छत्तीसगढ़ / महासमुंद
जिला स्तरीय रोजगार मेला 24 सितम्बर को
200 विभिन्न पदों भर्ती का सुनहरा अवसर
महासमुंद 11 सितम्बर 2026
जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र-महासमुन्द में 24 सितंबर 2026 को प्रातः 11.00 बजे से 3.00 बजे तक जिला स्तरीय रोजगार मेला का आयोजन किया जा रहा है। जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि जिसके प्रचार प्रसार हेतु जिले के समस्त आईटीआई में मोबिलाईजेशन काउंसलिंग शिविर का आयोजन किया जाएगा। जिसमें 17 सितंबर 2026 को आईटीआई पिथौरा, 18 सितम्बर को आईटीआई बागबाहरा, 21 सितम्बर को आईटीआई बसना एवं 22 सितम्बर को आईटीआई सरायपाली में शिविर आयोजित होगा। इस शिविर में उपस्थित होकर आवेदक रोजगार मेला की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं एवं मेले हेतु अपना पंजीयन भी करा सकते हैं।
जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि जिला स्तरीय रोजगार मेला में निजी क्षेत्र स्वतंत्र माइक्रोफिन प्राइवेट लिमिटेड, पुस्कल एग्रोटेक लिमिटेड, अलर्ट एसजीएस प्राइवेट लिमिटेड, रजत इक्विपमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड एवं श्रमिन टेलेंट प्राइवेट लिमिटेड के कुल 200 विभिन्न पदों पर 10वीं 12वीं, बीएससी एग्रीकल्चर एवं स्नातक, आईटीआई उत्तीर्ण आवेदकों की भर्ती की जाएगी। इसके अतिरिक्त नियोजक उपस्थित होने पर रोजगार मेला में सम्मिलित किया जाएगा। जिला स्तरीय रोजगार मेला में सम्मिलित होने के इच्छुक एवं योग्य आवेदक, निर्धारित स्थल एवं समय पर अपनी शैक्षणिक योग्यता के दस्तावेज, रोजगार पंजीयन, आधार कार्ड, बायोडाटा की छायाप्रति एवं पासपोर्ट साइज की स्वयं की फोटो सहित उपस्थित होवंे। साक्षात्कार की प्रक्रिया में सम्मिलित होने के लिए आवेदकों को ‘‘छत्तीसगढ रोजगार एप/वेबसाईट https://erojgar.cg.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन अप्लाई करना आवश्यक है। रिक्तियों की संख्या, पदवार आवश्यक योग्यता, वेतनमान, कार्यस्थल की विस्तृत जानकारी के लिए आवेदक जिला रोजगार कार्यालय महासमुन्द में सम्पर्क कर अथवा रोजगार विभाग की वेबसाईट https://erojgar.cg.gov.in से भी जानकारी प्राप्त कर सकते है।
अन्य पिछड़ा वर्ग के हितार्थ संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक 16 सितंबर को
महासमुंद, 11 सितंबर 2026
छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग, रायपुर के अध्यक्ष श्री नेहरू राम निषाद, केबिनेट मंत्री दर्जा एवं उपाध्यक्ष श्रीमती चन्द्रकांति वर्मा, राज्य मंत्री दर्जा द्वारा जिले में अन्य पिछड़ा वर्ग के हितार्थ संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा की जाएगी। इस संबंध में जिला स्तरीय विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक 16 सितंबर 2026 को दोपहर 2 बजे कलेक्ट्रेट सभाकक्ष महासमुंद में आयोजित किया जाएगा।
बैठक में शासन के विभिन्न विभागों द्वारा अन्य पिछड़े वर्गों के हितार्थ संचालित राज्य एवं केन्द्र शासन की योजनाओं एवं कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की समीक्षा के साथ ही अन्य पिछड़ा वर्ग के क्रीमीलेयर निर्धारण के संबंध में विशेष चर्चा की जाएगी। इसके अलावा जाति प्रमाण-पत्र जारी एवं लंबित प्रकरणों की वस्तुस्थिति की भी समीक्षा की जाएगी।
समीक्षा बैठक के लिए समस्त जिला स्तरीय अधिकारियों एवं राजस्व अधिकारियों को जिले से संबंधित विवरण, विभागीय योजनाओं की जानकारी तथा जाति प्रमाण-पत्रों की अद्यतन स्थिति सहित निर्धारित प्रपत्र में जानकारी के साथ अनिवार्य रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। हितग्राही मूलक योजनाओं के अंतर्गत लाभान्वित हितग्राहियों की नाम एवं पता सहित सूची तथा योजनाओं से लाभान्वित सफल हितग्राहियों की सफलता की कहानी पॉवर पॉइंट अथवा हार्ड कॉपी में पृथक से तैयार कर बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
महतारी वंदन योजना से बेटियों का भविष्य संवार रहीं फातिमा और कचरू
योजना की राशि से सुकन्या समृद्धि खाते में जमा कर रहीं 500-500 रुपए

महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ परिवार की जरूरतों को पूरा करने और बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए बचत करने का अवसर भी दे रही है। योजना से मिलने वाली राशि का महिलाएं अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार सदुपयोग कर रही हैं। महासमुंद शहर की श्रीमती कनिज फातिमा और श्रीमती कचरू देवार योजना की राशि से अपनी बेटियों के नाम सुकन्या समृद्धि खाते खुलवा कर हर माह बचत कर रही है।
महासमुंद शहर के राम रहीम नगर निवासी श्रीमती कनिज फातिमा को योजना का लाभ निरंतर हर माह मिल रहा है। वे योजना से प्राप्त एक हजार रुपए की राशि में से 500 रुपए अपनी बिटिया के नाम से सुकन्या समृद्धि खाते में जमा कर रही हैं, जबकि शेष 500 रुपए बिटिया के पोषण एवं आवश्यकताओं पर खर्च करती हैं। उनका कहना है कि महतारी वंदन योजना से मिली आर्थिक सहायता ने उन्हें अपनी बेटी के भविष्य के लिए बचत करने का अवसर दिया है। इसी तरह देवार डेरा निवासी श्रीमती कचरू देवार भी महतारी वंदन योजना की राशि का सदुपयोग करते हुए अपनी बिटिया के नाम से सुकन्या समृद्धि खाता खुलवाई हैं। वे प्रत्येक माह योजना से प्राप्त राशि में से 500 रुपए खाते में जमा कर रही हैं। इस तरह योजना से मिलने वाली सहायता राशि आज बेटियों के सुरक्षित एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए सहायक बन रही है।
