छत्तीसगढ़ / राजनांदगांव
डिप्टी कलेक्टर अभिषेक तिवारी राजगामी सम्पदा राजनांदगांव के सचिव व मुख्य कार्यपालन अधिकारी नियुक्त
राजनांदगांव । कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व राजनांदगांव खेमलाल वर्मा के स्थान पर डिप्टी कलेक्टर अभिषेक तिवारी को आगामी आदेश तक अस्थाई रूप से राजगामी सम्पदा राजनांदगांव के सचिव व मुख्य कार्यपालन अधिकारी नियुक्त किया है। उल्लेखनीय है कि कार्य की अधिकता के दृष्टिगत कलेक्टर ने राजगामी सम्पदा के बायलाज के उपनियमों की कंडिका 9 के अनुसार डिप्टी कलेक्टर को राजगामी सम्पदा का मुख्य कार्यपालन अधिकारी नियुक्त किया है।
अपर कलेक्टर को दिया गया दिग्विजय स्टेडियम समिति के अस्थाई सचिव का दायित्व
राजनांदगांव। कलेक्टर एवं पदेन अध्यक्ष दिग्विजय स्टेडियम समिति डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे द्वारा दिग्विजय स्टेडियम राजनांदगांव का संचालन एवं प्रबंधन किया जाता है। कलेक्टर ने प्रशासनिक दृष्टिकोण से अपर कलेक्टर प्रेम प्रकाश शर्मा को दिग्विजय स्टेडियम समिति के उचित रख-रखाव एवं प्रबंधन व्यवस्था प्रभारी तथा अस्थाई रूप से सचिव का दायित्व आगामी आदेश पर्यन्त तक के लिए दिया है। उल्लेखनीय है कि कार्य की अधिकता के दृष्टिगत संयुक्त कलेक्टर एवं प्रभारी अधिकारी दिग्विजय स्टेडियम खेमलाल वर्मा के प्रभार का कार्य अपर कलेक्टर प्रेम प्रकाश शर्मा को सौंपा गया है।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह वन नेशन वन इलेक्शन संगोष्ठी कार्यक्रम में हुए शामिल
वन नेशन वन इलेक्शन के तहत देश में निर्वाचन कराया जाना संभव : विधानसभा अध्यक्ष
राजनांदगांव । विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह पद्मश्री गोविंदराम निर्मलकर ऑडिटोरियम राजनांदगांव में सामाजिक संस्था उदयाचल द्वारा आयोजित वन नेशन वन इलेक्शन संगोष्ठी कार्यक्रम में शामिल हुए। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि वन नेशन वन इलेक्शन समकालीन चुनाव की अवधारणा पर परिचर्चा है। संगोष्ठी में सभी समाज एवं वर्गों के लोग उपस्थित हंै, जहां सामाजिक समरसता का ताना-बाना दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि संगोष्ठी में देश की चिंता के साथ जिले के बुद्धिजीवी वर्ग भी एक साथ मिलकर इस पर विचार कर रहे हैं। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि वन नेशन वन इलेक्शन की अवधारणा को लेकर 2023 में 10 सदस्यी कमेटी का गठन किया गया, जिसमें सभी वर्गों के बुद्धिजीवी शामिल थे। उनके सामने एक साथ चुनाव कराएं जाने की चुनौतियां थी। कमेटी द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव पर देश का व्यापक समर्थन मिला। यहां तक कि विभिन्न भाषाओं में इसका प्रकाशन कराकर लोगों की राय जानी गई। सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि देश के लगभग 80 प्रतिशत लोगों ने वन नेशन वन इलेक्शन का व्यापक समर्थन किया।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि वन नेशन वन इलेक्शन दुनिया के अन्य देशों में भी लागू है, इससे उन देशों में सामाजिक, आर्थिक स्थिरता आयी है। अमेरिका, दक्षिण अफ्रीका, बेलजियम सहित अन्य देशों में निर्वाचन की यह प्रणाली लागू है। उन्होंने इंडोनेशिया का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां एक दिन में 20 करोड़ मतदाताओं ने 4 स्तरीय प्रतिनिधियों के चुनाव में हिस्सा लिया। ऐसे देश में जब यह कार्य हो सकता है, तो फिर हमारे देश में क्यों नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि वन नेशन वन इलेक्शन के तहत देश में निर्वाचन कराया जाना संभव है। उन्होंने यह भी कहा कि जब देश में संसाधनों की कमी थी, तकनीकी उपयोगिता कम थी, तब भी चुनाव एक साथ होते थे। वर्तमान में तकनीकी उन्नति के साथ-साथ अन्य प्रकार के विकास कार्य होने के कारण बड़ी आसानी से एक साथ चुनाव कराए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव की प्रक्रिया में राजनीतिक दलों को अपने देश के मतदाताओं के विवेक पर किसी भी प्रकार की शंका नहीं करनी चाहिए, मतदाताओं की ताकत पर हम सभी को भरोसा करना चाहिए।
