January 21, 2022

Dainandini

Chhattisgarh Fastest Growing News Portal

मतदान के लिए श्रमिकों को मिलेगा अवकाश,प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत प्रभावित किसानों को मिलेगा फायदा

हनीफ बख्श,बिलासपुर 

 

छ.ग. राज्य निर्वाचन आयोग रायपुर के निर्देशानुसार  त्रिस्तरीय पंचायत उप निर्वाचन 2021-22 में संपन्न होने वाले जनपद पंचायत सदस्य, सरपंच एवं पंच पद के उप निर्वाचन में मतदान दिवस 20 जनवरी 2022 को बिलासपुर जिले के जनपद पंचायत बिल्हा के संबंधित निर्वाचन क्षेत्र ग्राम पंचायत करमा, बसहा, रामपुर, भिल्मी, उच्चभट्ठी, पेण्डरवा (द), बोड़सरा, बिटकुली (द), डगनिया एवं जनपद पंचायत मस्तूरी के संबंधित निर्वाचन क्षेत्र ग्राम पंचायत भनसेर, भटचौरा, नरगोड़ा, कौड़िया, विद्याडीह (टा) और जनपद पंचायत कोटा के संबंधित निर्वाचन क्षेत्र ग्राम पंचायत उपका, मटसगरा, जनपद पंचायत तखतपुर के संबंधित निर्वाचन क्षेत्र ग्राम पंचायत खजुरीनवागांव, पेण्डारी, भरनी, बिनौरी, बहतराई, चिचिरदा, साल्हेकापा, पाली, बहुरता, छतौना, जरेली, विजयपुर में आने वाले समस्त कारखानों, स्थापनाओं में जो कारखाना अधिनियम 1948 एवं दुकान एवं स्थापना अधिनियम 1958 के अंतर्गत आते हैं, में कार्यरत् श्रमिक एवं कर्मचारियों को मतदान करने के लिए अवकाश घोषित किया गया है।

ऐसे कारखाने जो सप्ताह में सातों दिन कार्य करते हैं, वहां प्रथम एवं द्वितीय पाली के श्रमिकों को मतदान हेतु दो-दो  घण्टे का अवकाश तथा जो कारखाने निरंतर प्रकिया के अंतर्गत आते हैं, उनमें काम करने वाले श्रमिकों को बारी-बारी से मतदान करने की सुविधा दी गई है।

फसल क्षति की सूचना दें किसान
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत प्रभावित किसानों को मिलेगा फायदा
असामायिक वर्षा के फलस्वरूप फसलों को होने वाली क्षति के संबंध मंे क्रियान्वयन बीमा कंपनी बजाज एलायंज जनरल इंश्योरेंस को सीधे टोल फ्री नंबर 1800-209-5959 अथवा कंपनी के फार्ममित्र एप के माध्यम से किसान सूचना दर्ज करा सकते है। साथ ही ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी को भी फसल क्षति की लिखित सूचना निर्धारित समयावधि 72 घंटे के भीतर बीमित फसल के ब्योरे, एप्लीकेशन आईडी, खाता नंबर, आधार नंबर तथा मोबाइल नंबर सहित दे सकते है।
उल्लेखनीय है कि विगत दिनों जिले मंे पश्चिमी विछोभ के कारण असामयिक वर्षा दर्ज की गयी है। इस असामयिक वर्षा से रबी फसलों को नुकसान हुआ है, जिससे प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अधिसूचित ग्राम के अधिसूचित फसल गेहूं सिंचित चना एवं राई-सरसों फसलों को नुकसान होने की स्थिति में बीमित किसान को दावा भुगतान का प्रावधान है। बीमित किसान को फसल नुकसान की सूचना बीमा कंपनी, कृषि विभाग, राजस्व विभाग एवं बैंक को घटना के 72 घंटे के भीतर देना होगा। जो कृषक प्रभावित हुए है, वे दावा भुगतान के लिए पात्र होंगे।

मस्तूरी में शासकीय उचित मूल्य की दुकानों के संचालन हेतु आवेदन 17 जनवरी तक आमंत्रित

बिलासपुर 14 जनवरी 2022। छ.ग. सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2016 की कंडिका 9 के तहत् विकासखण्ड मस्तूरी के शास. उचित मूल्य की सोनसरी, देवगांव, बकरकुदा, सीपत के संचालन हेतु विकासखण्ड मस्तूरी के इच्छकु समूहों एवं संस्थाओं से निर्धारित प्रारूप मंे बंद लिफाफे में 17 जनवरी 2022 तक आवेदन आमंत्रित किया गया है।

इन ग्राम पंचायतों में शासकीय उचित मूल्य के दुकान संचालन हेतु वृहदाकार आदिम जाति बहुदेशीय सहकारी समिति (लेम्पस), प्राथमिक कृषि साख समिति, वन सुरक्षा समिति, महिला स्व सहायता समूह, ग्राम पंचायत एवं स्थानीय नगरीय निकाय, अन्य उपभोक्ता सहकारी समिति तथा राज्य शासन द्वारा विनिर्दिष्ट उपक्रम के ही आवदेन स्वीकार किये जाएंगे।

उचित मूल्य की दुकानों के आबंटन हेतु सहकारी समितियों एवं महिला स्व सहायता समूहों का आवेदन पत्र प्राप्त होने की तारीख से कम से कम 03 माह पूर्व पंजीकृत एवं कार्यरत हो तथा जिसे सामाजिक-आर्थिक क्षेत्र में कार्य करने का अनुभव हो। आवेदन पत्र केवल प्रारूप में ही स्वीकार किया जाएगा। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि के बाद प्राप्त होने वाले आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा। लिफाफे के ऊपर संबंधित ग्राम पंचायत के नाम सहित शासकीय उचित मूल्य दुकान के पंजीयन का उल्लेख करते हुए दुकान संचालन हेतु आवेदन पत्र अनिवार्य रूप से लिखा होना चाहिए।

