल संसाधन विभाग अम्बिकापुर को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
जनपद कार्यालय दुलदुला में स्वच्छता श्रमदान का हुआ आयोजन
जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों ने मिलकर दिया स्वच्छता का संदेश
जशपुरनगर । स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने और कार्यालय परिसर को स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित रखने के उद्देश्य से विगत दिवस जनपद कार्यालय दुलदुला में सामूहिक श्रमदान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ कार्यालय के समस्त कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लेकर स्वच्छता के महत्व को रेखांकित किया। सुबह से ही सरपंच, पंच एवं कर्मचारी कार्यालय परिसर में एकत्र हुए और कचरा उठाने, झाड़ू लगाने, नाली साफ करने तथा पौधों के आसपास की सफाई जैसे कार्यों में श्रमदान किया। सभी ने टीम भावना के साथ परिसर को स्वच्छ एवं व्यवस्थित बनाने में योगदान दिया।
जनप्रतिनिधियों एवं कर्मचारियों की रही भागीदारी -
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि सामुदायिक जिम्मेदारी है। जब जनप्रतिनिधि स्वयं श्रमदान करते हैं, तब ग्रामीणों में भी स्वच्छता के प्रति प्रेरणा उत्पन्न होती है। ग्रामीणों ने कहा कि आज का श्रमदान स्वच्छता जागरूकता को गांव-गांव तक ले जाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यालय के कर्मचारियों ने भी परिसर के विभिन्न हिस्सों की सफाई करते हुए स्वच्छ कार्यस्थल के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दर्शाई। एक कर्मचारी ने कहा कि स्वच्छ वातावरण से कार्यकुशलता बढ़ती है और हितग्राहियों को भी बेहतर सुविधा मिलती है।
स्वच्छता को जनभागीदारी से गति -
अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के श्रमदान कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित किए जाएंगे, जिससे स्वच्छता को स्थायी आदत में बदला जा सके। जनपद कार्यालय ने नागरिकों से भी स्वच्छता अभियान में सहभागी बनने का आग्रह किया।
ऑपरेशन आघात: जशपुर पुलिस ने दो ट्रकों से 200 बोरी अवैध गुटखा जब्त किया
जशपुर । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में चलाए जा रहे ऑपरेशन आघात के तहत जशपुर पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। नशे के विरुद्ध दृढ़ अभियान के बीच पुलिस ने दो ट्रकों से भारी मात्रा में अवैध गुटखा जब्त किया है। मामला थाना लोदाम क्षेत्र का है।
29 नवंबर को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो ट्रकों में अवैध रूप से गुटखा तस्करी की जा रही है। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने लोदाम क्षेत्र में दो संदिग्ध ट्रकों UP 78-0511 और UP 78-KT 7986 को घेराबंदी कर रोका।
200 बोरी गुटखा बरामद
तलाशी के दौरान दोनों ट्रकों से 100-100 बोरी, कुल 200 बोरी गुटखा बरामद किया गया। पुलिस द्वारा जब ट्रकों के कागजात और बिल्टी की जांच की गई तो उसमें गंभीर विसंगतियाँ सामने आईं। बिल्टी नंबर और वाहन नंबर आपस में मेल नहीं खा रहे थे, जिससे अवैध परिवहन की आशंका पुख्ता हुई।
धारा 106 बीएनएसएस के तहत माल जब्त
प्राथमिक जांच के आधार पर पुलिस ने बीएनएसएस की धारा 106 के तहत गुटखा को जब्त कर लिया है। आगे की विस्तृत जांच और कानूनी कार्रवाई जारी है।
ऑपरेशन आघात का असर दिख रहा
एसएसपी शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में जशपुर पुलिस लगातार नशे के कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। ऑपरेशन आघात के तहत अब तक कई तस्कर पकड़े जा चुके हैं, और अवैध व्यापारियों में स्पष्ट रूप से खौफ देखा जा रहा है।
इस कार्रवाई में थाना लोदाम की पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि गुटखा तस्करी और नशीले पदार्थों की अवैध गतिविधियों पर सख्ती आगामी दिनों में और तेज होगी।
फर्जी कंपनी सी बुल्स ग्लोबल के डायरेक्टर गिरफ्तार
जशपुर। ऑपरेशन अंकुश के तहत फर्जी कंपनी सी बुल्स ग्लोबल सॉल्यूशन के डायरेक्टर मोहम्मद सिराज आलम और उसके दो सहयोगियों को झारखंड से गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, आधार कार्ड, पेन कार्ड, बैंक खाता और लैपटॉप बरामद किया है। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि कंपनी द्वारा निवेशकों को लालच देकर कुल 6 करोड़ रुपए की ठगी की गई थी। मामला थाना पत्थलगांव क्षेत्रांतर्गत आता है। वर्ष 2023 में प्रार्थी जागेश्वर लाल यादव और उनके साथियों को कंपनी में निवेश करने के लिए झांसा दिया गया।
कंपनी ने दावा किया कि कृषि उत्पादों के नए प्लांट में निवेश करने पर प्रतिमाह 1 प्रतिशत ब्याज मिलेगा और 10 महीनों में निवेश राशि तीन गुना हो जाएगी। विश्वास दिलाने के लिए कंपनी ने फेडरल बैंक और इंडसइंड बैंक के चेक गारंटी के रूप में दिए। प्रारंभिक तौर पर निवेशकों को कुछ महीनों तक ब्याज की राशि मिली, लेकिन इसके बाद भुगतान बंद कर दिया गया। जब निवेशकों ने रकम वापसी के लिए संपर्क किया, तो आरोपियों ने उड़ीसा के सुंदरगढ़ में मीटिंग का बहाना बनाया और निवेशकों के आधार कार्ड, पैन कार्ड सहित अन्य दस्तावेज लेकर उनकी रकम हड़प ली। इसके बाद कंपनी का वेब पोर्टल बंद कर दिया गया और आरोपी फरार हो गए।