सांसद संतोष पाण्डेय ने कहा कि संविधान लागू होने के बाद से विधानसभा एवं लोकसभा के चुनाव एक साथ होते रहे। लेकिन बाद में परिस्थितियां बदली और लोकसभा एवं विधानसभा के चुनाव अलग-अलग होने लगे। वर्तमान में केन्द्र सरकार द्वारा एक राष्ट्र एक चुनाव को लेकर पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में गठित कमेटी द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर संसद में बिल प्रस्तुत किया गया। देश में एक साथ चुनाव के लिए आम लोगों तक इसकी जानकारी के साथ उनकी राय भी ली जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार द्वारा व्यवस्थाओं में अनेक परिवर्तन किए गए है, उनमें जीएसटी लागू करना भी प्रमुख रहा है। वन नेशन वन इलेक्शन के लिए सरकार दृढ़ इच्छा शक्ति के साथ संकल्पित है। इससे समय और धन की बचत के साथ-साथ मानव संसाधन पर भी कम दवाब पड़ेगा। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि सन 1952 में हुए आम निर्वाचन में 5 करोड़ रूपए व्यय हुए थे, वही 2014 के आम लोकसभा आम निर्वाचन में 1 लाख 35 हजार करोड़ रूपए व्यय हुए। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए एक राष्ट्र एक चुनाव के लिए सभी सामाजिक संगठनों, आम लोगों को इस प्रस्ताव के लिए सहमत होकर आगे बढ़ाने की आवश्यकता है और इसे एक अभियान के रूप में चलाया जाना चाहिए।
पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा ने संगोष्ठी में भाग लेते हुए कहा कि वन नेशन वन इलेक्शन विषय पर समाज एवं राष्ट्र के सभी वर्ग के लोग कार्य करने में जुटे हैं। सन 1967 तक लोकसभा एवं विधानसभा के चुनाव एक साथ होते थे, राजनीतिक परिस्थितियों में बदलाव के कारण यह क्रम टूटा और अलग-अलग निर्वाचन होने लगे। उन्होंने कहा कि यदि लोकसभा, विधानसभा, नगरीय निकाय, पंचायत चुनाव एक साथ संपन्न कराए जाए तो जहां एक ओर धन की बचत होगी, वहीं मानव संसाधन पर भी दबाव कम पड़ेगा। एक साथ चुनाव होने पर अधिक से अधिक लोगों को चुनाव में हिस्सा लेने का अवसर मिलेगा, वहीं अधिकतम मतदाता निर्वाचन प्रक्रिया में अपनी हिस्सेदारी निभा पाएंगे। इसके अलावा ईव्हीएम एवं मतदाता सूची पर प्रश्र चिन्ह नहीं लगेगा। साथ ही जिस धन की बचत होगी, उससे आम जनता के कल्याण के लिए योजनाएं बनाकर क्रियान्वित किया जा सकेगा। वन नेशन वन इलेक्शन में किसी भी प्रकार की अड़चन नहीं होनी चाहिए और यह आसानी से संभव हो पाएंगा। छत्तीसगढ़ में नगरीय एवं पंचायत चुनाव एक साथ कराया जाना एक उदाहरण बन गया है।
महापौर मधुसूदन यादव ने कहा कि वन नेशन वन इलेक्शन देश के मूल्यों और विचारों पर आधारित है, इसकी आज नितांत आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बार-बार निर्वाचन कार्यक्रम होने पर धन एवं मानव संसाधन पर दबाव पड़ता है, इसके लिए जरूरी है कि लोकसभा एवं विधानसभा के निर्वाचन एक साथ कराएं जाएं। केन्द्र सरकार द्वारा लोकसभा में 129वें संविधान संशोधन के तहत बिल प्रस्तुत किया गया है। यह देश के हित में है, इससे धन एवं समय की बचत के साथ मानव ऊर्जा की बचत होगी और सबके कल्याण के लिए योजनाएं बनाकर कार्य संपादित हो सकेगा। पद्मश्री डॉ. पुखराज बाफना ने संगोष्ठी में भाग लेते हुए कहा कि यह राष्ट्र चिंतन एवं जनजागरण की संगोष्ठी है। एक राष्ट एक चुनाव से जहां समय एवं अर्थ की बचत होगी, वहीं चुनावी आवृत्ति में कमी आएंगी। वित्तीय बचत के साथ अन्य व्यय रोकने में मदद मिलेगी। पद्मश्री फूलबासन यादव ने कहा कि वन नेशन वन इलेक्शन देश के लोकतंत्र मजबूती प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि बार-बार चुनाव होने से आम जनता को परेशानी होती है। एक साथ चुनाव होने पर समय और धन की बचत होगी, वहीं गांव के गरीब लोगों के लिए कल्याणकारी योजनाएं बनेगी। इस अवसर पर संगोष्ठी में अधिवक्ता एचबी गाजी ने भी अपने विचार प्रकट किए और वन नेशन वन इलेक्शन के प्रस्ताव पर सहमति जतायी। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव, पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित के अध्यक्ष सचिन बघेल, कोमल सिंह राजपूत सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित थे।
नालंदा परिसर आने वाली पीढिय़ों के लिए बहुत महत्वपूर्ण सौगात : डॉ. रमन सिंह
नालंदा परिसर 24 घंटे रहेगा खुला
