छत्तीसगढ़ / बलौदा बाजार
बलौदाबाजार जिले में मनाया गया मलेरिया दिवस
साफ-सफाई और बचाव का दिया गया संदेश
बलौदाबाजार । कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश पर जिले में 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस मनाया गया। सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में आमजन को मलेरिया रोग के प्रति रैली, परिचर्चा के माध्यम से जागरूक करते हुए रोग से बचाव का संदेश दिया गया।
विकासखंड कसडोल में मलेरिया केस की अधिकता को देखते हुए जिला तथा ब्लॉक कार्यालय के समन्वय से वनांचल ग्राम बलदाकछार में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में मलेरिया, टीबी, कुष्ठ, बीपी, शुगर, सिकलिन, एच बी तथा नेत्र जांच की गई तथा आयुष्मान कार्ड भी बनाये गए।इसके साथ ही समुदाय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें रैली के माध्यम से मितानिनों द्वारा ग्रामीणों को रोग के सम्बंध में बताते हुए आसपास साफ-सफाई रखने, मच्छर दानी लगाने की अपील की गई।
सीएमएचओ डॉ.राजेश कुमार अवस्थी ने बताया कि प्रतिवर्ष की भाँति इस वर्ष भी 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस मनाया गया। इस वर्ष का थीम मलेरिया हमारे साथ समाप्त हो जाए-पुनः निवेश करें, पुनः कल्पना करें, पुनः प्रज्वलित करें है।
राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के जिला नोडल अधिकारी डॉ अभिजीत बैनर्जी ने जानकारी देते हुए बताया कि बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में वर्ष 2024 में कुल 219 मलेरिया के प्रकरण मिले हैं जिसमें कसडोल में 189, बलौदा बाजार में 14, पलारी में 11, भाटापारा में 5 तथा सिमगा में शून्य केस दर्ज किए गए। विकासखण्ड कसडोल के वनांचल क्षेत्र मलेरिया के लिए ज्यादा संवेदनशील है। जिले का कुल वार्षिक परजीवी सूचकांक 0.15 है। कसडोल का कुल वार्षिक परजीवी सूचकांक 0.67 है।
इस अवसर पर बीएमओ डॉ. रवि शंकर अजगल्ले, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सृष्टि मिश्रा, विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक मनोज मिश्रा, सरोजिनी साहू, एम.एल.टी. ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक, मितानिन प्रशिक्षिका सहित मितानिन उपस्थित रहे।
जन्मजात विकृति से पीड़ित बच्चों के लिए चिरायु बना वरदान
बलौदाबाजार जिले में राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम के तहत स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में स्वास्थ्य परीक्षण कर चिरायु की टीम के द्वारा बच्चों का बेहतर इलाज कराया जा रहा है। बेहतर ईलाज होने से जन्मजात विकृति से पीड़ित बच्चों के लिए चिरायु योजना वरदान साबित हो रहा है।
भाटापारा खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेन्द्र माहेश्वरी ने बताया कि विकासखण्ड भाटापारा के ग्राम तरेंगा की 13 वर्षीय बालिका भारती यदु को जन्म से ही क्लेफ्ट पैलेट की समस्या थी। बच्ची के पिता रजवा यदु जो मजदूरी करते हैं उन्होंने बताया कि, इस जन्मजात रोग के कारण बच्ची के मुँह के तालू में छिद्र था जिसके कारण बच्ची को खाने, बोलने में असुविधा होती थी। डॉक्टर ने बताया कि बच्ची को देखने के बाद उसे रायपुर के निजी अस्पताल भेजा गया जहाँ ऑपरेशन के माध्यम से उपचार हुआ। यह उपचार पूरी तरह से निःशुल्क हुआ है।
इसी तरह पलारी खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ. बी.एस. ध्रुव ने बताया कि पलारी विकासखण्ड के ग्राम कोसमंदा के 12 वर्षीय बालक मोरध्वज कन्नौजे को जन्म से ही हृदय दोष था। जिसके तहत हृदय में संरचनात्मक असमानताएं विकसित हो जाती हैं जो हृदय की दीवारों ,वाहिकाओं ,वाल्वों को प्रभावित करता है जिससे सामान्य रक्त परिवहन बाधित हो जाता है। मोरध्वज को समय -समय पर तबियत खराब होने, सांस लेने में तकलीफ, खेलने कूदने के दौरान जल्दी थकान हो जाना,वजन न बढ़ना जैसी समस्या होती थी। डॉ. ध्रुव के ने बताया कि चिरायु टीम द्वारा सभी आवश्यक जाँच के पश्चात बालक को रायपुर के एक निजी अस्पताल में ले जा कर हृदय का सफल उपचार कराया गया। जिसका ऑपरेशन निःशुल्क किया गया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.