छत्तीसगढ़ / कांकेर
जिला स्तरीय स्वतंत्रता दौड़ में उमड़ा देशभक्ति का जोश
स्वतंत्रता उपहार नहीं, जिम्मेदारी है : विधायक श्री नेताम
उत्तर बस्तर कांकेर, 14 अगस्त 2025
79वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में आज प्रातः 8 बजे शासकीय नरहरदेव स्कूल, कांकेर के प्रांगण से जिला स्तरीय स्वतंत्रता दौड़ का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर एनएसएस, पीजी कॉलेज कांकेर के विद्यार्थी, पूर्व सैनिक, पुलिस के जवान एवं नगरवासियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सभी प्रतिभागी तिरंगा हाथ में लिए देशभक्ति गीतों की धुन पर उत्साह और जोश के साथ दौड़ते नजर आए।
इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक श्री आशाराम नेताम ने कहा कि स्वतंत्रता सिर्फ एक उपहार नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी है। अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखना, अनुशासन का पालन करना और समाज में आपसी सौहार्द्र और भाईचारे का वातावरण बनाना होगा, तभी हम अपने देश की तरक्की में प्रत्येक नागरिक का वास्तविक साबित होगा। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे नशामुक्ति, पर्यावरण संरक्षण और शिक्षा के प्रसार में भी सक्रिय भूमिका निभाएं।
कलेक्टर श्री निलेश महादेव क्षीरसागर ने कहा कि खेल एवं युवा कल्याण विभाग के तत्वावधान में स्वतंत्रता दौड़ हर वर्ष आयोजित की जाती है ताकि नई पीढ़ी को स्वतंत्रता के महत्व और इसे हासिल करने में अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों का पुण्य स्मरण कराया जा सके। उन्होंने आगे कहा कि हमारे पूर्वजों ने कठिन संघर्ष और बलिदान से हमें आज़ादी दिलाई है, उसे अक्षुण्ण रखते हुए अपने कार्य में ईमानदारी, मेहनत और निष्ठा रखनी चाहिए, ताकि देश-विदेश में जिले और प्रदेश का नाम रोशन हो। उन्होंने विद्यार्थियों से इस स्वतंत्रता दिवस पर संकल्प लेने का आह्वान किया कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करें, स्वच्छता को जीवन का हिस्सा बनाये और अनुशासन का पालन करते हुए देश को प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाएं।स्वतंत्रता दौड़ शासकीय नरहरदेव स्कूल प्रांगण से प्रारंभ होकर गांधी चौक होते हुए पुनः नरहरदेव उच्चतर माध्यमिक विद्यालय प्रांगण पहुंचकर समाप्त हुई।
कार्यक्रम में नगरपालिका कांकेर के अध्यक्ष श्री अरुण कौशिक, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हरेश मंडावी, एसडीएम कांकेर श्री अरुण वर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री दिनेश सिन्हा सहित जिला खेल अधिकारी, पूर्व सैनिक और आम नागरिक शामिल रहे।
स्वतंत्रता उपहार नहीं, जिम्मेदारी है : विधायक नेताम
उत्तर बस्तर कांकेर । 79वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में आज प्रातः 8 बजे शासकीय नरहरदेव स्कूल, कांकेर के प्रांगण से जिला स्तरीय स्वतंत्रता दौड़ का भव्य आयोजन किया गया।
इस अवसर पर एनएसएस, पीजी कॉलेज कांकेर के विद्यार्थी, पूर्व सैनिक, पुलिस के जवान एवं नगरवासियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सभी प्रतिभागी तिरंगा हाथ में लिए देशभक्ति गीतों की धुन पर उत्साह और जोश के साथ दौड़ते नजर आए।
इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक आशाराम नेताम ने कहा कि स्वतंत्रता सिर्फ एक उपहार नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी है। अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखना, अनुशासन का पालन करना और समाज में आपसी सौहार्द्र और भाईचारे का वातावरण बनाना होगा, तभी हम अपने देश की तरक्की में प्रत्येक नागरिक का वास्तविक साबित होगा। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे नशामुक्ति, पर्यावरण संरक्षण और शिक्षा के प्रसार में भी सक्रिय भूमिका निभाएं।
कलेक्टर निलेश महादेव क्षीरसागर ने कहा कि खेल एवं युवा कल्याण विभाग के तत्वावधान में स्वतंत्रता दौड़ हर वर्ष आयोजित की जाती है ताकि नई पीढ़ी को स्वतंत्रता के महत्व और इसे हासिल करने में अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों का पुण्य स्मरण कराया जा सके। उन्होंने आगे कहा कि हमारे पूर्वजों ने कठिन संघर्ष और बलिदान से हमें आज़ादी दिलाई है, उसे अक्षुण्ण रखते हुए अपने कार्य में ईमानदारी, मेहनत और निष्ठा रखनी चाहिए, ताकि देश-विदेश में जिले और प्रदेश का नाम रोशन हो। उन्होंने विद्यार्थियों से इस स्वतंत्रता दिवस पर संकल्प लेने का आह्वान किया कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करें, स्वच्छता को जीवन का हिस्सा बनाये और अनुशासन का पालन करते हुए देश को प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाएं।स्वतंत्रता दौड़ शासकीय नरहरदेव स्कूल प्रांगण से प्रारंभ होकर गांधी चौक होते हुए पुनः नरहरदेव उच्चतर माध्यमिक विद्यालय प्रांगण पहुंचकर समाप्त हुई।
कार्यक्रम में नगरपालिका कांकेर के अध्यक्ष अरुण कौशिक, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरेश मंडावी, एसडीएम कांकेर अरुण वर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दिनेश सिन्हा सहित जिला खेल अधिकारी, पूर्व सैनिक और आम नागरिक शामिल रहे।
शिक्षा गुणवत्ता हेतु विद्यालय स्तर पर माइक्रो प्लानिंग करने के निर्देश
कांकेर । शासन के निर्देशानुसार युक्तियुक्तकरण के माध्यम से ऐसे विद्यालय जहां शिक्षक नहीं थे अर्थात एकल शिक्षक व शिक्षक विहीन विद्यालयों में शत प्रतिशत शिक्षकों की व्यवस्था किया गया है। जिन विद्यालयों में शिक्षक नहीं है वहां पर डीएमएफ मद से अतिथि शिक्षक की व्यवस्था की जा रही है।
शासन की ओर से जिले के समस्त शासकीय विद्यालयों में मेगा पालक शिक्षक सम्मेलन आयोजित कर सीधे स्थानीय गणमान्य नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों को शैक्षणिक गुणवत्ता से अवगत कराया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने उत्कृष्ट विद्यालय नरहरदेव के सभा कक्ष में विकासखंड कांकेर, नरहरपुर, चारामा के सभी प्राचार्य, संकुल समन्वयक, विकासखंड शिक्षा अधिकारी, एवं जिला स्तर के अधिकारियों की दो चरणों में बैठक लिया।
