July 26, 2021

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जन्मदिन विशेष: राजेश खन्ना, ऐसी दीवानगी अब तक किसी स्टार के लिए नज़र नहीं आयी

हिंदी फिल्म जगत में राजेश खन्ना वो नाम है जिसने हिंदी सिनेमा को नया आयाम दिया और उनके अपने स्टाइल का लोग पागलपन की हद तक दीवाने हो गए। उनकी आंख झपकाने और गर्दन टेढ़ी करने की अदा के लोग दीवाने थे। राजेश खन्ना को लड़कियां बेहद पसंद करती थी। वे हिंदी फिल्म जगत के पहले सुपर स्टार कहलाये और यहीं से सुपरस्टार शब्द सबसे ज्यादा प्रसिद्धी पाने वाले स्टार के लिए कहा जाने लगा।

राजेश खन्ना लड़कियों के बीच बेहद लोकप्रिय थे। वे रोमोंटिक हीरो के रूप में ज्यादा प्रसिद्ध थे। राजेश खन्ना की दीवानगी में लड़कियों ने उन्हें खून से खत लिखे। उनसे शादी की चाहत उस दौर ज्यादतर लड़कियां रखती थीं इसी के चलते कई लड़कियों ने उनके फोटो से शादी रचाई। राजेश खन्ना के प्यार कई लड़कियां दीवानी थी दीवानगी का आलम यह था कि कुछ लड़कियों ने उनके नाम अपने हाथों या जांघ पर भी गुदवा डाले। लड़कियां उनका फोटो तकिये के नीचे रखकर सोती थी। राजेश खन्ना की सफेद रंग की कार रुकती थी तो कहा जाता है लड़कियां उस कार को ही चूम लेती थी। लिपिस्टिक के निशान से सफेद रंग की कार गुलाबी हो जाया करती थी। कहा जाता है कि वे लंबे समय तक सुपर स्टार नहीं थे लेकिन उनके लिए लड़कियां में जो दीवानगी थी वह आज तक किसी भी स्टार के लिए नज़र नहीं आयी। उनकी को स्टार शर्मिला टैगोर और मुमताज राजेश खन्ना की लोकप्रियता की गवाह रही हैं, उनका कहना है कि लड़कियों के बीच राजेश जैसी लोकप्रियता बाद में उन्होंने कभी नहीं देखी।

उन्होंने शर्मिला टैगोर, मुमताज, आशा पारेख, वहीदा रहमान के साथ काम किया। मुमताज उनके घर के पास ही रहती थी। मुमताज ने जब शादी की और विदेश में बस गई तो राजेश खन्ना को काफी दुख हुआ था। राजेश खन्ना निजी जीवन में भी काफी रोमांटिक थे। अभिनेत्री अंजू महेन्द्र से उनका लंबा अफेयर चला लेकिन बाद में दोनो अलग हो गए जिसका कारण दोनो ने आजतक नहीं बताया। अंजू महेन्द्र ने वेस्टइंडीज के ऑलराउंडर क्रिकेटर सर गैरी सोबर्स से शादी कर सबको चौका दिया वहीं, अचानक राजेश खन्ना ने डिंपल से शादी कर ली। राजेश खन्ना ने डिंपल को अचानक शादी के प्रपोज किया था। तब दोनो रात में समुद्र के किनारे टहल रहे थे। राजेश खन्ना के प्रपोज को डिंपल ने भी हामी भर दी और दोनो ने शादी कर ली। तब डिंपल से राजेश खन्ना उम्र में दोगुने थे। दोनो की दो बेटियां टि्वंकल और रिंकल हैं। टि्वंकल अपने पिता के बेहद करीब थी। दोनो का जन्म दिन 29 दिसंबर को ही है। राजेश खन्ना के जन्म दिन पर उनके प्रशंसक ट्रकों फूल भेजा करते थे। तब राजेश खन्ना टि्वंकल को बहलाने के लिए कहा करते थे ये फूल तुम्हारे जन्मदिन पर आये है। अभिनेत्रियों के साथ राजेश खन्ना की हिट जोड़ी की बात की जाए तो शर्मिला टैगोर और मुमताज के साथ उनकी जोड़ी सुपरहिट रही। शर्मिला टैगोर के साथ उनकी फिल्में आराधना, सफर, बदनाम फरिश्ते, छोटी बहू, अमर प्रेम, राजा-रानी, और आविष्कार व मुमताज के साथ दो रास्ते, बंधन, सच्चा-झूठा, दुश्मन, अपना देश, आपकी कसम, रोटी तथा प्रेम कहानी सुपर फिल्में रहीं।

राजेश खन्ना को उनके चाचा ने गोद लिया था। पहले उनका नाम जतिन था उनके चाचा ने उनका नाम राजेश खन्ना रखा बाद में लोग उन्हें इसी नाम से जानने लगे। उनके चाचा ने उन्हें बेहद लाड़प्यार से पाला था। वे जब फिल्मों नहीं आये थे तब भी उनके पास पैसों की कमी नहीं थी। फिल्मों में काम मांगने के लिए भी वे अपनी महंगी कार में जाया करते थे।

