छत्तीसगढ़ / बीजापुर
महाखुलासा पार्ट 2 : क्रेशर प्लांट अवैध तो बारूद किसकी अनुमति से फूटा?
बीजापुर/सुकमा । BRO (बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन) की सड़क परियोजना की आड़ में कथित अवैध खनन और क्रेशर संचालन का मामला अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। पहले वन भूमि पर पहाड़ों की खुदाई और बिना अनुमति क्रेशर संचालन के आरोप सामने आए, अब पूरे मामले में विस्फोटकों के इस्तेमाल, वन विभाग, खनिज विभाग और प्रशासनिक निगरानी पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
सूत्रों के अनुसार एक वर्ष से अधिक समय तक वन भूमि पर कथित रूप से बड़े पैमाने पर पत्थरों का उत्खनन कर गिट्टी तैयार की गई।इसके लिए भारी-भरकम पोकलेन, ड्रिलिंग मशीन और अन्य उपकरणों का उपयोग किया गया। सवाल यह है कि यदि संचालन नियमों के अनुरूप नहीं था,तो इतना बड़ा काम प्रशासन और संबंधित विभागों की नजर से कैसे ओझल रहा?
सबसे बड़ा सवाल – क्रेशर अवैध तो बारूद किसकी अनुमति से फूटा?
मामले का सबसे अहम पहलू अब विस्फोटकों के उपयोग को लेकर सामने आया है। पहाड़ों को तोड़ने के लिए बारूद का इस्तेमाल बिना निर्धारित प्रक्रिया और अनुमति के नहीं किया जा सकता। ऐसे में बड़ा सवाल उठ रहा है कि यदि क्रेशर और खनन वैध अनुमति के बिना चल रहे थे, तो ब्लास्टिंग की स्वीकृति किस विभाग ने दी?
विस्फोटकों के भंडारण, परिवहन और उपयोग का रिकॉर्ड किसके पास है? क्या संबंधित एजेंसियों से आवश्यक अनुमति ली गई थी या नहीं? अब इन्हीं सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं।
वन विभाग पर भी उठे सवाल
आरोप है कि वन भूमि पर बड़े पैमाने पर पहाड़ों की कटाई और पत्थरों का उत्खनन किया गया। यदि ऐसा हुआ, तो वन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर जंगल के भीतर भारी मशीनों की आवाजाही, ड्रिलिंग और ब्लास्टिंग जैसे कार्य लंबे समय तक कैसे चलते रहे? क्या विभाग को इसकी जानकारी नहीं थी, या जानकारी के बावजूद समय पर कार्रवाई नहीं हुई?
एक खनिज अधिकारी, दो जिले... संयोग या व्यवस्था की कमजोरी? , अवैध क्रेशर पर अब तक कार्यवाही नही अधिकारी की साठगांठ य्या कार्यवाही नही करने का दबाव?
बीजापुर और सुकमा दोनों जिलों का प्रभार एक ही खनिज अधिकारी के पास होने के कारण भी चर्चा तेज हो गई है। आरोप लगाए जा रहे हैं कि विभागीय नियमों की अनदेखी कर कथित रूप से पूरे मामले में मौन सहमति बनी रही। यदि समय रहते निरीक्षण और कार्रवाई होती, तो क्या यह मामला इतना बड़ा रूप लेता?
अब व्हाट्सएप पर रेट लिस्ट, स्थानीय सप्लाई की तैयारी?
सूत्रों के अनुसार, कथित क्रेशर से जुड़े लोगों द्वारा स्थानीय ठेकेदारों से संपर्क किया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि जगदलपुर के बाजार भाव के आधार पर गिट्टी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए व्हाट्सएप पर रेट लिस्ट भी भेजे जाने की चर्चा है। यदि यह सही है, तो सवाल यह भी उठता है कि BRO परियोजना के लिए तैयार की गई सामग्री अन्य निर्माण कार्यों तक कैसे पहुंच रही है।
'फ्री का पहाड़', करोड़ों का कारोबार?
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि प्राकृतिक संसाधनों से निकाली गई गिट्टी की आपूर्ति बिना वैध फिटपास के की गई। साथ ही यह आरोप भी लगाए जा रहे हैं कि अधूरे दस्तावेजों के बावजूद करोड़ों रुपये का भुगतान किया गया। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना शेष है।
BRO का नाम इस्तेमाल कर खनिज माफियो का बढ़ता कारोबार ?
सूत्रों का दावा है कि BRO परियोजना में सप्लाई का हवाला देकर संबंधित लोगों ने आसपास की कई सड़क निर्माण परियोजनाओं में भी अपनी पैठ बनाने का प्रयास किया। स्थानीय ठेकेदारों से संपर्क कर गिट्टी की सप्लाई का प्रस्ताव दिए जाने की भी चर्चा है।
अब इन सवालों के जवाब कौन देगा?