राजेश कुमार अवस्थी ने बताया कि चिरायु योजना के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों एवं स्कूलों में मेडिकल टीम द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है।इसके तहत किसी प्रकार के रोग पाए जाने की स्थिति में उसके निःशुल्क उपचार की भी व्यवस्था की जाती है।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में स्वास्थ्य परीक्षण कर चिरायु की टीम के द्वारा बच्चों का बेहतर इलाज कराया जा रहा है। चिरायु की टीम के द्वारा कटे-फटे होंठ, जन्म जात मोतियाबिंद, टेढ़े-मेढ़े हाथ पैर, श्रवण बाधा सहित 44 प्रकार की बीमारी तथा विकृति पर कार्य किया जाता है। जरूरत पड़ने पर बच्चों को अच्छे हॉस्पिटल रेफर भी कराया जाता है।
दिव्यांग रतन लाल को मिला मोटराइज्ड ट्राईसिकल
बलौदाबाजार। कलेक्टर दीपक सोनी ने मंगलवार को समाज कल्याण विभाग के माध्यम से दिव्यांग रतन लाल टंडन को मोटराईज्ड ट्राई सिकल प्रदान किया। रतन लाल ने ट्राईसिकल मिलने पर कलेक्टर व शासन - प्रशासन को धन्यवाद दिया।
विकासखंड पलारी अंतर्गत ग्राम सेम्हराडीह निवासी 35 वर्षीय रतन लाल टंडन पिता भावदास टंडन लगभग 80 प्रतिशत दिव्यांग है जिससे उसे चलने- फिरने में बहुत कठिनाई का सामना करना पड़ता है।रतन लाल ने बताया कि मोटराइज्ड ट्राईसिकल नहीं होने से आने -जाने एवं सामान्य दिनचर्या के कार्यो में रोजाना काफी दिक्क़त होती थी लेकिन अब मोटराइज्ड ट्राईसिकल मिल जाने से आने -जाने की समस्या दूर हो जाएगी। इस दौरान उप संचालक समाज कल्याण अरविन्द गेडाम एवं विभाग के कर्मचारी उपस्थित थे।
नशे की लत से बच्चों को बचाने नशा मुक्ति अभियान शुरू
बलौदाबाजार । कलेक्टर दीपक सोनी के मार्गदर्शन में एक युद्ध, नशे के विरूद्ध अभियान को जिले में सघन रूप से एक सुरक्षित, स्वच्छ और शिक्षित भविष्य देने की मंशा से अप्रैल माह में विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। इसमें हॉट- स्पाट स्थलों पर नशावृत्ति में लिप्त बालकों को चिन्हांकन एवं उन्हें नशे से दूर रहने की समझाईश दी जा रही है।
इसी तारतम्य में जिला कार्यक्रम अधिकारी टिक्वेन्द्र जाटवार के नेतृत्व में 15 अप्रैल से 30 अप्रैल 2025 तक चलने वाले अभियान के प्रारंभिक चरण में जिला बाल संरक्षण इकाई, श्रम विभाग, खाद्य एवं औषधि विभाग तथा पुलिस विभाग की संयुक्त टीम द्वारा भाटापारा परिक्षेत्र में सघन भ्रमण कर जनसमुदाय को नशावृत्ति के दुष्परिणामों के बारे में जानकारी प्रदान की गई। बालकों में ड्रग्स और अन्य मादक पदार्थों के उपयोग की बढ़ती प्रवृत्ति एवं उससे पूरे परिवार-समाज पर होने वाले दूरगामी दुष्प्रभावों के प्रति समुदाय को टीम के द्वारा आगाह किया गया। संयुक्त अभियान टीम के द्वारा भाटापारा परिक्षेत्र में 2 बालिकाओं एवं 1 बालक को भिक्षावृत्ति एवं अपशिष्ट संग्रहण में संलिप्त पाया। बच्चों की सुरक्षा और पुनर्वास को ध्यान में रखते हुए, उन्हें बाल कल्याण समिति में प्रस्तुत किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला बाल संरक्षण अधिकारी प्रकाश दास ने शासन द्वारा संचालित नशामुक्ति केन्द्र का व्यापक प्रचार प्रसार करते हुए नशा करने वाले बालकों के संबंध में जिला बाल संरक्षण इकाई को चाईल्ड हेल्पलाईन के टोल फ्री नंबर 1098 एवं कार्यालयीन फोन नंबर 07727-299137 में देने की अपील की जिससे जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा बालकों के पुनर्वास की समुचित कार्यवाही की जा सकें।
उक्त कार्रवाई में संरक्षण अधिकारी दीपक राय, श्रम निरीक्षक, औषधि निरीक्षक, बीआरसी समन्वयक एवं पुलिस विभाग के अधिकारी गण उपस्थित रहे।
अवैध रूप से शराब बेचने वाले 2 आरोपी गिरफ्तार