श्रीमती कनिज फातिमा और श्रीमती कचरू देवार ने महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान करने और बेटियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु भैया के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया है।
जिले में नेत्रदान के प्रति बढ़ी जागरूकता
स्वास्थ्य विभाग द्वारा आमजनों से नेत्रदान कार्य में सहभागी बनने की अपील
महासमुंद 10 सितम्बर 2026
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत राष्ट्रीय अंधत्व एवं अल्पदृष्टि नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जिले में नेत्रदान के प्रति जनजागरूकता लगातार बढ़ रही है। लोगों में यह समझ विकसित हो रही है कि मृत्यु के पश्चात नेत्रदान कर दो दृष्टिहीन व्यक्तियों के जीवन में रोशनी लाई जा सकती है।
जिले में 25 अगस्त से 08 सितंबर 2026 तक आयोजित नेत्रदान पखवाड़े के दौरान लोगों को नेत्रदान के महत्व की जानकारी दी गई तथा नेत्रदान हेतु संकल्प पत्र भरने के लिए प्रेरित किया गया। इसी क्रम में सरायपाली विकासखंड के ग्राम कोलतापारा, बलौदा निवासी श्रीमती सैरेन्दी स्वाइ/कविराज ने 03 सितंबर को नेत्रदान का घोषणा पत्र भरकर नेत्रदान का संकल्प लिया। इस अवसर पर श्री सुदाम भोई एवं उनके पुत्र संगमलाल स्वाई उपस्थित रहे। वहीं 09 सितंबर को बागबाहरा विकासखंड के ग्राम पचेड़ा निवासी श्री रामेश्वर सिंह दीवान/श्री बदलू सिंह दीवान ने जिला अस्पताल महासमुंद में नेत्रदान हेतु संकल्प पत्र भरा। इस दौरान उनके उत्तराधिकारी मनहरण एवं राधेश्याम तथा मित्र श्री सुखलाल साहू उपस्थित रहे।
जिले में हाल ही में दो व्यक्तियों द्वारा मृत्यु उपरांत नेत्रदान भी किया गया। जुलाई 2026 में क्लब पारा महासमुंद निवासी स्व. श्री छोटालाल कोठारी तथा 18 अगस्त को ग्राम पीढ़ी, लहंगर निवासी स्व. श्रीमती उत्तरा बाई चंद्राकर का नेत्रदान किया गया। नेत्रदान की सूचना उनके परिवार के सदस्यों द्वारा जिला चिकित्सालय के नेत्र रोग विभाग को दी गई। इस कार्य में परिवार की सहमति और तत्परता की विशेष भूमिका रही।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव के निर्देशन में नेत्ररोग विशेषज्ञ एवं नेत्रदान अधिकारी डॉ. अनिल कुमार गोरियार, सहायक नेत्रदान अधिकारी श्री अवधेश कुमार यादव, श्री उमेश कुमार गोतमारे तथा जिले के विभिन्न प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में पदस्थ नेत्र सहायक अधिकारी एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा नेत्रदान के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग ने बताया है कि नेत्रदान मृत्यु के पश्चात किया जाता है। मृत्यु के 06 घंटे के भीतर नेत्र ज्योति का संग्रहण किया जा सकता है। इसके लिए मृत्यु की सूचना तत्काल जिला अस्पताल की नेत्र इकाई अथवा नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र को देना आवश्यक है। विभाग ने आमजन से नेत्रदान के लिए आगे आने और इस पुनीत एवं लोककल्याणकारी कार्य में सहभागी बनने की अपील की है।
सीएम हेल्पलाइन से कमलेश का राशन कार्ड संबंधी समस्या हुई दूर
महासमुन्द सितम्बर 2026
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 प्रदेशवासियों की समस्याओं के त्वरित निराकरण का प्रभावी माध्यम बन रही है। एक कॉल पर शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित विभाग द्वारा समस्या का समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। अब तक प्रदेश के लाखों नागरिकों की समस्याओं का निराकरण मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से किया जा चुका है।
इसी क्रम में महासमुन्द जिले के सरायपाली विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम कसलबा निवासी श्री कमलेश प्रधान ने राशन कार्ड से जुड़ी समस्या को लेकर सीएम हेल्पलाइन 1076 में कॉल किया था। शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित विभाग द्वारा प्रकरण पर त्वरित कार्रवाई की गई।
समस्या के निराकरण हो जाने पर श्री कमलेश प्रधान ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से उनकी समस्या का समाधान समय पर हुआ, जिससे उन्हें काफी राहत मिली।
सीएम हेल्पलाइन से कमलेश का राशन कार्ड संबंधी समस्या हुई दूर
महासमुन्द सितम्बर 2026
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 प्रदेशवासियों की समस्याओं के त्वरित निराकरण का प्रभावी माध्यम बन रही है। एक कॉल पर शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित विभाग द्वारा समस्या का समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। अब तक प्रदेश के लाखों नागरिकों की समस्याओं का निराकरण मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से किया जा चुका है।
इसी क्रम में महासमुन्द जिले के सरायपाली विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम कसलबा निवासी श्री कमलेश प्रधान ने राशन कार्ड से जुड़ी समस्या को लेकर सीएम हेल्पलाइन 1076 में कॉल किया था। शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित विभाग द्वारा प्रकरण पर त्वरित कार्रवाई की गई।