यदि क्रेशर वैध नहीं था, तो बारूद और विस्फोट की अनुमति किसने दी?
वन भूमि पर पहाड़ों की खुदाई की अनुमति किस विभाग ने जारी की?
ब्लास्टिंग में प्रयुक्त विस्फोटकों का रिकॉर्ड किसके पास है?
एक वर्ष तक कथित अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
यदि दस्तावेज अधूरे थे, तो करोड़ों रुपये का भुगतान किस आधार पर किया गया?
व्हाट्सएप पर कथित रेट लिस्ट भेजकर गिट्टी बेचने का दावा किस अधिकार से किया जा रहा है?
क्या पूरे मामले की संयुक्त जांच होगी या जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डालकर मामला दबा दिया जाएगा?
पूरे मामले को लेकर अब लोगों की निगाहें जिला प्रशासन, वन विभाग, खनिज विभाग और BRO के आधिकारिक पक्ष पर हैं। यदि लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो मामला केवल अवैध खनन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वन संपदा, सरकारी राजस्व, विस्फोटक नियमों और परियोजना निगरानी व्यवस्था से जुड़े गंभीर प्रश्न भी खड़े करेगा।
पूरे मामले को लेकर क्या कहते है खनिज अधिकारी
खनिज अधिकारी छबीलेश्वर मौर्य ने कहा कि सुकमा का क्रेशर प्लान्ट अवैध है अनुमति नही हुई है एंव अब तक किये गए विस्फोट की कोई जानकारी उपलब्ध नही है वहीं बीजापुर के तररेम में संचालित क्रेशर को वैध बताते हुए एक साल पहले ही परमिशन हो चुका है बताया जबकि महज एक महीने पहले विभाग से मिली जानकारी में तररेम में संचालित क्रेशर का कोई जिक्र नही है
सम्मान और शुभकामनाओं के साथ प्रधान पाठक कृष्णा दत्त राय को भावभीनी विदाई
बीजापुर ।- कलेक्टर विश्वदीप के निर्देशन में सेवानिवृत्त प्रधान पाठक कृष्णा दत्त राय को जिला कार्यालय में आयोजित गरिमामय समारोह में आत्मीय एवं भावभीनी विदाई दी गई। कार्यक्रम में अपर कलेक्टर भूपेन्द्र अग्रवाल ने राय के दीर्घकालीन, समर्पित एवं कुशल सेवाकाल की सराहना करते हुए उनके उल्लेखनीय योगदान को स्मरण किया।
अपने उद्बोधन में अपर कलेक्टर भूपेन्द्र अग्रवाल ने कहा कि शासकीय सेवा केवल दायित्वों का निर्वहन नहीं, बल्कि समाज और भावी पीढ़ी के निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि कृष्णा दत्त राय ने अपने सेवाकाल में शिक्षा के क्षेत्र में निष्ठा, ईमानदारी एवं समर्पण के साथ कार्य करते हुए उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने उनके उज्ज्वल, स्वस्थ, सुखी एवं दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए पेंशन प्रमाण पत्र भेंट किया।
इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी कृष्णा दत्त राय के साथ बिताए गए कार्यकाल के अनुभव साझा किए तथा उनके सरल, सौम्य एवं कर्तव्यनिष्ठ व्यक्तित्व की सराहना करते हुए भावी जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में जिला कोषालय अधिकारी महावीर प्रसाद टंडन, जिला शिक्षा अधिकारी राजेश पांडे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। समारोह सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ, जहां सभी ने सेवानिवृत्त प्रधान पाठक के स्वस्थ, सुखद एवं सम्मानपूर्ण जीवन की मंगलकामना की।
वीएसके ऐप में तकनीकी त्रुटियों का होगा शीघ्र समाधान : गजेंद्र यादव
बीजापुर ।- स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा है कि शिक्षक संगठनों एवं शिक्षकों द्वारा टैज्ञ ऐप में आ रही तकनीकी त्रुटियों एवं एरर संबंधी शिकायतों को राज्य सरकार ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि टैज्ञ ऐप में आने वाली तकनीकी समस्याओं के कारण किसी भी शिक्षक का वेतन नहीं काटा जाएगा। शिक्षकों को किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। यादव ने बताया कि संबंधित अधिकारियों एवं तकनीकी टीम को टैज्ञ ऐप में आ रही सभी समस्याओं का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए गए हैं। लक्ष्य निर्धारित किया गया है कि 15 अगस्त तक ऐप में आ रही तकनीकी खामियों का समाधान कर इसे पूरी तरह सुचारु बनाया जाए, ताकि शिक्षकों को बिना किसी परेशानी के अपनी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने की सुविधा मिल सके।