December 5, 2021

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कृषि कानून के वापसी के बाद किसानों के मुआवजे के लिए ‘किसान शहादत सम्मान राशि’

रायपुर,

कृषि कानून के वापसी के बाद अखिलेश यादव अब संयुक्त किसान मोर्चा के साथ सुर में सुर मिलाते हुए आंदोलन के दौरान मरने वाले किसान परिवारों को 25-25 लाख मुआवजा देने का ऐलान किया है. इतना ही नहीं किसानों के मुआवजे के लिए ‘किसान शहादत सम्मान राशि’ नाम रखा है.

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि कानून को वापस लेकर बड़ा दांव चला है. तीनों कृषि कानून को रद्द करने के प्रस्ताव को केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को मंजूरी भी दे दी है और शीतकालीन सत्र में अमलीजामा भी पहना दिया जाएगा. बीजेपी ने इस तरह से विपक्ष के हाथों से बड़ा मुद्दा छीन लिया है. ऐसे में अब सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने किसानों को साधे रखने के लिए बड़ा सियासी दांव चल दिया है. बता दें कि तीनों कृषि कानून की वापसी के ऐलान किए जाने के बाद से किसान आंदोलन में मरने वाले किसानों के मुआवजे की मांग उठ रही है. कृषि कानून के खिलाफ आंदोलन करने वाले संयुक्त किसान मोर्चा ने कानून वापसी के बाद पीएम मोदी को पत्र लिखकर कई मांग की थी. इसमें कृषि कानून के विरोध में किसान आंदोलन के दौरान मरने वाले किसानों के परिवार के लिए मुआवजे की मांग शामिल थी

क्योंकि वो ‘अन्य’ के जीवन के लिए ‘अन्न’ उगाता है. ऐसे में हम हम वचन देते हैं कि 2022 में समाजवादी पार्टी की सरकार के आते ही किसान आंदोलन के शहीदों को 25 लाख की ‘किसान शहादत सम्मान राशि’ दी जाएगी.संयुक्त किसान मोर्चा के मुताबिक एक साल से ज्यादा चले किसान आंदोलन के दौरान करीब 700 किसान शहीद हो चुके हैं. उनके परिवारों के मुआवजे और पुनर्वास की व्यवस्था की जाए. शहीद किसानों की स्मृति में एक शहीद स्मारक बनाने के लिए सिंधू बॉर्डर पर जमीन की व्‍यवस्‍था की जाए. इसके अलावा दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, यूपी और अनेक राज्यों में हजारों किसानों को इस आंदोलन के दौरान (जून 2020 से अब तक) सैकड़ों मुकदमों में फंसाया गया है. इन केसों को वापस लिए जाने की मांग की थी.