बैठक में उनके द्वारा शिक्षा गुणवत्ता में सुधार हेतु विद्यालय स्तर पर माइक्रो प्लानिंग कर मूर्तरूप देने हेतु निर्देशित किया गया। उन्होंने नवीन शैक्षणिक सत्र में एक भी छात्र शिक्षा से वंचित ना हो इसके लिए सामूहिक प्रयास करने पर बल दिया। उनके द्वारा प्रत्येक विद्यालयों के मूलभूत आवश्यकताओं की जानकारी ली गई तथा व्यवस्था में आवश्यक सुधार करने हेतु कहा गया। प्राथमिक एवं माध्यमिक स्तर पर भी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिये गये। उन्होंने माह अगस्त में ही विषय विशेषज्ञों की बैठक आहूत करने, प्रत्येक माह मासिक टेस्ट का आयोजन व मूल्यांकन करने, विद्यालय के विषय विशेषज्ञों के साथ समन्वय बनाकर समय सीमा में कार्य सम्पन्न करने उन्होने निर्देशित करने हुए कहा कि हर हाल में माह दिसम्बर तक बोर्ड कक्षाओं के कोर्स पूर्ण हो जाना चाहिए।
त्रैमासिक एवं छमाही व प्री-बोर्ड की परीक्षा जिला स्तर से की जावेगी। बोर्ड कक्षा के पाठ्यक्रम माह दिसम्बर के पूर्व ही तैयारी करने, माह सितम्बर से ही एनएमएमएससी, जेएनवी, जेईई एवं नीट, एनडीए की अतिरिक्त कक्षाओं का संचालन करने के निर्देश दिये गये तथा विद्यालय स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त करने के लिए कहा गया। जिला शिक्षा अधिकारी ने संकुल प्राचार्यों से अपने अधीनस्थ प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के मॉनिटरिंग करने तथा गणवेश पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता, भवन की स्थिति और महत्वपूर्ण शिक्षकों की समय पर उपस्थिति पर बल दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में कोई भी शिक्षक यदि विद्यालय नहीं पहुंचता है तो उसपर अनुशासनात्मक कार्यवाही किया जावे। नवीन शैक्षणिक सत्र में प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा के शिक्षा गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाय।
चलित प्रयोगशाला ने पखांजूर-भानुप्रतापपुर के होटल-ढाबों से लिए सेम्पल
कांकेर। कलेक्टर नीलेश कुमार महादेव क्षीरसागर के मार्गदर्शन में जिले में 'बने खाबो-बने रहिबो' के तहत पंखाजूर एवं भानुप्रतापपुर क्षेत्र में भी विशेष जांच एवं जागरूकता अभियान चलाया गया। इसके अंतर्गत स्ट्रीट फूड वेंडर्स, खाद्य परोसने वाले संस्थान, रेस्टोरेंट, ढाबा और होटलो का निरीक्षण किया गया।
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम का उल्लघंन पाये जाने जैसे- अखबारी कागज का उपयोग, बासी खाद्य पदार्थो का उपयोग, पिलाये जाने वाले पानी की जांच, वेज-नान वेज का एक कण्टेनर में रख रखाव, खाद्य पदार्थो की अस्वच्छ हैंडलिंग इत्यादि के दुष्प्रभाव की जानकारी दी गई, साथ ही आम जनता को खाद्य पदार्थो से संबंधित जानकारी दिया गया। खाद्य नमूना के रूप में 06 सेम्पल जांच तथा चलित प्रयोगशाला के द्वारा 55 से अधिक नमूना लिया गया।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन से प्राप्त जानकारी अनुसार चलित प्रयोगशाला वाहन के द्वारा प्रचार-प्रसार के माध्यम से आम जनता व खाद्य कारोबारियों को जागरूक किया जा रहा है। अभियान के तहत जिले के विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों में निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कुछ फर्मो से अवमानक खाद्य पदार्थों को नष्ट कराया गया तथा जिन प्रतिष्ठानों में कमियां पाया गया उनको नोटिस जारी किया गया है। कार्यवाही में खाद्य औषधि प्रशासन विभाग कांकेर खाद सुरक्षा अधिकारी भारत भूषण पटेल सहित विभाग की टीम के अधिकारी-कर्मचारी शामिल थे।
स्कूल जा रही छात्रा के साथ रेप, परिचित युवक गिरफ्तार
कांकेर । स्कूल जा रही एक नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। पीड़िता की मां की शिकायत पर थाना पखांजूर पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। जानकारी के अनुसार पीड़िता रोज़ाना की तरह 05 अगस्त को स्कूल के लिए घर से निकली थी।
रास्ते में ग्राम पीव्ही-132 यशवंतनगर निवासी कंकन मंडल, पिता शिवपद मंडल, ने उसे रोका और बहला-फुसलाकर मोटरसाइकिल में घुमाने के बहाने बैठा लिया। आरोपी उसे अपने रिश्तेदार के घर ग्राम पीव्ही-23 ले गया, जहां उसने मौका पाकर नाबालिग के साथ जबरन दुष्कर्म किया। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी ने पीड़िता को स्कूल की छुट्टी होने से पहले गांव के पास रास्ते में छोड़ दिया। डरी-सहमी छात्रा ने घर पहुंचकर पूरी घटना अपनी मां को बताई जिसके बाद थाना पखांजूर में शिकायत दर्ज कराई गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अपराध क्रमांक 109/2025 के तहत धारा 64, 64(2) बीएनएस और पॉक्सो एक्ट की धारा 4 के अंतर्गत केस पंजीबद्ध कर तत्काल जांच शुरू की। थाना प्रभारी के निर्देशन में पुलिस टीम ने आरोपी की सक्रियता से तलाश कर उसे हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद आरोपी कंकन मंडल को 05 अगस्त 2025 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
लंबित निर्माण कार्यों को लेकर कलेक्टर ने जताई नाराजगी
कहा: बार-बार समीक्षा के बाद भी कार्य पूर्ण नहीं हुआ तो रोका जाएगा वेतन
कांकेर । समय-सीमा की साप्ताहिक समीक्षा बैठक में कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर ने मंगलवार को जिले की सभी जनपद पंचायतों में विभिन्न पुराने लंबित निर्माण कार्यों के संबंध में नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि या तो ये छोटे-मोटे कार्य जल्द से जल्द पूर्ण करें, या फिर पूर्ण नहीं कर पाने की स्थिति में संबंधित विभाग को राशि वापस लौटा दें। उन्होंने तल्ख अंदाज में कहा कि प्रत्येक सप्ताह समीक्षा करने के बाद भी इन लंबित कार्यों में प्रगति नहीं आ रही है। ऐसे में संबंधित जनपद पंचायत के सीईओ का वेतन रोकने की कार्यवाही सख्ती से की जाएगी।
कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आज सुबह 10.30 बजे से आयोजित समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर ने सभी जनपद पंचायतों में आंगनबाड़ी एवं पीडीएस सेंटर भवन निर्माण सहित ग्राम पंचायतों में बनाए जा रहे विभिन्न निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए सभी जनपद सीईओ को उक्ताशय के निर्देश दिए। उन्होंने सभी अधिकारियों को जेम पोर्टल के माध्यम से ही सभी प्रकार का क्रय नियमानुसार पूरी सतर्कता के साथ करने के लिए निर्देशित किया। इसमें किसी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही वित्तीय नियमों के उल्लंघन के श्रेणी में आएगी, अतः सभी अधिकारी शासकीय निर्माण कार्यों से संबंधित सामग्री एवं अन्य उपकरणों का क्रय गंभीरता से करें। बैठक में कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को कहा कि ई-ऑफिस के माध्यम से ही सभी प्रकार की फाइलों एवं नस्तियों को मूव करें। उन्होंने अधीनस्थ कार्यालयों में भी ई-ऑफिस के माध्यम से सभी प्रकार के विभागीय दैनिक गतिविधियों का क्रियान्वयन करने हेतु निर्देशित किया। इसी तरह प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए इसके लाभ से आम जनता को अवगत कराने के निर्देश कार्यपालन अभियंता विद्युत विभाग को दिए।
आकांक्षी जिला एवं ब्लॉक का अवॉर्ड कलेक्टर को सौंपा
कांकेर जिले को संपूर्णता अभियान के तहत आकांक्षी जिला एवं ब्लॉक हेतु उत्कृष्ट कार्य के लिए रायपुर में आयोजित सम्मान समारोह में शनिवार 02 अगस्त को सम्मानित किया गया। कलेक्टर की ओर से जिला पंचायत के सीईओ हरेश मंडावी ने सम्मान ग्रहण किया था। आज आयोजित टीएल बैठक की शुरूआत में उक्त सम्मान को सीईओ ने कलेक्टर को भेंट किया। इस दौरान कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विभागों ने पूरी शिद्दत के साथ मेहनत व लगन से बेहतर कार्य किया, जिसके लिए वे बधाई के पात्र हैं। उन्होंने आगे भी शासन की योजनाओं का समुचित क्रियान्वयन करने के लिए सभी अधिकारियों को प्रोत्साहित किया। उल्लेखनीय है कि राज्य के आकांक्षी जिलों और आकांक्षी विकासखंडों में तीन महीनों तक संचालित संपूर्णता अभियान में निर्धारित संकेतकों को संतृप्त करने और लक्ष्यों को हासिल करने वाले जिलों और विकासखंडों को पुरस्कार प्रदान किए गए। संपूर्णता अभियान में कांकेर जिले को रजत पदक प्राप्त हुआ तथा आकांक्षी विकासखण्ड की श्रेणी में कोयलीबेड़ा ब्लॉक को स्वर्ण और दुर्गूकोंदल ब्लॉक को रजत पदक प्राप्त हुआ।
बैठक में कलेक्टर ने विभागवार लंबित कार्यों की समीक्षा करते हुए जल्द से जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने एलडब्ल्यूई सर्वे, नियद नेल्लानार योजना, ठोस अपशिष्ट पदार्थ प्रबंधन, प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड, सामाजिक अंकेक्षण, आयुष्मान भारत योजना, आयुष्मान वय वंदना योजना, पोषण पुनर्वास केन्द्र सहित विभिन्न प्रकरणों की विभागवार एवं योजनावार प्रगति की समीक्षा की।
बस्तर विकास प्राधिकरण के कार्यों की समीक्षा हुई
समय-सीमा बैठक के दौरान कलेक्टर क्षीरसागर ने बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अंतर्गत लंबित निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने वर्ष 2020-21 से लंबित निर्माण कार्यों को लेकर असंतोष जाहिर करते हुए सहायक आयुक्त आदिवासी विकास को शीघ्रता से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। साथ ही पुराने कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा कराने और देवगुड़ी, घोटुल भवन, सामुदायिक भवन जैसे छोटे कार्यों को अविलंब निर्माण कराने सभी जनपद सीईओ को निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने विशेष केन्द्रीय सहायता मद अंतर्गत लंबित कार्यों की भी कार्यवार समीक्षा की। इस अवसर पर डीएफओ हेमचंद पहारे, अग्रवाल, अपर कलेक्टर जितेन्द्र कुर्रे एवं ए.एस. पैकरा सहित सभी अनुविभागीय अधिकारी तथा जिला स्तर के अधिकारीगण मौजूद रहे।
पीएम किसान सम्मान निधि: कांकेर के किसानों को मिले 20.22 करोड़
कांकेर । प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को वाराणसी से पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 20वीं किश्त के रूप में 20,500 करोड़ की राशि किसानों के बैंक खातों में अंतरित किया, इसमें छत्तीसगढ़ के भी 25 लाख से अधिक किसान शामिल हैं।
इस योजना के तहत कांकेर जिले के 81,781 किसानों के खाते में 20.22 करोड़ रूपये हस्तांतरित की गई है। लाभान्वित किसानों को इससे खेती-किसानी में मद्द मिलेगी। कृषि विज्ञान केन्द्र एवं कृषि विभाग कांकेर के संयुक्त तत्वाघान में आज प्रधानमंत्री कृषक सम्मान निधि योजना के 20वें किस्त के अंतरण का सीधा प्रसारण किया गया। छत्तीसगढ़ राज्य मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष भरत मटियारा, कांकेर लोकसभा क्षेत्र के पूर्व सांसद मोहन मण्डावी, पूर्व विधायक शिशुपाल शोरी एवं श्रीमती सुमित्रा मारकोले, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरेश मण्डावी, जनपद पंचायत कांकेर के अध्यक्ष श्रीमती पुर्णिमा कावड़े, पूर्व अध्यक्ष रामचरण कोर्राम, राजीवलोचन सिंह, जनपद सदस्य एवं सरपंचगण सहित बडी संख्या में कृषकगण कार्यक्रम में मौजूद थे।
पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 20वें किश्त के अंतरण पश्चात किसानों को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष भरत मटियारा ने कहा कि यह योजना केन्द्र सरकार की एक प्रमुख योजना है, जिसे प्रधानमंत्री मोदी द्वारा फरवरी 2019 मे शुरू किया गया था। यह योजना पात्र किसान परिवारों को उनके कृषि संबंधी खर्चों के लिए वार्षिक 06 हजार रूपए वित्तीय सहायता प्रदान करती है। प्रधानमंत्री ने आज इस योजना के 20वें किश्त की राशि 9.7 करोड़ से अधिक पात्र किसानों के बैंक खातों में 20,500 करोड़ से अधिक की राशि हस्तांतरित किया