बलौदाबाजार । ऑपरेशन विश्वास” के तहत जिला बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस पुलिस द्वारा अवैध रूप से शराब बिक्री करने वाले शराब कोचियों की धरपकड़ कार्यवाही लगातार जारी है। इसी क्रम में आज दिनांक 11.04.2025 को थाना सिमगा एवं चौकी बया की पुलिस टीमों द्वारा घेराबंदी कर, अवैध रूप से शराब बिक्री करने वाले 02 आरोपी शराब कोचियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों से ₹6300 कीमत मूल्य का 30 पाव देशी मसाला शराब 15 लीटर महुआ शराब जप्त किया गया है। इसके अतिरिक्त अवैध रूप से शराब परिवहन में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल भी जप्त किया गया है। आरोपियों के विरुद्ध धारा 34(2) आबकारी एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्घ कर, आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की प्रक्रिया की जा रही है।
जिले में नलकूप खनन पर 30 जून तक प्रतिबंध, कलेक्टर ने जारी किए आदेश
बलौदाबाजार । जिले में आगामी ग्रीष्म ऋतु को ध्यान में रखते हुए पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी दीपक सोनी ने छत्तीसगढ़ पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 (क्रमांक-3) 1987 की धारा 03 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए 11 अप्रैल से 30 जून 2025 तक बलौदाबाजार-भाटापारा जिले को जलभराव ग्रस्त क्षेत्र घोषित किया है।उक्त अधिनियम की धारा 06 के अंतर्गत जिले में उक्त दर्शित अवधि में सक्षम अधिकारी की पूर्वानुमति के बिना कोई नया नलकूप पेयजल अथवा पेयजल के अलावा किसी अन्य प्रयोजन के लिए खनन नहीं करेगा। शासकीय/अर्धशासकीय/नगरीय निकायों को पेयजल हेतु अपने क्षेत्राधिकार सीमा के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में नलकूप खनन हेतु अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी, परन्तु वे भी निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करेंगे। कोई भी व्यक्ति द्वारा अनुज्ञा के बिना अधिनियम का उल्लंघन करते हुए नलकूप खनन करते पाए जाने पर पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1987 के धारा 3 या 4 के उपबंधों का उल्लंघन पर कारावास या जुर्माना या दोनों से दण्डनीय होगा।
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री दीपक सोनी ने जन सुविधा को ध्यान में रखते हुए उक्त अधिनियम की धारा 06 के अंतर्गत नलकूप खनन हेतु अनुमति प्रदान करने के लिए अधिकारियों को प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त किया है जो संबंधित क्षेत्र में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी,नगरीय निकाय,तहसीलदार,नायब तहसीलदार से रिपोर्ट प्राप्त कर नियमानुसार अनुमति प्रदान करेंगे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार राजस्व अनुविभाग बलौदाबाजार क्षेत्र के तहत आने वाले क्षेत्र हेतु प्राधिकृत अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी (रा.) बलौदाबाजार, अनुविभाग पलारी क्षेत्र अंतर्गत आने वाले क्षेत्र हेतु अनुविभागीय (रा.) पलारी, अनुविभाग भाटापारा के तहत आने वाले क्षेत्र हेतु अनुविभागीय अधिकारी (रा.) भाटापारा, अनुविभाग सिमगा अंतर्गत आने वाले क्षेत्र हेतु अनुविभागीय अधिकारी(रा.) सिमगा, अनुविभाग कसडोल के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र हेतु अनुविभागीय अधिकारी, (रा.) कसडोल एवं अनुविभाग गिरौद के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र हेतु अनुविभागीय अधिकारी, (रा.) गिरौद को प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त किया गया है। समस्त प्राधिकृत अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में छत्तीसगढ़ पेयजल परिरक्षण अधिनियमों में उल्लेखित प्रावधानों के अनुसार नलकूप खनन आवश्यक होने पर अनुमति प्रदान करने की कार्यवाही करेंगे।
बोरवेल खनन अथवा बोरवेल मरम्मत का कार्य पंजीकृत बोरवेल एजेंसी द्वारा ही किया जायेेगा। किसी भी व्यक्ति या एजेंसी द्वारा उक्त अधिनियम के उल्लंघन में नलकूप खनन करते पाए जाने पर उसके विरूद्ध नियमानुसार सख्त कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
