July 26, 2021

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जम्मू-कश्मीर का फ्यूचर प्लान! प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में 24 जून को सर्वदलीय बैठक

नई दिल्ली/श्रीनगर : अनुच्छेद-370 हटने और केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद जम्मू-कश्मीर के क्या हाल-चाल हैं? पूरे देश की इसपर नजर है. हर कोई यह जानना चाहता है कि 370 हटने के करीब 2 साल बाद जम्मू-कश्मीर में माहौल कितना बदला है. दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर को लेकर अपनी अगली रणनीति बना ली है. इसके तहत प्रधानमंत्री ने कश्मीर पर सर्वदलीय बैठक बुलाई है. सूत्रों के मुताबिक 24 जून को होने वाली इस बैठक के लिए दलों से संपर्क साधा जा रहा है.

माना जा रहा है कि सरकार जम्मू-कश्मीर में हालात को सामान्य करने और राजनीतिक गतिविधियां बढ़ाने का मन बना चुकी है. हालांकि अभी इसको लेकर कोई औपचारिक बयान जारी नहीं हुआ है. लेकिन इतना तय है कि नए कश्मीर के लिए पीएम का फ्यूचर प्लान बिल्कुल तैयार है.

5 अगस्त 2019 का एतिहासिक दिन, जब मोदी सरकार ने एक झटके से अनुच्छेद 370 को खत्म करने का ऐलान किया. सियासी भूचाल लाने वाले इस फैसले के 683 दिन बाद अब जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक खामोशी तोड़ने के संकेत मिल रहे हैं. खबर है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बुलाए गए सर्वदलीय बैठक में जम्मू-कश्मीर के सभी क्षेत्रीय दलों के साथ चर्चा करेंगे.

24 तारीख को हो सकती है बैठक
सूत्रों के मुताबिक जून महीने की 24 तारीख को बैठक हो सकती है. बैठक के लिए दलों से संपर्क साधा जा रहा है. अब तक 9 पार्टियों से बात हुई है, जबकि प्रदेश के 16 दलों से संपर्क अभी साधा जाना है. पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ़्ती ने बैठक को लेकर फोन कॉल आने की बात तो कही है. लेकिन पीडीपी कह रही है मीटिंग के लिए औपचारिक न्योता नहीं मिला.

हालांकि महबूबा ने पॉलिटिकल अफेयर कमेटी को चर्चा के लिए बुलाया है. रविवार यानी आज होने वाली इस बैठक में तय किया जाएगा कि पीएम के साथ होने वाली मीटिंग में पीडीपी शामिल होगी या नहीं और अगर होगी तो एजेंडा क्या होगा?

सूत्रों के मुताबिक महबूबा मुफ्ती ने बैठक के लिए हामी भर दी है. लेकिन फाइनल फैसला पार्टी की बैठक के बाद करेंगी. उधर नेशनल कॉन्फ्रेंस खेमे ने औपचारिक न्योते तक चुप्पी साधे रहने की रणनीति बनाई है. कहां बैठक होगी इस बारे में फैसला मंगलवार यानि 22 जून को लिया जाएगा.

गुपकार गुट के सभी दलों ने चर्चा को दी मंजूरी
सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री के साथ बैठक को लेकर गुपकार गुट के 6 में से लगभग सभी दलों ने मौटे तौर पर सकारात्मक संकेत दिए हैं. पीपुल्स पार्टी के सज्जाद लोन और जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी के अल्ताफ बुखारी बातचीत के पक्ष में हैं. महबूबा मुफ्ती और फारूक अब्दुल्ला भी औपचारिक न्योते का इंतजार कर रहे हैं.

सूत्रों के मुताबिक अवामी नेशनल कॉन्फ्रेस भी बातचीत के लिए तैयार है. इसके साथ ही CPIM ने भी बैठक में शामिल होने पर अच्छे संकेत दिए हैं. उधर जम्मू-कश्मीर कांग्रेस ने भी सर्वदलील बैठक का स्वागत किया है. उन्होंने कहा- बैठक के लिए न्योता तो नहीं मिला, लेकिन केंद्र की ओर से बातचीत के प्रस्ताव की सराहना होनी चाहिए. देर से सही लेकिन फैसला सही है.

सर्वदलीय बैठक का क्या है एजेंडा?
सवाल उठता है कि प्रधानमंत्री की इस सर्वदलीय बैठक का एजेंडा क्या होगा? सूत्रों के मुताबिक जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक गतिरोध खत्म करने और फिर से राज्य का दर्जा बहाल करने के साथ साथ विधानसभा चुनाव कराने पर चर्चा हो सकती है. इससे पहले शुक्रवार को दिल्ली में अमित शाह ने कश्मीर पर हाईलेवल बैठक की.