जशपुर पुलिस की टेक्निकल टीम और मुखबिर तंत्र द्वारा लगातार आरोपियों की तलाश की जा रही थी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह के निर्देश पर पुलिस टीम झारखंड रवाना हुई और बोकारो से मोहम्मद सिराज आलम, रांची से इमरान खान और संतोष कुमार साव को हिरासत में लेकर जशपुर लाया गया। गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में स्वीकार किया कि निवेशकों से राशि लेकर उन्होंने प्रारंभिक पांच महीनों में केवल 1 प्रतिशत ब्याज लौटाया और फिर भुगतान बंद कर दिया। जांच में यह भी पता चला कि कोई वास्तविक निवेश नहीं किया गया था और पुराने निवेशकों को नया निवेशक जोड़ने तक ही भुगतान किया गया। नए निवेशक जुड़ने बंद होने पर आरोपियों ने पूरी रकम हड़प ली।
सी बुल्स ग्लोबल सॉल्यूशन के डायरेक्टर मोहम्मद सिराज आलम, इमरान खान और संतोष कुमार साव ने अपने भागीदारों के साथ मिलकर निवेशकों को धोखा दिया। आरोपियों के खिलाफ थाना पत्थलगांव में भा.द.सं. 1860 की धारा 420, 120(बी) और 34 के तहत अपराध पंजीबद्ध है। पूर्व में दो अन्य आरोपियों हरिशरण देवांगन और संतोष कुमार साहू को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा जा चुका है। इस मामले में पुलिस ने टेक्निकल टीम और मुखबिरों की मदद से आरोपियों के डिजिटल उपकरणों और बैंक डिटेल्स की जांच शुरू कर दी है। मोबाइल फोन और लैपटॉप के माध्यम से कंपनी के फर्जी लेनदेन और निवेशकों से जुड़े सबूत जुटाए जा रहे हैं।
जशपुर पुलिस ने बताया कि यह मामला आम ग्रामीणों के साथ करोड़ों रुपए की ठगी से जुड़ा है। आरोपी निवेशकों को गुमराह कर धन जुटा रहे थे। पुलिस ने आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा और कहा कि अग्रिम कार्रवाई जारी रहेगी। इस कार्यवाही में साइबर सेल जशपुर के निरीक्षक संत लाल आयाम, उप निरीक्षक नसीरुद्दीन अंसारी, थाना पत्थलगांव के निरीक्षक विनीत कुमार पांडे, सहायक उप निरीक्षक लोखेश साहू और आरक्षक तुलसी रात्रे की अहम भूमिका रही। अधिकारी शशि मोहन सिंह ने कहा कि इस गिरफ्तारी से निवेशकों को न्याय मिलेगा और ऐसे फर्जी निवेश घोटालों पर रोक लगेगी। उन्होंने जनता से अपील की कि निवेश करने से पहले किसी भी कंपनी की वैधता और पंजीकरण की पुष्टि अवश्य करें।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिले में विद्युत अधोसंरचनाओं का तीव्र गति से हो रहा विकास
जशपुरनगर । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गुरुवार को नारायणपुर में आयोजित किसान एवं महतारी सम्मेलन में जिस सोनक्यारी एवं महेशपुर में 33/11 केवी उपकेंद्र का लोकार्पण किया, इसका लाभ लगभग 27 ग्रामों के 12 हजार उपभोक्ताओं को मिलेगा। इन उपकेंद्रों से उच्च गुणवत्तायुक्त विद्युत की आपूर्ति हो सकेगी।
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड द्वारा विकासखंड मनोरा अंतर्गत ग्राम सोनक्यारी में निर्मित 3.87 करोड़ की लागत से 33/11 केवी, 3.15 एमवीऐ क्षमता का उप केंद्र, 22 किलोमीटर 33 केवी लाइन, 9.4 किलोमीटर 11 केवी की लाइन एवं 4 नंबर 11 केवी फीडर का निर्माण से क्षेत्र के लगभग 17 ग्रामों के 5500 उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।
इसी तरह पत्थलगांव ब्लॉक अंतर्गत ग्राम महेशपुर में निर्मित 3.38 करोड़ रूपए की लागत से 33/11 केवी, 3.15 एमवीऐ क्षमता का उपकेंद्र, 20 किलोमीटर 33 केवी लाइन, 8 किलोमीटर 11 केवी लाइन, 4 नंबर 11 केवी फीडर का निर्माण से लगभग 10 ग्रामों के 6500 उपभोक्ताओं को गुणवत्ता पूर्ण विद्युत आपूर्ति की जा सकेगी।
विद्युत तारों के विस्तार और अन्य आवश्यक अधोसंरचनाओं का तेजी से हो रहा विस्तार :
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले के समग्र विकास के लिए एक व्यापक विजन पर कार्य हो रहा है, ताकि प्रत्येक नागरिक को मूलभूत सुविधाओं का लाभ आसानी से मिल सके। जिले के दूरस्थ और आदिवासी अंचलों तक संपर्क मार्गों, बिजली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं की पहुंच आसान बनाने हेतु अधोसंरचना निर्माण कार्यों को गति दी जा रही है।
हर घर बिजली की पहुंच हो,इसके तहत नए विद्युत सब स्टेशन की स्थापना, खंभों का निर्माण, विद्युत तारों के विस्तार और अन्य आवश्यक अधोसंरचनाओं का निर्माण कार्य तीव्र गति से किया जा रहा है। साथ ही जहां भी लो वोल्टेज की समस्या है उनका तत्काल निराकरण किया जा रहा है, इससे हर रोशन तो होंगे ही औद्योगिक विकास को भी गति मिलेगी।
मैनी नदी में बगिया बैराज उद्वहन सिंचाई योजना के लिए 79.38 करोड़ रूपए स्वीकृत
जशपुर, 28 नवम्बर 2025
छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा जशपुर जिले के विकासखण्ड कांसाबेल की मैनी नदी में बगिया बैराज सह दाबयुक्त उद्वहन सिंचाई योजना के कार्यों के लिए 79 करोड़ 38 लाख 78 हजार रूपए स्वीकृत किए है। योजना से करीब 4831 हेक्टेयर खरीफ क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन से सिंचाई योजना का कार्य कराने मुख्य अभियंता हसदेव गंगा कछार, जल संसाधन विभाग अम्बिकापुर को प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है।
सोरो व्यपवर्तन और कोनपारा तालाब के कार्यों के लिए 6.93 करोड़ रुपये स्वीकृत
जशपुर, 25 नवम्बर 2025
छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा जशपुर जिले के की दो सिंचाई योजनाओं के लिए 6 करोड़ 93 लाख 35 हजार रुपये स्वीकृत किये गये हैं स्वीकृत सिंचाई योजनाओं में विकासखण्ड-फरसाबहार की कोनपारा तालाब (दलटोली डेम) का मरम्मत एवं जीर्णोद्धार कार्य के लिए 3 करोड़ 47 लाख 21 हजार रुपये स्वीकृत किये गये है। योजना के प्रस्तावित कार्यों के पूर्ण होने पर रूपांकित सिंचाई क्षमता 243 हेक्टेयर के विरूद्ध 201 हेक्टेयर की हो रही कमी की पूर्ति सहित पूर्ण रूपांकित क्षेत्र में सिंचाई उपलब्ध होगी।
जशपुर जिले के विकासखण्ड-बगीचा की सोरो व्यपवर्तन योजना का मरम्मत एवं जीर्णोंद्धार कार्य के लिए 3 करोड़ 46 लाख 14 हजार रुपये स्वीकृत किये गये है। योजना के प्रस्तावित कार्यों के पूर्ण होने पर रूपांकित सिंचाई क्षमता 122 हेक्टेयर के विरूद्ध 86 हेक्टेयर की हो रही कमी की पूर्ति सहित पूर्ण रूपांकित क्षे़त्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। सिंचाई योजनाओं के कार्यों को कराने के लिए मुख्य अभियंता हसदेव गंगा कछार जल संसाधन विभाग अंबिकापुर को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
किसानों के पसीने का मिल रहा है उचित मूल्य
तमता केंद्र में धान बेचकर लौटे किसान अनिल कुमार भगत बोले—“किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं”
जशपुर जिले के 46 केंद्रों में सुचारू रूप से जारी धान खरीदी
रायपुर, 23 नवम्बर 2025
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेशभर में धान खरीदी का महाअभियान इस वर्ष सुव्यवस्थित, पारदर्शी और किसान हितैषी व्यवस्था का उदाहरण बन रहा है। किसानों के पसीने की कमाई का प्रदेश सरकार उचित मूल्य दे रहीं हैं l
जशपुर जिले के सभी 46 धान खरीदी केंद्रों में खरीदी सुचारू रूप से चल रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि पंजीकृत प्रत्येक किसान के धान की प्राथमिकता से खरीदी की जाए तथा किसी को भी अनावश्यक प्रतीक्षा न करनी पड़े।
इसी कड़ी में पत्थलगांव विकासखंड के तमता धान खरीदी केंद्र में किसान अनिल कुमार भगत आज धान विक्रय के लिए पहुँचे। उन्होंने केंद्र की व्यवस्थाओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस बार खरीदी केंद्र में पहले से कहीं बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें धान बेचने में किसी प्रकार की समस्या नहीं आई और पूरी प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हुई।
अनिल कुमार भगत ने बताया कि उनके पिता श्री सेतराम भगत के नाम से सोसायटी में धान बेचने के लिए पंजीयन हुआ है। वे कई वर्षों से इसी केंद्र में धान बेचते आ रहे हैं और इस वर्ष भी सभी व्यवस्थाएँ पूरी तरह व्यवस्थित हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र में किसानों के लिए टोकन व्यवस्था, तौल मशीन, बारदाना उपलब्धता, सुरक्षा से लेकर पेयजल सुविधा तक सभी आवश्यक प्रबंध किए गए हैं।उन्होंने यह भी कहा कि खरीदी केंद्र में कर्मचारियों और अधिकारियों का व्यवहार भी किसान-हितैषी है।
किसानों को किसी भी प्रक्रिया के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ता। पूरी प्रणाली पारदर्शी और तेज है, जिससे किसानों में संतोष और भरोसा बढ़ा है। जिला प्रशासन लगातार सभी खरीदी केंद्रों की मॉनिटरिंग कर रहा है। केंद्रों में ऑनलाइन टोकन, गुणवत्ता जाँच, त्वरित तौल, धान भराई, बारदाना वितरण और भुगतान की प्रक्रिया तय समय सीमा में सुनिश्चित की जा रही है।
प्रशासन का लक्ष्य है कि इस वर्ष की धान खरीदी पूरी तरह से परेशानी-मुक्त और किसान- केन्द्रित रहे। किसानों के लिए अनुकूल सुविधाएँ और सुगम प्रक्रियाएँ सुनिश्चित करने का सीधा परिणाम यह है कि जिलेभर से किसान इस व्यवस्था की सराहना कर रहे हैं। सरकार की दूरदर्शी नीतियों और प्रशासनिक तत्परता के कारण धान खरीदी व्यवस्था इस वर्ष एक आदर्श मॉडल के रूप में सामने आ रही है।
छत्तीसगढ़ की विधानसभा ने कई कीर्तिमान स्थापित किए-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
वर्ष 2047 तक इस मजबूत बुनियाद पर विकसित छत्तीसगढ़ की इमारत खड़ी होगी
जशपुर, 18 नवंबर 2025
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा के विशेष सत्र के समापन अवसर पर कहा कि यह लोकतंत्र का मंदिर है। यह विधानसभा भवन केवल एक परिसर नहीं है, यह हमारे छत्तीसगढ़ के तीन करोड़ निवासियों की उम्मीदों और आकांक्षाओं का प्रतीक है। इस भवन से छत्तीसगढ़ विधानसभा के अब तक के सभी सदस्यों की स्मृतियां जुड़ी हुई हैं। यह संविधान का अमृत वर्ष है। हमें अपने संविधान को आत्मार्पित किए 75 वर्ष हो गए हैं, ऐसे में यह अवसर संवैधानिक मूल्यों से प्रेरणा लेते हुए लोकतांत्रिक परंपराओं को समृद्ध करने वाली विभूतियों के स्मरण का भी है।
श्रेष्ठ संसदीय परंपराओं का विकास हुआ