शिक्षा मंत्री ने प्रदेश के शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य के लगभग 1 लाख 75 हजार शिक्षकों में से लगभग डेढ़ लाख शिक्षक लगभग 85 प्रतिशत शिक्षक प्रतिदिन टैज्ञ ऐप के माध्यम से अपनी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं। यह दर्शाता है कि प्रदेश के शिक्षक नई तकनीक को अपनाते हुए शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह एवं आधुनिक बनाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के शिक्षक केवल शिक्षण कार्य ही नहीं, बल्कि डिजिटल व्यवस्था को सफल बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। सरकार उनके इस सहयोग, अनुशासन और समर्पण का सम्मान करती है। शिक्षकों के सुझावों और अनुभवों के आधार पर टैज्ञ ऐप को और अधिक सरल, उपयोगी एवं प्रभावी बनाया जाएगा। गजेंद्र यादव ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षकों के सम्मान, सुविधा और हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यदि किसी शिक्षक को तकनीकी कारणों से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने में कठिनाई आती है, तो उसके हितों की पूरी सुरक्षा की जाएगी। किसी भी शिक्षक को तकनीकी खामी का खामियाजा नहीं भुगतना पड़ेगा।उन्होंने सभी शिक्षकों से अपील की कि वे पूर्व की भांति टैज्ञ ऐप का उपयोग करते रहें तथा यदि किसी प्रकार की तकनीकी समस्या या सुझाव हो तो उसे संबंधित अधिकारियों तक अवश्य पहुँचाएँ। सरकार प्रत्येक सुझाव का सकारात्मक परीक्षण कर आवश्यक सुधार करेगी, ताकि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और अधिक प्रभावी एवं तकनीक-सक्षम बन सके।
शासकीय पालीटेक्निक, बीजापुर में प्रवेश हेतु अंतिम अवसर
बीजापुर । राज्य की पालीटेक्निक संस्थाओं में प्रवेश हेतु संचालनालय तकनीकी शिक्षा, छ0ग0 शासन के अधीन शासकीय पालीटेक्निक, बीजापुर में प्रवेश हेतु अंतिम एवं 4थे राऊंड के प्रवेश हेतु रजिस्ट्रेशन 31 जुलाई 2026 से 08 अगस्त 2026 तक किया जाना है। 12 अगस्त 2026 को मेरिट सूची जारी की जावेगी, तत्पश्चात् प्रवेश की कार्यवाही 13 एवं 14 अगस्त 2026 को होगी।
जिला बीजापुर में संचालित पालीटेक्निक में सिविल, मैकेनिकल एवं इलेक्ट्रिकल में तीन वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित है। काउंसिलिंग/रजिस्ट्रेशन की सम्पूर्ण प्रक्रिया एवं प्रवेश संबंधी विस्तृत जानकारी हेतु इच्छुक अभ्यर्थी मोबाइल नम्बर 9584846620, 9399971057 पर सम्पर्क कर जानकारी प्राप्त कर सकते है या अभ्यर्थी स्वयं संस्था में उपस्थित होकर मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं।
नक्सल पुनर्वास नीति की गहन समीक्षा : कलेक्टर ने दिए योजनाओं के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन के निर्देश
बीजापुर । कलेक्टर विश्वदीप की अध्यक्षता में जिला कार्यालय के सभाकक्ष में जिला स्तरीय नक्सल पुनर्वास समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नक्सल पुनर्वास नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, पुनर्वास कार्यों की प्रगति तथा आत्मसमर्पित व्यक्तियों को शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करने के संबंध में विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में कलेक्टर विश्वदीप ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नक्सल पुनर्वास नीति के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को समयबद्ध एवं पारदर्शी ढंग से सभी निर्धारित सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि शासन का उद्देश्य मुख्यधारा में लौटने वाले व्यक्तियों को सम्मानजनक जीवन, आजीविका के अवसर तथा सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है। इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें और प्रत्येक प्रकरण का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करें।
कलेक्टर ने पुनर्वास प्राप्त हितग्राहियों को स्वरोजगार, कौशल विकास, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, राशन, बैंकिंग सेवाओं तथा अन्य शासकीय योजनाओं से जोड़ने पर विशेष बल देते हुए कहा कि प्रत्येक पात्र हितग्राही तक योजनाओं का लाभ पहुंचना चाहिए। उन्होंने सभी अनुविभागीय अधिकारियों, जनपद पंचायतों एवं संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
बैठक में पुलिस अधीक्षक उमेश प्रसाद गुप्ता ने पुनर्वास नीति के प्रभावी क्रियान्वयन में प्रशासन एवं पुलिस के समन्वित प्रयासों पर जोर देते हुए कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले व्यक्तियों का पुनर्वास उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से सभी प्रक्रियाओं को संवेदनशीलता एवं गंभीरता के साथ पूर्ण करने का आग्रह किया।