पूर्व सांसद मोहन मण्डावी ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना के 20वें किश्त की राशि जारी होने पर किसानों को बधाई देते हुए कहा कि किसान अन्नदाता हैं। जिले के किसान खेती-किसानी अच्छे ढ़ग से करें। कहीं भी खेती करें, तरीका से करें। खेती के साथ-साथ उससे जुड़े हुए अन्य व्यवसाय जैसे- पशुपालन, बकरी पालन, मछली पालन, मुर्गी पालन भी करें, जिससे उनकी उन्नति हो। किसानों को लाख पालन की खेती करने की समझाइश भी उनके द्वारा दी गई। विवादों का निपटारा गांवों में ही करने तथा कोर्ट-कचहरी से बचने की सलाह दी गई। कार्यक्रम को पूर्व विधायक शिशुपाल शोरी एवं श्रीमती सुमित्रा मारकोले, जनपद अध्यक्ष श्रीमती पुर्णिमा कावड़े, पूर्व अध्यक्ष श्री रामचरण कोर्राम और राजीवलोचन सिंह ने भी संबोधित किया तथा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के 20वें किश्त जारी होने पर पात्र सभी किसानों को बधाई और शुभकामनाएं भी दी।
कृषि विज्ञान केन्द्र कांकेर में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के 20वें किश्त के अंतरण कार्यक्रम के साथ ही किसान मेला का भी आयोजन किया गया, जिसमें कृषि विज्ञान केन्द्र कांकेर के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. बीरबल साहू एवं कृषि विभाग के उप संचालक जितेन्द्र कोमरा सहित कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों द्वारा वैज्ञानिक तरीके से खेती करने की सलाह किसानों दी गई। कार्यकम में प्रतीक स्वरूप पांच किसानों को उड़द बीज तथा पांच किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का प्रमाण पत्र और मृदा कार्ड प्रदाय किया गया। कृषि विज्ञान केन्द्र में एग्रीड्रोन का डेमोस्ट्रेशन भी किया गया।
योजना से मिली राशि से खाद-बीज की खरीददारी-कृषक हेमलाल जैन और रमेश कुमार साहू- पीएम किसान सम्मान निधि योजना के 20वें किश्त के अंतरण कार्यक्रम में पहुंचे ग्राम हाटकोंगेरा के किसान श्री हेमलाल जैन ने कहा कि योजना शुरू होने के बाद से उन्हें नियमित रूप से इसका लाभ मिल रहा है, जिससे वे खाद-बीज की खरीदारी करते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया है। इसी तरह ग्राम धनेलीकन्हार के किसान श्री रमेश कुमार साहू ने बताया कि सालाना उन्हें 6000 रूपये की किसान सम्मान निधि मिलती है, जिसका उपयोग वे कृषि कार्यों के लिए दवाइयाँ व खरपतवारनाशक खरीदने में करते हैं।
जैविक कृषि, कोदो-कुटकी और उन्नत खेती के लिए किसानों को जागरूक करें’
कांकेर। प्रदेश के आदिम जाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास, कृषि तथा किसान कल्याण विभाग के मंत्री रामविचार नेताम ने आज जिला कार्यालय कांकेर के सभागार में कांकेर, बालोद एवं धमतरी जिलों के विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर योजनाओं के क्रियान्वयन प्रगति की समीक्षा की।
साथ ही बीज एवं उर्वरक वितरण तथा किसान कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जैविक कृषि, कोदो-कुटकी और उन्नत खेती के लिए किसानों के बीच योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाना बेहद जरूरी है, इसके लिए अधिकारी किसानों को सतत् जागरूक करें।
आज सायं 05.30 बजे से आयोजित बैठक में कृषि मंत्री नेताम ने कहा कि समितियों में भण्डारित खाद को अविलंब किसानों को वितरित करना सुनिश्चित करें, ताकि समय पर फसलों को उपयुक्त खाद मिल सके। उन्होंने कृषि एवं उद्यानिकी फसलों को और अधिक उन्नत बनाने तथा योजनाओं की पहुंच सभी किसानों पर सुनिश्चित करने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया।
कैबिनेट मंत्री नेताम ने रासायनिक उर्वरकों से मृदा को होने वाले दुष्प्रभावों से किसानों को जागरूक करने पर जोर दिया। उन्होंने उद्यानिकी के क्षेत्र में रोजगार के अवसर हेतु युवाओं को रिफ्रेशर प्रशिक्षण देने एवं तकनीकी जानकारी देने के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया। साथ ही मुनगा एवं ऑयल पॉम, कोदो-कुटकी जैसे रोजगारमूलक फसलें लेने पर भी फोकस करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। इसी प्रकार जलवायु के अनुरूप मसाला वर्गीय फसल लेने के किसानों को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया। किसानों को बीज, खाद की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा विभागीय योजनाओं लाभ समय पर एवं पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराया जाए। इस दौरान संचालक कृषि तथा प्रबंध संचालक राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम अजय कुमार अग्रवाल ने तीनों जिलों में खाद एवं बीज की उपलब्धता, भण्डारण एवं वितरण की जानकारी मंत्री नेताम को दी।
बैठक में उप संचालक कृषि ने बताया कि कांकेर जिले में 38869.35 क्विंटल धान बीज का भण्डारण किया गया था, जिसमें से अब तक 34756.60 क्विंटल धान का वितरण किसानों को किया जा चुका है। इसी प्रकार 25568.13 मेट्रिक टन यूरिया खाद् भण्डारित किया गया है, जिसमें से 20525.87 मेट्रिक टन खाद् का वितरण किया जा चुका है तथा वर्तमान में जिले में 5042.27 मेट्रिक टन यूरिया खाद कांकेर जिले में उपलब्ध है। इसी प्रकार डीएपी खाद 7024.15 मेट्रिक टन भण्डारित किया गया है, जिसमें 6002.05 मेट्रिक टन का वितरण किया गया और वर्तमान में 1022.10 मेट्रिक टन खाद उपलब्ध है। एनपीके 9129.55 मेट्रिक टन भण्डारित किया गया था, जिसमें से 7216.73 मेट्रिक टन का वितरण किया जा चुका है तथा 1912.82 मेट्रिक टन एनपीके जिले में अभी उपलब्ध है। इसी प्रकार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत वर्ष 2024-25 जिले में 75559 बीमित कृषक है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अंतर्गत कांकेर जिले में 82395 किसानों को लाभान्वित किया गया है। इसी प्रकार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत वर्ष 2025-26 में 0.2784 लाख हेक्टेयर रकबे के लिए बीमित किसानों की संख्या 17575 है। इसके अलावा विभिन्न विभागीय योजनाओं की समीक्षा कृषि मंत्री द्वारा सिलसिलेवार की गई।