समस्या के निराकरण हो जाने पर श्री कमलेश प्रधान ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से उनकी समस्या का समाधान समय पर हुआ, जिससे उन्हें काफी राहत मिली।
राष्ट्रीय पोषण माह का शुभारंभ : 09 सितंबर से 08 अक्टूबर तक जिले में होंगे विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम
महासमुंद, 09 सितंबर 2026
सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 अंतर्गत पोषण अभियान के तहत राष्ट्रीय पोषण माह 2026 का आयोजन जिले में 09 सितंबर से 08 अक्टूबर 2026 तक किया जाएगा। पोषण माह के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों को पोषण एवं देखभाल के सशक्त केंद्र के रूप में विकसित करने के साथ समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से दिए गए कार्यक्रमों एवं लक्ष्यों की पूर्ति के लिए निर्देश दिए हैं।
इसी क्रम में आज केन्द्र सरकार द्वारा वेबकास्ट के माध्यम से जिले के सभी आंगनवाड़ी केन्द्रों में पोषण माह का शुभारंभ किया गया। शुभारंभ अवसर पर आंगनबाड़ी केन्द्रों में पोषण एवं उत्प्रेरण के संबंध में अपना दायित्व निभाने शपथ दिलाई गई। महासमुंद शहरी सेक्टर के संजय नगर स्थित आंगनबाड़ी केन्द्र में वेबकास्ट के माध्यम से हितग्राहियों को जोड़ा गया एवं थीम से संबंधित अध्ययन सामग्री वितरित किया गया। इस अवसर पर स्थानीय पार्षद श्री जितेन्द्र ध्रुव, श्री राहुल आवड़े, सेक्टर सुपरवाईजर शीला प्रधान सहित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, बच्चे एवं हितग्राही मौजूद थे।
जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्री टिक्वेंद्र जाटवर ने बताया कि पोषण माह के दौरान आहार विविधता एवं पर्याप्त प्रोटीन सेवन, आंगनबाड़ी केंद्रों में ताजा गरम पका हुआ भोजन, सामुदायिक स्वामित्व एवं जवाबदेही, बाल विकास के लिए पोषण एवं प्रारंभिक उत्प्रेरण तथा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के माध्यम से मातृ स्वास्थ्य जैसे विषयों पर विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। कार्यक्रम के प्रभावी आयोजन के लिए पंचायतीराज संस्थाओं, नगरीय निकायों, सहयोगी विभागों, स्वयंसेवी संस्थाओं, महिला स्व-सहायता समूहों, महिला मंडलों, युवा समूहों, नेहरू युवा केन्द्र, राष्ट्रीय सेवा योजना एवं नेशनल कैडेट कोर सहित विभिन्न संगठनों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। जिले में संबंधित विभागों एवं मैदानी अमले द्वारा इसमें सहभागिता की जाएगी।
एक दीप साक्षरता के नाम साक्षरता के प्रति जन-जन में जागरूकता का संदेश देने साक्षरता दीप जलाया गया
महासमुंद । देशव्यापी साक्षरता पखवाड़ा एवं अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर जिले में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन में सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है, जिसमें लेखक, साहित्यकार, सामाजिक कार्यकर्ता, कार्यक्रम से जुड़े व्यक्ति, स्वयंसेवी शिक्षक एवं उल्लास के शिक्षार्थी को शामिल किया जा रहा है।
कार्यक्रम में सम्मान एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम, उल्लास साक्षरता पखवाड़ा के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं का सम्मान, उत्कृष्ट स्वयंसेवी शिक्षकों का सम्मान, पुस्तिका/साहित्य का विमोचन, उल्लास हेतु शपथ ग्रहण एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
एक दीप साक्षरता के नाम साक्षरता के प्रति जन-जन में जागरूकता का संदेश देने एवं पूरे जिले में सामूहिक संकल्प को दर्शाने के लिए सायं 7ः00 बजे एक साक्षरता दीप जलाया गया। यह दीप इस बात का प्रतीक होगा कि पूरा जिला अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ रहा है। साक्षरता मानव श्रृंखला प्रत्येक स्तर पर बनाया जा रहा है। इसमें स्कूली छात्र-छात्राएं अपने घर से ही साक्षरता संबंधी नारे लिखे हुए प्ले-कार्ड लेकर रैली निकाल रहें है। मानव श्रृंखला में स्कूली बच्चों के अलावा ग्रामीण, शहरी क्षेत्र के युवक-युवतियां, ग्रामवासी, वार्डवासी सभी एकत्रित रहे। जिसमें यह संदेश दिया गया कि जिले को निरक्षरता के अभिशाप को समाप्त करने के लिए कृत-संकल्पित है। इस अवसर पर जिला प्रशासन ने अधिक से अधिक लोगों से इन कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी की अपील की है।
सीईओ ने सुनी नागरिकों की मांग व समस्याएं, निराकरण के दिए निर्देश
महासमुन्द । कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में जिला पंचायत की सीईओ अनुपमा आनंद ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों की समस्याएं एवं मांगें गंभीरता से सुनीं। इस दौरान उन्होंने आवेदन से संबंधित विभाग को उसके निराकरण के निर्देश भी दिए। आज जनदर्शन में 55 आवेदन प्राप्त हुए।
जनदर्शन में ग्राम चिंगरौद की भूपेश्वरी निषाद ने अपने 2 साल के बेटे के उपचार के लिए आर्थिक सहायता की मांग की जिस पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को उचित दिशा निर्देश दिया गया। इसी तरह ग्राम अठारहगुड़ी के लोगों ने सरपंच-सचिव के खिलाफ आर्थिक अनियमितता किए जाने की शिकायत की। ग्राम पचेड़ा की सरपंच ने गांव में पूर्व माध्यमिक शाला भवन निर्माण, सुभाष नगर महासमुन्द के दिव्यांग महेश राम साहू ने अपने बैटरी सायकल में नई बैटरी लगवाने, महासमुन्द नगरपालिका वार्ड 4 के पार्षद और वार्डवासियों ने वार्ड आम रास्ता से अवैध कब्जा हटवाने, ग्राम मुड़ियाडीह खल्लारी के दिव्यांग पुनरा पटेल ने बैटरी सायकल दिलाने के लिए आवेदन किया। साथ ही जनदर्शन में राजस्व, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, बिजली, सामाजिक सुरक्षा पेंशन सहित विभिन्न आवेदन प्राप्त हुए। जिला पंचायत सीईओ अनुपमा आनंद ने सभी आवेदको को सुनने के बाद आवेदनों को संबंधित विभाग को निराकरण के निर्देश दिए। इस अवसर पर अपर कलेक्टर सचिन भूतड़ा एवं जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।
