छत्तीसगढ़ / राजनांदगांव
26 एवं 30 जनवरी को शुष्क दिवस घोषित
राजनांदगांव । कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी संजय अग्रवाल ने 26 जनवरी 2025 को गणतंत्र दिवस एवं 30 जनवरी 2025 को महात्मा गांधी निर्वाण दिवस पर शुष्क दिवस घोषित किया है।
कलेक्टर ने 26 जनवरी एवं 30 जनवरी को राजनांदगांव जिले की सभी देशी एवं विदेशी मदिरा दुकानों, रेस्टोरेन्ट बार, होटल बार, क्लब एवं मद्य भण्डारण-भण्डागार को सम्पूर्ण दिवस बंद रखने के निर्देश दिए है तथा संस्थानों में मदिरा का संव्यवहार पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा।
रिक्त पदों के लिए 30 तक आवेदन
पालना कार्यकर्ता एवं पालना सहायिका
राजनांदगांव । एकीकृत बाल विकास सेवा परियोजना राजनांदगांव (शहरी) अंतर्गत बख्शी वार्ड क्रमांक 4 के पालना केन्द्र में पालना कार्यकर्ता के 1 पद एवं पालना सहायिका के 1 पद तथा तुलसीपुर वार्ड क्रमांक 17 के पालना केन्द्र में पालना कार्यकर्ता के 2 पद एवं पालना सहायिका के 2 पद हेतु आवेदन आमंत्रित किया गया है।
पदों पर नियुक्ति के लिए इच्छुक एवं पात्र आवेदक 30 जनवरी 2025 तक कार्यालय एकीकृत बाल विकास सेवा परियोजना राजनांदगांव (शहरी) जिला राजनांदगांव छत्तीसगढ़ में सीधे अथवा पंजीकृत डाक से आवेदन प्रस्तुत कर सकते है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।
दावा-आपत्ति 27 तक
राजनांदगांव । एकीकृत बाल विकास सेवा परियोजना राजनांदगांव (शहरी) अंतर्गत जनता कालोनी वार्ड क्रमांक 30 आंगनबाड़ी केन्द्र क्रमांक 1, बैगापारा वार्ड क्रमांक 32 आंगनबाड़ी केन्द्र क्रमांक 1 व 2 में आंगनबाड़ी सहायिका तथा झुलेलाल वार्ड क्रमांक 40 आंगनबाड़ी केन्द्र क्रमांक 3 में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पद हेतु प्राप्त आवेदन पत्रों की निरीक्षण एवं परीक्षण पश्चात वरीयता क्रमानुसार प्राविधिक मूल्यांकन पत्रक तैयार कर जारी किया गया है।
जारी प्राविधिक मूल्यांकन पत्रक के संबंध में दावा-आपत्ति 27 जनवरी 2025 तक कार्यालय एकीकृत बाल विकास सेवा परियोजना राजनांदगांव (शहरी) में उपस्थित होकर आवेदन पत्र के माध्यम से दर्ज करा सकते है। जारी प्राविधिक मूल्यांकन पत्रक का अवलोकन कार्यालय एकीकृत बाल विकास सेवा परियोजना राजनांदगांव (शहरी) एवं कार्यालय नगर पालिक निगम राजनांदगांव के सूचना पटल पर किया जा सकता है।
राष्ट्रीय मतदाता दिवस 25 को
राजनांदगांव । भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार राष्ट्रीय मतदाता दिवस 25 जनवरी 2025 को सुबह 11 बजे शासकीय विभागों, पीएसयू कार्यालय एवं शिक्षण संस्थानों अन्य संस्थानों में मतदाता शपथ दिलाई जाएगी।
उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम का हो रहा संचालन
राजनांदगांव । कलेक्टर एवं अध्यक्ष जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण श्री संजय अग्रवाल के मार्गदर्शन में जिले में उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम का संचालन किया जा रहा है। जिले के उल्लास शिक्षा केन्द्रों में साक्षरता कक्षाओं का संचालन स्वयंसेवी शिक्षकों द्वारा नवाचारी गतिविधियों का प्रयोग करते हुए किया जा रहा है। जिसमें पठन-पाठन के साथ ही डिजिटल साक्षरता, आपदा प्रबंधन, कौशल विकास, वित्तीय साक्षरता, विधिक साक्षरता, चुनावी साक्षरता जैसे अन्य विषयों की जानकारी दी जा रही है।