इसके पहले, आदिवासी विकास विभाग की समीक्षा करते हुए मंत्री नेताम ने कहा कि आश्रम-छात्रावासों में निवासरत विद्यार्थियों का भविष्य संवारने की बड़ी जिम्मेदारी अधिकारियों की है। विभाग द्वारा जो दायित्व सौंपे गए हैं, उनका पूरी इच्छाशक्ति के साथ अक्षरशः पालन करें। उन्होंने तीनों जिलों के सहायक आयुक्तों को प्रत्येक सप्ताह 8-10 छात्रावासों का आकस्मिक निरीक्षण करने तथा वहां के वस्तुस्थिति से अवगत होकर जानकारी कलेक्टर को देने के निर्देश दिए। साथ ही सुरक्षात्मक पहलुओं पर भी विशेष रूप से ध्यान दें। कैबिनेट मंत्री ने आश्रम-छात्रावासों के लंबित एवं अपूर्ण निर्माण कार्यों को जल्द से जल्द पूरा करने तथा पूरे परिसर में सघन पौधरोपण करने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने छात्रावासों की नियमित साफ-सफाई और बिजली, पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता हरहाल में सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान आदिवासी विकास विभाग के आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर ने जिलावार प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्माण कार्यों को जल्द से जल्द पूर्ण करने और आवश्यक व्यवस्थाओं का सतत् जायजा लेने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि शासन की राशि का किसी भी सूरत में दुरुपयोग न होने पाए, यह ध्यान में रखें।
साथ ही किसी भी आश्रम-छात्रावास में निवासरत बालक-बालिकाओं के टॉयलेट और पानी की व्यवस्था जरूर होनी चाहिए। बैठक में कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने उन्नत कृषि हेतु कार्ययोजना तैयार करने एवं आदिवासी विकास विभाग के अपूर्ण एवं लंबित कार्यों को गुणवत्ता के साथ जल्द से जल्द पूरा कराने की बात मंत्री श्री नेताम से कही।
बैठक में कांकेर विधायक श्री आशाराम नेताम, मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री भरत मटियारा, जिला पंचायत के सीईओ श्री हरेश मंडावी, संयुक्त संचालक कृषि श्री कपिलदेव दीपक, एसडीएम अरूण वर्मा सहित कांकेर, धमतरी एवं बालोद जिले के कृषि तथा आदिवासी विकास विभाग के जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित थे।
शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालन हेतु 01 अगस्त तक आवेदन आमंत्रित
कांकेर, 30 जुलाई 2025
नगरपालिका परिषद कांकेर अंतर्गत आमापारा, माहुरबंदपारा, कंकालीनपारा, शीतलापारा और भंडारीपारा में संचालित शासकीय उचित मूल्य की दुकानों का आबंटन किये जाने हेतु 01 अगस्त तक जिला खाद्य अधिकारी कार्यालय कलेक्ट्रेट कांकेर में आवेदन आमंत्रित किया गया है। खाद्य अधिकारी कांकेर ने बताया कि उचित मूल्य दुकान संचालन के लिए आदिम जाति सेवा सहकारी समिति, महिला स्व-सहायता समूह (जिसका पंजीयन तीन माह पूर्व का हो), वन सुरक्षा समिति एवं अन्य पंजीकृत सहकारी समिति (छ.ग. सहकारी सोसायटी अधिनियम 1980 के तहत पंजीकृत) समिति आवेदन कर सकते हैं। उन्हांने बताया कि किसी संस्था, समूह को 02 से अधिक दुकान आबंटन की पात्रता नहीं है। इच्छुक आवेदक निर्धारित प्रारूप में पूर्ण रूप से भरकर बैंक खाता, जमा राशि की जानकारी की छायाप्रति, पंजीयन की छायाप्रति, संचालक मण्डल, संस्था का दुकान संबंधी सहमति प्रस्ताव जिला कार्यालय खाद्य शाखा में उक्त तिथि को अपरान्ह 12 बजे तक जमा कर सकते हैं।
पेड़ मानव जीवन के लिए बहुत जरूरी, भावनात्मक लगाव के साथ पौधे अवश्य लगाएं : विधायक नेताम
एक पेड़ मां के नाम 2.0 : विधायक और कलेक्टर ने शाला परिसर में लगाए नारियल व कटहल के पौधे
उत्तर बस्तर कांकेर । एक पेड़ मां के नाम-2.0’ के तहत आज कांकेर विकासखंड की ग्राम पंचायत कोदागांव में जिला स्तरीय पौधरोपण महाअभियान का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में कांकेर विधानसभा क्षेत्र के विधायक आशाराम नेताम उपस्थित थे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक नेताम ने कहा कि मानव जीवन में पेड़ का बड़ा महत्व है। आज के दौर में पौधे लगाना बहुत जरूरी है, साथ ही सुरक्षा के दृष्टिकोण से पेड़ों से भावनात्मक लगाव होना भी आवश्यक है।
ग्राम कोदागांव के विशाल शाला परिसर में आयोजित जिला स्तरीय सामूहिक पौधरोपण कार्यक्रम में विधायक ने आगे कहा कि लोगों को अपने या अपने बच्चों के जन्मदिन, शादी की वर्षगांठ जैसे अवसरों को यादगार बनाने पौधे जरूर लगाना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सकारात्मक सोच को आगे बढ़ाते हुए प्रकृति, पर्यावरण और मानव जीवन की रक्षा करने के संकल्प को आगे बढ़ाने का अनुरोध ग्रामीणों से किया। इस अवसर पर मौजूद कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने अपने उद्बोधन में कहा कि वर्तमान में ग्लोबल वार्मिंग (वैश्विक तापमान) में लगातार वृद्धि हो रही है जो बहुत बड़ी चिंता का विषय है। वर्षा की अनियमितता, पर्यावरण असंतुलन, तापमान में लगातार वृद्धि को दृष्टिगत रखते हुए पौधे लगाना आज के समय की मांग है। उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम-2.0’ के तहत अच्छी नस्ल के पौधे लगाकर पर्यावरण और प्रकृति को सुरक्षित व संरक्षित करने की अपील की। इस अवसर पर विधायक ने विद्यालय परिसर में नारियल, कलेक्टर ने कटहल का पौधा लगाकर उन्हें पानी से सींचा। तत्पश्चात सभी अतिथियों और ग्रामीणों ने ’एक पेड़ मां के नाम 2.0’ के अंतर्गत एक-एक पौधे लगाकर प्रकृति को सुरक्षित रखने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर राज्य समाज कल्याण बोर्ड एवं हस्त शिल्प बोर्ड की अध्यक्ष शालिनी राजपूत, जिला पंचायत के सीईओ हरेश मंडावी, उपाध्यक्ष ताराबती ठाकुर, जनपद पंचायत कांकेर की अध्यक्ष पूर्णिमा कावड़े, पूर्व विधायक सुमित्रा मारकोले, पंचूराम नायक सहित स्थानीय सरपंच के अलावा काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
महतारी वंदन योजना की लाभार्थी के घर किया वृक्षारोपण :
ग्राम कोदागांव में आयोजित जिला स्तरीय पौधरोपण कार्यक्रम के उपरांत विधायक नेताम एवं कलेक्टर क्षीरसागर ने महतारी वंदन योजना की लाभार्थी बिन्दा बाई व गर्भवती महिला यीशु फाफा के यहाँ जाकर वृक्षारोपण किया तथा रोपित पौधों को संरक्षित करने का अनुरोध भी किया। इस दौरान कलेक्टर के पूछे जाने पर महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिला ने बताया कि प्रत्येक माह उनके बैंक खाते में एक हजार रूपए की राशि जमा हो जाती है।
शिक्षण संस्थानों के समीप मादक पदार्थों के विरुद्ध चलाया गया सख्त अभियान