राजनांदगांव । विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने अपने राजनांदगांव प्रवास के दौरान आज ऊर्जा पार्क में नगर विकास के अंतर्गत लगभग 25 करोड़ रूपए की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने आज लगभग 30 लाख रूपए लागत के पुष्पवाटिका में निर्मित फिश एक्वेरियम का लोकार्पण किया। इसके साथ लगभग 12 करोड़ रूपए लागत के नालंदा परिसर तथा लगभग 12 करोड़ रूपए की लागत से मूलभूत सुविधा के तहत रोड, नाली, सामुदायिक भवन, मंच, उद्यान, प्रवेश द्वार, शेड निर्माण सहित विभिन्न कार्यों का भूमिपूजन किया।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि विकास के नये आयाम और नई दरवाजे खुल रहे हैं। नई पीढ़ी के निर्माण के लिए नालंदा परिसर बड़ा कारगर सेंटर बनेंगा। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि नालंदा परिसर जब किसी शहर में आ जाए तो हजारों युवकों में परिवर्तन लाता है। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव के विकास के बड़े कार्यों में मेडिकल कॉलेज, स्टेडियम के साथ अब नालंदा परिसर जुड़ जाएगा। नालंदा परिसर बनने से युवा पीढ़ी के निर्माण का कार्य होगा। नालंदा परिसर 24 घंटे खुला रहेगा। यहां हजारों बच्चे रजिस्ट्रेशन कराएंगे। इस नालंदा परिसर से हजारों बच्चे सीजीपीएससी, यूपीएससी, पुलिस, शिक्षक, आईआरएस जैसी विभिन्न भर्ती एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे। इस नालंदा परिसर में इंटरनेट से कनेक्ट 50 कम्प्यूटर और लैपटॉप रहेंगे और दुनिया की सारी जानकारी यहां से ले सकेंगे। यह रायपुर के नालंदा परिसर जैसे होगा। वहां के हजारों बच्चे अलग-अलग परीक्षाओं में पास हो चुके है। आने वाली पीढिय़ों के लिए नालंदा परिसर बहुत महत्वपूर्ण सौगात होगी।
सांसद संतोष पाण्डेय ने कहा कि नालंदा परिसर राजनांदगांव के लिए ऐतिहासिक होगा। उन्होंने कहा कि नालंदा परिसर छत्तीसगढ़ के कुछ ही जगहों पर है। उन्होंने कहा कि 500 बच्चे एक साथ बैठकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर सकते हैं। महापौर मधुसूदन यादव ने कहा कि दंतेवाड़ा और रायपुर के तर्ज पर छात्र-छात्राओं को नालंदा परिसर की सौगात मिलेगी। यह परिसर 24 घंटे चलने वाला परिसर होगा। इसमें 500 बच्चे अध्ययन कर सकेंगे। सीजीपीएससी, यूपीएससी, व्यापम और बहुत सारे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे।
कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने स्वागत उद्बोधन देते हुए बताया कि लगभग 25 करोड़ रूपए के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया। उन्होंने बताया कि शहर में लगभग 12 करोड़ रूपए की लागत से नालंदा परिसर बनेगा। इसमें 500 बच्चे विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयार कर सकेंगे। यह 24 घंटे संचालित होगी। यहां 2 लेक्चर हॉल का निर्माण किया जाएगा। 10 हजार किताबों की लायब्रेरी होगी। 50 सीटर इंटरनेट सहित कम्प्यूटर होंगे जिससे बच्चें ऑनलाईन पढ़ाई कर सकेंगे। यह भवन पूर्ण रूप से वातानुकुलित होगी। उन्होंने बताया कि पुष्पवाटिका में निर्मित फिश एक्वेरियम का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव, अध्यक्ष जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक सचिन बघेल, अध्यक्ष पर्यटन मंडल नीलू शर्मा, कोमल सिंह राजपूत, पूर्व सांसद प्रदीप गांधी, खूबचंद पारख, रमेश पटेल, दिनेश गांधी, राजेन्द्र गोलछा, संतोष अग्रवाल, नगर निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा सहित बड़ी संख्या में पार्षदगण, जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी एवं नगरवासी उपस्थित थे।
एनएमएमएस में राजनांदगांव जिले ने प्राप्त किया पांचवां स्थान
जिले के 141 विद्यार्थियों का हुआ चयन