जिले में नलकूप खनन पर 30 जून तक प्रतिबंध, कलेक्टर ने जारी किए आदेश
बलौदाबाजार । जिले में आगामी ग्रीष्म ऋतु को ध्यान में रखते हुए पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी दीपक सोनी ने छत्तीसगढ़ पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 (क्रमांक-3) 1987 की धारा 03 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए 11 अप्रैल से 30 जून 2025 तक बलौदाबाजार-भाटापारा जिले को जलभराव ग्रस्त क्षेत्र घोषित किया है।उक्त अधिनियम की धारा 06 के अंतर्गत जिले में उक्त दर्शित अवधि में सक्षम अधिकारी की पूर्वानुमति के बिना कोई नया नलकूप पेयजल अथवा पेयजल के अलावा किसी अन्य प्रयोजन के लिए खनन नहीं करेगा। शासकीय/अर्धशासकीय/नगरीय निकायों को पेयजल हेतु अपने क्षेत्राधिकार सीमा के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में नलकूप खनन हेतु अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी, परन्तु वे भी निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करेंगे। कोई भी व्यक्ति द्वारा अनुज्ञा के बिना अधिनियम का उल्लंघन करते हुए नलकूप खनन करते पाए जाने पर पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1987 के धारा 3 या 4 के उपबंधों का उल्लंघन पर कारावास या जुर्माना या दोनों से दण्डनीय होगा।
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री दीपक सोनी ने जन सुविधा को ध्यान में रखते हुए उक्त अधिनियम की धारा 06 के अंतर्गत नलकूप खनन हेतु अनुमति प्रदान करने के लिए अधिकारियों को प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त किया है जो संबंधित क्षेत्र में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी,नगरीय निकाय,तहसीलदार,नायब तहसीलदार से रिपोर्ट प्राप्त कर नियमानुसार अनुमति प्रदान करेंगे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार राजस्व अनुविभाग बलौदाबाजार क्षेत्र के तहत आने वाले क्षेत्र हेतु प्राधिकृत अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी (रा.) बलौदाबाजार, अनुविभाग पलारी क्षेत्र अंतर्गत आने वाले क्षेत्र हेतु अनुविभागीय (रा.) पलारी, अनुविभाग भाटापारा के तहत आने वाले क्षेत्र हेतु अनुविभागीय अधिकारी (रा.) भाटापारा, अनुविभाग सिमगा अंतर्गत आने वाले क्षेत्र हेतु अनुविभागीय अधिकारी(रा.) सिमगा, अनुविभाग कसडोल के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र हेतु अनुविभागीय अधिकारी, (रा.) कसडोल एवं अनुविभाग गिरौद के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र हेतु अनुविभागीय अधिकारी, (रा.) गिरौद को प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त किया गया है। समस्त प्राधिकृत अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में छत्तीसगढ़ पेयजल परिरक्षण अधिनियमों में उल्लेखित प्रावधानों के अनुसार नलकूप खनन आवश्यक होने पर अनुमति प्रदान करने की कार्यवाही करेंगे।
बोरवेल खनन अथवा बोरवेल मरम्मत का कार्य पंजीकृत बोरवेल एजेंसी द्वारा ही किया जायेेगा। किसी भी व्यक्ति या एजेंसी द्वारा उक्त अधिनियम के उल्लंघन में नलकूप खनन करते पाए जाने पर उसके विरूद्ध नियमानुसार सख्त कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
127 निष्क्रिय व्हीएलई का आईडी होगा बंद
बलौदाबाजार । कलेक्टर दीपक सोनी ने सी एस सी के निष्क्रिय व्हीएलई पर सख्त कदम उठाते हुए जिले के सभी निष्क्रिय व्हीएलई के आईडी बंद करने की कार्यवाही करने के निर्देश दिये है। निर्देश के परिपालन में ई -डिस्ट्रिक्ट मैनेजर द्वारा जिले में सीएससी के निष्क्रिय व्हीएलई जो पिछले 6 माह में सीएससी में कोई भी कार्य नही किया गया है ऐसे 127 व्हीएलई का आईडी बंद करने हेतु राज्य कार्यालय को प्रस्ताव भेजा गया है।