देशव्यापी साक्षरता पखवाड़ा एवं अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस का आयोजन
एक दीप साक्षरता के नाम साक्षरता के प्रति जन-जन में जागरूकता का संदेश देने साक्षरता दीप जलाया गया
महासमुंद 08 सितम्बर 2026

देशव्यापी साक्षरता पखवाड़ा एवं अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर जिले में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन में सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है, जिसमें लेखक, साहित्यकार, सामाजिक कार्यकर्ता, कार्यक्रम से जुड़े व्यक्ति, स्वयंसेवी शिक्षक एवं उल्लास के शिक्षार्थी को शामिल किया जा रहा है। कार्यक्रम में सम्मान एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम, उल्लास साक्षरता पखवाड़ा के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं का सम्मान, उत्कृष्ट स्वयंसेवी शिक्षकों का सम्मान, पुस्तिका/साहित्य का विमोचन, उल्लास हेतु शपथ ग्रहण एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
एक दीप साक्षरता के नाम साक्षरता के प्रति जन-जन में जागरूकता का संदेश देने एवं पूरे जिले में सामूहिक संकल्प को दर्शाने के लिए सायं 7ः00 बजे एक साक्षरता दीप जलाया गया। यह दीप इस बात का प्रतीक होगा कि पूरा जिला अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ रहा है। साक्षरता मानव श्रृंखला प्रत्येक स्तर पर बनाया जा रहा है। इसमें स्कूली छात्र-छात्राएं अपने घर से ही साक्षरता संबंधी नारे लिखे हुए प्ले-कार्ड लेकर रैली निकाल रहें है। मानव श्रृंखला में स्कूली बच्चों के अलावा ग्रामीण, शहरी क्षेत्र के युवक-युवतियां, ग्रामवासी, वार्डवासी सभी एकत्रित रहे। जिसमें यह संदेश दिया गया कि जिले को निरक्षरता के अभिशाप को समाप्त करने के लिए कृत-संकल्पित है। इस अवसर पर जिला प्रशासन ने अधिक से अधिक लोगों से इन कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी की अपील की है।
जिला पंचायत सीईओ ने ली सड़क सुरक्षा समिति की बैठक
संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के दिए निर्देश
महासमुंद 08 सितम्बर 2026
कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार जिला पंचायत की सीईओ सुश्री अनुपमा आनंद ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय सीमा की बैठक के पश्चात सड़क सुरक्षा समिति की बैठक ली। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, यातायात व्यवस्था सुदृढ़ करने एवं आमजन में जागरूकता बढ़ाने के संबंध में संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री सचिन भूतड़ा, सड़क सुरक्षा समिति के सदस्य एवं जिला अधिकारी मौजूद थे।
रात्रि के समय सड़कों पर विचरण करने वाले मवेशियों से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु जिला पंचायत सीईओ सुश्री आनंद ने सीईओ, सीएमओ, एनएचआई, पशुपालन विभाग, यातायात विभाग तथा नगरीय निकायों को संयुक्त रूप से अभियान चलाकर मवेशियों को सड़कों से हटाने की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही पशु मालिकों की पहचान कर उन्हें समझाईश देने तथा उनके विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा चिन्हित दुर्घटना संभावित स्थलों (ब्लैक स्पॉट) एवं नवीन ब्लैक स्पॉट का चिन्हांकन कर वहां आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही करने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग तथा नगरीय एवं ग्रामीण निकायों को निर्देशित किया गया। साथ ही ओवरलोड संचालित हो रहे वाहनों पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
बैठक में सीईओ ने निर्देशित किया कि स्कूलों में विद्यार्थियों के माध्यम से पालकों से संपर्क स्थापित कर यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाएं, ताकि सड़क सुरक्षा के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी विकसित हो सके। उन्होंने यातायात नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए यातायात विभाग को निर्देशित किया गया कि हेलमेट न पहनने एवं अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर ई-चालान की प्रभावी कार्रवाई करें। सीईओ ने सभी संबंधित विभागों को सड़क सुरक्षा से जुड़े दिशा-निर्देशों का गंभीरता से पालन सुनिश्चित करने तथा समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला परिवहन अधिकारी श्री प्रतीक शुक्ला ने बताया कि 01 जनवरी से अगस्त माह तक की अवधि में बिना हेलमेट के 22 हजार 358 एवं बिना सीट बेल्ट के 426 प्रकरण दर्ज किए गए। पीएम राहत योजना अंतर्गत कुल 44 प्रकरणों में से 28 प्रकरण स्वीकृत किए गए हैं। इसी तरह शराब पीकर वाहन चलाने वालों के विरुद्ध 35 प्रकरण बनाकर 3 लाख 40 हजार रुपए की वसूली की गई है।
17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा ‘सेवा संकल्प अभियान’