समीक्षा बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रविन्द्र मीणा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमन कुमार झा, अपर कलेक्टर भूपेन्द्र अग्रवाल, जिले के समस्त अनुभागों के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस डिप्टी तहसीलदार, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में पुनर्वास कार्यों को और अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाने के लिए विभागवार कार्ययोजना पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
निगम अध्यक्ष ने योजनाओं की समीक्षा कर समय पर ऋण अदायगी का दिया संदेश
बीजापुर । छत्तीसगढ़ शासन के दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष लोकेश कांवड़िया ने अपने दो दिवसीय बीजापुर प्रवास के दौरान जिला कार्यालय में समीक्षा बैठक लेकर दिव्यांगजनों के आर्थिक सशक्तिकरण एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया। उन्होंने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों से समय पर ऋण अदायगी करने का आग्रह करते हुए बताया कि नियमित भुगतान करने वाले हितग्राहियों को अनुदान एवं अन्य राहतों का लाभ मिलता है तथा भविष्य में अधिक राशि का ऋण प्राप्त करने की भी सुविधा मिलती है।
कांवड़िया ने दिव्यांगजनों को कौशल प्रशिक्षण, स्वरोजगार और बाजार उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि शासन की योजनाओं का उद्देश्य उन्हें आत्मनिर्भर बनाकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। उन्होंने अन्य जिलों में सफलतापूर्वक स्वरोजगार कर रहे दिव्यांगजनों के उदाहरण प्रस्तुत कर जिले के हितग्राहियों को भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
कलेक्टर विश्वदीप ने कहा कि जिले का कोई भी पात्र दिव्यांगजन शासन की योजनाओं से वंचित न रहे, यह जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रशासन निरंतर प्रयासरत है।
बैठक में प्रबंधक पंकज वर्मा ने दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम द्वारा संचालित विभिन्न ऋण एवं स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी देते हुए अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों से इन योजनाओं का लाभ लेने का आग्रह किया।
इस अवसर पर जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी नम्रता चौबे, अपर कलेक्टर एवं उप संचालक समाज कल्याण भूपेन्द्र अग्रवाल, संयुक्त कलेक्टर जागेश्वर कौशल, जिला स्तरीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में दिव्यांगजन एवं हितग्राही उपस्थित रहे।
बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे निगम अध्यक्ष लोकेश कांवड़िया
भोपालपटनम के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया दौरा, चंदनगिरी राहत शिविर में पीड़ितों से मिलकर जाना हालचाल, हरसंभव सहायता का दिलाया भरोसा
बीजापुर ।- छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष लोकेश कांवड़िया ने अपने दो दिवसीय बीजापुर प्रवास के दौरान भोपालपटनम विकासखंड के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने इन्द्रावती नदी में बढ़े जलस्तर और तिमेड़ पुल की स्थिति का निरीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों से क्षेत्र की वर्तमान परिस्थितियों की जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के पश्चात श्री कांवड़िया चंदनगिरी स्थित राहत शिविर पहुंचे, जहां उन्होंने बाढ़ प्रभावित परिवारों से आत्मीयता के साथ मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना। उन्होंने पीड़ितों की समस्याएं सुनीं तथा राहत शिविर में उपलब्ध कराई जा रही भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य, आवास एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली।
इस अवसर पर श्री कांवड़िया ने बाढ़ प्रभावित परिवारों को आश्वस्त करते हुए कहा कि शासन प्रशासन हर परिस्थिति में आपके साथ हैं। राज्य शासन एवं जिला प्रशासन द्वारा प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता त्वरित रूप से उपलब्ध कराई जा रही है और किसी भी जरूरतमंद को सहायता से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में शासन की प्राथमिकता प्रत्येक प्रभावित परिवार की सुरक्षा, राहत और पुनर्वास सुनिश्चित करना है।
उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया कि राहत शिविरों में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित रहें तथा प्रभावित नागरिकों की जरूरतों का संवेदनशीलता के साथ निराकरण किया जाए। साथ ही लोगों से अपील की कि बाढ़ के दौरान पूरी सावधानी बरतें, प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में तत्काल संबंधित अधिकारियों से संपर्क करें। दौरे के दौरान जिला पंचायत उपाध्यक्ष पेरे पुलैय्या नगरपालिका बीजापुर के उपाध्यक्ष भुवन सिंह चौहान सांसद प्रतिनिधि जिला राम राणा सहित वरिष्ठ नागरिक घासी राम नाग श्रीनिवास मुदलियार संजय लुंकड एवं जिला ,जनपद स्तर के जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने राहत एवं बचाव कार्यों की प्रगति की जानकारी साझा करते हुए प्रभावित क्षेत्रों में निरंतर निगरानी और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कलेक्टर का व्यापक दौरा, राहत शिविर पहुंचकर पीड़ितों का बढ़ाया हौसला
चंदनगिरी राहत शिविर में व्यवस्थाओं का लिया जायजा, तिमेड़ ब्रिज नल्लमपल्ली और रामपुरम में बाढ़ की स्थिति का किया निरीक्षण, हर संभव सहायता का दिलाया भरोसा
बीजापुर ।- जिले में लगातार हो रही वर्षा और बाढ़ की स्थिति के मद्देनज़र कलेक्टर विश्वदीप ने शुक्रवार को भोपालपटनम क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाकों का व्यापक निरीक्षण किया। उन्होंने सबसे पहले इन्द्रावती नदी के तिमेड़ पुल का अवलोकन कर जलस्तर एवं आवागमन की स्थिति की जानकारी ली। इसके पश्चात चंदनगिरी स्थित राहत शिविर पहुंचकर वहां ठहरे बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात की, उनका हालचाल जाना तथा उन्हें हरसंभव प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।
राहत शिविर में कलेक्टर ने भोजन, स्वच्छ पेयजल, वस्त्र, स्वास्थ्य सुविधाएं, स्वच्छता तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत शिविर में रह रहे प्रत्येक परिवार की मूलभूत आवश्यकताओं की नियमित रूप से पूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा किसी भी प्रकार की असुविधा उत्पन्न न होने पाए। साथ ही बाढ़ से हुई क्षति का शीघ्र सर्वेक्षण कर पात्र प्रभावितों को नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश भी दिए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर विश्वदीप ने नल्लमपल्ली एवं रामपुरम गांवों का भी भ्रमण कर बाढ़ की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। रामपुरम में राष्ट्रीय राजमार्ग पर तेज बहाव के साथ पानी बहता मिला। इस पर उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बहते पानी वाले मार्गों पर ग्रामीणों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित की जाए तथा सुरक्षा के सभी आवश्यक उपाय सुनिश्चित किए जाएं, ताकि किसी प्रकार की जनहानि की आशंका न रहे।
कलेक्टर ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों से चर्चा करते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदा के समय सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी स्थिति में बहते पानी को पार करने का प्रयास न करें तथा किसी भी प्रकार की आवश्यकता या आपात स्थिति में तत्काल संबंधित एसडीएम, तहसीलदार, पुलिस अथवा जिला प्रशासन के अधिकारियों से संपर्क करें। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है और प्रभावित प्रत्येक नागरिक तक राहत एवं सहायता पहुंचाना सर्वाेच्च प्राथमिकता है।
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक उमेश प्रसाद गुप्ता, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती नम्रता चौबे, संबंधित एसडीएम, तहसीलदार, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। जिला प्रशासन द्वारा राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है तथा प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर निरंतर नजर रखी जा रही है।
जिले में अब तक 692.9 मिमी. वर्षा दर्ज
बीजापुर ।- कलेक्टर कार्यालय भू अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के सभी तहसीलों में एक जून से अब तक 692.9 मिमी. औसत वर्षा दर्ज की गई है।
इस दौरान सर्वाधिक 910.1 मिमी वर्षा बीजापुर में दर्ज की गई है। इसी तरह 851.6 मिमी. वर्षा भैरमगढ़ में, 808.2 मिमी वर्षा कुटरू में, 617.3 मिमी. वर्षा गंगालूर में, 565.4 मिमी. वर्षा भोपालपटनम में एवं उसूर में 404.7 मिमी. वर्षा दर्ज की गई है।
