छत्तीसगढ़ / बिलासपुर
हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: कलेक्टर को नहीं CEO हटाने का अधिकार, आदेश रद्द
बिलासपुर । छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में कलेक्टर की प्रशासनिक शक्तियों की सीमा तय करते हुए स्पष्ट किया है कि जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) का प्रभार बदलने का अधिकार कलेक्टर को नहीं है। कोर्ट ने कलेक्टर द्वारा जारी आदेश को निरस्त कर याचिकाकर्ता शुभा दामोदर मिश्रा को उनके पद पर बहाल करने के निर्देश दिए हैं।
मामले की सुनवाई पार्थ प्रतिम साहू की एकलपीठ में हुई। याचिकाकर्ता शुभा दामोदर मिश्रा को 18 जून 2025 को आदिम जाति विकास विभाग द्वारा जनपद पंचायत गौरेला में CEO पद पर नियुक्त किया गया था। वे लगातार इस पद पर कार्यरत थीं।
हालांकि, 11 मार्च 2026 को गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के कलेक्टर ने आदेश जारी कर उन्हें पद से हटाते हुए सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास कार्यालय में पदस्थ कर दिया था। इस फैसले को चुनौती देते हुए उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
याचिका में दलील दी गई कि 11 अप्रैल 2025 के शासन सर्कुलर के अनुसार, राज्य सरकार द्वारा नियुक्त CEO को हटाने का अधिकार कलेक्टर को नहीं है। कोर्ट ने इस तर्क को स्वीकार करते हुए कलेक्टर के आदेश को अवैध करार दिया और याचिकाकर्ता को पुनः उनके मूल पद पर बहाल करने का निर्देश दिया।
अटल बिहारी वाजपेयी विवि के नए कुलपति बने प्रो. ललित प्रकाश पटेरिया
बिलासपुर। अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में गुरुवार को आयोजित एक संक्षिप्त समारोह में प्रो. (डॉ.) ललित प्रकाश पटेरिया ने नवनियुक्त कुलपति के रूप में विधिवत पदभार ग्रहण कर लिया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक और कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का माहौल औपचारिक गरिमा, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा।
पदभार ग्रहण के बाद अपने संबोधन में प्रो. पटेरिया ने विश्वविद्यालय के भावी विजन को स्पष्ट करते हुए कहा कि उच्च शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञानार्जन तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि छात्रों में जिम्मेदारी, नवाचार और मानवीय संवेदनशीलता का विकास भी जरूरी है।
उन्होंने अपनी प्राथमिकताओं में शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुसंधान को बढ़ावा, प्रशासनिक पारदर्शिता और विद्यार्थियों के समग्र कल्याण को सर्वोच्च स्थान देने की बात कही। साथ ही “एक और एक ग्यारह” की भावना पर जोर देते हुए उन्होंने टीम वर्क और सामूहिक सहभागिता को संस्थान की असली ताकत बताया।
नवनियुक्त कुलपति ने विश्वास जताया कि साझा प्रयासों और संवाद आधारित कार्यसंस्कृति के जरिए विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय पहचान को और मजबूत किया जाएगा।
समारोह के अंत में कुलसचिव डॉ. तारनीश गौतम ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। उपस्थित सभी सदस्यों ने नए कुलपति का स्वागत करते हुए विश्वविद्यालय के उज्ज्वल भविष्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
जग्गी हत्याकांड में बड़ा मोड़: अमित जोगी को 3 हफ्ते में करना होगा सरेंडर
बिलासपुर, 2 अप्रैल 2026 । बहुचर्चित रामअवतार जग्गी हत्याकांड में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए मामले को नया मोड़ दे दिया है। डिवीजन बेंच ने पूर्व के आदेश को पलटते हुए सीबीआई की अपील स्वीकार कर ली है और मुख्य आरोपी अमित जोगी को तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का निर्देश दिया है।
यह मामला सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद फिर से खुला था। इससे पहले सीबीआई और मृतक के बेटे सतीश जग्गी ने हाई कोर्ट के पुराने फैसले को चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की पुनः सुनवाई के लिए इसे बिलासपुर हाई कोर्ट भेजा था।