सेवा, जनभागीदारी और विकसित भारत-2047 के सामूहिक संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने होंगी विविध गतिविधियां
17 सितंबर की शाम हर घर जलेगा ‘आशीर्वाद का दीया’
महासमुंद, 08 सितम्बर 2026
विकसित भारत-2047 के सामूहिक संकल्प को जनभागीदारी का स्वरूप देने के उद्देश्य से 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक राष्ट्रव्यापी ‘सेवा संकल्प अभियान’ का आयोजन जिले में भी किया जाएगा। अभियान के माध्यम से केंद्र एवं राज्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी और उनका लाभ पात्र नागरिकों तक पहुंचाने के साथ प्रत्येक परिवार की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन में जिले में अभियान की विभिन्न गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री अनुपमा आनंद को अभियान के लिए जिला नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अभियान की सुचारू संचालन के लिए कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय टास्क फोर्स का भी गठन किया गया है।
अभियान का शुभारंभ ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम से होगा। 17 सितंबर की शाम जमीनी स्तर पर प्रत्येक परिवार को दीप प्रज्वलन से जोड़ने की पहल की जाएगी। प्रत्येक दीप को 25 वर्षों की जनसेवा के प्रति आभार और विकसित भारत-2047 के संकल्प के प्रतीक के रूप में देखा गया है। मैदानी टीमें घर-घर पहुंचकर नागरिकों को इस पहल से जुड़ने के लिए प्रेरित करेंगी। ‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’ पहल के अंतर्गत 17 सितंबर से 7 अक्टूबर के बीच शासकीय एवं निजी विद्यालयों में विकसित भारत की संकल्पना तथा 25 वर्षों के सेवा कार्यों पर आधारित ड्राइंग एवं भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। बच्चों की कल्पनाओं को प्रदर्शनी के माध्यम से सामने लाया जाएगा तथा उत्कृष्ट प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा।
‘नमो सेवा गाथा’ के तहत 17 सितंबर से नुक्कड़ नाट्य प्रस्तुतियों का आयोजन किया जाएगा। 2 अक्टूबर को देश के 100 प्रमुख स्थलों पर विशेष मंचन प्रस्तावित है। नाटकों के माध्यम से 25 वर्षों के सेवा कार्यों, योजनाओं और उनसे आए बदलाव की कहानियों को सरल एवं भावनात्मक तरीके से आमजन तक पहुंचाया जाएगा। 25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक आंगनवाड़ी केंद्रों में ‘आंगन का उत्सव’ आयोजित किया जाएगा। इसमें माताओं एवं बच्चों की भागीदारी के साथ आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का सम्मान, पोषण, मातृ सहायता, टीकाकरण और महिला एवं बाल कल्याण योजनाओं की जानकारी सरल भाषा में दी जाएगी। लाभार्थी महिलाएं योजनाओं से अपने जीवन में आए बदलावों की कहानियां भी साझा करेंगी।
पूरे अभियान के दौरान ‘कहानी बदलाव की’ पहल के अंतर्गत शासकीय योजनाओं से सकारात्मक बदलाव का अनुभव करने वाले लाभार्थियों की वास्तविक कहानियां संकलित की जाएंगी। प्रत्येक कहानी में लाभार्थी का नाम, स्थान, जिला, संबंधित योजना और जीवन में आए बदलाव की जानकारी शामिल की जाएगी। इन कहानियों का डिजिटल डेटा बैंक भी तैयार किया जाएगा। 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा मेरा योगदान’ पहल के अंतर्गत नागरिकों और संस्थाओं को विभिन्न सेवा गतिविधियों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। इसमें नदी-घाट स्वच्छता सहित सेवा गतिविधियों को शामिल किया गया है। अभियान की रूपरेखा में नागरिक सहभागिता को प्रमुखता देते हुए जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संगठनों, शैक्षणिक संस्थाओं, स्व-सहायता समूहों, युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और आम नागरिकों को जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। ‘सेवा सेतु अभियान-सरकार आपके द्वार’ के माध्यम से विधानसभा एवं विकासखंड स्तर पर शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में पात्र नागरिकों को विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी देने, योजनाओं से जोड़ने और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा।
अभियान के दौरान ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’, ‘सेवा ज्योति यात्रा’, ‘जल जन सेवा संकल्प’, ‘रंगोली राष्ट्र-भारत मंडल’, ‘राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज’ तथा ‘जनसेवक महाकुंभ-पंचायत से पार्लियामेंट’ जैसी गतिविधियां भी प्रस्तावित हैं। ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ के अंतर्गत परिवर्तनकारी स्थलों का भ्रमण तथा ‘सेवा ज्योति यात्रा’ का आयोजन 7 अक्टूबर को प्रस्तावित है। जिला प्रशासन ने अभियान की सभी गतिविधियों को ग्राम, वार्ड, विकासखंड एवं जिला स्तर पर अधिकतम जनभागीदारी के साथ आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। गतिविधियों का फोटो एवं वीडियो अभिलेखीकरण करने, नियमित प्रगति रिपोर्ट तैयार करने तथा अभियान की एकरूप पहचान के लिए निर्धारित हैशटैग, फ्रेम एवं प्रचार सामग्री का उपयोग किया जाएगा।
जिला पंचायत सीईओ सुश्री अनुपमा आनंद ने समय सीमा की बैठक में विभागीय योजनाओं और लंबित प्रकरणों की समीक्षा की
सेवा संकल्प अभियान के लिए अधिकारियों को दिए निर्देश
महासमुंद, 08 सितम्बर 2026
कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार जिला पंचायत सीईओ सुश्री अनुपमा आनंद ने आज सुबह 10ः00 बजे आयोजित समय-सीमा की बैठक में विभिन्न विभागों के लंबित प्रकरणों, शासकीय योजनाओं और विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में अपर कलेक्टर श्री सचिन भूतड़ा सहित सभी एसडीएम, तहसीलदार, जनपद पंचायत सीईओ, सीएमओ एवं जिला स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।
सीइओ सुश्री आनंद ने 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर 2026 तक राष्ट्रव्यापी सेवा संकल्प अभियान के सफल संचालन के लिए संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा शासन के मंशानुरूप अभियान की गतिविधियों को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नियुक्त सभी नोडल अधिकारियों को कार्ययोजना बनाकर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। अभियान के तहत 12 विभिन्न कार्यक्रमों पर गतिविधियां आयोजित की जाएगी। सीईओ सुश्री अनुपमा आंनद ने विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग-2027 अंतर्गत आयोजित विकसित भारत क्विज में जिले के 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं की अधिकाधिक सहभागिता सुनिश्चित करने कहा है। क्विज की अंतिम तिथि 16 सितम्बर 2026 तक है। शेष अवधि में विशेष अभियान चलाकर प्रतिदिन निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप क्विज में युवाओं सहभागिता के लिए अधिक से अधिक पंजीयन कराने के निर्देश दिए हैं।
बैठक में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के संबंध में समीक्षा करते हुए सीईओ सुश्री अनुपमा आनंद ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की जानकारी आम नागरिकों तक व्यापक रूप से पहुंचाई जाए। साथ ही सभी विभागों को सीएम हेल्पलाइन पोर्टल का नियमित अवलोकन करते हुए प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण के निर्देश दिए गए। बैठक में बच्चों के आधार कार्ड पंजीयन की स्थिति की भी समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि जिन बच्चों का आधार कार्ड (एमबीयू) अभी तक नहीं बना है, उनका चिन्हांकन कर पंजीयन की कार्रवाई शीघ्र पूरी की जाए। इसके लिए शिक्षा विभाग के साथ समन्वय स्थापित करते हुए 30 सितंबर तक लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि स्कूल स्तर पर ऐसे बच्चों की जानकारी संकलित कर आवश्यक दस्तावेजों एवं पंजीयन की प्रक्रिया पूरी कराई जाए। साथ ही विद्यार्थियों के लिए अपार आईडी बनाने के लिए विशेष अभियान चलाकर शत प्रतिशत पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। सभी संकुल समन्वयकों को विद्यार्थियों की अपार कार्ड बनाने सुनिश्चित करने कहा गया है। विकासखण्ड शिक्षा अधिकारियों को मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए। साथ ही स्कूलों किचन गार्डन विकसित करने और नेवता भोज का आयोजन नियमित रूप से करने कहा गया है।
सीईओ सुश्री आनंद ने डिजिटल क्राॅप सर्वे की प्रगति की समीक्षा करते हुए राजस्व अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक ग्राम में सर्वे की स्थिति की नियमित समीक्षा करें तथा जहां कार्य शेष है, वहां विशेष टीम लगाकर समय-सीमा में कार्य पूरा करें। उन्होंने सर्वे के दौरान सभी संबंधित प्लॉट एवं आवश्यक अभिलेखों की जानकारी व्यवस्थित रूप से दर्ज करने पर जोर दिया। पटवारियों को सर्वे किए गए प्लाॅट्स का अप्रूवल शीघ्र करने कहा गया है।
सीईओ सुश्री आनंद ने प्रधानमंत्री आवास एवं वीबीजी-रामजी ग्रामीण रोजगार से संबंधित कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने ग्राम पंचायतों में स्वीकृत कार्यों की प्रगति, कार्य प्रारंभ होने की स्थिति तथा लक्ष्य के अनुरूप उपलब्धि की जानकारी ली। अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वीकृत कार्यों को समय पर प्रारंभ कर गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराएं तथा ग्रामीणों को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई करें। इसके अलावा जिला पंचायत सीईओ ने न्यायालय के प्रकरणों का जवाबदावा समय पर प्रस्तुत करने, सुशासन तिहार, कलेक्टर जनदर्शन, पीजी पोर्टल, लोक सेवा गारंटी अधिनियम तथा जन शिकायतों की भी समीक्षा की।
सड़क सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग का विशेष जांच अभियान
विद्यार्थियों को दिलाई यातायात नियमों के पालन की शपथ
अपर परिवहन आयुक्त द्वारा दिए गए निर्देश के परिपालन में जिला परिवहन अधिकारी श्री प्रतीक शुक्ला द्वारा 18 वर्ष से कम आयु के विद्यार्थियों द्वारा दो पहिया वाहन चलाने पर सख्त कार्यवाही एवं सभी विद्यालयों में विशेष जांच अभियान के तहत आज महर्षि विद्या मंदिर मचेवा में निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय में किसी भी छात्र छात्राओं द्वारा दो पहिया वाहन का उपयोग करते नहीं पाया गया। जिला परिवहन अधिकारी द्वारा छात्र छात्राओं को सड़क सुरक्षा की दृष्टिकोण से ड्राइविंग लाइसेंस बनाने, हेलमेट का उपयोग करने एवं यातायात नियमों का पालन करने हेतु शपथ दिलाई गई। परिवहन विभाग से श्री निर्मलकर द्वारा छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों का पालन कर सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के संबंध में जागरूक किया गया।