शासकीय पालीटेक्निक, बीजापुर में प्रवेश हेतु अंतिम अवसर
बीजापुर ।- राज्य की पालीटेक्निक संस्थाओं में प्रवेश हेतु संचालनालय तकनीकी शिक्षा, छ0ग0 शासन के अधीन शासकीय पालीटेक्निक, बीजापुर में प्रवेश हेतु अंतिम एवं 4थे राऊंड के प्रवेश हेतु रजिस्ट्रेशन 31 जुलाई 2026 से 08 अगस्त 2026 तक किया जाना है। 12 अगस्त 2026 को मेरिट सूची जारी की जावेगी, तत्पश्चात् प्रवेश की कार्यवाही 13 एवं 14 अगस्त 2026 को होगी। जिला बीजापुर में संचालित पालीटेक्निक में सिविल, मैकेनिकल एवं इलेक्ट्रिकल में तीन वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित है। काउंसिलिंग/रजिस्ट्रेशन की सम्पूर्ण प्रक्रिया एवं प्रवेश संबंधी विस्तृत जानकारी हेतु इच्छुक अभ्यर्थी मोबाइल नम्बर 9584846620ए 9399971057 पर सम्पर्क कर जानकारी प्राप्त कर सकते है या अभ्यर्थी स्वयं संस्था में उपस्थित होकर मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं।
दावा-आपत्ति सूचना
बीजापुर ।- सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि थाना उसूर, जिला बीजापुर के अपराध क्रमांक 20/2026 में आर्स एक्ट की धारा 25 एवं विधि विरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1967 की धारा 17, 38, 39(2) एवं 40 के अंतर्गत जप्त नगद राशि 17 लाख 20 हजार रूपये के संबंध में सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रतिधारण ( Retention ) की कार्यवाही की जा रही है। यदि उक्त जप्त नगदी के संबंध में किसी व्यक्ति, संस्था अथवा अन्य किसी पक्ष का कोई दावा, स्वामित्व अथवा आपत्ति हो तो वह अपने समस्त दस्तावेजों एवं प्रमाणों सहित 04 अगस्त 2026 को समय अपरान्ह् 03ः00 बजे अथवा उसके पूर्व सक्षम प्राधिकारी ( राजेश तिग्गा, अवर सचिव छ0ग0 शासन गृह विभाग मंत्रालय रायपुर) के समक्ष प्रस्तुत कर सकता है । निर्धारित समयावधि के पश्चात प्राप्त दावा/आपत्ति पर विचार नहीं किया जाएगा तथा नियमानुसार अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
स्वतंत्रता दौड़ 14 अगस्त को
बीजापुर ।- राष्ट्रप्रेम एवं राष्ट्रीय एकता की भावना को सुदृढ़ करने, अमर शहीदों के बलिदान का स्मरण एवं सम्मान, युवाओं में देशभक्ति एवं सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास, स्वास्थ्य एवं फिटनेश के प्रति जागरूकता, जनभागीदारी एवं सामाजिक समरसता को बढ़ाने के उद्देश्य से प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी 14 अगस्त 2026 को प्रातः 07ः00 बजे सांस्कृतिक भवन मैदान से सर्किट हाऊस बीजापुर तक जिला स्तरीय स्वतंत्रता दौड़ का आयोजन किया जाएगा। उक्त स्वतंत्रता दौड़ में अधिकारियों-कर्मचारियों की उपस्थिति अनिवार्य है।
नवजात समेत 9 लोगों का सफल रेस्क्यू, उसूर प्रशासन की तत्परता से बचीं जानें
बीजापुर । जिले में लगातार तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के बीच उसूर प्रशासन ने बड़ा राहत अभियान चलाते हुए नवजात शिशु, प्रसूता और सात पर्यटकों समेत कुल 9 लोगों का सफल रेस्क्यू किया। यह अभियान उसूर एसडीएम भूपेंद्र गावरे और तहसीलदार देवनंदन टंडन के नेतृत्व में एसडीआरएफ और स्वास्थ्य विभाग की टीम के सहयोग से पूरा किया गया।
बारिश के चलते डल्ला, मल्लेपल्ली और लंकापल्ली क्षेत्र बाढ़ से प्रभावित हो गए थे। डल्ला गांव में प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला के फंसे होने की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर प्रसव के बाद नवजात शिशु और उसकी मां मोडियम मासे को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके साथ ही मल्लेपल्ली की गर्भवती महिला ऊईका सुक्की का भी सफल रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया गया।
इसी दौरान लंकापल्ली झरना घूमने पहुंचे सात पर्यटक भी पिछले दो दिनों से बाढ़ के कारण फंसे हुए थे। सूचना मिलते ही तहसीलदार देवनंदन टंडन ने एसडीआरएफ टीम के साथ अभियान चलाकर सभी पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाला।
रेस्क्यू के बाद प्रशासन ने स्थानीय ग्रामीणों से अपील की कि बाढ़ की स्थिति में किसी भी हाल में नदी-नालों को पार करने का प्रयास न करें।
वहीं, एसडीएम भूपेंद्र गावरे ने स्वयं नंबी, गलगम और कर्रेगुट्टा क्षेत्र का दौरा कर अतिवृष्टि से हुए नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने राजस्व अमले को प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों के लिए RBC 6(4) के तहत तत्काल सहायता प्रकरण तैयार करने के निर्देश दिए। प्रशासन ने कहा है कि बारिश के दौरान राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी रहेगा।