सुनवाई के दौरान सीबीआई और राज्य सरकार की ओर से दलील दी गई कि पहले अपील को तकनीकी आधार पर खारिज किया गया था, जबकि मामले के गुण-दोष पर विचार जरूरी था। हाई कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार करते हुए मामले में पुनर्विचार किया और नया आदेश जारी किया।
डिवीजन बेंच, जिसमें चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा शामिल थे, ने आरोपी अमित जोगी को आत्मसमर्पण करने का स्पष्ट निर्देश दिया। साथ ही, नोटिस की तामिली और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं को भी पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
गौरतलब है कि 4 जून 2003 को एनसीपी नेता रामअवतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में कई आरोपियों को दोषी ठहराया गया था, जबकि अमित जोगी को पहले बरी कर दिया गया था। इसी फैसले के खिलाफ सतीश जग्गी और सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।
अब हाई कोर्ट के इस ताजा फैसले के बाद मामले में कानूनी कार्रवाई तेज होने की संभावना है। इस फैसले को हत्याकांड में न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
बिना कार्ड मिलेगा गैस सिलेंडर, छात्रों-प्रवासियों को बड़ी राहत
बिलासपुर। शहर में गैस आपूर्ति की समस्या के बीच प्रशासन और गैस कंपनियों ने अहम फैसला लिया है। अब एफटीएल, प्रवासी, श्रमिकों और विद्यार्थियों को बिना गैस कनेक्शन कार्ड के भी 5 किलो का सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा। यह सिलेंडर 564 रुपये में मिलेगा, जिससे इन वर्गों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
नई व्यवस्था के तहत 5 किलो गैस 112 रुपये प्रति किलो की दर से दी जाएगी। खासतौर पर वे लोग, जो अस्थायी रूप से शहर में रह रहे हैं या जिनके पास जरूरी दस्तावेज नहीं हैं, उन्हें इस योजना का लाभ मिलेगा। इसमें छात्र और माइग्रेंट उपभोक्ता प्रमुख रूप से शामिल हैं, जो अक्सर गैस कनेक्शन के अभाव में परेशानी झेलते हैं।
इस संबंध में कलेक्टर की अध्यक्षता में हुई बैठक में गैस वितरकों और अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया। प्रशासन ने साफ निर्देश दिए हैं कि पात्र लोगों तक योजना का लाभ पारदर्शी तरीके से पहुंचे और किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या अतिरिक्त वसूली न हो।
इस सुविधा का लाभ लेने के लिए इच्छुक व्यक्ति नजदीकी गैस एजेंसी में जाकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन कर सकते हैं। यह पहल न केवल गैस की किल्लत को कम करेगी, बल्कि जरूरतमंदों को आसानी से ईंधन उपलब्ध कराने में भी मददगार साबित होगी।
चलती ट्रेन से धक्का देकर नाबालिग की हत्या, बॉयफ्रेंड समेत 3 हिरासत में
बिलासपुर । जिले में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक नाबालिग लड़की को उसके बॉयफ्रेंड ने चलती ट्रेन से धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। मृतका देविका वर्मा (14) 8वीं कक्षा की छात्रा थी और Khairagarh के चिचोला की रहने वाली थी।
जानकारी के अनुसार, देविका 28 मार्च को अपने घर से बिना बताए Dongargarh निवासी मोहन वर्मा के साथ निकली थी। दोनों के बीच प्रेम संबंध बताया जा रहा है। वे Wain Ganga Express से कोरबा जा रहे थे, तभी रास्ते में किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया।
आरोप है कि गुस्से में आकर मोहन वर्मा ने देविका को चलती ट्रेन से धक्का दे दिया, जिससे नीचे गिरने पर उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना Masturi थाना क्षेत्र की बताई जा रही है।
मामले में पुलिस ने आरोपी बॉयफ्रेंड समेत तीन लोगों को हिरासत में लिया है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि चारों युवक-युवती खैरागढ़ से डोंगरगढ़ पहुंचे और वहां से ट्रेन में सवार हुए थे।