ई- डिस्ट्रिक्ट मैनेजर से प्राप्त जानकारी के अनुसार कुल 127 निष्क्रिय व्हीएलई में विकासखंड बलौदाबाजार में 38, सिमगा में 23, भाटापारा में 22, पलारी में 16 एवं कसडोल में 28 शामिल हैं।
आवेदकों का तिलक लगाकर अभिनन्दन
सुशासन तिहार क़ो लेकर लोगों में भारी उत्साह
बलौदाबाजार। राज्य शासन के निर्देशानुसार आज जिले में सुशासन तिहार 2025 क़ा शुभारंभ हुआ। सुशासन तिहार अंतर्गत प्रथम चरण के तहत जिले के ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में आवेदन लेने की शुरुआत हुआ। सभी आवेदन प्राप्ति स्थल क़ो रंगोली एवं बैनर से आकर्षक ढंग से सजाया गया तथा प्रथम आवेदक का तिलक लगाकर व गुलदस्ता देकर स्वागत एवं अभिनन्दन किया गया। कलेक्टर दीपक सोनी ने संयुक्त जिला कार्यलय में आवेदन प्राप्ति स्थल पर स्वयं आवेदको से आवेदन प्राप्त किया और पंजी में आवश्यक प्रविष्टि कर पावती दिया।उन्होंने इस दौरान सुशासन तिहार में सबकी सहभागिता हेतु लोगों क़ो प्रोत्साहित किया।
जिले में सुशासन तिहार क़ो लेकर लोगों में भारी उत्साह देखने क़ो मिली। सुशासन तिहार के उद्देश्य क़ो जन- जन तक पहुंचने के लिए सायकिल रैली, नारा लेखन सहित अन्य जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।विकासखंड कसडोल के ग्राम पंचायत गिरौद में एसडीम आर. आर. दुबे की उपस्थिति में प्रथम आवेदक श्रीमती प्रेमलता पटेल का तिलक लगाकर व गुलदस्ता भेंट कर अभिनन्दन किया गया। प्रेमलता के आवेदन क़ो पंजी में प्रविष्टि उपरांत पावती दी गई और आवेदन क़ो समाधान पेटी में डाला गया।प्रेमलता पटेल ने बताया कि सुशासन तिहार राज्य शासन की बहुत अच्छी पहल है। इसके माध्यम से लोगों की समस्याओं और मांग से सम्बंधित आवेदनों का उपयुक्त निराकरण तय समय पर होगा। उन्होंने बताया कि एक सामाजिक भवन मांग के लिए आवेदन दिया है। पालिका परिषद बलौदाबाजार में एसडीएम अमित गुप्ता की उपस्थिति में वार्ड क्रमांक 3 में प्रथम आवेदक सूरज पटेल का गुलाब फूल देकर स्वागत किया गया। विकासखंड भाटापारा के ग्राम पंचायत देवरी में मंडल अध्यक्ष की उपस्थिति में प्रथम आवेदक का स्वागत किया गया। इसीतरह सभी नगरीय निकायों के वार्डो और ग्राम पंचायतों में सुशासन तिहार का आगाज हुआ।
आवेदन लिखने में सुशासन मित्र करेंगे सहयोग, संध्या चौपाल क़ा होगा आयोजन
सुशासन तिहार के निर्देशों का शतप्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करें : कलेक्टर
बलौदाबाजार । कलेक्टर दीपक सोनी ने मंगलवार को एसडीएम, जनपद सीईओ, मुख्य नगर पालिका अधिकारी एवं नोडल अधिकारियों की ऑनलाइन बैठक लेकर सुशासन तिहार के निर्देशों का शतप्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने आवेदन प्राप्ति स्थल में सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिये।
कलेक्टर ने कहा कि सुशासन तिहार अंतर्गत 8 अप्रैल से 11 अप्रैल 2025 तक आवेदन प्राप्त करने के दौरान आवेदन प्राप्ति स्थल में ऐसे आवेदक जो आवेदन नहीं लिख पाते उनके सहयोग के लिए एनएसएस, एनसीसी सहित वालांटियर्स को सुशासन मित्र बनाएं और आवेदन लिखने में इनका सहयोग लें। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक युवाओ कों सुशासन मित्र बनाएं। स्कूल, कॉलेज, आईटीआई एवं पोलिटेक्निक कोलेजो में सुशासन तिहार के सम्बन्ध में निबंध प्रतियोगिता, नारा लेखन, पोस्टर प्रतियोगिता आदि कार्यक्रम का आयोजन कराएं।
कलेक्टर ने कहा कि 12 अप्रैल से 31 अप्रैल तक ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रो में संध्या चौपाल का आयोजन करना है जिसमें शासन की जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रोजेक्टर के माध्यम से जन सामान्य को देना है। उन्होने कहा कि संध्या चौपाल का आयोजन करीब 50 दिन तक चलेगा। कलेक्टर ने आवेदन प्राप्त करने के अवधि के दौरान सभी ग्राम पंचायतों में नोडल अधिकारियो कों दौरा करने तथा वहां पेयजल, सडक, बिजली, शिक्षा, राशन कार्ड, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, पेंशन, मानदेय, मनरेगा श्रमिको का परिश्रमिक भुगतान की समीक्षा करने के निर्देश दिये।