झलप में नाली जाम की समस्या का त्वरित समाधान, व्यवसायियों ने कचरा नहीं फेंकने पर दी सहमति
पानी निकासी सुचारू रखने के लिए जेसीबी से हटाया गया जाम, सड़क निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा गया
झलप में पानी निकासी बाधित होने के कारण नाली जाम होने की स्थिति की सूचना मिलने पर कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देश पर आज सुबह राजस्व एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर समस्या का निराकरण किया। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के कार्यपालन अभियंता श्री आशीष कुलदीप ने मौके पर उपस्थित रहकर जेसीबी के माध्यम से नाली में जमा अवरोध को हटवाया, जिससे पानी की निकासी सुचारू हुई और तत्काल जलभराव एवं जाम की स्थिति से राहत मिली।इस दौरान स्थानीय लोगों ने क्षेत्र की खराब सड़कों को लेकर अपनी समस्याएं भी अधिकारियों के समक्ष रखीं। अधिकारियों ने मौके पर स्थिति का जायजा लेते हुए आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
इसके साथ ही छिलपावन चौक के आसपास के दुकानदारों एवं व्यवसायियों से चर्चा कर नाली में कचरा नहीं डालने तथा पानी की निकासी के लिए नाली को खुला रखने की अपील की गई। चर्चा के दौरान स्थानीय व्यवसायियों ने सहमति जताते हुए भविष्य में नाली में किसी भी प्रकार का कचरा नहीं फेंकने और नाली को अवरुद्ध नहीं करने पर सहमति व्यक्त की।
पीएमजीएसवाई के कार्यपालन अभियंता श्री आशीष कुलदीप ने बताया कि क्षेत्र में सड़क निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा जा चुका है। बरसात के बाद आवश्यक बजट में इसे शामिल कर सड़क निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।स्थानीय व्यवसायियों एवं नागरिकों ने प्रशासन द्वारा तत्काल नाली जाम की समस्या दूर किए जाने पर संतोष व्यक्त किया तथा पानी की निकासी व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग का आश्वासन दिया।
आकांक्षी जिला एवं विकासखंड कार्यक्रम के सूचकांकों की कलेक्टर ने की समीक्षा
शिक्षा एवं स्वास्थ्य के संकेतकों में सुधार के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश
महासमुंद, 05 सितंबर 2026
आकांक्षी जिला एवं विकासखंड कार्यक्रम के अंतर्गत गुरुवार को जिला कार्यालय के सभा कक्ष में जिले में निर्धारित विभिन्न सूचकांकों की प्रगति की समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह, राज्य नोडल अधिकारी श्री शिवम मिश्रा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री अनुपमा आनंद ने संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक लेकर सूचकांकों की वर्तमान स्थिति, प्रगति एवं सुधार के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली।
बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र, वित्तीय समावेशन, कौशल विकास तथा आधारभूत सुविधाओं से संबंधित संकेतकों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि आकांक्षी जिला एवं विकासखंड कार्यक्रम के प्रत्येक सूचकांक को प्राथमिकता के साथ लिया जाए तथा जिन संकेतकों में जिले अथवा विकासखंड की स्थिति अपेक्षाकृत कमजोर है, उनमें सुधार के लिए विभागवार कार्ययोजना बनाकर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। शिक्षा के संकेतकों पर विशेष फोकस समीक्षा के दौरान शिक्षा विभाग से संबंधित संकेतकों की विशेष रूप से समीक्षा की गई।
बैठक के पूर्व राज्य नोडल अधिकारी द्वारा मैदानी निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का जायजा लिया गया एवं सीधे हितग्राहियों एवं ग्रामीणों से चर्चा की गई।
बैठक में विकासखंड पिथौरा में हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में 60 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की संख्या कम पाए जाने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को विद्यालयवार स्थिति का विश्लेषण कर कमजोर प्रदर्शन वाले विद्यालयों को चिन्हांकित करने, विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धि बढ़ाने के लिए नियमित मॉनिटरिंग, अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग एवं आवश्यक सुधारात्मक गतिविधियां संचालित करने कहा गया।
इसी तरह कम्युनिटी लाइब्रेरी के निर्माण/व्यवस्था को यथाशीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए, ताकि विद्यार्थियों एवं स्थानीय समुदाय को अध्ययन के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध हो सके। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि लाइब्रेरी को केवल भवन तक सीमित न रखते हुए पुस्तकों, अध्ययन सामग्री एवं उपयोगी संसाधनों से सुसज्जित कर नियमित उपयोग सुनिश्चित करें।
स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार के लिए सतत निगरानी
स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत आने वाले आकांक्षी जिला कार्यक्रम के विभिन्न संकेतकों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, संस्थागत प्रसव, टीकाकरण तथा स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच से जुड़े संकेतकों में निरंतर सुधार के लिए मैदानी स्तर पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए। कमजोर संकेतकों वाले क्षेत्रों की पहचान कर लक्षित हस्तक्षेप करने पर जोर दिया गया।
समय पर डाटा एंट्री और प्रमाण-पत्र भेजने के निर्देश
