आईएफएस परीक्षा में चयनित गुरुदयाल जांगड़े का हुआ सम्मान
मुंगेली |
2026-05-27 15:41:28
विधायक, कलेक्टर और डीएफओ ने निवास पहुंचकर दी शुभकामनाएं
मुंगेली - जिले के ग्राम पलानसरी के होनहार युवा गुरुदयाल जांगड़े ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित इंडियन फॉरेस्ट सर्विस (आईएफएस) परीक्षा में 105वीं रैंक हासिल कर जिले और प्रदेश का नाम गौरवान्वित किया है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे जिले में खुशी और गर्व का माहौल है।
आईएफएस परीक्षा में चयन होने पर विधायक पुन्नूलाल मोहले, कलेक्टर कुन्दन कुमार एवं डीएफओ अभिनव कुमार ग्राम पलानसरी स्थित उनके निवास पहुंचे और गुरुदयाल जांगड़े सहित उनके माता-पिता को मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं दीं। गुरुदयाल जांगड़े ग्राम पलानसरी निवासी सचिव काशीराम जांगड़े के पुत्र हैं। सीमित संसाधनों और साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि के बावजूद उन्होंने कठिन परिश्रम, अनुशासन और निरंतर प्रयास के दम पर यह सफलता हासिल की। उनकी उपलब्धि को गांव एवं क्षेत्र के लोगों ने युवाओं के लिए प्रेरणादायी बताया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, समाज प्रमुख सहित एसडीएम मुंगेली अजय शतरंज, सीईओ जनपद पंचायत मुंगेली संतोष घोसले एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
गुरुदयाल की सफलता पर गांव को विकास कार्यों की सौगात-
विधायक पुन्नूलाल मोहले ने गुरुदयाल जांगड़े और उनके परिवार को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे जिले और क्षेत्र के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण परिवेश से निकलकर राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में सफलता प्राप्त करना अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। विधायक ने गुरुदयाल के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए ग्राम पलानसरी में विकास कार्यों हेतु 15 लाख रुपये की स्वीकृति देने की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि गुरुदयाल ने यह साबित कर दिया है कि लगन, मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। जिले के युवाओं को उनसे प्रेरणा लेकर बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए।
युवाओं के लिए प्रेरणा बने गुरुदयाल –
कलेक्टर शकुन्दन कुमार ने कहा कि यह पूरे जिले के लिए गर्व और खुशी का क्षण है कि जिले के युवा आईएफएस जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में लगातार सफलता प्राप्त कर रहे हैं। इससे निश्चित रूप से जिले के अन्य युवाओं को भी प्रेरणा मिलेगी और आने वाले समय में बड़ी संख्या में युवा राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल करेंगे। उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। हर बड़ी उपलब्धि के पीछे कठिन परिश्रम, धैर्य और निरंतर प्रयास छिपा होता है। विद्यार्थियों को परिणाम की चिंता करने के बजाय मेहनत और अनुशासन पर ध्यान देना चाहिए।
कलेक्टर ने गुरुदयाल के माता-पिता को भी बधाई देते हुए कहा कि अच्छे संस्कार और शिक्षा ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव होते हैं। उन्होंने बालिका शिक्षा पर विशेष जोर देते हुए समाज में शिक्षा के महत्व को रेखांकित किया।
समाज और राष्ट्र निर्माण में निभाएं महत्वपूर्ण भूमिका –
डीएफओ अभिनव कुमार ने गुरुदयाल जांगड़े को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इंडियन फॉरेस्ट सर्विस केवल एक नौकरी नहीं बल्कि समाज, पर्यावरण और राष्ट्र सेवा का महत्वपूर्ण दायित्व है।
उन्होंने कहा गुरुदयाल जैसे युवा प्रशासनिक सेवाओं में पहुंचकर समाज के लिए सकारात्मक बदलाव का माध्यम बनते हैं। उन्होंने कहा कि अब गुरुदयाल के कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी आ गई है। प्रशासनिक सेवा में रहते हुए उन्हें समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देना। उन्होंने उनके उज्ज्वल प्रशासनिक जीवन की कामना की।
अपनी गलतियों से सीखना ही सफलता की कुंजी –
गुरुदयाल जांगड़े ने बताया कि वे वर्ष 2019 में कॉलेज से पासआउट हुए थे और छह प्रयासों के बाद उन्हें यह सफलता मिली। चार बार वे इंटरव्यू तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि सफलता प्राप्त करने के लिए उन्होंने अपनी पढ़ाई की रणनीति और तरीके में लगातार बदलाव किया। उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा, अपनी गलतियों से सीखना चाहिए और उन्हें दोहराना नहीं चाहिए। लक्ष्य तय कर निरंतर मेहनत, धैर्य और कंसिस्टेंसी बनाए रखने से ही सफलता मिलती है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, परिवारजनों और गुरुजनों के सहयोग को दिया।