बैठक में सी ई ओ जिला पंचायत दिव्या अग्रवाल, अपर कलेक्टर मिथलेश डोंडे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहित सहायिका के 8 पदों पर भर्ती हेतु आवेदन आमंत्रित
बलौदाबाजार । महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत सोनाखान एकीकृत बाल विकास परियोजना में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के 2 एवं आंगनबाड़ी सहायिका के 6 रिक्त पदों पर भर्ती हेतु आवेदन आमंत्रित किये गये हैं।आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के 2 पद बोरसी आंगनबाड़ी केन्द्र क्र.-02, भानपुर आंगनबाड़ी केन्द्र क्र.-01 एवं सहायिका के 6 पदों के लिए बल्दाकछार केन्द्र क्र.-01, बोरसी केन्द्र क्र-02, नगरदा, खुड़मुड़ी, बार, एवं कंजिया आंगनबाड़ी केन्द्र शामिल है।आवेदन करने के अंतिम तिथि 16 अप्रैल 2025 तक कार्यालयीन समय में सायं 5.30 बजे तक कार्यालय एकीकृत बाल विकास परियोजना सोनाखान,जिला बलौदाबाजार-भाटापारा (छ.ग.) के पते पर अपना आवेदन पत्र पंजीकृत डाक एवं व्यक्तिगत रूप से जमा कर सकते है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मनोविकास केंद्र का किया अवलोकन
बलौदाबाजार । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज बलौदा बाजार प्रवास के दौरान कृषि उपज मंडी परिसर बलौदाबाजार स्थित मनोविकास केंद्र का अवलोकन किया। उन्होंने विशेष आवश्यकता वाले बच्चों से बातचीत कर उनकी प्रगति की जानकारी ली एवं उनके अभिभावकों से फीडबैक प्राप्त किया। इस दौरान बच्चों ने अपने हुनर का प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री जी ने उनके प्रयासों की सराहना की।
उन्होंने कोविड केंद्र क़ो मनोविकास केंद्र के रूप मे बेहतर ढंग से संचालित करने पर जिला प्रशासन के सरहाना करते हुए अनुकरणीय पहल बताया।इस अवसर पर शेष साहू ने गायत्री मंत्र का उच्चारण कर मुख्यमंत्री जी को सुनाया, वहीं सोमनाथ साहू ने ढोलक बजाकर जसगीत प्रस्तुत किया। चार बच्चों—नीलकमल, पुष्कर, सोमनाथ और शेष—ने सूर्य नमस्कार कर योग प्रदर्शन किया, जिसे मुख्यमंत्री ने खूब सराहा।
मनोविकास केंद्र : विशेष बच्चों के समग्र विकास हेतु समर्पित संस्थान
बलौदा बाजार स्थित मनोविकास केंद्र विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के विकास और पुनर्वास के लिए समर्पित संस्थान है। यह केंद्र अंबुजा अडानी सीमेंट संयंत्र रवान के सीएसआर मद से संचालित हो रहा है और वर्तमान में 40 से अधिक बच्चों को विशेष शिक्षा, चिकित्सा सहायता, व्यावसायिक प्रशिक्षण और समग्र विकास की सुविधाएँ प्रदान कर रहा है। यह केंद्र जनवरी 2025 से शुरू हुआ है और अल्प समय मे ही बेहतर परिणाम सामने आने लगा है।
यहाँ विशेष शिक्षा, थेरेपी सेवाएँ (फिजियोथेरेपी, स्पीच थेरेपी, बिहेवियर थेरेपी), व्यावसायिक प्रशिक्षण (सिलाई, कंप्यूटर साक्षरता, बागवानी), मनोवैज्ञानिक परामर्श, और खेल व सांस्कृतिक गतिविधियाँ संचालित की जाती हैं। साथ ही, बच्चों के आत्मनिर्भर बनने के लिए कौशल विकास कार्यक्रमों से भी जोड़ा जाता है। इस दौरान राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन, पूर्व विधायक डॉ सनम जांगड़े,जिला अध्यक्ष आनंद यादव, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
सरकार की योजनाओं से हीरामति ने आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ाया कदम
बलौदाबाजार ।केंद्र एवं राज्य सरकार की कई योजनाओं क़ा लाभ मिलने से हीरामति पटेल अब आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ रही है और परिवार मे खुशहाली आई है।
