December 5, 2021

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PM नरेन्द्र मोदी का 71वां जन्मदिन आज, देश में रिकॉर्ड टीकाकरण का लक्ष्य, BJP ने शुरू किया सेवा-समर्पण अभियान

रायपुर,


पीएम के जन्मदिन के मौके पर आज सबसे बड़ा प्रोग्राम कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर है। आज देशभर में डेढ़ करोड़ वैक्सीन लगाने का टारगेट है। इसके अलावा बीजेपी आज से सेवा और समर्पण अभियान की शुरुआत कर रही है।

आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का 71वां जन्मदिन  है  और आज इस मौके पर देशभर में कई बड़े कार्यक्रम हो रहे हैं लेकिन पीएम मोदी के समर्थकों ने कल से ही जन्मदिन के जश्न की शुरुआत कर दी है। समर्थक अपने-अपने तरीके से प्रधानमंत्री मोदी का जन्मदिन मना रहे हैं। किसी ने 71 किलो के लड्डू वाला केक काटा तो किसी ने वैक्सीन शेप में बने 71 फीट का केक काटा, वाराणसी के गंगा घाट पर भी पीएम के बर्थडे पर विशेष गंगा आरती की गई।

  • पीएम मोदी के जन्मदिन पर मेगा वैक्सीन अभियान
  • आज देश भर में 1.5 करोड़ को वैक्सीन लगाने का टारगेट
  • पीएम मोदी को मिले 1300 तोहफों की नीलामी होगी
  • आज 1.5 करोड़ लोगों को लगाई जाएगी वैक्सीन

पीएम के जन्मदिन के मौके पर आज सबसे बड़ा प्रोग्राम कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर है। आज देशभर में डेढ़ करोड़ वैक्सीन लगाने का टारगेट है। इसके अलावा बीजेपी आज से सेवा और समर्पण अभियान की शुरुआत कर रही है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा सुबह पौने ग्यारह बजे दिल्ली में बीजेपी के हेडक्वार्टर से इस अभियान की शुरुआत करेंगे। मेगा वैक्सीनेशन के इस प्रोग्राम में भी बीजेपी के हेल्थ वॉलंटियर्स की फौज जुटेगी और इस टारगेट को हासिल करने की कोशिश करेगी।
इसके साथ ही आज पीएम मोदी को मिलने वाले उपहारों की नीलामी भी की जाएगी और इस रकम को नमामि गंगे प्रोजेक्ट में इस्तेमाल किया जाता है। बीजेपी से जुड़े दूसरे संगठन भी आज से कई प्रोग्राम शुरू कर रहे हैं।

पीएम मोदी के जन्मदिन के लिए बीजेपी ने पूरे देश में 20 दिन के एक अभियान की योजना बनाई है जिसे ‘सेवा और समर्पण अभियान’ का नाम दिया गया है। इसके लिए बीजेपी ने चार सदस्यीय एक समिति बनाई है, जिससे अभियान के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जा सकें। इस समिति का नेतृत्व कैलाश विजयवर्गीय कर रहे हैं। बीजेपी सांसद विजय गोयल सुबह 11 बजे आईटीओ से लालकिले तक तिरंगा यात्रा निकाल कर पीएम का जन्मदिन मनाएंगे।

वाराणसी में की गई विशेष गंगा आरती

पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में विशेष गंगा आरती की गई। इस आरती के दौरान पीएम मोदी की लंबी उम्र की कामना की गई। गंगा के तटों पर दीये जलाकर भी प्रार्थना की गई। पीएम मोदी जन्मदिन के मौके पर काशी नहीं जा पा रहे हैं लेकिन उनके प्रशंसक कल से ही उनको शुभकामनाएं देने के लिए कई तरह के प्रोग्राम कर रहे हैं। इस मौके पर मंत्रोच्चार के ज़रिए पीएम मोदी की लंबी उम्र की कामना की गई, साथ ही 71 किलो का लड्डू केक भी काटा गया। इस मौके पर पीएम मोदी के जीवन और कामों को समेटे एक पुस्तक भी लॉन्च की गई। आज से वाराणसी में और भी कई कार्यक्रम होने हैं, जिनमें गंगा की सफाई का सबसे बड़ा अभियान भी शामिल है।

भोपाल में काटा गया 71 फीट का केक

भोपाल में पीएम मोदी के लिए 71 फीट लंबा केक काटा गया। खास बात ये रही कि इस केक की थीम कोरोना वैक्सीन की तर्ज पर रखी गई थी, पूरे केक का लुक एक वैक्सीन की तरह नज़र आ रहा था। पीएम मोदी के समर्थकों ने इस मौके पर अपने हाथों में टैटू भी बनवाए और वैक्सीन लगवाकर जागरुकता का संदेश दिया।