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह विधानसभा भवन अंत्योदय और जनकल्याण की उपलब्धियों का साक्षी रहा है। सभी सदस्यगणों ने अपनी पूरी ऊर्जा और प्रतिभा के साथ इस विधानसभा भवन में जो कड़ी मेहनत की है, वह अविस्मरणीय रहेगी। उन्होने कहा कि विधानसभा के इस भवन में जो विधेयक पारित हुए हैं, जो कानून बनाये गए हैं, उनके माध्यम से आज 25 वर्षों की गौरवशाली संसदीय यात्रा में समृद्ध छत्तीसगढ़ की नींव तैयार हुई है। श्री साय ने कहा कि राज्य बनने के बाद विधानसभा के पहले सत्र का आयोजन राजकुमार कॉलेज के जशपुर हॉल में हुआ था और उसके बाद इस भवन में विधानसभा शुरू हुई। फिर अनेक गौरवशाली पलों का यह विधानसभा भवन साक्षी रहा है। भूतपूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम से लेकर वर्तमान राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु तक अनेक गणमान्य अतिथियों की यहां उपस्थिति एवं प्रेरक सम्बोधनों ने संवैधानिक परम्परा को मजबूत किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के स्वरूप को निखरते हुए सभी सदस्यों ने देखा है। कैसे न्यूनतम साधनों से छत्तीसगढ़ महतारी के सपूतों ने इन पच्चीस बरसों में छत्तीसगढ़ को संवारा है। प्रत्येक सदस्य इस बात के गवाह है। विधानसभा का यह भवन छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में स्वर्णिम अक्षरों में अंकित रहेगा। लोकतंत्र के इस मंदिर की बहुत सारी स्मृतियां, यहां के सत्र, तीखी और मीठी नोंक-झोंक, सबकुछ इस परिसर ने देखा है और यह दस्तावेज के रूप में संकलित है।
समृद्धि छत्तीसगढ़ की हुई नींव तैयार
श्री साय ने कहा कि 25 बरस पहले जब हमने विधानसभा की यात्रा आरंभ की थी, तब हम सभी अपने साथ अविभाजित मध्यप्रदेश विधानसभा की गौरवशाली परंपराएं लेकर आये थे। हमने हर श्रेष्ठ संसदीय परंपरा का पूरी प्रतिबद्धता से निर्वहन किया है। अविभाजित मध्यप्रदेश की विधानसभा में जिन सुंदर विधायी परंपराओं का निर्माण हुआ, उनके पीछे छत्तीसगढ़ की विभूतियों की भी प्रमुख भूमिका रही है। मुझे भी अविभाजित मध्यप्रदेश में विधायक रहने का अवसर प्राप्त हुआ। हमें गर्व है कि सभी श्रेष्ठ संसदीय परंपराओं को इस विधानसभा भवन ने समृद्ध करने का काम किया है।
25 वर्षों की जनाकांक्षा, जन संघर्ष और जन गौरव का उत्सव
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य स्थापना के रजत महोत्सव के दिन हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के हाथों छत्तीसगढ़ के नये विधानसभा परिसर का लोकार्पण हुआ है। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि ‘‘यह केवल एक इमारत का समारोह नहीं, बल्कि 25 वर्षों की जनाकांक्षा, जन संघर्ष और जन गौरव का उत्सव है। पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी बाजपेयी के नेतृत्व में देश स्वर्णिम शिखर की ओर बढ़ा और एक नवंबर वर्ष 2000 को छत्तीसगढ़ पृथक राज्य के रूप में और हमारा यह विधानसभा अस्तित्व में आया। स्व. श्री बाजपेयी ने राज्य का निर्माण तो किया ही, साथ ही केंद्र में जनजातीय कार्य मंत्रालय की स्थापना की। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के रूप में ग्रामीण बसाहटों को जोड़ने की महती योजना तैयार की, जिसका इसका भरपूर लाभ छत्तीसगढ़ को मिला। छत्तीसगढ़ के नवनिर्माण के लिए 15 वर्षों तक मुख्यमंत्री के रूप में आपने और हमारे विधानसभा के साथियों ने बहुत पसीना बहाया है। सबको खाद्य सुरक्षा दिलाने की आपकी पहल से प्रदेश के लाखों लोगों को भूख से मुक्ति मिली। छत्तीसगढ़ के पीडीएस मॉडल को देश के अन्य राज्यों ने भी अपनाया। धान खरीदी के व्यवस्थित मॉडल से लाखों किसानों को पहली बार अपने फसल का बढ़िया मूल्य प्राप्त हुआ।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विधानसभा नीति निर्माण का मंच होने के साथ सामाजिक सुधार का सेतु भी है। इसी विधानसभा भवन में मातृ शक्ति के सम्मान को सुरक्षित रखने टोनही प्रताड़ना निवारण विधेयक, शासन और लोक सेवकों की जनता के प्रति जवाबदेही तय करने छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी विधेयक तथा युवाओं को कौशल विकास का अधिकार प्रदान किया गया। उन्होेने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास को डबल इंजन की सरकार से शक्ति मिल गई और चहुँओर ऐसे कार्य आरंभ हुए, जिससे छत्तीसगढ़ के विकास का ग्राफ तेजी से उत्तरोत्तर चढ़ता गया।
26 लाख से अधिक पीएम आवास स्वीकृत
श्री साय ने कहा कि इस विधानसभा भवन ने श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी तथा वर्तमान यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के संकल्प को साकार करने अहम भूमिका निभाई है। वर्ष 2023 में जब हमारी सरकार बनी, तो सबसे पहले हमने प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़ी फाइल को मंजूरी प्रदान की। प्रदेश में अब तक 26 लाख से अधिक पीएम आवास स्वीकृत किये जा चुके हैं। घर भी बने और घर के अंदर रसोई भी बदली। चूल्हे की जगह उज्ज्वला सिलेंडर प्रदान किया गया।
हर घर बिजली पहुंचाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि 25 वर्षों में हमने हर घर बिजली पहुंचाई है। अब लोग प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के माध्यम से बिजली का उत्पादन भी कर रहे हैं। इसी विधानसभा में पिछले दो साल में ज्ञान और गति आधारित ऐतिहासिक बजट पेश किया। इस सदन द्वारा जनविश्वास विधेयक, लोकतंत्र सेनानी सम्मान विधेयक, कृषि उपज मंडी संशोधन विधेयक, नगर पालिका तथा नगर निगम संशोधन विधेयक, निजी विश्वविद्यालय स्थापना संशोधन विधेयक, राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण विधेयक, राजिम माघी पुन्नी मेला संशोधन विधेयक और भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक समेत अनेक जनकल्याणकारी विधेयक पारित किए गए।