राजनांदगांव । राष्ट्रीय साधन सह प्रावीण्य छात्रवृत्ति परीक्षा (एनएमएमएस) में राजनांदगांव जिले ने पांचवां स्थान प्राप्त किया है तथा छात्रवृत्ति के लिए जिले के 141 विद्यार्थियों का चयन हुआ है। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने राष्ट्रीय साधन सह प्रावीण्य छात्रवृत्ति परीक्षा में चयनित विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई एवं उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी है। जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास सिंह बघेल ने बताया कि शासन द्वारा राष्ट्रीय साधन सह प्रावीण्य छात्रवृत्ति परीक्षा चयनित विद्यार्थियों को कक्षा 12वीं तक प्रत्येक वर्ष 12 हजार रूपए की राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024-25 के राष्ट्रीय साधन सह प्रावीण्य छात्रवृत्ति परीक्षा में शामिल होने के लिए सर्वाधिक बच्चों ने पंजीयन कराया था। शिक्षकों द्वारा परीक्षा में शामिल होने वाले पंजीकृत बच्चों को परीक्षा की तैयारी कराई गई। साथ ही शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा शिक्षकों एवं बच्चों को आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया गया।
शालाओं एवं शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण के लिए जिला एवं विकासखंड स्तरीय समिति का गठन
राजनांदगांव । शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए शालाओं एवं शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण के लिए जिला एवं विकासखंड स्तरीय समिति का गठन किया गया है। जिला स्तरीय समिति में जिला कलेक्टर अध्यक्ष, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सदस्य, जिला मुख्यालय के आयुक्त नगर निगम व मुख्य नगर पालिका अधिकारी सदस्य, जिला शिक्षा अधिकारी सदस्य सचिव, जिला कार्यक्रम अधिकारी व जिला महिला बाल विकास अधिकारी सदस्य है। वही विकासखंड स्तरीय समिति में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अध्यक्ष, विकासखंड शिक्षा अधिकारी सदस्य सचिव, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी, विकासखंड स्त्रोत समन्वयक एवं परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास सदस्य है।
युक्तियुक्तकरण हेतु जिला एवं विकासखंड स्तरीय समिति के आवश्यक दायित्व दिए गए है। जिला स्तरीय समिति के दायित्व में विकासखंड स्तरीय समिति से प्राप्त शालाओं की सूची का परीक्षण करना, युक्तियुक्तकरण किए जाने वाले विद्यालय की सूची संचालक, लोक शिक्षण को प्रेषित करना, विकासखंड स्तरीय समिति से प्राप्त अतिशेष शिक्षकों की सूची में शिक्षक का नाम, पदनाम, पदस्थापना स्थल, विषय तथा संस्था में कार्यभार ग्रहण दिनांक सहित अन्य जानकारी का परीक्षण करना एवं युक्तियुक्तकरण पदस्थापना आदेश जारी करना। जिले में शिक्षक युक्तियुक्तकरण के पश्चात रिक्त पद नहीं होने के कारण शेष रह गए अतिशेष शिक्षकों की सूची संभागीय संयुक्त संचालक को भेजना शामिल है। विकासखंड स्तरीय समिति के दायित्वों में युक्तियुक्तकरण हेतु शालाओं का चिन्हांकन एवं उसे सूचीबद्ध करना, युक्तियुक्तकरण हेतु अतिशेष शिक्षकों का चिन्हांकन एवं उसे सूचीबद्ध करना, रिक्त पदों की शालावार सूची बनाना और सभी सूचियों को जिला स्तरीय समिति को भेजना शामिल है। विकासखंड स्तरीय समिति इस बात का प्रमाण पत्र देगी कि उसके द्वारा नियमानुसार अतिशेष शिक्षकों का चिन्हांकन किया गया है तथा इसमें अन्यत्र संलग्न शिक्षकों का नाम भी शामिल है। जिनकी मूल पदस्थापना अतिशेष शिक्षकों वाली शाला में है। विकासख्ंाड स्तरीय समिति यह भी प्रमाणित करेगी कि उनके द्वारा दिए गए रिक्त पदों की संख्या वास्तविक है, कोई भी रिक्त पद छूटा नहीं है।
यूनिट लीडर का सर्वोच्च प्रशिक्षण हिमालय वुड बैज कोर्स में शामिल हुए जिले के स्काउट एवं गाईड
राजनांदगांव। स्काउट एवं गाईड यूनिट लीडर का सर्वोच्च प्रशिक्षण हिमालय वुड बैज कोर्स का आधार शिला न्यू सैनिक स्कूल बिलासपुर में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में प्रतिज्ञा, नियम, झण्डा गीत, राष्ट्रगान, ध्वजारोहण प्रार्थना, शिविर ज्वाल गांठे, लेसिंग यूनिफॉर्म पयोनियरिंग, बैंक वुड मैन कुकिंग प्रवेश से राष्ट्रपति अवार्ड के पाठ्यक्रम की जानकारी एवं स्काउटिंग की उत्तपत्ति इतिहास वुड बैज स्टोरी का सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण से दल संचालन तथा जिला व विकासखंड के स्काउट-गाइड गतिविधियों में गुणत्मक विकास होगा। प्रशिक्षण शिविर में राजनांदगांव जिले से स्काउट विभाग अंतर्गत टोमन पटेल, नरेन्द्र धमगेश्वर, दाताराम निषाद, तुलसी राम साहू, नीलकंठ धुर्वे, डेहर साहू तथा गाईड विभाग से श्रीमती राखी रामटेके, श्रीमती सरिता साहू, सुश्री अंजली वैदय शामिल हुए।
पत्रकारिता में उत्कृष्ट कार्य के लिए वरिष्ठ पत्रकार के दैनिक दैनदिनी के ब्यूरो चीफ सुरेंद्र गुप्ता सम्मानित