आइये जानते है मोदीजी के बारे में>>>>

नरेन्द्र दामोदरदास मोदी जन्म: 17 सितम्बर 1950 को हुआ ,  26 मई 2014 से अब तक लगातार दूसरी बार वे भारत के प्रधानमन्त्री बने हैं तथा वाराणसी से लोकसभा सांसद भी चुने गये हैं । वे भारत के प्रधानमन्त्री पद पर आसीन होने वाले स्वतंत्र भारत में जन्मे प्रथम व्यक्ति हैं। इससे पहले वे 7 अक्तूबर 2001 से 22 मई 2014 तक गुजरात के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। मोदी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सदस्य हैं।

 

वडनगर के एक गुजराती परिवार में पैदा हुए, मोदी ने अपने बचपन में चाय बेचने में अपने पिता की मदद की, और बाद में अपना खुद का स्टाल चलाया। आठ साल की उम्र में वे आरएसएस से जुड़े, जिसके साथ एक लंबे समय तक सम्बंधित रहे। स्नातक होने के बाद उन्होंने अपने घर छोड़ दिया। मोदी ने दो साल तक भारत भर में यात्रा की, और कई धार्मिक केन्द्रों का दौरा किया। 1969 या 1970 वे गुजरात लौटे और अहमदाबाद चले गए। 1971 में वह आरएसएस के लिए पूर्णकालिक कार्यकर्ता बन गए। 1975 में देश भर में आपातकाल की स्थिति के दौरान उन्हें कुछ समय के लिए छिपना पड़ा। 1985 में वे बीजेपी से जुड़े और 2001 तक पार्टी पदानुक्रम के भीतर कई पदों पर कार्य किया, जहाँ से वे धीरे धीरे भाजपा में सचिव के पद पर पहुँचे।

 

गुजरात भूकम्प 2001, (भुज में भूकंप) के बाद गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल के असफल स्वास्थ्य और ख़राब सार्वजनिक छवि के कारण नरेंद्र मोदी को 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री नियुक्त किया गया। मोदी जल्द ही विधायी विधानसभा के लिए चुने गए। 2002 के गुजरात दंगों में उनके प्रशासन को कठोर माना गया है, इस दौरान उनके संचालन की आलोचना भी हुई। हालांकि सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त विशेष जांच दल (एसआईटी) को अभियोजन पक्ष की कार्यवाही शुरू करने के लिए कोई सबूत नहीं मिला।मुख्यमंत्री के तौर पर उनकी नीतियों को आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करने के लिए श्रेय दिया गया।

 

वे गुजरात राज्य के 14वें मुख्यमन्त्री रहे। उन्हें उनके काम के कारण गुजरात की जनता ने लगातार 4 बार (2001 से 2014 तक) मुख्यमन्त्री चुना। गुजरात विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त नरेन्द्र मोदी विकास पुरुष के नाम से जाने जाते हैं और वर्तमान समय में देश के सबसे लोकप्रिय नेताओं में से हैं , टाइम पत्रिका ने मोदी को पर्सन ऑफ़ द ईयर 2013 के 42 उम्मीदवारों की सूची में शामिल किया है।

 

अटल बिहारी वाजपेयी की तरह नरेन्द्र मोदी एक राजनेता और कवि हैं। वे गुजराती भाषा के अलावा हिन्दी में भी देशप्रेम से ओतप्रोत कविताएँ लिखते हैं।

उनके नेतृत्व में भारत की प्रमुख विपक्षी पार्टी भारतीय जनता पार्टी ने 2014 का लोकसभा चुनाव लड़ा और 282 सीटें जीतकर अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की।

 

 

एक सांसद के रूप में उन्होंने उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक नगरी वाराणसी एवं अपने गृहराज्य गुजरात के वडोदरा संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ा और दोनों जगह से जीत दर्ज़ की। उनके राज में भारत का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश एवं बुनियादी सुविधाओं पर खर्च तेज़ी से बढ़ा। उन्होंने अफसरशाही में कई सुधार किये तथा योजना आयोग को हटाकर नीति आयोग का गठन किया।

 

इसके बाद वर्ष 2019 में भारतीय जनता पार्टी ने उनके नेतृत्त्व में दोबारा चुनाव लड़ा और इस बार पहले से भी ज्यादा बड़ी जीत हासिल हुई। पार्टी ने कुल 303 सीटों पर जीत हासिल की। भाजपा के समर्थक दलों यानी एनडीए को कुल 352 सीटें प्राप्त हुईं । 30 मई 2019 को शपथ ग्रहण कर नरेंद्र मोदी लगातार दूसरी बार प्रधानमंत्री बने।

 

2019 के आम चुनाव में उनकी पार्टी की जीत के बाद, उनके प्रशासन ने जम्मू और कश्मीर की विशेष राज्य का दर्जा को रद्द कर दिया। उनके प्रशासन ने नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 भी पेश किया, जिसके परिणामस्वरूप देश भर में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए। मोदी अपने हिंदू राष्ट्रवादी विश्वासों और 2002 के गुजरात दंगों के दौरान उनकी कथित भूमिका पर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद का एक आंकड़ा बना हुआ है , जिसे एक बहिष्कारवादी सामाजिक एजेंडे के प्रमाण के रूप में उद्धृत किया गया है। मोदी के कार्यकाल में, भारत ने लोकतांत्रिक बैकस्लेडिंग का अनुभव किया है।