छत्तीसगढ़ का हर किसान उम्मीद से भरा
मुख्यमंत्री श्री साय ने विधान सभा में कहा कि विधानसभा भवन को हमने धान की बालियों से सजाया है। छत्तीसगढ़ का हर किसान उम्मीद से भरा है, क्योंकि पर्याप्त पानी है, बिजली है और उनके उत्पादन का उचित मूल्य है। जब किसान भरपूर मेहनत करते हैं, खूब अन्न उपजाते हैं तो एक संवेदनशील सरकार की यह भी जिम्मेदारी होती है कि किसानों के उत्पादन के अनुरूप खरीदी का स्तर भी बढ़ाये। हमने 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी के साथ ही 21 क्विंटल प्रति एकड़ तक धान खरीदी का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की 25 बरसों की इस यात्रा में मातृशक्ति की अहम भूमिका है। विधानसभा में बैठी हुईं महिला सदस्य राज्य को संवारने में कड़ी मेहनत कर रही हैं। पूर्व में भी महिला सदस्यों ने अपनी ऊर्जा और प्रतिभा से छत्तीसगढ़ को संवारा है। महिला सशक्तीकरण की दिशा में क्रांतिकारी पहल करते हुए इसी विधानसभा भवन से पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का मार्ग प्रशस्त किया गया है।
विकास यात्रा को युवा शक्ति ने लगातार गढ़ा
श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लिया है, इस संकल्प में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में छत्तीसगढ़ ने विज़न डॉक्युमेंट नवा अंजोर 2047 के रूप में लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री ने का कि छत्तीसगढ़ की 25 बरसों की विकास यात्रा को युवा शक्ति ने लगातार गढ़ा है। इस रजत यात्रा में ऐसी अनेक संस्थाएं प्रदेश में स्थापित हुई हैं जिन्होंने प्रदेश के मानव संसाधन की प्रतिभा को उभारने में बड़ी भूमिका निभाई। हमारे यहां एनआईटी, आईआईटी, ट्रिपलआईटी, आईआईएम और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी है। यहां निफ्ट, फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट जैसी राष्ट्रीय शैक्षणिक संस्थाएं भी यहां आरंभ किया जा रहा है। हमारा नवा रायपुर आधुनिक भारत की सबसे नई बसाहट है। रायपुर, दुर्ग-भिलाई तथा नवा रायपुर को मिलाकर हमने स्टेट कैपिटल रीजन बनाया है। यह आईटी हब, फार्मा हब, टैक्सटाइल हब के रूप में उभरेगा। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल ने हमंे एम्स दिया, मोदी जी ने हमें मेडिकल कॉलेजों की सौगात दी, हम एम्स की तरह ही सुपर स्पेशयिलिटी हॉस्पिटलों की श्रेणी खड़ी करेंगे। इसके साथ ही हम मेडिसिटी बना रहे हैं।
बस्तर के गांवों में नया आत्मविश्वास उत्पन्न
श्री साय ने कहा कि माओवाद की वजह से पिछड़ गये बस्तर जैसे इलाकों के लिए यहां से विकास की नई कहानी लिखी जा रही है। नियद नेल्ला नार योजना, पीएम जनमन योजना, प्रधानमंत्री जनजातीय उत्कृष्ट ग्राम अभियान, जैसी अनेक योजनाओं के माध्यम से बस्तर विकसित छत्तीसगढ़ के आकाश में नक्षत्र की तरह उभरने की तैयारी कर रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने नक्सल उन्मूलन पर बात करते हुए कहा कि बीते महीनों में सैकड़ों नक्सलियों का आत्मसमर्पण, टॉप कैडर की गिरफ्तारियाँ और लगातार सफल ऑपरेशन्स यह संकेत देते हैं कि नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में पहुँच गया है। उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व और केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह जी के मार्गदर्शन में बस्तर में शांति, विश्वास और विकास की नई धारा प्रवाहित हो रही है। नियद नेल्ला नार, नक्सलियों के पुनर्वास की प्रभावी नीति और नए सुरक्षा कैंपों की स्थापना ने जनविश्वास को अत्यधिक मजबूत किया है और बस्तर के गांवों में नया आत्मविश्वास उत्पन्न किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मार्च 2026 तक नक्सलवाद का पूर्ण अंत हो जाएगा।
200 यूनिट तक हाफ बिजली का लाभ देने का निर्णय
राज्य के विद्युत उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा के विशेष सत्र में नई बिजली योजना की घोषणा की। अब प्रदेश के ऐसे घरेलू उपभोक्ताओं को जिनका 200 यूनिट तक विद्युत खपत है उन्हें 200 यूनिट तक हाफ बिजली का पूरा लाभ प्राप्त होगा। इस निर्णय से राज्य के 36 लाख घरेलू उपभोक्ता सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। 200 से 400 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को भी अगले 1 वर्ष तक 200 यूनिट तक हॉफ बिजली बिल का लाभ मिलेगा, इससे 6 लाख उपभोक्ता लाभान्वित होंगे। इन उपभोक्ताओं को 1 वर्ष तक की छूट दी गई है ताकि इस अवधि में वे अपने घरों में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर प्लांट स्थापित करा सके। इस तरह 200 यूनिट तक हॉफ बिजली बिल योजना से प्रदेश के 45 लाख उपभोक्ताओं में से 42 लाख उपभोक्ता लाभान्वित होंगे, वहीं प्रधानमंत्री सूर्य घर मुक्त बिजली योजना का लाभ प्रदेश के सभी उपभोक्ताओं को मिलेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता हर उपभोक्ता को सस्ती, सुचारू और भरोसेमंद विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराना है। सोलर प्लांट स्थापना प्रक्रिया में समय लगने के कारण घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 1 दिसंबर से नई योजना लागू की जा रही है, जिससे आम जनता के बिजली बिल में महत्वपूर्ण कमी आएगी।
पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत फ्री बिजली का लाभ
मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी बताया कि पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत राज्य शासन की ओर से अतिरिक्त सब्सिडी दी जा रही है, जिसके तहत 1 किलोवॉट क्षमता के सोलर प्लांट पर 15,000 रुपये तथा 2 किलोवॉट या उससे अधिक क्षमता के प्लांट पर 30,000 रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी दी जा रही है। यह व्यवस्था राज्य में सौर ऊर्जा अपनाने को प्रोत्साहित करेगी और आने वाले समय में उपभोक्ताओं को हाफ बिजली से फ्री बिजली की ओर ले जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय न केवल जनता के बिजली बिल को कम करेगा बल्कि राज्य को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगा। राजनीतिक प्रतिस्पर्धा एवं वैचारिक भिन्नता के बावजूद छत्तीसगढ़ विधानसभा ने मर्यादित और संसदीय आचरण की श्रेष्ठता को बरकरार रखा है। यह देश की अन्य विधानसभाओं के लिए अनुकरणीय है।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह आज विधानसभा के विशेष सत्र के समापन अवसर पर कहा कि’ सत्ता पक्ष की ओर 15 और विपक्ष की ओर से 10 सदस्यों इस तरह 25 वर्ष की विकास यात्रा में संयोग से 25 माननीय सदस्यों ने सदन में विशेष सत्र में अपनी बात रखी। मुझे इस बात की ख़ुशी है कि जिसकी बुनियाद हमारे पुरोधाओं ने रखी थी उसकी मर्यादा को यहाँ माननीय सदस्यों ने क़ायम रखा। उन्होंने कहा कि प्रेम प्रकाश पांडेय जी के विधानसभा अध्यक्ष रहते क्लोज़ डोर मीटिंग हुई। यह सदन केवल क़ानून नहीं बनाता बल्कि बेहतर भविष्य बनाता है। दिसम्बर 2023 को मेरे सार्वजनिक जीवन का वह क्षण था, जिसे मेरे लिए शब्दों में बाँध पाना संभव नहीं।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने आगे कहा कि आज जो दायित्व निभा रहा हूँ वह बड़ा दायित्व है। मैं इसके काबिल बनने का प्रयास कर रहा हूँ । विधानसभा अध्यक्ष का पद शक्ति का नहीं, उत्तरदायित्व का है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की विशेष पहचान बनी है। उनके नेतृत्व में राज्य और मुझे लगता है कि राष्ट्र की सबसे बड़ी समस्या माओवाद आतंक का समाधान होने जा रहा है । विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि किसानों को अल्पकालीन कृषि ऋण शून्य ब्याज दर मिलने और सड़क का नेटवर्क यही से पास हुआ । मेडिकल कॉलेज सहित जनहित के सभी विकास कार्यों और कार्यक्रमों का निर्णय यही से हुआ। उन्होंने कहा कि विधानसभा का शीतकालीन सत्र 14 दिसंबर से 17 दिसंबर 2025 तक आयोजित होगा। उन्होंने रजत जयंती वर्ष में विधानसभा के विशेष सत्र के समापन अवसर पर सदस्यों और मीडिया के साथियों ने सहयोग दिया उसके लिए धन्यवाद दिया।
राजस्व टीम ने साईंटागर बैरियर के पास 60 बोरी अवैध धान परिवहन करते किया जब्त
जशपुर, 18 नवंबर 2025
राज्य शासन द्वारा धान संग्रहण और अवैध परिवहन पर रोक लगाने के लिए सभी जिले के कलेक्टर को निर्देश दिए गए हैं l निर्देश के परिपालन में कलेक्टर जशपुर के निर्देशानुसार जिले में अवैध धान के आवागमन पर कड़ी निगरानी रखने जिला प्रशासन द्वारा सतत कदम उठाए जा रहे हैं।
टीम ने जशपुर विकास खंड के ग्राम साईंटागर बैरियर के पास अवैध धान परिवहन करते हुए पिकअप वाहन JH01FW- 7832 वाहन से 60 बोरी अवैध धान जप्त कर लोदाम थाने में सुपुर्द किया गया।
ग्राम साईंटागर बैरियर के पास चेकपोस्टों का निरीक्षण किया, जो झारखंड राज्य से लगे हुए सीमावर्ती बैरियर हैं। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने चेकपोस्टों पर तैनात सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी तंत्र तथा वाहनों की जांच प्रक्रिया को बारीकी से परखा। अवैध धान परिवहन रोकने के लिए आवश्यक निर्देश अधिकारियों को दिए गए।
राजस्व विभाग की टीम ने देर रात झारखंड सीमा पर स्थित विभिन्न चेकपोस्टों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। राजस्व टीम में तहसीलदार जयश्री राजनपथे, नायब तहसीलदार अरुण कुमार, फूड इंस्पेक्टर निरीक्षक, राजस्व एवं पटवारी शामिल रहे।
विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों को मिल रहा है शुद्ध पेयजल जल का लाभ
28 हजार से अधिक विशेष पिछड़ी जनजाति के घरों में नल कनेक्शन
जशपुर, 18 नवम्बर 2025
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दूरस्थ अंचलों के लोगों तक भी जल जीवन मिशन योजना के तहत शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश संबंधित विभागों को हैं। जशपुर जिले के विशेष पिछड़ी जनजाति के 28 हजार से अधिक घरों में नल कनेक्शन के कार्यों को पूर्ण कर ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है l
94 ग्रामों के विशेष पिछड़ी जनजाति बसाहटों के 28 हजार से अधिक घरों में नल कनेक्शन का कार्य को पूर्ण
जशपुर जिले में विशेष पिछड़ी जनजातियों में बिरहोर एवं पहाड़ी कोरवा निवास करती है। जिले के 94 ग्रामों में विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय के लोग निवासरत् है। सम्पूर्ण जिले में नल जल प्रदाय के साथ-साथ इन 94 ग्रामों के विशेष पिछड़ी जनजाति के बसाहटों के कुल 36183 घरेलू नल कनेक्शन स्वीकृति किया गया है।