घटना के बाद परिजनों ने 29 मार्च को ठेलकाडीह थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। फिलहाल मामले की जांच खैरागढ़ थाना पुलिस को सौंप दी गई है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और शाम तक पूरे मामले का खुलासा करने की बात कही है।
अटल बिहारी वाजपेयी विवि में सेवा और विचार का संगम
NSS के साथ हुआ विशेष आयोजन
बिलासपुर । अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में मंगलवार को सेवा, सामाजिक सरोकार और अकादमिक विमर्श का अनूठा संगम देखने को मिला। वाणिज्य एवं वित्तीय अध्ययन विभाग ने राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के सहयोग से ‘समाज के लिए छात्र’ योजना के तहत विशेष कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें विद्यार्थियों ने सेवा और विचार दोनों स्तरों पर सक्रिय भागीदारी निभाई।
मंदिर परिसर में स्वच्छता और सेवा कार्य
चैत्र नवरात्रि के अवसर पर छात्रों ने माँ महामाया मंदिर परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया। इस दौरान पॉलीथिन और कचरा हटाकर स्वच्छता का संदेश दिया गया। साथ ही जरूरतमंद लोगों को वस्त्र और मिष्ठान वितरित कर सेवा भाव का परिचय दिया गया।
राष्ट्रीय संगोष्ठी में आर्थिक मुद्दों पर मंथन
कार्यक्रम के तहत ‘भारतीय अर्थव्यवस्था के क्षेत्रीय विकास मॉडल’ विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी भी आयोजित की गई। विभागाध्यक्ष प्रो. अतुल दुबे ने प्रस्तावना रखते हुए क्षेत्रीय विकास की जरूरत पर जोर दिया।
विशिष्ट अतिथि डॉ. अंग्रेश सिंह राणा ने क्लस्टर आधारित विकास मॉडल की बात कही, जबकि मुख्य वक्ता प्रो. यशवंत कुमार ने छत्तीसगढ़ के लिए विकेंद्रीकृत विकास मॉडल को जरूरी बताया। मुख्य अतिथि रघुराज किशोर तिवारी ने राज्य-विशिष्ट विकास को देश की प्रगति से जोड़ा।
कुलपति का संदेश
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति आचार्य अरुण दिवाकरनाथ वाजपेयी ने कहा कि विकास की असली नींव जमीनी अर्थव्यवस्था में होती है और छत्तीसगढ़ जैसे राज्य के लिए अलग विकास मॉडल जरूरी है।
कार्यक्रम में कुलसचिव नेहा राठिया सहित कई प्राध्यापक, शोधार्थी और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि विश्वविद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव और जिम्मेदारी का भी मजबूत माध्यम हैं।
राजस्व मामलों के निराकरण के लिए गांव-गांव में लगेंगे समाधान शिविर
राजस्व पखवाड़ा का प्रथम चरण 01 अप्रैल से 15 अप्रैल तक
कलेक्टर ने व्यापक प्रचार-प्रसार के दिए निर्देश
बिलासपुर, 24 मार्च 2026
राजस्व मामलों के निराकरण के लिए राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशानुसार जिले में राजस्व पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें गांव-गांव में समाधान शिविर लगाकर किसानों और ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने आज समय-सीमा की बैठक में इसकी समीक्षा की और कहा कि किसानों एवं ग्रामीणों की समस्याओं का तत्परता से निराकरण मौके पर ही समाधान शिविर में किया जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों और किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। कलेक्टर ने राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशों के अनुरूप शिविर के लिए एजेण्डा जारी कर दिए हैं। उन्होंने शिविर का कोटवारों और अन्य माध्यमों से अधिक से प्रचार करने को कहा है, ताकि ज्यादा से ज्यादा ग्रामीण और किसान शिविरों का फायदा उठा सकें।