पत्रकारिता में उत्कृष्ट कार्य के लिए सुरेंद्र गुप्ता सम्मानित
विधानसभा अध्यक्ष 20-21 को जिले के प्रवास पर
विभिन्न कार्यक्रमों में होंगे शामिल
राजनांदगांव। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह 20 एवं 21 मई 2025 को राजनांदगांव जिले के प्रवास पर रहेंगे। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह 20 मई को सुबह 11.30 बजे स्पीकर हाऊस शंकर नगर रायपुर से कार द्वारा प्रस्थान कर दोपहर 12.45 बजे राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम फूलझर पहुंचेंगे तथा दोपहर 12.50 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक ग्राम फूलझर सुशासन तिहार अंतर्गत आयोजित समाधान शिविर में शामिल होंगे। विधानसभा अध्यक्ष दोपहर 2.30 बजे ग्राम फूलझर से कार द्वारा प्रस्थान कर दोपहर 2.45 बजे स्पीकर हाऊस राजनांदगांव पहुंचेंगे तथा समय आरक्षित रहेगा व रात्रि विश्राम करेंगे।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह 21 मई को दोपहर 1 बजे दिग्विजय स्टेडियम राजनांदगांव पहुंचकर भारतीय स्टेट बैंक शाखा के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होंगे। विधानसभा अध्यक्ष शाम 5 बजे पद्मश्री गोविंदराम निर्मलकर ऑडिटोरियम राजनांदगांव में आयोजित वन नेशन वन इलेक्शन संगोष्ठी कार्यक्रम तथा शाम 6 बजे ऊर्जा पार्क गौरव पथ में नालंदा परिसर के भूमिपूजन कार्यक्रम एवं अन्य कार्यक्रमों में शामिल होंगे। विधानसभा अध्यक्ष शाम 7.30 बजे राजनादगांव से कार द्वारा स्पीकर हाऊस शंकर नगर रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे।
शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने के दृष्टिगत शासन की युक्तियुक्तकरण की नीति उपयोगी एवं कारगर साबित होगी
शालाओं में शिक्षकों की उपलब्धता, बच्चों की दर्ज संख्या के अनुपात में होनी चाहिए
राजनांदगांव । शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने के दृष्टिगत शासन की युक्तियुक्तकरण की नीति उपयोगी एवं कारगर साबित होगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एवं शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2009 के अनुरूप शालाओं में शिक्षकों की उपलब्धता, बच्चों की दर्ज संख्या के अनुपात में होनी चाहिए। प्रदेश की विभिन्न स्तर की शालाओं में सैकड़ों शिक्षक अतिशेष हैं। शालाओं एवं शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया जाना छात्र हित में उचित है। प्रदेश के विभिन्न स्थानों में एक ही परिसर में अथवा निकट में दो या दो से अधिक शालाएं संचालित हैं, ऐसे शालाओं का युक्तियुक्तकरण किया जाएगा। साथ ही अतिशेष शिक्षकों का शिक्षक विहीन एवं एकल शिक्षकीय शालाओं में युक्तियुक्तकरण किया जाएगा। शासन के निर्देशानुसार शालाओं एवं शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण की कार्रवाई की जा रही है।
प्रदेश में लगभग बड़ी संख्या में विभिन्न विद्यालयों का संचालन एक ही परिसर में हो रहा है। एक ही परिसर में संचालित विद्यालयों का युक्तियुक्तकरण बच्चों की शैक्षिक गुणवत्ता की दृष्टि से किया जाएगा। जिसमें एक ही परिसर में संचालित दो या दो से अधिक प्राथमिक विद्यालयों, एक ही परिसर में संचालित दो या दो से अधिक पूर्व माध्यमिक विद्यालयों, एक ही परिसर में संचालित प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालयों, एक ही परिसर में संचालित पूर्व माध्यमिक एवं हाईस्कूल विद्यालयों, एक ही परिसर में संचालित प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक एवं हाईस्कूल, एक ही परिसर में संचालित प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक, हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी विद्यालयों, एक ही परिसर में संचालित हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी विद्यालयों का युक्तियुक्तकरण किया जाएगा।
