June 22, 2021

Dainandini

Chhattisgarh Fastest Growing News Portal

छत्तीसगढ़ में अपने ही विभाग में हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ अनशन पर बैठे अध‍िकारी

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में अपने ही विभाग में हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ एक जिला स्तर के अधिकारी अनशन पर बैठ गए हैं. गरीब कन्याओं के मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह योजना के तहत मिलने वाली राशि में कथित घोटाले और गरीब कुपोषित बच्चों के साथ गर्भवती महिलाओं को मिलने वाले रेडी टू ईट को बेहद घटिया देकर किए गए भ्रष्टाचार पर कार्रवाई की मांग लेकर महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला अधिकारी अनशन पर बैठ गए हालांकि शाम जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी सुधाकर बोंदले को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. उन्हें बिना अनुमति के अनशन पर प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया.

महासमुंद में पदस्थ बोंदले का आरोप है कि मार्च 2020 एवं 2021 में मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह योजना के तहत गरीब कन्याओं की शादी मे दिए गए सरकारी उपहार सामग्री बेहद घटिया स्तर के थे. जिसकी कीमत 12 हजार रुपये बताई गई है, उसकी कीमत बाजार में 7 हजार रुपये से भी कम है. इसी प्रकार गरीब कुपोषित बच्चों और गरीब गर्भवती महिलाओं को दिए गए रेडी टू ईट की गुणवत्ता भी निम्न स्तर का है. सोया चना की जगह पर घटिया गेहूं की मात्रा अधिक है.

सुधाकर बोंदले ने स्वयं सभी की जांच की थी और इस 30 लाख रुपए से अधिक के भ्रष्टाचार की जांच रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजा था. पर साल भर बाद भी जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो बोंदले अपने ही निवास में अनशन पर बैठ गए.

इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को ट्वीट पर लिखा, ‘महासमुंद जिले के महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री सुधाकर बोदले कन्या विवाह व रेडी टू ईट खाद्यान्न वितरण में भ्रष्टाचार को लेकर आमरण अनशन पर हैं. आपसे निवेदन है दोषियों पर आवश्यक कार्यवाई हेतू मामले की निष्पक्ष जांच रिटायर्ड जज की निगरानी में की जानी चाहिए.

error: Content is protected !!