राजस्व पखवाड़ा का आयोजन तीन चरणों में किया जाएगा। प्रथम चरण 01 अप्रैल से 15 अप्रैल, द्वितीय चरण 04 मई से 18 मई तथा तृतीय चरण 01 जून से 15 जून 2026 तक आयोजित होगा। इन शिविरों में राजस्व अमला गांव स्तर पर पहुंचकर विभिन्न लंबित प्रकरणों का निराकरण करेगा। अभियान के तहत अविवादित नामांतरण, खाता विभाजन, सीमांकन, नक्शा बंटांकन, व्यपवर्तन एवं वृक्ष कटाई से संबंधित समय-सीमा से बाहर प्रकरणों का शत-प्रतिशत निराकरण किया जाएगा। साथ ही फौती नामांतरण, बंटवारा एवं अभिलेख त्रुटि सुधार के प्रकरणों का ऑनलाइन पंजीयन, नोटिस जारी कर सुनवाई एवं निराकरण भी शिविर स्थल पर ही किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त जनहानि, फसल क्षति एवं पशु हानि से संबंधित आरबीसी 6-4 के प्रकरणों का त्वरित निराकरण किया जाएगा। भू-अर्जन संबंधी प्रकरणों में समय-सीमा का पालन सुनिश्चित किया जाएगा तथा सेवा शुल्क की अद्यतन जानकारी संधारित की जाएगी। भूमिस्वामियों के खातों में आधार, मोबाइल नंबर, जेंडर एवं किसान किताब की प्रविष्टि शत-प्रतिशत पूर्ण करने पर विशेष जोर रहेगा। साथ ही राजस्व अभिलेखों की शुद्धता सुनिश्चित करते हुए त्रुटिपूर्ण, संदेहास्पद एवं शून्य रकबा वाले खसरों का निराकरण किया जाएगा। शिविरों में बी-1, खसरा एवं किसान किताब से संबंधित आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया जाएगा। वहीं आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र हेतु प्राप्त आवेदनों का लोक सेवा केन्द्र के माध्यम से ऑनलाइन पंजीयन कर समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।
अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु ग्राम पंचायतों में कोटवारों के माध्यम से मुनादी कराई जाएगी, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें। शिविरों में प्राप्त आवेदनों एवं उनके निराकरण की दैनिक जानकारी निर्धारित प्रपत्र में संबंधित कार्यालय को प्रेषित की जाएगी।
नशे और सड़क हादसों पर प्रशासन सख्त, स्कूलों के आसपास गुटखा दुकानों पर लगेगा प्रतिबंध
स्कूलों के 100 मीटर दायरे में तंबाकू बिक्री पर रोक, कलेक्टर के सख्त निर्देश
नशा मुक्त परिसर और सुरक्षित सड़कें प्राथमिकता : कलेक्टर संजय अग्रवाल
बिलासपुर, 24 मार्च 2026
जिले में नशा नियंत्रण और सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए व्यापक रणनीति तैयार की है। इसी कड़ी में कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कोटपा एक्ट, एनकार्ड एवं सड़क सुरक्षा समिति की संयुक्त बैठक लेकर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। बैठक में एसएसपी रजनेश सिंह सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने बैठक में स्पष्ट किया कि स्कूल और कॉलेजों के 100 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार की गुटखा, पान एवं तंबाकू उत्पादों की बिक्री पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगी। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे दुकानों की पहचान कर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही स्कूल प्रबंधन को भी निगरानी की जिम्मेदारी सौंपते हुए प्रमाण पत्र लेने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि नशा केवल कानून व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि एक सामाजिक चुनौती है, जिससे निपटने के लिए समाज के सभी वर्गों की सहभागिता आवश्यक है। एसएसपी रजनेश सिंह ने शिक्षा विभाग को निर्देशित किया कि 100 मीटर के दायरे में संचालित पान-गुटखा दुकानों का सर्वे कर सूची तैयार की जाए, ताकि लक्षित कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि नशा कारोबारियों की गतिविधियाँ अक्सर स्कूल-कॉलेजों के आसपास केंद्रित रहती हैं, इसलिए पुलिस द्वारा इन क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। जागरूकता के साथ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई भी जारी रहेगी।
सड़क सुरक्षा पर चर्चा के दौरान कलेक्टर ने कोटा क्षेत्र में बढ़ती दुर्घटनाओं पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अव्यवस्थित एवं मानकों के विपरीत बनाए गए स्पीड ब्रेकर दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। प्रत्येक बड़ी दुर्घटना का विश्लेषण कर उसके आधार पर सुधारात्मक कदम उठाने तथा नई सड़कों में ब्लैक स्पॉट नहीं बनने देने के निर्देश दिए गए। एसएसपी ने बताया कि चालू तिमाही में सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर में चिंताजनक वृद्धि हुई है। इस वर्ष अब तक 71 लोगों की मृत्यु हुई