स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजन की तैयारी हेतु आवश्यक निर्देश
मुख्य समारोह मिनी स्टेडियम बीजापुर में होगा सम्पन्न
बीजापुर 30 जुलाई 2026
जिले में प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह गरिमामय ढंग से मनाया जायेगा। जिले में मुख्य समारोह मिनी स्टेडियम बीजापुर के मैदान में आयोजित किया जाएगा। स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजन की तैयारी हेतु कलेक्टर श्री विश्वदीप की अध्यक्षता में बैठक सम्पन्न हुई। बैठक के दौरान निर्णय लिया गया कि 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कैम्प, ऑफिस, कलेक्टर निवास में प्रातः 7ः15 बजे कलेक्टर बीजापुर द्वारा ध्वजारोहण किया जायेगा। इसके पश्चात प्रातः 7ः30 बजे कलेक्टर बीजापुर द्वारा कलेक्टोरेट बीजापुर में ध्वजारोहण किया जाएगा, जिसमें कलेक्टोरेट में संचालित सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारी सम्मिलित होंगे। इसके अलावा सभी शासकीय, अशासकीय संस्थाओं में प्रातः 7ः30 बजे कार्यालय प्रमुख या संस्था प्रमुख के द्वारा ध्वजारोहण किया जायेगा।
स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में प्रातः 9 बजे मुख्य अतिथि के द्वारा ध्वजारोहण किया जायेगा। ध्वजारोहण के उपरांत पुलिस एवं नगर सेना की टुकड़ियों के द्वारा सलामी गार्ड ऑफ ऑनर दी जायेगी। मुख्य अतिथि के द्वारा मुख्यमंत्री के जनता के नाम संदेश का वाचन किया जायेगा। उक्त समारोह में उत्कृष्ट योगदान देने वाले पुलिस अधिकारियों, जवानों, स्वच्छता कर्मियों, वालेंटियर्स तथा जिला प्रशासन से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी आदि को विशेष रूप से आमंत्रित कर उन्हें सम्मानित किया जायेगा।
बैठक के दौरान मुख्य समारोह स्थल पर मैदान समतलीकरण वॉटरप्रूफ टेंट की व्यवस्था, मंच की व्यवस्था, बेरिकेटिंग तथा बैरिकेडिंग के लिए बांस बल्ली की व्यवस्था, बैठक व्यवस्था, बैंच-कुर्सियों की व्यवस्था, जनरेटर एवं ध्वनि विस्तारक यंत्र की व्यवस्था, मीडिया प्रतिनिधियों के लिए पृथक दीर्घा, चिकित्सा व्यवस्था, पेयजल की समुचित व्यवस्था, आमंत्रण पत्र, मुद्रण एवं वितरण की व्यवस्था समारोह स्थल पर सभी लोगों के लिए आवश्यक बैठक व्यवस्था, 14 अगस्त को स्वतंत्रता दौड़ हेतु पंडाल व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए नामजद अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। बैठक के दौरान संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समयावधि में सभी तैयारी सुनिश्चित किये जाने के निर्देश दिये गए। स्वतंत्रता दिवस समारोह का अंतिम रिहर्सल 13 अगस्त को प्रातः 9 बजे से की जायेगी।
मूसलाधार बारिश और बाढ़ के बीच देवदूत बनी नगरसेना, बीमार बच्ची व महिला को सुरक्षित पहुंचाया अस्पताल
बीजापुर । जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं, जिससे कई ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित हुआ है। ऐसी विषम परिस्थितियों में जिला प्रशासन के निर्देश पर नगरसेना (होमगार्ड) की टीम पूरी मुस्तैदी के साथ राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई है।
नगरसेना के जवान बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जोखिम उठाकर ग्रामीणों और मरीजों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का कार्य लगातार कर रहे हैं। इसी क्रम में ग्राम रेड्डी की एक महिला एवं उसकी बीमार बच्ची को उफनते जलमार्ग से सुरक्षित निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जिससे उन्हें समय पर उपचार मिल सका।
नगरसेना की टीम आवश्यकता पड़ने पर ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, अस्पताल ले जाने तथा आपदा की स्थिति में त्वरित राहत उपलब्ध कराने के लिए 24 घंटे तत्पर है। लगातार हो रही बारिश के बीच टीम का यह मानवीय और साहसिक प्रयास लोगों के लिए राहत का बड़ा सहारा बन रहा है।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि बारिश के दौरान उफनते नदी-नालों को पार करने का प्रयास न करें तथा किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन और नगरसेना की सहायता लें। प्रशासन द्वारा हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और राहत एवं बचाव दल पूरी सतर्कता के साथ कार्य कर रहे हैं।