विकासखंड बलौदाबाजार अंतर्गत ग्राम गिन्दोला निवासी हीरामति पटेल और उनके पति भुवन पटेल वर्षों से कृषि कार्य में संलग्न हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद, वे अपने परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए मेहनत करते रहे। लेकिन आर्थिक स्थिति के कारण वे अपने सपनों को पूरा नहीं कर पा रहे थे। सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं ने हीरामति पटेल के जीवन को एक नई दिशा दी। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उन्हें पक्के मकान की सुविधा मिली, जिससे अब उनका परिवार सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी रहा है। पहले कच्चे मकान में बारिश और गर्मी की परेशानियों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब वे अपने नए घर में सुकून से रहते हैं। महतारी वंदन योजना के माध्यम से उन्हें आर्थिक सहायता प्राप्त हुई, जिससे वे अपने दैनिक खर्चों को आसानी से पूरा कर पा रही हैं।
यह योजना न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही है, बल्कि उनके आत्मसम्मान को भी बढ़ा रही है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला गैस योजना ने उनके जीवन में एक और बड़ा बदलाव लाया। पहले लकड़ी के चूल्हे के धुएं से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होती थीं, लेकिन अब एलपीजी गैस कनेक्शन मिलने से उनका रसोई का काम आसान और स्वास्थ्यकर हो गया है। इससे वे अधिक समय अपने परिवार और खेती में दे पा रही हैं। हीरामति पटेल अब आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ चुकी हैं। सरकार की योजनाओं के सहयोग से उनका जीवन बेहतर हो गया है। वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी का आभार व्यक्त करती हैं, जिन्होंने ग्रामीण और जरूरतमंद परिवारों के लिए ऐसी जनहितकारी योजनाएं शुरू की।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने सिमगा मे जायना एग्रो का किया निरीक्षण
पेय पदार्थों की जांच हेतु ली सैंपल
बलौदाबाजार । कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश पर गर्मी सीजन में बिकने वाले खाद्य पदार्थो की जांच खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम द्वारा की जा रही है। इसी क्रम मे शुक्रवार क़ो सिमगा स्थित जायना एग्रो क़ा निरीक्षण कर पेय पदार्थो के गुणवत्ता हेतु सैपल लिया गया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी उमेश वर्मा ने बताया कि टीम के द्वारा जायना एग्रो सिमगा से जील अप पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर और जील अप जीरा फीज कार्बोनेटेड बेवरेज की गुणवत्ता एवं लेबल जांच हेतु खाद्य नमूना लिया गया।खाद्य नमूना क़ो राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा जाएगा एवं वहां से रिपोर्ट प्राप्त होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
होली के अवसर पर 14 को शुष्क दिवस
बलौदाबाजार । वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग के निर्देशानुसार कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी दीपक सोनी ने 14 मार्च होली (जिस दिन रंग खेला जायें) के अवसर पर संपूर्ण जिले में संचालित समस्त देशी विदेशी एवं कम्पोजिट मंदिरा दुकानें को पूर्णतः बंद रखने हेतु शुष्क दिवस घोषित किया है।
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी ने छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 24 की उप धारा (1) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये जिले में संचालित समस्त देशी/विदेशी मदिरा एवं कम्पोजिट मदिरा की फुटकर दुकानों, क्लब आदि जैसे एफ.एल.-1 (घघ), सी.एस.-2 (घघ) एवं सी.एस.-2 (घघ-कम्पोजिट) तथा मद्यभण्डारण- भाण्डागार को 14 मार्च 2025 (कुल 1दिवस) सम्पूर्ण दिवस के लिए शुष्क दिवस घोषित किया है। उक्त अवधि में जिले के समस्त देशी,विदेशी एवं कम्पोजिट मदिरा की फुटकर दुकानों, क्लब एवं मद्यभण्डारण-भाण्डागार को बंद किया जाना तथा मदिरा के विक्रय, विनिर्माण, संग्रहण, धारण, परिवहन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाना सुनिश्चित् किया जाना है।
गिरौदपुरी मेला परिसर में शेड निर्माण हेतु किया गया नाप -जोख क़ा कार्य