है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा 33 था। उन्होंने नशे की हालत में वाहन चलाने वालों के लाइसेंस निलंबन के बाद निगरानी रखने और पुनः उल्लंघन पर लाइसेंस निरस्त करने की बात कही। बैठक में जानकारी दी गई कि जिले में 5 ब्लैक स्पॉट और 1 ग्रे स्पॉट चिन्हित किए गए हैं। इनके सुधार के लिए लोक निर्माण विभाग को आवश्यक प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने बताया कि प्रधानमंत्री राहत योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध है। आयुष्मान कार्ड से जुड़े अस्पतालों में पीड़ितों को 1.5 लाख रुपये तक निःशुल्क इलाज मिल सकता है।
जिले में ‘उल्लास’ साक्षरता आकलन परीक्षा: 40 हजार से अधिक प्रतिभागियों की ऐतिहासिक भागीदारी
साक्षरता की ओर बढ़े हजारों कदम
बिलासपुर, 22 मार्च, 2026


जिले में ‘उल्लास’ योजना के अंतर्गत आयोजित साक्षरता आकलन परीक्षा ने जनभागीदारी का एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। जिले के चारों विकासखंड सहित केंद्रीय जेल बिलासपुर में कुल 961 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित इस परीक्षा में 40,777 से अधिक असाक्षर प्रशिक्षार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इनमें 10,943 पुरुष एवं 29,822 महिलाएं शामिल रहीं। महिलाओं की उल्लेखनीय भागीदारी इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषता रही, जिसे राज्य स्तर पर एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
जिले के सभी केंद्रों में परीक्षा का आयोजन पूर्णतः शांतिपूर्ण, पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित ढंग से किया गया। ‘उल्लास’ केंद्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को स्थानीय भाषा में पढ़ना-लिखना, आधारभूत गणित, डिजिटल साक्षरता एवं जीवनोपयोगी ज्ञान प्रदान किया गया, जिससे वे आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त कदम बढ़ा सकें। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने कहा कि “उल्लास योजना के माध्यम से बिलासपुर को पूर्ण साक्षर जिला बनाने की दिशा में तेजी से प्रगति हो रही है। 40 हजार से अधिक लोगों की सक्रिय भागीदारी समाज में जागरूकता और परिवर्तन का प्रतीक है।”
इस अभियान के तहत केंद्रीय जेल बिलासपुर में 100 पुरुष एवं 33 महिला बंदियों ने परीक्षा में सहभागिता कर साक्षरता की ओर कदम बढ़ाया। ग्रामीण क्षेत्रों, विशेषकर कोटा विकासखंड के आदिवासी अंचलों से बड़ी संख्या में सहभागिता दर्ज की गई। परीक्षा केंद्रों में सास-बहू, ननद-भौजाई, तीन पीढ़ियों के सदस्य, बुजुर्ग दंपति, नवविवाहित जोड़े, दिव्यांगजन एवं छोटे बच्चों के साथ परीक्षा देने आई माताएं विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं, जिसने इस अभियान को एक सामाजिक उत्सव का स्वरूप प्रदान किया। जिला शिक्षा अधिकारी के अनुसार, ‘उल्लास’ योजना के प्रभाव से जिले की साक्षरता दर में लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जिसकी राज्य सरकार द्वारा सराहना की गई है। यह पहल छत्तीसगढ़ को पूर्ण साक्षर राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो रही है। परीक्षा के सफल संचालन हेतु जिला प्रशासन द्वारा सभी केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई थीं। केंद्राध्यक्षों एवं पर्यवेक्षकों की नियुक्ति के साथ ही ब्लॉक एवं ग्राम स्तर पर समन्वय समितियां सक्रिय रहीं। संयुक्त संचालक शिक्षा द्वारा विशेष ऑब्जर्वर नियुक्त किए गए तथा जिला स्तर पर निरीक्षण दल गठित कर सतत मॉनिटरिंग की गई।
इसके अतिरिक्त ग्राम पंचायतों के सचिव, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, जनप्रतिनिधि, आजीविका मिशन की दीदियां एवं जागरूक नागरिकों के सहयोग से अधिक से अधिक परीक्षार्थियों की उपस्थिति सुनिश्चित की गई।
नवरात्रि व गर्मी को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग सख्त
वाटर प्लांट पर कार्रवाई—हजारों बोतल-पाउच जब्त
बिलासपुर, 20 मार्च 2026