कम दर्ज संख्या वाले शालाओं का युक्तियुक्तकरण अंतर्गत 10 से कम दर्ज संख्या वाली प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक शालाओं का निकटस्थ शालाओं में समायोजन किया जायेगा। नक्सल प्रभावित क्षेत्र एवं दूरस्थ वनांचल के विद्यालयों के लिए युक्तियुक्तकरण हेतु निर्धारित मापदण्ड के बावजूद जिला समिति के अध्यक्ष कलेक्टर का यह विवेकाधिकार होगा कि वे ऐसे विद्यालयों का स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुये युक्तियुक्तकरण पर विचार कर सकेगें। एक ही स्तर के दो विद्यालय जिनके बीच की दूरी कम हो तथा दर्ज संख्या भी कम हो, उनका समायोजन किया जायेगा। ऐसी शालाओं की परस्पर दूरी शहरी क्षेत्र में 500 मीटर तथा दर्ज संख्या 30 से कम एवं ग्रामीण क्षेत्र में दूरी 1 किलोमीटर से कम तथा दर्ज संख्या 10 से कम हो का युक्तियुक्तकरण किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा गुणवत्तापूर्ण दवाईयों का हो रहा वितरण
राजनांदगांव । स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा राजनांदगांव जिले में मरीजों को गुणवत्तापूर्ण दवाईयों का वितरण किया जाता है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरत्न ने बताया कि जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में वांछित योग्यताधारी फार्मासिस्ट सेवारत है। जिनके माध्यम से अस्पताल के मरीजों को दवा डॉक्टर द्वारा लिखी गयी दवाईयों का वितरण पूर्ण जानकारी बताकर किया जाता है। जिला एवं विकासखण्ड के अधिकारियों द्वारा समय-समय पर निरन्तर स्वास्थ्य केन्द्रों का औचक निरीक्षण कर भण्डार गृह एवं दवाईयों के एक्सपायरी एवं आवक-जावक पंजी का अभिप्रमाणीकरण किया जाता है। अस्पताल से वितरित की गयी दवाईयों की खराबी के संबंध में किसी भी मरीज द्वारा किसी भी माध्यम से शिकायत दर्ज नहीं करायी गयी है। जिले के प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में औसतन 200-250 मरीजों को प्रतिदिन दवा वितरित की जाती है। स्वास्थ्य केन्द्रों के स्टोर की नियमित रूप से साफ-सफाई की जाती है। सीजीएमसी द्वारा दवा की पूर्ण गुणवत्ता चेक कर स्वास्थ्य केन्द्रों में मांग अनुसार दवा प्रदाय की जाती है। मरीजों को दवा वितरण से पूर्व दवा की वर्तमान स्थिति जांच कर दवा दी जाती है।
स्वास्थ्य अधोसंरचना को सशक्त बनाने की दिशा में किए जा रहे महत्वपूर्ण कार्य
शासन स्तर से स्वीकृति उपरांत ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में विभिन्न प्रकार के कार्य निर्माणाधीन एवं प्रगतिरत
राजनांदगांव। जिले में स्वास्थ्य अधोसंरचना को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे है। शासन स्तर से स्वीकृति उपरांत ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में विभिन्न प्रकार के कार्य निर्माणाधीन एवं प्रगतिरत हैं। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने जिले के स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूती प्रदान करने के लिए निर्माण कार्यों को तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए है। जिले के छुरिया विकासखंड में 2 करोड़ 50 लाख रूपए की लागत से नवीन सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन निर्माणाधीन है। जिससे दूरस्थ एवं ग्रामीण अंचल के लोगों को इसका लाभ मिलेगा। इसी प्रकार मेडिकल कॉलेज अस्पताल राजनांदगांव में लगभग 2 करोड़ 94 लाख 55 हजार रूपए की लागत से फिजियोथेरेपी वार्ड का निर्माण किया जा रहा है। जिले में पूर्व में किसी भी प्रकार का क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल नहीं था। जिसकी मांग एवं आवश्यकता को देखते हुए 16 करोड़ 63 लाख रूपए की लागत से मेडिकल कॉलेज में क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। इसी प्रकार विकासखंड डोंगरगढ़ एवं घुमका में 50-50 लाख रूपए की लागत से ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट निर्माण भी अंतिम चरण में है। बरसात के दिनों में जिला अस्पताल बसंतपुर में जल भराव की स्थिति बनती थी, उसे देखते हुए जिला चिकित्सालय में 3 करोड़ 56 लाख रूपए की लागत से कार्य किया जा रहा है। इसी प्रकार जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डोंगरगढ़ में विभिन्न प्रकार के 1 करोड़ रूपए का कार्य तथा शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र मोतीपुर के नवीन भवन हेतु 75 लाख की लागत से निर्माण कार्य जल्द प्रारम्भ किया जा रहा है। साथ ही साथ मेडिकल कॉलेज में 2 करोड़ 79 लाख रूपए की लागत से ट्रामा सेंटर का निर्माण किया जा रहा है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन तथा उप स्वास्थ्य केंद्र भवन, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, बायो मेडिकल वेस्ट निपटान हेतु कार्य भी निर्माणाधीन है। जिले में स्वास्थ्य अधोसंरचनाओं में नवीन व बड़े कार्यों की स्वीकृति प्राप्त होने से आमजन को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं आसानी से उपलब्ध होगी। साथ ही इन स्वास्थ्य केन्द्रों में बेहतर तकनीकी के उपकरण, मेडिकल उपकरण, लैब की व्यवस्था, मानव संसाधन की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जा रही है। वर्तमान में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत कुल 37 पद में 184 पद संख्या की भर्ती की जा रही है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया की स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमलों द्वारा घर-घर जाकर आयुष्मान कार्ड सर्वे कर नवीन आयुष्मान कार्ड एवं आयुष्मान वय वंदन कार्ड बनाए जाने की कार्य में प्रगति लाई जा रही है। जिले में 94 प्रतिशत राशनकार्ड धारक हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड बन गए हैं। जिले में वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य स्तर से जारी विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों में प्राप्त उपलब्धियों के आधार पर जारी स्वास्थ्य सूचकांकों के रैंक में चौथे पायदान पर है। इसी प्रकार जिले को मितानिनों के मोबाइल एकेडमी कार्यक्रम में द्वितीय स्थान तथा 100 दिवसीय निश्चय निरामय कार्यक्रम में राज्य में नवीन पहल की श्रेणी में उत्कृष्ट कार्य करने हेतु स्वास्थ्य मंत्री द्वारा पुरस्कृत किया गया है। स्वास्थ्य केन्द्रों की राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक सर्टिफिकेट 9 स्वास्थ्य केंद्रों द्वारा प्राप्त किए गए हैं एवं शेष स्वास्थ्य केन्द्रों में सर्टिफिकेशन प्राप्त करने हेतु आवश्यक तैयारी सुनिश्चित की जा रही है।
23 तक दावा आपत्ति
राजनांदगांव। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सखी वन स्टॉप सेंटर के पैरा लीगल कार्मिक व वकील, पैरा मेडिकल कार्मिक, कार्यालय सहायक एवं सुरक्षा गार्ड व नाईट गार्ड के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए प्राप्त आवेदनों की पात्र-अपात्र सूची प्रकाशित कर दी गई है। अभ्यर्थी प्रकाशित सूची के संबंध में 23 मई 2025 तक कार्यालयीन समय में कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग कलेक्टोरेट परिसर राजनांदगांव में पंजीकृत डाक, स्पीड पोस्ट एवं कोरियर के माध्यम से दावा-आपत्ति प्रस्तुत कर सकते है। प्रकाशित सूची का अवलोकन एवं भर्ती के संबंध में अन्य जानकारी जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग के सूचना पटल एवं राजनांदगांव जिले की वेबसाईट से प्राप्त की जा सकती है।
पालना कार्यकर्ता एवं पालना सहायिका पद के संबंध में दावा आपत्ति 26 तक
राजनांदगांव । एकीकृत बाल विकास सेवा परियोजना राजनांदगांव (शहरी) अंतर्गत पालना कार्यकर्ता एवं पालना सहायिका पद के लिए प्राप्त आवेदन पत्रों की खण्डस्तरीय मूल्यांकन समिति के निरीक्षण व परीक्षण पश्चात वरीयता क्रम अनुसार प्राविधिक मूल्यांकन पत्रक जारी किया गया है।
आवेदिकाओं को जारी प्राविधिक मूल्यांकन पत्रक के संबंध में आपत्ति होने पर दावा आपत्ति 26 मई 2025 तक कार्यालय परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास सेवा परियोजना राजनांदगांव (शहरी) में लिखित रूप में दर्ज करा सकते हैं। अंतिम तिथि पश्चात प्राप्त दावा आपत्ति के आवेदन पत्रों पर विचार नहीं किया जाएगा। इस संबंध में विस्तृत जानकारी कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।
पॉक्सो मामलों के लिए शरद श्रीवास्तव सपोर्ट पर्सन नियुक्त
राजनांदगाँव । लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012(पाक्सो) अंतर्गत राजनांदगाँव जिले के लिए शरद श्रीवास्तव का चयन सपोर्ट पर्सन के रूप में किया गया है। अतिरिक्त जिला न्यायाधीश ओ पी साहू की अध्यक्षता वाली समिति ने साक्षात्कार के माध्यम से लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 के तहत राजनांदगाँव जिले के लिए शरद श्रीवास्तव को उनकी क्षमता और कार्य अनुभव के आधार पर चयन किया है।