इनमें से 28 हजार से अधिक नल कनेक्शन के कार्यों को पूर्ण कर लिया गया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के दिशा-निर्देश में विशेष पिछड़ी जनजाति के लोगों को केन्द्र और राज्य शासन की सभी योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत दिलाने का सार्थक प्रयास किया जा रहा है।
4 वां एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय नेशनल स्पोर्ट्स मीट
जशपुर की बेटियों ने सुन्दरगढ़ उड़ीसा में रचा नया इतिहास
अंडर 14 आयु वर्ग डबल बैडमिंटन में स्वर्ण पदक जीतकर उपलब्धि की हासिल
मुख्यमंत्री ने बैडमिंटन खिलाड़ियों को दी शुभकामनाएं
जशपुर, 17 नवम्बर 2025
सुन्दरगढ़ उड़ीसा में आयोजित 4 वॉ एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय नेशनल स्पोर्ट्स मीट में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय ढुढरुडांड़, बटईकेला और कांसाबेल की दो प्रतिभाशाली छात्राएँ अंडर 14 आयु वर्ग डबल बैडमिंटन में मीनाक्षी लकड़ा और संजना भगत ने स्वर्ण पदक जीतकर अद्वितीय उपलब्धि हासिल की है। जशपुर जिले की बेटियों ने सुन्दरगढ़ उड़ीसा में नया इतिहास रचा है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जशपुर जिले की बेटियों ने सुन्दरगढ़ उड़ीसा में नया इतिहास रचने पर सभी बैडमिंटन खिलाड़ियों को अपनी हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि सबसे गर्व की बात यह है कि न सिर्फ स्कूल की पहली राष्ट्रीय जीत है, बल्कि जशपुर जिले के इतिहास में पहली बार किसी भी स्कूल की छात्राओं ने नेशनल स्तर पर गोल्ड जीता है। यह उपलब्धि जशपुर जिला, एकलव्य मॉडल आवासी विद्यालय परिवार और आदिवासी समुदाय के लिए एक सुनहरा अध्याय साबित हुई है।
विद्यालय के प्राचार्य श्रीमती ललिता चौहान ने कहा कि यह सफलता विद्यालय के लिए गौरव का प्रतीक है और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगी। इस अवसर पर प्राचार्या ने कलेक्टर श्री रोहित व्यास और सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग को भी धन्यवाद दिया है। जब-जब विद्यालय को उनके सहयोग व मार्गदर्शन की आवश्यकता पड़ी, उन्होंने हमेशा सहयोग दिया। टीम को प्रशिक्षित करने वाले पीटीआई अमरदीप सिंह ने बताया कि दोनों छात्राओं ने कठोर अभ्यास, निरंतर फिटनेस ट्रेनिंग और अनुशासन के दम पर यह ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। विद्यालय में खुशी और उत्साह का माहौल है।
मीनाक्षी और संजना अब जशपुर के हर विद्यार्थी के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। दोनों ने कहा कि उनका लक्ष्य आगे और बड़े टूर्नामेंट में जशपुर और विद्यालय का नाम और ऊँचा करना है। जशपुर के इतिहास में पहली एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय की बेटियों ने नेशनल में लिखा स्वर्णिम अध्याय। यह जीत पूरे जिले और राज्य के लिए सम्मान और प्रेरणा का नया प्रतीक है
धान से मिले पैसों से खुद के लिए वाहन खरीदेंगे-किसान गंगाराम
जशपुर , 16 नवंबर 2025

खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 हेतु धान खरीदी का शुभारंभ अवसर पर जशपुर जिले के गम्हरिया चौक स्थित धान खरीदी केंद्र में ग्राम झीलिंग के किसान श्री गंगा यादव ने सर्वप्रथम अपना धान विक्रय किया। उन्होंने कहा कि धान से मिले पैसों से खुद के लिए वाहन खरीदूंगा l
किसान श्री गंगा यादव ने बताया कि उन्होंने पिछले वर्ष लगभग 150 क्विंटल धान समर्थन मूल्य पर बेचा था, जिससे प्राप्त लाभ से उन्होंने एक दुकान की शुरुआत कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बना। उन्होंने कहा कि इस वर्ष वे वाहन क्रय करने की योजना बना रहे हैं। श्री यादव ने शासन द्वारा खरीदी केंद्रों में की गई सुविधाओं की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र में सभी व्यवस्थाएँ सुव्यवस्थित रूप से उपलब्ध हैं, जिससे किसानों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी।
शासन के निर्देशानुसार जिले के सभी धान उपार्जन केंद्रों में माइक्रो-एटीएम सुविधा, टोकन ‘तुंहर द्वार’ व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं, ताकि किसानों को धान विक्रय प्रक्रिया में आसानी और पारदर्शिता मिल सके।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार प्रदेशभर में 15 नवम्बर से धान खरीदी का कार्य सुचारू रूप से प्रारंभ हो गया है। जशपुर जिले मे किसी भी समिति में किसानों को तकलीफ नहीं है l
आसानी से टोकन मिल रहा है और किसान निर्धारित दिवस धान समिति में लेकर आ रहे हैं l
जशपुर ने मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में हासिल की उल्लेखनीय उपलब्धि
पिछले 22 महीनों में जिले में 22 हजार 805 मीट्रिक टन मत्स्य उत्पादन
किसानों की आमदनी में हुई वृद्धि
जशपुर, 11 नवम्बर 2025