आपदा से पहले तैयारी, संकट में सुरक्षा : आवापल्ली में NDRF ने दिया आपदा प्रबंधन का व्यवहारिक प्रशिक्षण
बीजापुर । उसूर तहसील के आवापल्ली स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय में फेमेक्स ( FEMEX-2026 ) कार्यक्रम के अंतर्गत राष्ट्रीय आपदा मोचन बल ( NDRF) की टीम द्वारा व्यापक आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं स्थानीय नागरिकों को प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं के दौरान सतर्कता, त्वरित प्रतिक्रिया एवं सुरक्षित बचाव के उपायों की व्यवहारिक जानकारी प्रदान करना था।
प्रशिक्षण के दौरान NDRF के विशेषज्ञों ने भूकंप, बाढ़, आगजनी, सर्पदंश, विद्युत दुर्घटना, जल दुर्घटना तथा अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों का विस्तृत प्रदर्शन किया। टीम ने मॉक ड्रिल के माध्यम से बताया कि आपदा की स्थिति में घबराने के बजाय संयम रखते हुए किस प्रकार स्वयं की सुरक्षा के साथ अन्य लोगों की भी सहायता की जा सकती है।
विशेषज्ञों ने प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड), सुरक्षित निकासी (इवैक्यूएशन), घायल व्यक्तियों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की तकनीक, सीपीआर ( CPR ) तथा आपदा के समय आवश्यक सावधानियों की भी जानकारी दी। प्रशिक्षण में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए विभिन्न बचाव तकनीकों का व्यावहारिक अभ्यास किया।
NDRF अधिकारियों ने कहा कि आपदा के समय जागरूकता, समय पर सही निर्णय और सामुदायिक सहयोग से जन-धन की हानि को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी को अपने परिवार और आसपास के लोगों तक भी पहुंचाएं, ताकि अधिक से अधिक लोग आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक हो सकें।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधन एवं उपस्थित प्रतिभागियों ने NDRF टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के व्यवहारिक प्रशिक्षण से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ता है तथा वे किसी भी आपात स्थिति का सामना करने के लिए बेहतर ढंग से तैयार हो पाते हैं। FEMEX -2026 के तहत यह प्रशिक्षण आपदा जोखिम न्यूनीकरण और सुरक्षित समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
बीजापुर में चार दिनों की मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, 100 से अधिक गांवों का जिला मुख्यालय से टूटा संपर्क
बीजापुर । जिले में पिछले चार दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। लगातार वर्षा के चलते जिले की कई नदियां और नाले उफान पर हैं, जिससे कई प्रमुख मार्गों पर आवागमन ठप हो गया है। सबसे अधिक असर चेरपाल नदी के बढ़े जलस्तर से देखने को मिला है, जहां 100 से अधिक गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह टूट गया है।
चेरपाल नदी उफान पर, ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी
लगातार बारिश के कारण चेरपाल नदी खतरे के निशान के करीब बह रही है। नदी के उफान पर आने से आसपास के गांवों का सड़क संपर्क बाधित हो गया है। ग्रामीणों को दैनिक जरूरतों, इलाज और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
साप्ताहिक बाजार भी प्रभावित
बारिश का असर जिले के कारोबार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। कई इलाकों में साप्ताहिक बाजार प्रभावित हुए हैं। सड़कें और पुल-पुलिया जलमग्न होने के कारण व्यापारी बाजारों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति भी प्रभावित होने लगी है।
प्रशासन अलर्ट, बचाव दल तैनात
बिगड़ते हालात को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। संवेदनशील नदी-नालों और जलमग्न क्षेत्रों में बचाव दलों के साथ राजस्व कर्मचारियों की तैनाती की गई है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे उफनते नदी-नालों और जलमग्न पुल-पुलियों को पार करने का प्रयास न करें तथा बिना आवश्यक कारण घरों से बाहर न निकलें। प्रशासन ने मौसम सामान्य होने तक पूरी सावधानी बरतने और केवल आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।
लगातार हो रही बारिश के चलते बीजापुर जिले में जनजीवन प्रभावित है और यदि वर्षा का दौर जारी रहा तो हालात और गंभीर हो सकते हैं। प्रशासन लगातार स्थिति की निगरानी कर राहत एवं बचाव कार्यों को प्राथमिकता दे रहा है।