बैठक में निर्देश दिए गए कि आकांक्षी जिला एवं विकासखंड कार्यक्रम से संबंधित सभी गतिविधियों एवं उपलब्धियों का समयावधि में डाटा एंट्री सुनिश्चित किया जाए। डाटा की गुणवत्ता एवं प्रमाणिकता पर विशेष ध्यान देते हुए संबंधित अधिकारी नियमित रूप से इसकी समीक्षा करें। पूर्व में किए गए कार्यों तथा आयोजित संपूर्णता समारोह आदि से संबंधित उपयोगिता प्रमाण-पत्र एवं आवश्यक दस्तावेज यथाशीघ्र राज्य कार्यालय को भेजने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में आदिवासी विकास विभाग, पशुपालन विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग सहित विभिन्न विभागों के विकासखंड स्तरीय अधिकारी, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि आकांक्षी जिला कार्यक्रम को केवल रिपोर्टिंग तक सीमित न रखते हुए जमीनी स्तर पर परिणाम आधारित सुधार सुनिश्चित करें, ताकि जिले के पिछड़े संकेतकों में तेजी से सुधार लाकर विकासखंडों को बेहतर प्रदर्शन की श्रेणी में लाया जा सके।
शिक्षा एवं स्वास्थ्य के संकेतकों में सुधार के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश
महासमुंद । आकांक्षी जिला एवं विकासखंड कार्यक्रम के अंतर्गत गुरुवार को जिला कार्यालय के सभा कक्ष में जिले में निर्धारित विभिन्न सूचकांकों की प्रगति की समीक्षा की गई। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, राज्य नोडल अधिकारी शिवम मिश्रा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री अनुपमा आनंद ने संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक लेकर सूचकांकों की वर्तमान स्थिति, प्रगति एवं सुधार के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली।
बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र, वित्तीय समावेशन, कौशल विकास तथा आधारभूत सुविधाओं से संबंधित संकेतकों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि आकांक्षी जिला एवं विकासखंड कार्यक्रम के प्रत्येक सूचकांक को प्राथमिकता के साथ लिया जाए तथा जिन संकेतकों में जिले अथवा विकासखंड की स्थिति अपेक्षाकृत कमजोर है, उनमें सुधार के लिए विभागवार कार्ययोजना बनाकर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। शिक्षा के संकेतकों पर विशेष फोकस समीक्षा के दौरान शिक्षा विभाग से संबंधित संकेतकों की विशेष रूप से समीक्षा की गई।
बैठक के पूर्व राज्य नोडल अधिकारी द्वारा मैदानी निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का जायजा लिया गया एवं सीधे हितग्राहियों एवं ग्रामीणों से चर्चा की गई।
बैठक में विकासखंड पिथौरा में हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में 60 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की संख्या कम पाए जाने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को विद्यालयवार स्थिति का विश्लेषण कर कमजोर प्रदर्शन वाले विद्यालयों को चिन्हांकित करने, विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धि बढ़ाने के लिए नियमित मॉनिटरिंग, अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग एवं आवश्यक सुधारात्मक गतिविधियां संचालित करने कहा गया।
इसी तरह कम्युनिटी लाइब्रेरी के निर्माण/व्यवस्था को यथाशीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए, ताकि विद्यार्थियों एवं स्थानीय समुदाय को अध्ययन के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध हो सके। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि लाइब्रेरी को केवल भवन तक सीमित न रखते हुए पुस्तकों, अध्ययन सामग्री एवं उपयोगी संसाधनों से सुसज्जित कर नियमित उपयोग सुनिश्चित करें।
स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार के लिए सतत निगरानी
स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत आने वाले आकांक्षी जिला कार्यक्रम के विभिन्न संकेतकों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, संस्थागत प्रसव, टीकाकरण तथा स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच से जुड़े संकेतकों में निरंतर सुधार के लिए मैदानी स्तर पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए। कमजोर संकेतकों वाले क्षेत्रों की पहचान कर लक्षित हस्तक्षेप करने पर जोर दिया गया।
समय पर डाटा एंट्री और प्रमाण-पत्र भेजने के निर्देश
बैठक में निर्देश दिए गए कि आकांक्षी जिला एवं विकासखंड कार्यक्रम से संबंधित सभी गतिविधियों एवं उपलब्धियों का समयावधि में डाटा एंट्री सुनिश्चित किया जाए। डाटा की गुणवत्ता एवं प्रमाणिकता पर विशेष ध्यान देते हुए संबंधित अधिकारी नियमित रूप से इसकी समीक्षा करें। पूर्व में किए गए कार्यों तथा आयोजित संपूर्णता समारोह आदि से संबंधित उपयोगिता प्रमाण-पत्र एवं आवश्यक दस्तावेज यथाशीघ्र राज्य कार्यालय को भेजने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में आदिवासी विकास विभाग, पशुपालन विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग सहित विभिन्न विभागों के विकासखंड स्तरीय अधिकारी, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि आकांक्षी जिला कार्यक्रम को केवल रिपोर्टिंग तक सीमित न रखते हुए जमीनी स्तर पर परिणाम आधारित सुधार सुनिश्चित करें, ताकि जिले के पिछड़े संकेतकों में तेजी से सुधार लाकर विकासखंडों को बेहतर प्रदर्शन की श्रेणी में लाया जा सके।