विगत 25 वर्षों से सामाजिक कार्यों में सक्रिय श्री श्रीवास्तव राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग में सदस्य रहने के साथ-साथ चाइल्ड लाइन के डायरेक्टर भी रह चुके हैं। पाक्सो सपोर्ट पर्सन के रूप में शरद श्रीवास्तव यौन शोषण या बाल शोषण के पीड़ितों को समर्थन और सहायता प्रदान करने का कार्य जैसे पीड़ितों को भावनात्मक समर्थन प्रदान करना,पीड़ितों को कानूनी प्रक्रिया के बारे में जानकारी देना,पीड़ितों को चिकित्सा और परामर्श सेवाओं तक पहुंचने में मदद करना, पीड़ितों के अधिकारों की रक्षा करना और पीड़ितों को न्यायिक प्रक्रिया में सहयोग करने जैसी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। सपोर्ट पर्सन के पद पर श्री श्रीवास्तव का चयन होने पर डेवलपमेंट सेक्टर के कार्यकर्ताओं और ईष्ट मित्रों ने बधाई दी है।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने हरियाली बाहिनी नीर और नारी जल यात्रा में शामिल
टेड़ेसरा ग्राम- टेड़ेसरा में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने हरियाली बाहिनी नीर और नारी जल यात्रा में शामिल होकर महिलाओं द्वारा चलाई जा रही पानी बचाव के लिए किए जा रहे प्रयास को प्रोत्साहित किया और जल यात्रा रैली की रवानगी की गई हरियाली बाहिनी, मां बम्लेश्वरी समूह, बिहान की टीम ,जिला प्रशासन के सहयोग से गांव गांव में नीर और नारी जल यात्रा निकली जा रही, इस यात्राएं का नेतृत्व कर रही पद्मश्री फूलबासन यादव की अब तक 65 गांव में जल यात्रा हो चुकी है, इस जल यात्रा से गांव में गांव में जागरूकता बड़ी है, जिसके परिणामस्वरूप गांव में सोखता गड्ढा और नाला बंधान कर रहे, श्रीमती फूलबासन यादव लोगो को जल यात्रा के बाद सभा करते हुआ पानी को बचाने के विभिन्न उपाय को बारीकी से बता रही है। वे अभी से जगने का आहवान कर रही है, नहीं तो हमें आने वाले समय में स्वयं एवं परिवार को भुगतना पड़ेगा, हरियाली बाहिनी अभियान प्रमुख शिव कुमार देवांगन पौधा लगाने जोर देते हुए हरियाली लाने ग्रामवासी को प्रेरित कर रहे है जिस प्रकार से पेड़ पौधे का नुकसान हो रहा है आने वाले संकट से बचने के लिए पौधा लगा कर बचाने के लिए आगे आने के लिए प्रयास कर रहे है हर गांव में बड़ी संख्या में पौधे लगने से पानी का संचय होगा और तापमान में कमी आयेगा ग्रामीणों को अवगत करा रहे है
राजनांदगांव से सटे महाराष्ट्र के चंद्रपुर में बाघ ने ले ली चार लोगों की जान
राजनांदगांव। महाराष्ट्र के टाइगर बेल्ट में एक दुखद घटना हुई। दो दिन में बाघ ने चार लोगों की जान ले ली। शनिवार दोपहर को बाघ ने एक ही हमले में तीन
महिलाओं को मार डाला था। यह पहली बार है जब एक बाघ ने एक साथ इतने लोगों की जान ली है। इसके बाद रविवार को एक और ग्रामीण की मौत हो गई।
बाघ की पहचान के लिए लगी टीमें
घटना के तुरंत बाद, वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा और घायल महिला को अस्पताल पहुंचाया। वन विभाग ने बाघ की पहचान करने के लिए इलाके में कैमरे लगाए हैं।विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाएं इसलिए बढ़ रही हैं क्योंकि वन्यजीवों के रहने की जगह कम होती जा रही है। महाराष्ट्र में पिछले तीन सालों में जंगली जानवरों के हमलों में 225 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। इनमें से ज्यादातर मौतें बाघों के हमलों में हुई हैं।
इलाके की गश्त बढ़ाई गई
वरिष्ठ वन अधिकारियों ने कहा कि एक बार जब बाघ की पहचान हो जाएगी, तो उसे बेहोश करने और पकड़ने के लिए प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) को औपचारिक अनुरोध भेजा जाएगा। गांव वाले इस हमले से बहुत दुखी हैं। उन्होंने बाघ को तुरंत पकड़ने की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। वन विभाग ने इलाके में गश्त बढ़ा दी है और लोगों को जंगल में न जाने की चेतावनी दी है।इस हमले के साथ, चंद्रपुर जिले में 2025 में वन्यजीवों से संबंधित मौतों की संख्या 16 तक पहुंच गई है। ये सभी मौतें बाघों के हमलों में हुई हैं। पिछले साल, ऐसी 29 मौतें हुई थीं, जिनमें से 27 बाघों के हमलों में हुई थीं। 2023 में, यह संख्या 25 थी। सबसे ज्यादा मौतें 2022 में हुई थीं, जब 51 लोग मारे गए थे। इनमें से 44 को बाघों ने और 7 को तेंदुओं ने मारा था।