कलेक्टर संजय अग्रवाल एवं नियंत्रक खाद्य सुरक्षा के निर्देशानुसार नवरात्रि त्यौहार एवं बढ़ती गर्मी को ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। आर.आर. देवांगन, अभिहित अधिकारी के मार्गदर्शन में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी खीर सागर पटेल एवं खाद्य सुरक्षा अधिकारी अविषा मरावी और प्रतीक तिवारी की टीम ने विभिन्न स्थानों पर निरीक्षण कर कार्रवाई की।
जांच के दौरान सीपत स्थित गंगोत्री मिनरल एंड वाटर प्लांट से पानी की बोतलों का विधिक नमूना लिया गया। साथ ही मिथ्याछाप (भ्रामक लेबलिंग) पाए जाने पर 1 लीटर की 210 पेटी (प्रत्येक में 12 नग), 250 एमएल की 3030 पानी बोतल तथा 250 एमएल के 29,100 पानी पाउच को सीज किया गया। इसके अलावा दो अन्य फर्मों को सुधार करने हेतु सूचना जारी की गई। टीम द्वारा सेवई, साबूदाना तथा अरहर और चना दाल के नमूने भी जांच हेतु लिए गए।
इसी क्रम में रतनपुर स्थित मां महामाया मंदिर में श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण प्रसाद उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रसाद कक्ष का निरीक्षण किया गया। भोग प्रमाणन (सर्टिफिकेट) हेतु खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर परीक्षण के लिए भेजे गए। मंदिर परिसर के बाहर लगे ठेले और गुमटियों की भी जांच की गई, जहां अखाद्य रंग से तैयार चाट को नष्ट कराते हुए संचालकों को खाद्य सुरक्षा मानकों की जानकारी दी गई। खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा, ताकि आमजन को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके।
कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न रोकथाम को लेकर कार्यशाला 23 मार्च को
बिलासपुर, 20 मार्च 2026
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा महिलाओं का कार्यस्थल लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम 2013 अंतर्गत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन 23 मार्च को सवेरे 11 बजे से जल संसाधन विभाग के प्रार्थना सभा भवन में किया जाएगा। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने कार्यालय, निजी संस्थान एवं प्रतिष्ठान में गठित आंतरिक शिकायत समिति के अध्यक्ष एवं 1 सदस्य को कार्यशाला में उपस्थित होने कहा है।
जिला स्तरीय सतर्कता मॉनिटरिंग समिति की बैठक 25 को
बिलासपुर, 20 मार्च 2026
जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की बैठक कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में 25 मार्च को शाम 5 बजे रखी गई है। बैठक में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत वर्ष 2026 में दर्ज प्रकरणों के निराकरण (स्वीकृत राशि/वितरित राशि) की स्थिति पर एवं अधिनियम के तहत न्यायालय में लंबित प्रकरणों पर चर्चा की जाएगी।
उच्च न्यायालय में लंबित अवमानना प्रकरणों की समीक्षा 21 मार्च को
कलेक्टर ने अधिकारियों को बैठक में उपस्थित रहने के दिए निर्देश
बिलासपुर, 20 मार्च 2026
उच्च न्यायालय बिलासपुर में लंबित अवमानना प्रकरणों की समीक्षा हेतु कल 21 मार्च को बैठक आयोजित की गई है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने जिले के सभी विभाग प्रमुखों को तैयारी के साथ मंथन कक्ष में आयोजित बैठक में शामिल होने के निर्देश जारी किए हैं। ऐसे अवमानना प्रकरण जिनमें कलेक्टर बिलासपुर को पक्षकार बनाया गया है, उनमें उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्देशों एवं जवाबदावा की समय-सीमा के पालन की समीक्षा की जाएगी। यह बैठक 21 मार्च 2026 को प्रातः 10 बजे मंथन सभा कक्ष में आयोजित होगी। कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने प्रकरणों की अद्यतन जानकारी एवं आवश्यक दस्तावेजों सहित अनिवार्य रूप से बैठक में उपस्थित रहें, ताकि प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जा सके।
अग्निवीर भर्ती के लिए ऑनलाईन आवेदन 1 अप्रैल तक
कलेक्टर ने की युवाओं से आवेदन करने की अपील