बलौदाबाजार। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की घोषणा पर जिला प्रशासन द्वारा त्वरित अमल शुरू कर दी गई है। गिरौदपुरी मेला समिति के अध्यक्ष धर्मगुरु गुरुबालदास साहेब एवं कलेक्टर दीपक सोनी की उपस्थिति में बुधवार को लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने मेला परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार से मुख्य मंदिर तक स्थायी शेड निर्माण के लिए नाप जोख किया गया।मेला समिति के अध्यक्ष धर्मगुरु गुरुबालदास साहेब ने अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण शेड निर्माण के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने गिरौदपुरी मेला के शुभारम्भ अवसर पर 4 मार्च 2025 को गिरौदपुरी पहुंच कर गुरु गद्दी का दर्शन एवं पूजा अर्चना कर प्रदेश वासियो की सुख समृद्धि के लिए कामना की थी। इस अवसर पर मेला समिति की मांग पर गिरौदपुरी मेला की राशि 25 लाख से बढ़ाकर 50 लाख करने तथा मेला परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार से मुख्य मंदिर तक स्थाई शेड निर्माण की घोषणा की थी।
मेला परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार से मुख्य मंदिर तक स्थायी शेड निर्माण होने से दंडवत प्रणाम करते हुए जाने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा होगी। शेड निर्माण होने से श्रद्धालुओं को बारिश व धूप से निजात मिलेगी। मुख्य प्रवेश द्वार से मुख्य मंदिर तक करीब 1200 मीटर की दूरी तक स्थाई शेड निर्माण किया जाएगा।
ज्ञातव्य है क़ि कलेक्टर दीपक सोनी के मार्गदर्शन में इस वर्ष गिरौदपुरी मेले में श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का विस्तार किया गया है। इसके साथ ही पहली बार श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मुख्य प्रवेश द्वार से मुख्य मंदिर तक अस्थायी शेड क़ा निर्माण भी किया गया है।
रोकी गई तीन नाबालिगों की शादी
परिजनों को समझाईश
बलौदाबाजार । नाबालिग बच्चों की शादी कराए जाने क़ी सूचना पर जिला प्रशासन द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए शादी रुकवाई गई। कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश पर जिला कार्यक्रम अधिकारी टी. जाटवर के मार्गदर्शन में एक संयुक्त टीम गठित कर जिला बाल संरक्षण इकाई, एकीकृत बाल विकास परियोजना पलारी और पुलिस विभाग के अधिकारी शामिल थे। टीम ने सिमगा विकासखंड के ग्राम आमाकोनी, भाटापारा विकासखण्ड के ग्राम अकोली एवं गोंगिया में जाकर तीन नाबालिग बच्चों की शादी रुकवाई।
ग्राम आमाकोनी में 14 वर्ष 4 महिने की नाबालिक लड़की की शादी होने वाला था जिसे जिसे समय रहते रोका गया।
अकोली गांव में 15 वर्ष 9 महिने की नाबालिग लड़की की शादी हो रही थी, जिसे प्रशासन ने विवाह रोक दिया,वही तीसरा मामला ग्राम गोगिया का था, जहां एक 15 वर्ष 7 माह के नाबालिक लड़के के पथरिया मुंगेली के लिए निकल रही बारात को संयुक्त टीम द्वारा रूकवाया गया साथ ही शैक्षणिक दस्तावेजों की जांच की गई एवं घोषणा पत्र में परिजनों से हस्ताक्षर कराया गया जो वैधानिक विवाह की न्यूनतम उम्र से कम थी।
परिजनों को दी गई समझाईश-महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने सभी नाबालिग बच्चों और उनके माता-पिता को बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में बताया। टीम ने उन्हें समझाया कि लड़कियों के लिए 18 वर्ष और लड़कों के लिए 21 वर्ष की उम्र से पहले विवाह कानूनी रूप से अपराध है जो बच्चों के स्वास्थ्य और भविष्य पर बुरा प्रभाव डाल सकता है। परिजनों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत कार्यवाही की चेतावनी दी गई अधिनियम के अनुसार बाल विवाह करने पर दो वर्ष का कारावास और 1 लाख रूपये का जुर्माना हो सकता है । इसके अलावा विवाह कराने, अनुमति देने, सहयोग करने या इसमें शामिल होने वालो पर भी कार्यवाही का प्रावधान है।
इस कार्रवाई में जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्ड हेल्पलाइन, एकीकृत बाल विकास परियोजना सिमगा, भाटापारा और पुलिस टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा।