July 26, 2021

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मज़दूर कार्ड बनाने में लापरवाह निगम प्रशासन सफाई ठेकेदारों की लूट भी नहीं रोक रहा : संजय

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता व रायपुर नगर निगम के पूर्व सभापति संजय श्रीवास्तव ने राजधानी के नगर निगम में मज़दूर कार्ड बनवाने के लिए जमा करवाए गए आवेदनों पर प्रक्रिया आगे बढ़ाने के काम में बरती जा रही लापरवाही को लेकर निशाना साधा है। श्री श्रीवास्तव ने शहर में सफाई के नाम पर हर महीने लाखों रुपए का गोलमाल होने की ख़बर पर भी हैरत जताते हुए कहा है कि सफाई के लिए शहर के सभी वार्डों में ठेके पर कर्मचारी रखे गए हैं, जिनका शत-प्रतिशत भुगतान रोज़ ठेकेदार ले रहे हैं।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री श्रीवास्तव ने कहा कि आवेदन लेने के बाद भी निगम प्रशासन द्वारा मज़दूर बहुल वार्डों के लोगों के आवेदन तो ले लिए गए, लेकिन अभी तक निगम की ज़ोन टीम ने न तो पात्रता व दस्तावेज़ों की जाँच के बाद पात्र हितग्राहियों की अंतिम सूची बनवाई है और न ही उसे श्रम विभाग को भेजने की प्रक्रिया पूरी की है। श्री श्रीवास्तव ने कहा कि निगम प्रशासन की लापरवाही के चलते आवेदक मज़दूरों व उनके परिवार को शासन की योजनाओं पेंशन, उपचार सहायता राशि, दुर्घटना के मामलों में सहायता, मरणोपरांत देय राशि (एक्सीडेंटल लाइफ़ इंश्योरेंस), मातृत्व लाभ, घर बनवाने ऋण, शिक्षा सहायता, कौशल उन्नयन के लिए वित्तीय सहायता, बीपीएल कार्ड आदि का कोई लाभ नहीं मिल रहा है। श्री श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि निगम प्रशासन ने लॉकडाउन की आड़ में मज़दूरों के हितों से खिलवाड़ करने का काम किया है और आवेदनों व दस्तावेज़ों की जाँच करके रिपोर्ट मुख्यालय तक को नहीं भेजे जाने पर आक्रोश जताया। वार्ड प्रतिनिधि भी इस बात को लेकर हैरान हैं कि आवेदन श्रम विभाग तक भी नहीं पहुँचे हैं।

सफाई ठेकेदार रोज़ हज़ारों रुपए का चूना लगा रहे, निगम प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री श्रीवास्तव ने नगर निगम में शहर में सफाई के नाम पर लाखों रुपए के गोलमाल की ख़बरों के परिप्रेक्ष्य में कहा कि शहर के सभी वार्डों में सफाई कर्मचारियों की व्यवस्था करने और सफाई कराने के लिए नियुक्त ठेकेदार प्रति वार्ड औसतन 30 से 50 कर्मचारियों के हिसाब से रोज़ का 06 से 08 हज़ार रुपए भुगतान लेते हैं। श्री श्रीवास्तव ने कहा कि इनमें सभी सफाई कर्मचारी मौक़े पर मौज़ूद नहीं मिलते, बावज़ूद इसके ग़ैरहाज़िर कर्मचारियों के नाम से भी राशि ठेकेदार ले रहे हैं। ज़ीरो प्रॉफिट में सफाई का ठेका लेने वाले ठेकेदार वार्डों में पूरी संख्या में लफाई कर्मचारी न भेजकर उनके वेतन की राशि ख़ुद डकार रहे हैं। ज़ोन के अधिकारी ज़िम्मा सौंपे जाने के बाद भी इस मामले की जाँच करने मौक़े पर नहीं जा रहे हैं। श्री श्रीवास्तव ने कहा कि एक तरफ प्रदेश सरकार और निगम प्रशासन ने कोरोना की पहली लहर और लॉकडाउन के समय सफाई कर्मचारियों को वेतन काटने के ख़िलाफ़ आंदोलन को मज़बूर किया था और दूसरी तरफ सफाई ठेकेदार निगम को रोज़ हज़ारों रुपए का चूना लगा रहे हैं, जिस पर निगम प्रशासन ध्यान ही नहीं दे रहा है।