उनकी कई फिल्में लगातार हिट रहीं इसी के चलते उन्हें साइन करने के लिए निर्माता निर्देशक उनके दफ्तर के बाहर लाइनों में खड़े रहते थे। एक बार तो वे अस्पताल में भर्ति हुए तो उनके अगल बगल वाले कमरों को निर्माता निर्देशकों ने बुक करवा लिए ताकि उनके ठीक होते ही उन्हें साइन कर सकें।

राजेश खन्ना की फिल्मों की सफलता में संगीत का बड़ा योगदान था। संगीतकार आरडी बर्मन और गायक किशोर कुमार उनकी फिल्मी जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे। राजेश खन्ना की फिल्मों के अधिकांश गाने आरडी और किशोर की जोड़ी के थे। इनके बनाए और राजेश पर फिल्माए अधिकांश गीत हिट साबित हुए और आज भी सुने जाते हैं। किशोर ने 91 फिल्मों में राजेश को आवाज दी तो आरडी ने उनकी 40 फिल्मों में संगीत दिया। अपनी फिल्मों के संगीत को लेकर राजेश खन्ना हमेशा सजग रहते थे। वे गाने की रिकॉर्डिंग के वक्त स्टुडियो में रहना पसंद करते थे और अपने सुझावों से संगीत निर्देशकों को अवगत कराते थे।

अमिताभ बच्चन के फिल्मी दुनिया में प्रवेश के बाद एंग्रीयंग मैन की छवि ने फिल्मी दुनिया में राजेश खन्ना की रोमांटिक फिल्मों के प्रति दर्शकों का रूझान कम होने लगा। अमिताभ की जंजीर के हिट होने के बाद राजेश खन्ना की कई रोमांटिक फिल्में असफल रही। दोनो को हमेशा एक दूसरे का प्रतिव्दंदी माना जाने लगा। कहा जाता है कि राजनीति पर बनी राजेश खन्ना की आज का एमएलए और अमिताभ की इंकलाब एक दूसरे के विरूद्ध सिनेमाघरों में आयी। दोनो ही फिल्मों को दर्शकों ने नकार दिया। एक्शन फिल्मों जंजीर और शोले की अपार सफलता के बाद अमिताभ बच्चन को लोग पसंद करने लगे थे जिसके बाद राजेश खन्ना ने कई महत्वपूर्ण फिल्मों को ठुकरा दिया जिनमें अमिताभ को काम मिला और वे सुपरहिट फिल्में बनी।

1966 में उन्हें पहली बार फिल्म ‘आखिरी खत’ में अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिला। इस फिल्म के बाद राजेश खन्ना ने कई फिल्मों में काम किया और 1969 में आई फिल्म ‘आराधना’ ने उन्हें जबर्दस्त कामयाबी दिलाई। इस फिल्म का संगीत बेहद लोकप्रिय हुआ। ‘आराधना’ के बाद राजेश खन्ना का हिट फिल्मों का ग्राफ ऊंचा ही होता गया। 1970 में राजेश खन्ना को फिल्म ‘सच्चा-झूठा’ के लिए पहला फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला। इसके बाद कटी पतंग, आनंद, आन मिलो सजना, महबूब की मेंहदी, हाथी मेरे साथी, अंदाज, दो रास्ते, दुश्मन, बावर्ची, मेरे जीवन साथी, जोरू का गुलाम, अनुराग, दाग, नमक हराम और हमशक्ल जैसी सुपरहिट फिल्में उनके खाते में आईं। फिल्म ‘आनंद’ को राजेश खन्ना की फिल्मों का मील का पत्थर कहा जा सकता है इसमें राजेश खन्ना का अभिनय गजब का था। इस फिल्म के अभिनय के लिए 1971 में उन्हें लगातार दूसरी बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि फिल्म आनंद में मिली सफलता के बाद मुझे ऐसा लगा जैसे मैं भगवान के बगल में हूं। पहली बार मैंने महसूस किया कि सफलता क्या होती है। बंगलुरु में इस फिल्म के प्रीमियर के समय करीब दस मील तक सड़क पर लोगों के सिर के सिवा और कुछ दिखाई नहीं दे रहा था।

तीसरा फिल्म फेयर पुरस्कार राजेश खन्ना को फिल्म ‘आविष्कार’ के लिए मिला और 2005 में उन्हें फिल्मफेयर का लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड मिला। बंगाल फिल्म जर्नलिस्ट एसोसिएशन द्वारा हिन्दी फिल्मों के सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार भी अधिकतम चार बार उनके ही नाम रहा।

राजेश खन्ना के लोकप्रियता का आलम यह था कि एक डायलॉग उस दौरान काफी लोकप्रिय था। राजेश खन्ना को लेकर फिल्म बनाना मतलब फायदे की बात थी। इसी संदर्भ में कहा जाता था… उपर आका नीचे काका। राजेश खन्ना हमारे बीच नहीं लेकिन उनकी अभिनय क्षमता और उनका अपना अंदाज और उनका स्टारडम हमेशा उनकी याद दिलाता रहेगा।