कांकेर । जिला कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर के निर्देशानुसार और अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अरूण वर्मा के मार्गदर्शन में आज कांकेर शहर में कोटपा एक्ट के तहत विशेष अभियान चलाकर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई।
यह कार्यवाही आज विशेष रूप से नरहरदेव शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के आसपास स्थित पान ठेले और दुकानों में की गई, जहां शिक्षण संस्थानों के पास तंबाकू एवं मादक पदार्थों की बिक्री की सूचना प्राप्त हुई थी।
एसडीएम कांकेर ने जानकारी देते हुए बताया कि संयुक्त निरीक्षण टीम ने कई दुकानों की जांच की और कोटपा अधिनियम के उल्लंघन के मामलों में कुल 2700 रूपए का अर्थदंड वसूल किया गया।
वहीं दुकानदारों को सख्त हिदायत दी गई कि वे विद्यालय परिसरों के आसपास किसी भी प्रकार के गुटखा, तंबाकू अथवा अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री न करें।
निरीक्षण के पश्चात अधिकारियों ने दुकानदारों को समझाइश भी दी कि बच्चों एवं युवाओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा सर्वोपरि है, और ऐसे अवैध व्यापार से समाज में नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इस दौरान कुछ दुकानदारों ने स्वेच्छा से भविष्य में मादक उत्पादों की बिक्री बंद करने की बात कही।
टीम ने मांझापारा के राकेश पान भण्डार, नरहरदेव शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के समीप आमचो पान भण्डार, पटेल पान भण्डार और पुराना बस स्टैण्ड के देवांगन पान भण्डार का निरीक्षण किया गया।
उक्त पान भण्डारों के द्वारा बताया गया कि नशीले पदार्थ का सप्लाई मांझापारा स्थित मिलन मार्केट से किया जाता है, मौके पर पहुंचने पर मिलन मार्केट में ताला लगना पाया गया। दुकान के मालिक को फोन के माध्यम से सूचित कर बुलाया गया, किन्तु उनके उपस्थित न होने पर दुकान मालिक के पिताजी के समक्ष मिलन मार्केट को सील किया गया है।
जारी रहेगा अभियान : अन्य स्कूल क्षेत्रों में भी होगी जांच- प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कार्यवाही केवल शुरुआत है। आगामी समय में कांकेर जिले के अन्य विद्यालयों के आसपास भी इसी प्रकार की सतत् जांच की जाएगी।
यदि कोई दुकानदार या ठेले वाले शिक्षण संस्थानों के पास गुटखा, सिगरेट या अन्य नशीली वस्तुएं बेचते पाए गए, तो उनके विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी।
प्रशासन की अपील : जनभागीदारी से बनेगा सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण- जिला प्रशासन ने आम नागरिकों, अभिभावकों और शिक्षकों से भी अपील की है कि वे बच्चों के हित में ऐसे मामलों की जानकारी प्रशासन को दें, ताकि विद्यालय परिसर सुरक्षित और नशा मुक्त बनाए जा सकें।
कलेक्टर ने कहा कि यह अभियान जनस्वास्थ्य और भावी पीढ़ी के भविष्य की रक्षा हेतु प्रारंभ किया गया है, और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस अवसर पर राजस्व अमला, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, पुलिस बल और नगर पालिका के कर्मचारी उपस्थित थे।
व्यावसायिक प्रवेश परीक्षा केन्द्र में फ्रिस्किंग के लिए लगी पुलिस कर्मियों की ड्यूटी
परीक्षार्थियों के लिए दिशा-निर्देश जारी
कांकेर। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल रायपुर द्वारा व्यापम की विभिन्न परीक्षाओं का आयोजन 20 जुलाई को किया जाएगा। उक्त दिवस को आयोजित होने वाली प्रवेश परीक्षाओं के लिए कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने व्यवस्था पूरी करने हेतु पुलिस अधीक्षक को कहा है। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों के परीक्षा केन्द्र में प्रवेश के पूर्व अभ्यर्थियों के हैण्डहेल्ड मेटल डिटेक्टर से तथा हाथों से तलाशी (Manual Pal Down) फ्रिस्किंग (Frisking) की जाए। इसके अलावा प्रत्येक परीक्षा केन्द्र में आबंटित एक पुरुष एवं एक महिला पुलिस कर्मी से यह फ्रिस्किंग का कार्य किये जाने तथा उक्त कार्य हेतु ड्यूटी लगाए गए पुलिस कर्मी परीक्षा प्रारंभ होने से 2.30 घंटा पूर्व परीक्षा केन्द्र में अनिवार्य रूप से अपनी उपस्थिति देवें। साथ ही महिला अभ्यर्थियों की फ्रिस्किंग महिला पुलिस कर्मी से ही कराए जाने के लिए निर्देशित किया है। परीक्षा प्रारंभ होने के बाद पुलिस कर्मी बारी-बारी से परीक्षा केन्द्र परिसर एवं केन्द्र के बाहर का निरीक्षण करते रहें ताकि संदिग्ध गतिविधि न हो सके।
कलेक्टर ने परीक्षा केन्द्र में अभ्यर्थियों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा है कि परीक्षार्थी परीक्षा प्रारंभ होने के कम से कम 02 घंटा पूर्व परीक्षा केन्द्र में पहुंचे ताकि उनका फ्रिस्किंग एवं पहचान पत्र का सत्यापन किया जा सके। यह भी बताया गया कि परीक्षा प्रारंभ होने के 15 मिनट पूर्व परीक्षा केन्द्र का मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा। उदाहरण के लिए यदि कोई परीक्षा प्रातः 10 बजे से प्रारंभ हो रहा है तो मुख्य द्वार प्रातः 9.45 बजे बंद कर दिया जाएगा, इसलिए समय का विशेष ध्यान रखें।
आधी बांह की शर्ट ही पहन सकेंगे परीक्षार्थी
उन्होंने व्यापम द्वारा जारी नए निर्देशों का उल्लेख करते हुए बताया कि हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े पहनकर परीक्षा देने आये। साथ ही फुटवियर के रूप में चप्पल पहनें और कान में किसी भी प्रकार का आभूषण वर्जित है। परीक्षा प्रारंभ होने के पहले आधा घंटा में एवं परीक्षा समाप्ति के आखिरी आधा घंटा में परीक्षा कक्ष से बाहर जाना वर्जित है। परीक्षा कक्ष में किसी प्रकार का संचार उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक घड़ी, पर्स, पाऊच, स्कार्फ, बेल्ट, टोपी आदि ले जाना पूर्णतः वर्जित है। प्रवेश पत्र के सभी पेज का प्रिंट आउट लें और पेज के केवल एक तरफ प्रिंट करें, क्योंकि प्रत्येक परीक्षा हेतु व्यापम की प्रति परीक्षा केंद्र में जमा हो जाएगी।