मत्स्य उत्पादन न केवल पोषण सुरक्षा का माध्यम है, बल्कि यह बड़े पैमाने पर ग्रामीण रोजगार सृजन का भी एक सशक्त माध्यम बन चुका है। प्रदेश में मत्स्य पालन को प्रोत्साहन देने हेतु शासन द्वारा निरंतर नवाचारों को अपनाया जा रहा है। किसानों को आधुनिक तकनीकों के उपयोग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है तथा उन्हें अनुदान राशि भी प्रदान की जा रही है। इन प्रयासों से मत्स्य उत्पादक किसान आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से अग्रसर हैं। जशपुर जिला आज मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है। पिछले 22 महीनों में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्यवन से जिले में मत्स्य बीज स्पॉन उत्पादन 18.50 करोड़, मत्सय बीज स्टे.फ्राय उत्पादन 2.55 करोड़, तथा मत्स्य बीज संचयन 2.94 करोड़ तक पहुँच गया है। जिले में कुल 22 हजार 805 मीट्रिक टन मत्स्य उत्पादन दर्ज किया गया।
6 हजार 904 हितग्राहियों को मत्स्यजीवि दुर्घटना बीमा योजना से लाभान्वित
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शासन की नीतियों एवं शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण स्तर पर मत्स्य पालन को बढ़ावा देने हेतु 77.677 हेक्टेयर ग्रामीण तालाबों और 295.270 हेक्टेयर जलाशयों का पट्टा आबंटन किया गया। साथ ही 8 मछुआ सहकारी समितियों को शासन द्वारा नवीन योजना के अंतर्गत अनुदान स्वीकृत किया गया। मछुआरों के सामाजिक सुरक्षा के लिए 6 हजार 904 हितग्राहियों को मत्स्यजीवि दुर्घटना बीमा योजना के तहत लाभान्वित किया गया है।
झींगा पालन के क्षेत्र में भी 55 इकाइयों की स्थापना
अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के 63 हितग्राहियों द्वारा मौसमी तालाबों में मत्स्य बीज संवर्धन का लाभ दिया गया है। साथ ही सामान्य एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग 817 लाभार्थियों ने 50 प्रतिशत अनुदान पर फिंगरलिंग क्रय कर संचयन कार्य किया है। सामान्य एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के 430 हितग्राहियों को नाव-जाल वितरण और 227 लाभार्थियों को फुटकर मछली विक्रय योजना के तहत आर्थिक सहायता दी गई है। इसी प्रकार से झींगा पालन के क्षेत्र में भी 55 इकाइयों की स्थापना से मत्स्य व्यवसाय में विविधता आई है।
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिला बल
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना मत्स्य पालन क्षेत्र में नीली क्रांति लाने के उद्देश्य से प्रारंभ की गई एक महत्वाकांक्षी योजना है। इस योजना का मुख्य लक्ष्य देश में मत्स्य उत्पादन में वृद्धि करना, मत्स्य निर्यात को दोगुना करना तथा बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित करना है। यह योजना मछुआरों और मत्स्य पालकों को बुनियादी सुविधाओं, आधुनिक उपकरणों तथा वित्तीय सहायता के माध्यम से सशक्त बनाती है। इसके अंतर्गत मत्स्य पालन से जुड़े हितग्राहियों को आकस्मिक मृत्यु, स्थायी विकलांगता अथवा अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में बीमा सुरक्षा भी प्रदान की जाती है। साथ ही मछली पालन को एक व्यवसाय के रूप में शुरू करने के लिए ऋण पर सब्सिडी प्रदान करता है।
मत्स्य पालकों को दिए जा रहे हैं अनुदान राशि
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजनार्त्गत हितग्राहियों को स्वयं की भूमि में तालाब, पोखर संवर्धन, पौंण्डर लाइनर के निर्माण हेतु अनुसूचित जाति एवं जनजाति के हितग्राहियों एवं महिलाओं को 60 प्रतिशत तक एवं सामान्य एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के हितग्राहियों को 40 प्रतिशत तक की अनुदान राशि प्रदान की जाति है। इस योजना के तहत जिले में 41 हेक्टेयर में स्वयं की भूमि में तालाब निर्माण, 7.6 हेक्टेयर में संवर्धन पोखर निर्माण, और 11 बायोफ्लॉक पॉण्ड लाइनर इकाइयों की स्वीकृति दी गई है। साथ ही 162 हितग्राहियों को सेविंग कम रिलीफ योजना के अंतर्गत सहायता प्राप्त हुई है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में विकास को मिल रही नई गति: वित्त विभाग से कुनकुरी विधानसभा क्षेत्र के प्रमुख परियोजनाओं को मिली प्रशासकीय स्वीकृति
जशपुर, 11 नवम्बर 2025
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले के अंतर्गत विधानसभा कुनकुरी में विभिन्न परियोजनाओं के लिए वित्त विभाग द्वारा प्रशासकीय स्वीकृति और सैद्धांतिक सहमति प्रदान की गई है।
वित्त विभाग ने तुमला से मेडर (ओडिशा सीमा) तक 12.80 किलोमीटर लंबे सड़क निर्माण कार्य के लिए ₹27.73 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। इस मार्ग के बन जाने से सीमावर्ती गांवों की कनेक्टिविटी सुधरेगी और व्यापारिक एवं सामाजिक गतिविधियों को बल मिलेगा।
इसी प्रकार, विकासखंड कांसाबेल की मैनी नदी पर बगिया बैराज सह दाबयुक्त उद्वहन सिंचाई योजना के लिए ₹79.38 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। इस परियोजना से किसानों को सिंचाई की स्थायी सुविधा उपलब्ध होगी तथा कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी।
कुनकुरी में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए वित्त विभाग ने नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय भवन निर्माण हेतु ₹359 करोड़ की सैद्धांतिक सहमति प्रदान की है। इससे आदिवासी अंचल के युवाओं को चिकित्सा शिक्षा और स्थानीय नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त होंगी।
साथ ही, विकासखंड फरसाबहार की कोकिया व्यपवर्तन योजना के लिए ₹16.17 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है, जिससे सिंचाई और जल प्रबंधन की दिशा में क्षेत्र को दीर्घकालिक लाभ होगा।