आवेदन पत्र के साथ समिति एवं संस्था के पंजीयन की सत्यापित छायाप्रति एवं समिति एंव संस्था के सदस्यों के नाम, पदनाम, पते एवं मोबाईल नंबर की जानकारी, समिति, समूह, नगर पंचायत के बचत बैंक खाता की छायाप्रति एवं अंतिम 3 माह का स्टेटमेंट, शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालन हेतु समूह,समिति, पंचायत का उद्घोषणा दिनांक के बाद की तिथि में पारित प्रस्ताव एवं गर्त वर्ष समिति पंजीयन के नवीनीकरण पावती की प्रमाणित प्रतिलिपि संलग्न करना आवश्यक है।

सार्वभौम पीडीएस से हर परिवार को मिल रही है खाद्य सुरक्षा की गारंटी, 4 लाख 84 हजार से अधिक राशनकार्ड धारियों को दिया जा रहा है लाभ
बिलासपुर 14 जनवरी 2022। राज्य सरकार के सार्वभौम सार्वजनिक वितरण के जरिए छत्तीसगढ़ के हर परिवार को खाद्य सुरक्षा की गारंटी मिल रही है। बिलासपुर जिले में 4 लाख 84 हजार 355 राशनकार्डधारी योजना से लाभान्वित हो रहे हैं।

इस महत्वाकांक्षी योजना से न केवल गरीब परिवारों को न्यूनतम दर पर पर्याप्त खाद्यान्न व जरूरी सामग्री मिल रही है, अपितु सामान्य परिवारों को भी एपीएल कार्ड के जरिए 35 किलों खाद्यान्न प्रत्येक माह उपलब्ध हो रहा है। कोरोना महामारी के दौरान लॉकडाउन के कारण रोज कमाने तथा खाने एवं कम आय वाले लोगों की सबसे बड़ी समस्या भोजन को लेकर थी। ऐसे वर्ग के लोगों के लिए सार्वभौम पीडीएस योजना बहुत ही मदद्गार साबित हुई।

बिलासपुर जिले में खाद्य एवं पोषण सुरक्षा अधिनियम 2012 एवं छ.ग. सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2016 के अंतर्गत विभिन्न श्रेणियों के 4 लाख 84 हजार 355 राशनकार्ड जारी किए गए हैं। जिसमें 89 हजार 245 अंत्योदय राशनकार्ड, 3 हजार 777 निराश्रत राशनकार्ड, 3 लाख 16 हजार 934 प्राथमिकता वाले कार्ड, 714 निःशक्तजन कार्ड और 73 हजार 685 एपीएल कार्ड जारी किए गए है।

अंत्योदय परिवारों को प्रत्येक माह 35 किलो चावल एक रूपए प्रति किलो के दाम पर उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी तरह 5 रूपए प्रति किलो के दाम पर अनुसूचित क्षेत्र एवं माडा क्षेत्र के अंत्योदय श्रेणी के हितग्राहियों को प्रत्येक माह दो किलो चना दिया जाता है। अनुसूचित क्षेत्र में इन हितग्राहियों को 2 किलो प्रति परिवार और गैर एवं अनुसूचित क्षेत्र में एक किलो प्रति परिवार रिफाइंड आयोडाइड नमक मुफ्त में दिया जाता है।

प्राथमिकता कार्डधारी परिवारों को एक सदस्य वाले राशनकार्ड हेतु 10 किलो, दो सदस्य वाले राशनकार्ड हेतु 20 किलो, तीन से पांच सदस्य वाले राशनकार्ड हेतु 35 किलो और पांच से अधिक सदस्य वाले राशनकार्ड हेतु प्रत्येक सदस्य को 7 किलो चावल, एक रूपए किलो में प्रत्येक माह दिया जा रहा है। अनुसूचित क्षेत्र एवं माडा क्षेत्र के प्राथमिकता वाले परिवारों को 5 रूपए प्रति किलो के दाम पर 2 किलो चना भी प्रत्येक परिवार को दिया जाता है। प्राथमिकता वाले परिवारों को अनुसूचित क्षेत्र में 2 किलो और गैर अनुसूचित क्षेत्र में 1 किलो रिफाइंड आयोडाइड नमक प्रत्येक माह मुफ्त में दिया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ सरकार ने अभिनव पहल करते हुए सामान्य परिवारों को भी 10 रूपए प्रति किलो चावल देने की व्यवस्था की है। एक सदस्य वाले एपीएल कार्ड हेतु 10 किलो प्रति माह, दो सदस्य वाले राशनकार्ड हेतु 20 किलो प्रति माह, तीन एवं अधिक सदस्य वाले एपीएल राशनकार्ड हेतु 35 किलो चावल प्रति माह उपलब्ध कराया जा रहा है।

जिले में 668 उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से सार्वभौम पीडीएस का संचालन किया जा रहा है। इन दुकानों में 242 दुकानें सहकारी समितियों द्वारा संचालित है। इसी तरह महिला स्व सहायता समूहों द्वारा 212 और ग्राम पंचायतों द्वारा 212 दुकानें तथा 714 दुकानें निःशक्तजनों द्वारा संचालित है।