बिलासपुर, 20 मार्च 2026
भारतीय थल सेना (अग्निवीर) में भर्ती के लिए इच्छुक एवं पात्र युवाओं से 1 अप्रैल 2026 तक ऑनलाईन आवेदन मंगाये गये है। पुरूष अभ्यर्थी जनरल, तकनीकी, लिपिक, स्टोरकीपर, ट्रेडमैन एवं महिला अभ्यर्थी सेना पुलिस तथा स्थायी कैडर नर्सिंग असिस्टेंट, नर्सिंग असिस्टेंट वेट और सिपाही फार्मा के लिए आवेदन कर सकते हैं। आयु सीमा 17.5 से 22 वर्ष एवं आवेदन शुल्क 250 रूपए निर्धारित किया गया है। आवेदन वेबसाईटhttps://www.joinindianarmy.nic.in/Authentication.aspxपर जाकर किये जा सकते है। ऑनलाइन कॉमन एंट्रेस एग्जाम (सीईई) 1 जून से 10 जून 2026 तक होने की संभावना है। विस्तृत जानकारी के लिए सेना भर्ती कार्यालय नवा रायपुर के टेलीफोन नंबर 0771-2965212, 2965214 एवं जिला रोजगार कार्यालय से भी संपर्क किया जा सकता है। कलेक्टर ने जिले के युवाओं से अग्निवीर भर्ती में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।
विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं — केन्द्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू का सख्त रुख
मुख्य सचिव से सीधे बातचीत, त्वरित जांच के लिए लिखा पत्र
हाईकोर्ट ने नशीली कफ सिरप तस्करी मामले में 4 आरोपियों सजा रखी बरकरार
बिलासपुर । छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने नशीली कफ सिरप रखने और तस्करी के मामले में सत्र न्यायालय द्वारा सुनाई गई सजा को बरकरार रखा है। रमेश सिन्हा और रविंद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने आरोपियों की अपील खारिज करते हुए कहा कि कार्रवाई में कोई त्रुटि नहीं पाई गई।
कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि NDPS Act की धारा 50 केवल किसी व्यक्ति की निजी तलाशी पर लागू होती है, जबकि वाहन, बैग, कंटेनर या परिसर की तलाशी पर यह प्रावधान लागू नहीं होता। इसलिए आरोपियों की ओर से धारा 50 के पालन नहीं होने की दलील स्वीकार नहीं की जा सकती।
मामले के अनुसार 13 सितंबर 2023 को तोरवा थाने में पदस्थ एसआई भरत लाल राठौर को सूचना मिली थी कि एक महिला तीन लोगों के साथ हेमूनगर स्थित शोभा विहार इलाके में गैरकानूनी तरीके से नशीली कफ सिरप बेचने के लिए ले जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्नेहा गोयल, पुष्पेंद्र निर्मलकर, अमर जांगड़े और देवा रजक को हिरासत में लिया।
जांच के दौरान स्नेहा गोयल के पास से एक प्लास्टिक बोरे में रखी कफ सिरप की 100 बोतलें (प्रत्येक 100 एमएल) बरामद हुईं। कुल मिलाकर आरोपियों के कब्जे से 145 बोतल नशीली कफ सिरप जब्त की गई।
इस मामले में सत्र न्यायालय ने सभी आरोपियों को 15 वर्ष की कठोर कारावास और डेढ़ लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ आरोपियों ने हाईकोर्ट में अपील दायर की थी, जिसे खारिज करते हुए अदालत ने सत्र न्यायालय के फैसले को बरकरार रखा है।
तेज रफ्तार हाईवा ने बुजुर्ग महिला को कुचला, मौके पर मौत
बिलासपुर । जिले के कोटा थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार हाईवा की चपेट में आने से 65 वर्षीय जमुना गोड़ की मौके पर ही मौत हो गई। घटना मंगलवार की है, जब वह रिश्तेदार के यहां शादी समारोह में शामिल होने ग्राम रतखंडी आई थीं और सड़क किनारे पैदल जा रही थीं। इसी दौरान कोटा की ओर से आ रहे तेज रफ्तार हाईवा ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे वह पहिये के नीचे आ गईं।
सूचना मिलने पर बेलगहना चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। दुर्घटना के बाद चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने हाईवा को जब्त कर आरोपी चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना से नाराज ग्रामीणों ने कुछ समय के लिए चक्काजाम कर दिया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। बाद में प्रशासन द्वारा मृतका के परिजनों को तत्काल 25 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा के बाद स्थिति शांत हुई। पुलिस आरोपी चालक की तलाश में जुटी है।