कलेक्टर ने कहा कि परीक्षार्थी को परीक्षा हेतु प्रवेश पत्र के साथ पहचान पत्र के रूप में मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, पेन कार्ड, आधार कार्ड जिसमें अभ्यर्थी का फोटो हो, उसका एक मूल पहचान पत्र परीक्षा केंद्र में लाना अनिवार्य होगा। मूल पहचान पत्र प्रस्तुत नहीं करने पर परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा जिसके लिए अभ्यर्थी स्वयं जिम्मेदार होंगे। यदि इंटरनेट से प्राप्त प्रवेश पत्र पर फोटो नहीं आता है तो अभ्यर्थी अपने साथ दो रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो लेकर परीक्षा केंद्र में जाएं। परीक्षार्थी परीक्षा कक्ष में केवल काले बॉल पॉईंट पेन को ही उत्तर अंकित करने हेतु उपयोग में लाएं। उन्होंने कहा कि चयन परीक्षा प्रवेश के समय प्रवेश पत्र मांगा जाता है, इसे सुरक्षित रखें। व्यापम द्वारा दोबारा प्रवेश पत्र जारी नहीं की जाएगी। निर्देशों का पालन नहीं करने पर अभ्यर्थी को परीक्षा देने से वंचित किया जाएगा। परीक्षा में अनुचित साधनों का प्रयोग करने पर कठोर कार्यवाही की जाएगी तथा अभ्यर्थिता समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
बांसकुंड चिनार नदी स्टॉपडैम के 16 पिलरों को कूदकर रोज आना-जाना कर रहे ग्रामीण
कांकेर। जिला मुख्यालय से 45 किमी दूर बांसकुंड गांव में बहने वाली चिनार नदी में पुल नसीब नहीं होने से बांसकुंड गांव के तीन आश्रित गांव ऊपर तोनका, नीचे तोनका और चलाचूर के 500 ग्रामीण बरसात के 3 महीने जिला मुख्यालय, ब्लाक मुख्यालय और ग्राम पंचायत से कट जाते हैं। इस दौरन मजबूरी में ग्रामीण चिनार नदी पर बने स्टॉपडैम से आवागमन करते हैं।
इस बार भी ग्रामीण स्टॉपडैम के 16 पिलरों को कूद कर रोज आना-जाना कर रहे, इससे ग्रामीणों के जान को खतरा बना रहता है। ग्रमीणों का कहना है कि ऊपर तोनका, नीचे तोनका और चलाचूर तीन गांव के ग्रामीण लगातार चिनार नदी पर पुल बनाने की मांग कर रहे हैं। लंबे संघर्ष के बाद हाटकर्रा गांव से ऊपर तोनका 4 किमी सड़क तो बनवा दी, लेकिन जिम्मेदार पुल बनाना भूल गए।
यही कारण है कि ग्रामीण रोज स्टॉपडैम के 16 पिलर को फांद कर आना जाना करते हैं। खाद-बीज या दैनिक उपयोग के राशन समान को ग्रामीण कांधे पर लादकर रोजाना 16 पिलरों को लांघ कर पार करते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि नदी उफान पर होने से स्कूल में पढ़ाने बारिश में शिक्षक नहीं आ पाते हैं। ऊपर तोनका और नीचे तोनका गांव में प्राथमिक पाठ शाला है, लेकिन हाईस्कूल व हायर सेकेंडरी पढऩे छात्रों को नदी पार कर बांसकुंड आना होता है। बच्चे भी पानी कम रहने पर इसी तरह रोज स्टॉपडैम के पिलरों को लांघ कर स्कूल आते-जाते हैं।
राशन लेने जाने में भी दिक्कत होती है, आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल ले जाना संभव नहीं हो पाता है। गौरतलब है कि स्टॉप डेम में छलांग लगाना जोखिम भरा है। पिछले साल एक स्कूली बच्चा पिलर लांघते समय नदी में गिर गया था, ग्रामीण वहां पर मौजूद थे, इसलिए उसे बचा पाए। उसके बाद एक शिक्षक भी गिर गया था, जो खुद तैर कर बच गए।
ग्रामीणों का कहना है कि चिनार नदी पर 10 साल पहले स्टॉपडैम जरूर बनाया गया था, जिसमें गेट नहीं होने से पानी नहीं रूकता है। जिला पंचायत सीईओ हरेश मंडावी का कहना है कि ग्रामीण पुल की मांग पहले से कर रहे हैं। हमने शासन स्तर पर पुल का प्रस्ताव भेजा है, जल्द ही ग्रामीणों को पक्का पुल मिल जाएगा। हम लगातार अंदरुनी क्षेत्रों में सड़क और पुल-पुलियों का जाल बिछा रहे हैं। ग्रामीणों को परेशानी न हो इसीलिए जल्द वहां पक्का पुल बनाया जाएगा।
बांसकुंड चिनार नदी स्टॉपडैम के 16 पिलरों को कूदकर रोज आना-जाना कर रहे ग्रामीण
कांकेर । जिला मुख्यालय से 45 किमी दूर बांसकुंड गांव में बहने वाली चिनार नदी में पुल नसीब नहीं होने से बांसकुंड गांव के तीन आश्रित गांव ऊपर तोनका, नीचे तोनका और चलाचूर के 500 ग्रामीण बरसात के 3 महीने जिला मुख्यालय, ब्लाक मुख्यालय और ग्राम पंचायत से कट जाते हैं। इस दौरन मजबूरी में ग्रामीण चिनार नदी पर बने स्टॉपडैम से आवागमन करते हैं।
इस बार भी ग्रामीण स्टॉपडैम के 16 पिलरों को कूद कर रोज आना-जाना कर रहे, इससे ग्रामीणों के जान को खतरा बना रहता है। ग्रमीणों का कहना है कि ऊपर तोनका, नीचे तोनका और चलाचूर तीन गांव के ग्रामीण लगातार चिनार नदी पर पुल बनाने की मांग कर रहे हैं। लंबे संघर्ष के बाद हाटकर्रा गांव से ऊपर तोनका 4 किमी सड़क तो बनवा दी, लेकिन जिम्मेदार पुल बनाना भूल गए।
यही कारण है कि ग्रामीण रोज स्टॉपडैम के 16 पिलर को फांद कर आना जाना करते हैं। खाद-बीज या दैनिक उपयोग के राशन समान को ग्रामीण कांधे पर लादकर रोजाना 16 पिलरों को लांघ कर पार करते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि नदी उफान पर होने से स्कूल में पढ़ाने बारिश में शिक्षक नहीं आ पाते हैं। ऊपर तोनका और नीचे तोनका गांव में प्राथमिक पाठ शाला है, लेकिन हाईस्कूल व हायर सेकेंडरी पढऩे छात्रों को नदी पार कर बांसकुंड आना होता है। बच्चे भी पानी कम रहने पर इसी तरह रोज स्टॉपडैम के पिलरों को लांघ कर स्कूल आते-जाते हैं।
राशन लेने जाने में भी दिक्कत होती है, आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल ले जाना संभव नहीं हो पाता है। गौरतलब है कि स्टॉप डेम में छलांग लगाना जोखिम भरा है। पिछले साल एक स्कूली बच्चा पिलर लांघते समय नदी में गिर गया था, ग्रामीण वहां पर मौजूद थे, इसलिए उसे बचा पाए। उसके बाद एक शिक्षक भी गिर गया था, जो खुद तैर कर बच गए।
ग्रामीणों का कहना है कि चिनार नदी पर 10 साल पहले स्टॉपडैम जरूर बनाया गया था, जिसमें गेट नहीं होने से पानी नहीं रूकता है। जिला पंचायत सीईओ हरेश मंडावी का कहना है कि ग्रामीण पुल की मांग पहले से कर रहे हैं। हमने शासन स्तर पर पुल का प्रस्ताव भेजा है, जल्द ही ग्रामीणों को पक्का पुल मिल जाएगा। हम लगातार अंदरुनी क्षेत्रों में सड़क और पुल-पुलियों का जाल बिछा रहे हैं। ग्रामीणों को परेशानी न हो इसीलिए जल्द वहां पक्का पुल बनाया जाएगा।
कोयलीबेड़ा की 52 ग्राम पंचायतों के 242 वार्डों में पंच पद को अपवर्जित करने आदेश जारी
कांकेर। कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 129 (ड) के तहत अनुसूचित क्षेत्रों की ग्राम पंचायतों में वार्ड पंच पद हेतु आरक्षित पदों की अपवर्जन के लिए आदेश जारी किया है। जारी आदेशानुसार जनपद पंचायत कोयलीबेड़ा (पखांजूर) की 52 ग्राम पंचायत में आरक्षित वर्ग के मतदाता मौजूद नहीं होने के कारण पंच पद के आरक्षण का अपवर्जन किया गया है।
अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पखांजूर द्वारा प्रेषित प्रतिवेदन के आधार पर जनपद पंचायत कोयलीबेड़ा के ग्राम पंचायत आलोर के 03 वार्डों में, प्रेमनगर के 07, द्वारिकापुरी के 06, यशवंतनगर के 05, बापूनगर के 05, कोयगांव के 03, विवेकानन्दनगर के 03, देवपुर के 08 कल्याणपुर के 05, रविन्द्रनगर के 04, हांकेर के 03, मायापुर के 09 और बैकुण्ठपुर के कुल 06 वार्डों का अपवर्जन किया गया है।
इसी प्रकार ग्राम पंचायत रामकृष्णपुर के 07 वार्डों, हरिहरपुर के 04, चांदीपुर के 02, चाणक्यपुरी के 07, पित्तभोडिय़ा के 03, छोटेकापसी के 04, कृष्णनगर के 09, सत्यनगर के 05, ऐसेबेड़ा के 03, बलरामपुर के 04, भिंगीडार के 06, चंदनपुर के 05, श्यामनगर के 03, माटोली के 03, लखनपुर के 04, दुर्गापुर के 06, पेनकोड़ो के 05, इन्द्रप्रस्थ के 07, पुरूषोत्तमनगर के 08 वार्डों का अपवर्जन किया गया है।
उदयपुर के 03, जयश्रीनगर के 06, वनश्रीनगर के 05, श्रीपुर के 05, मरोड़ा के 03, लक्ष्मीपुर के 02, जनकपुर के 04, विजयपुर के 05, पाडेंग़ा के 05, बान्दे कॉलोनी के 02, नागलदण्ड के 05, हनुमानपुर के 03, विष्णुपुर के 06, कुरेनार के 01, विकासपल्ली के 06, राधानगर के 07, गोविन्दपुर के 05, जानकीनगर के 04, स्वरूपनगर के 02 और ग्राम पंचायत ओरछागांव के 01 वार्डों में अनुसूचित जनजाति वर्ग का कोई भी सदस्य निवास नहीं करता है। उक्त ग्राम पंचायतों में वार्ड पंच पद को अनुसूचित जनजाति के आरक्षण यथा स्थिति स्थानों या पद के आबंटन से अपवर्जित किया गया है।
इसी तरह कलेक्टर द्वारा जनपद पंचायत कोयलीबेड़ा की 28 ग्राम पंचायतों के 53 वार्ड पंच पद के अपवर्जन संबंधी प्रस्ताव के परीक्षण उपरांत आरक्षित वर्ग के मतदाता मौजूद होने के कारण अपवर्जन नहीं किए जाने के लिए उप जिला निर्वाचन अधिकारी को पत्र प्रेषित किया गया है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि जनपद पंचायत कोयलीबेड़ा की ग्राम पंचायत मण्डागांव के 01, मदले के 02, विवेकानन्दनगर के 01, कल्याणपुर के 02, बैकुण्ठपुर के 02, रामकृष्णपुर के 03 तथा हरिहरपुर, सत्यनगर, बलरामपुर, गुड़ाबेड़ा एवं केसेकोड़ी के 01-01 और लखनपुर के 03 वार्डों में आरक्षित वर्ग के मतदाता मौजूद हैं।
इसी प्रकार ग्राम पंचायत इन्द्रप्रस्थ, माचपल्ली, मरोड़ा, लक्ष्मीपुर, शंकरनगर, पाडेंग़ा, कुरेनार, विकासपल्ली और उलिया के 01-01, ग्राम पंचायत ताड़ावायली के 02, कंदाड़ी के 10, सितरम के 04, पानीडोबीर के 05, गोविन्दपुर के 01, जानकीनगर के 02 तथा स्वरूपनगर के 01 वार्ड में पंच पद हेतु आरक्षित वर्ग के मतदाता मौजूद हैं। इस आधार पर इन पंचायतों में वार्ड पंच के आरक्षण का अपवर्जन नहीं किया जाएगा।
50 हजार की इनामी महिला माओवादी और सहयोगी गिरफ्तार, भारी मात्रा में हथियार बरामद
कांकेर । परतापुर थाना क्षेत्र में संयुक्त बल को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। टीम ने कार्रवाई करते हुए महिला माओवादी सहित दो को गिरफ्तार किया है। मिली जानकारी के अनुसार गिरफ्तार महिला माओवादी सीएनएम की सदस्य बतायी जा रही है। जिसपर शासन की ओर से 50,000 रूपये इनाम घोषित था।
बीएसएफ 40 वीं वाहिनी, 47वीं वाहिनी बीएसएफ/पुलिस बल की संयुक्त टीम द्वारा नक्सल गस्त सर्चिंग के दौरान थाना परतापुर क्षेत्रांतर्गत ग्राम मिण्डी के जंगल पहाडी क्षेत्र से नक्सल सीएनएम सदस्य सुकमी उर्फ लखमी पद्दा पिता पाण्डू पद्दा उम्र 25 वर्ष निवासी रावनदी थाना छोटेबेठिया को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही सहयोगी लखमू पददा स्व. मिलू पद्दा उम्र 45 वर्ष निवासी रावनदी थाना छोटेबेठिया को गिरफ्तार किया गया है।
मोर गांव मोर पानी महाभियान: कांकेर में जल संरक्षण को मिला बढ़ावा
कांकेर । कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर के मार्गदर्शन में जिले में ‘मोर गांव मोर पानी’ महाभियान के तहत जल संरक्षण और भू-जल स्तर को बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर कार्य किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य वर्षा ऋतु में जल संचयन कर जिले को जल संकट से स्थायी रूप से निजात दिलाना है, साथ ही मनरेगा योजना के तहत जल संवर्धन के लिए विभिन्न संरचनाओं का निर्माण तेज गति से जारी है।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरेश मंडावी ने बताया कि जिले में जल संरक्षण और भू-जल स्तर को बढ़ाने के लिए मोर गांव मोर पानी महाभियान के तहत जिले के ग्राम पंचायतों में पहाड़ी ढलानों पर कुल 3620 से अधिक संरचनाएं बनाई जा चुकी हैं। इस वर्ष 1666 से अधिक जल संरक्षण कार्यों को मंजूरी दी जा चुकी है, इनमें तालाब निर्माण, निजी कृषि तालाब, सोखता गड्ढे, लूज बोल्डर चेक डेम, गैबियन स्ट्रक्चर, अर्दन डैम, चेक डैम, कंटूर ट्रेच, सोक पिट, डिफंक्ट बोरवेल रिचार्ज, परकोलेशन टैंक जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल है। इन संरचनाओं का मुख्य उद्देश्य बरसात के मौसम में नालों के माध्यम से बहकर व्यर्थ जाने वाले पानी को रोकना और उसे धरती में समाहित कर भू-जल स्तर को बढ़ाना है।
उन्होंने बताया कि इन कार्यों की योजना बनाने और कार्यान्वयन में आधुनिक जीआईएस तकनीक (जियोग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम) का उपयोग किया जा रहा है। इसकी मदद से रिज टू वैली (पहाड़ी से घाटी तक) सिद्धांत पर आधारित स्ट्रक्चर्स की प्लानिंग की गई है ताकि बारिश का पानी व्यवस्थित तरीके से संरचनाओं में एकत्र हो और अधिकतम जल संचयन हो सके। पूर्व में इन क्षेत्रों में वर्षा जल के बहाव से बड़े पैमाने पर मिट्टी कटाव की समस्या उत्पन्न होती थी। अब इन संरचनाओं के निर्माण से न केवल जल संरक्षण होगा, बल्कि मिट्टी कटाव की समस्या पर भी स्थायी समाधान मिलेगा। नालों का बहाव धीमा होगा और पानी धीरे-धीरे भूमि में रिसकर भू-जल भंडार को समृद्ध करेगा। ये प्रयास जिले में जल सुरक्षा सुनिश्चित करने और स्थानीय समुदायों की आजीविका को बेहतर बनाने में सहायक सिद्ध हो रहा है।