जिला परियोजना अधिकारी साक्षरता रश्मि सिंह द्वारा राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम जराही में संचालित उल्लास आदर्श साक्षरता केन्द्र का निरीक्षण किया गया। उन्होंने बताया कि केन्द्र प्रवर्तित उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम 15 वर्ष से अधिक उम्र के किसी कारणवश पढ़ाई नहीं कर पाने वाले व्यक्तियों के लिए प्रारंभ किया गया है। जिसके तहत स्वयंसेवी शिक्षकों द्वारा पठन-पाठन कराया जा रहा है, ताकि अंक ज्ञान, अक्षर ज्ञान प्राप्त करें।
उन्होंने स्वयंसेवी शिक्षकों को शिक्षार्थियों की रूचि के लिए नियमित पठन-पाठन का लाभ बताने कहा, जिससे उनके परिवार में शिक्षा का माहौल निर्मित हो सके। ग्राम जराही के उल्लास आदर्श साक्षरता केन्द्र में 26 असाक्षरों को स्वयंसेवी शिक्षकों द्वारा पठन-पाठन कराया जा रहा है। स्वयंसेवी शिक्षकों ने पढ़ाने के संबंध में अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि हमें अपने गांव के हमारे ही पारिवारिक सदस्यों एवं गांव के अन्य जनों के साथ साक्षरता कक्षाओं का संचालन करने में आनंद की अनुभूति हो रही है। खेल-खेल के माध्यम से शिक्षार्थियों को अक्षर ज्ञान अंक ज्ञान एवं जीवन की महत्वपूर्ण उपयोगी बातो को बताया जा रहा है। साथ ही बुजुर्गों से हमें भी अनुभव प्राप्त हो रहा है। उल्लास शिक्षा केन्द्र में शिक्षार्थी, स्वयंसेवी शिक्षक, संकुल समन्वयक एवं प्रधान पाठक उपस्थित थे।
गणतंत्र दिवस समारोह राजपथ में शामिल होंगी समूह की दीदीयां
राजनांदगांव । गणतंत्र दिवस के अवसर पर 26 जनवरी 2025 को नई दिल्ली में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान अंतर्गत जिला राजनांदगांव से कुल 6 महिलाएं शामिल होगी। शासन द्वारा नई दिल्ली में आयोजित गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए प्रदेश से स्वसहायता समूह की कुल 12 महिलाओं का चयन किया गया है। जिसमें सर्वाधिक 6 महिलाएं राजनांदगांव जिले से हैं। इसी क्रम में राष्ट्रपति भवन नई दिल्ली में आयोजित एट होम रिसेप्शन कार्यक्रम में राष्ट्रपति से सम्मानित किये जाने हेतु राजनांदगांव विकासखण्ड के ग्राम कुसमी की लखपति दीदी एवं जय मां अम्बे स्व सहायता समूह की दिव्या निषाद का नाम शामिल है।
राष्ट्रपति भवन में आयोजित इस कार्यक्रम हेतु पूरे देशभर से 10 लखपति दीदी को आमंत्रित किया गया है। जिसमें छत्तीसगढ़ से राजनांदगांव जिले की लखपति दीदी दिव्या निषाद का चयन किया गया है। गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजपथ में आयोजित परेड में सम्मिलित होने हेतु राजनांदगांव विकासखण्ड के ग्राम गठुला अंतर्गत नारी शक्ति स्वसहायता समूह से 4 सदस्य हुमेश्वरी साहू, संगीता साहू, सुजीता साहू एवं हेमबाई साहू को आमंत्रित किया गया है। इसी प्रकार नई दिल्ली में केन्द्रीय मंत्री पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से भेंट हेतु आयोजित कार्यक्रम के लिए राजनांदगांव विकासखण्ड के ग्राम कोपेडीह की कृषि सखी एवं प्रतिज्ञा स्वसहायता समूह की सविता यादव को आमंत्रित किया गया है।
प्रधानमंत्री के परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में शामिल होंगे सार्थक जैन
राजनांदगांव । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों के तनाव और डर को दूर करने के लिए को दिल्ली में आयोजित होने वाले कार्यक्रम परीक्षा पे चर्चा के आठवें संस्करण के लिए राजनांदगांव जिले से पीएमश्री सर्वेश्वरदास नगर पालिक निगम उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय राजनांदगांव के कक्षा 11वीं के विद्यार्थी सार्थक जैन का चयन हुआ है। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए विद्यार्थी सार्थक जैन रवाना हो गए है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने विद्यार्थी सार्थक जैन को परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी है।
परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में शामिल होने के लिए प्रदेश में लगभग 20 लाख विद्यार्थियों का पंजीयन हुआ है। जिले से लगभग 75 हजार विद्यार्थी, शिक्षक एवं पालकों ने पंजीयन किया है। इस वर्ष पंजीयन के बाद अलग-अलग थीम पर परीक्षा से जुड़े मुद्दों पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं और यह कार्यक्रम अलग-अलग स्थानों पर आयोजित हो रहे है। 12 एवं 13 जनवरी को दिल्ली कार्यक्रम के बाद अंत में बच्चे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से रूबरू होंगे। राजनांदगांव के सार्थक जैन का चयन ध्यान व स्मृति का निर्माण-खेल मानसिकता के थीम के लिए हुआ है।
13 दिनों तक आईसीयू में उपचार, मरीज अब पूर्णत: स्वस्थ
माँ और बच्चा खतरे से बाहर
राजनांदगांव । शासकीय मेडिकल कालेज के चिकित्सकों एवं मेडिकल स्टॉफ के प्रयासों से जच्चा और बच्चा की जान बचाई गई। प्रसूति एवं स्त्रीरोग विभाग में प्रसव पीड़ा में ग्राम कांकेतरा निवासी गनिता निषाद को भर्ती किया गया। मरीज की गर्भावस्था 39 सप्ताह 1 दिन थी एवं छह साल पूर्व ऑपरेशन द्वारा जचकी किया गया था। परीक्षण के आधार पर मरीज को बच्चादानी फटने की आशंका के कारण तुरंत ऑपरेशन में लिया गया एवं निश्चेतना विभाग द्वारा स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जनरल एनेस्थिसिया दिया गया। ऑपरेशन के दौरान पता चला कि मरीज की बच्चादानी बुरी तरह क्षतिग्रस्त थी एवं मरीज की स्थिति अत्यधिक रक्तस्त्राव के कारण गंभीर हो रही थी। बच्चे को गर्भ से बाहर निकाला गया, बच्चे की हालत गंभीर थी, जिसे ट्यूब डालकर एनआईसीयू भेजा गया।
मरीज की स्थिति को देखते हुए एवं मरीज की जान बचाने के लिए बच्चादानी को बाहर निकालने का निर्णय लिया गया। लगभग 3 घण्टे के ऑपरेशन की प्रक्रिया दौरान मरीज की स्थिति अत्यधिक गंभीर थी। मरीज को कृत्रिम श्वसन यंत्र एवं जीवन रक्षक दवाईयों में रखा गया तथा 4 बॉटल खून चढ़ाया गया। सभी दवाईयों एवं मशीन के साथ मरीज को शल्य चिकित्सा के बाद आईसीयू भेजा गया एवं कड़ी निगरानी में रखा गया। 24 घण्टे के अन्तर्गत मरीज की स्थिति में सुधार आया एवं मरीज मशीन से बाहर आ गई। शिशुरोग विशेषज्ञ के प्रयास द्वारा बच्चा भी खतरे से बाहर है।
स्त्रीरोग एवं निश्चेतना विभाग के अथक प्रयास से 13 दिनों तक आईसीयू में उपचार पश्चात मरीज अब पूर्णत: स्वस्थ है एवं खतरे से बाहर है। मरीज एवं बच्चे का उपचार स्त्रीरोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मीना आरमो, सह प्राध्यापक डॉ. सिद्धी सैनिक, सहायक प्राध्यापक डॉ. रत्ना रंगारी, सीनियर रेसीडेन्ट डॉ. अम्बालिका ठाकुर, निश्चेतना विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. दुर्गा कोसम, सह प्राध्यापक डॉ. स्मृति बंधु, शिशुरोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अजय कोसम एवं सभी पीजी, जूनियर डॉक्टर, नर्सिंग स्टॉफ के सहयोग से पूर्ण हुआ।
फाइलेरिया उन्मूलन : कलेक्टर ने ली जिला अंतर विभागीय समन्वय समिति की बैठक
कलेक्टर ने जिलेवासियों से फाइलेरिया की दवा खाने की अपील की
राजनांदगांव । कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में 10 से 28 फरवरी 2025 तक आयोजित राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत सामूहिक दवा सेवन कार्यक्रम के क्रियान्वयन के संबंध में जिला अंतर विभागीय समन्वय समिति की बैठक ली। कलेक्टर ने लिम्फेटिक फाइलेरिया एवं हाइड्रोसिल प्रकरण, फाईलेरिया रात्रिकालीन सर्वे की स्थिति, फाइलेरिया नियंत्रण संबंधी गतिविधि के संबंध में जानकारी ली।
कलेक्टर ने जिलेवासियों से घर के सदस्यों एवं पड़ोसियों को फाइलेरिया की दवा खाने के लिए प्रेरित करने की अपील की है। उन्होंने दवा खाने से इनकार करने वाले परिवारों को समझाने में स्वास्थ्य कार्यकर्ता की मदद करने कहा है। फाईलेरिया (हाथी पांव) जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों एवं गर्भवती माताओं तथा गंभीर बीमार व्यक्ति को छोड़कर सभी को दवा खिलाई जाएगी। कलेक्टर ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय एवं सहयोग से करने के निर्देश दिए है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने राष्ट्रीय फाईलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि 10 से 14 फरवरी 2025 तक आंगनबाड़ी, स्कूल, कॉलेज एवं विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में बूथ लगाकर, 15 से 25 फरवरी 2024 तक ड्रग एडमिनिस्ट्रेटर द्वारा समुदाय स्तर पर गृह भेंट कर तथा 26 से 28 फरवरी 2025 तक छूटे हुए लाभार्थियों को मॉप-अप राऊंड अंतर्गत दवा का सेवन कराया जाएगा। 10 से 28 फरवरी 2025 तक सभी स्वास्थ्य संस्थानों में एमडीए कार्नर में लाभार्थियों को दवा सेवन कराया जाएगा।
जिसमें सभी विभाग आवश्यक सहयोग करेंगे, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत बिहान के क्लस्टर स्तर पर फेडरेशन द्वारा सामुदायिक जागरूकता एवं सहभागिता प्रभावी साबित होंगे। बिहान अंतर्गत क्लस्टर स्तर के फेडरेशन को विभिन्न प्रमुख गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल किया जाएगा। जिसके तहत सामूहिक दवा सेवन के महत्व के बारे में समुदाय को जागरूक किया जाएगा और दवा सेवन से संबधित भ्रान्तियों को दूर किया जाएगा। सामूहिक दवा सेवन के दौरान दवा प्रशासक दल का सहयोग करना और लाभार्थियों द्वारा फाईलेरिया रोधी दवाओं का सेवन सुनिश्चित करना।
व्यावहारिक परिवर्तन संचार के तहत स्व सहायता समूह नेटवर्क के माध्यम से लिम्फेटिक फिलारियासिस की रोकथाम और उपचार पर मुख्य संदेशों का प्रचार किया जाएगा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि फाइलेरिया की दवा खाली पेट नहीं खिलाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रदाय किये गए वीडियो को विभाग के सभी व्हाट्सअप, टेलीग्राम रूपों में साझा किया जाएगा, जिससे फाईलेरिया दवा सेवन के संबंध में लोगों को जानकारी प्राप्त हो सके। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुरूचि सिंह, इस अवसर पर प्रशिक्षु आईपीएस इशु अग्रवाल, अपर कलेक्टर इंदिरा नवीन प्रताप सिंह तोमर, नगर निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा, एसडीएम राजनांदगांव खेमलाल वर्मा, संयुक्त कलेक्टर शीतल बंसल सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
जरूरतमंदों को ध्यान में रखते हुए दिलाए प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ : कलेक्टर
31 जनवरी तक होगी धान खरीदी
राजनांदगांव। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि आदर्श आचार संहिता को ध्यान में रखते हुए मतदान केन्द्रों में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए। मतदान केन्द्रों में पेयजल, प्रकाश, छांव के साथ ही मतदान कर्मियों के रूकने की व्यवस्था भी अच्छी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि धान खरीदी शासन की प्राथमिकता का कार्य है, इसे गंभीरतापूर्वक करने की आवश्यकता है। 31 जनवरी धान खरीदी का अंतिम दिन है। नोडल अधिकारी धान उपार्जन केन्द्रों में स्टैक की अच्छी तरह गिनती करें तथा भौतिक सत्यापन के कार्य में कोई लापरवाही नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोचिया, बिचौलिया द्वारा अवैध धान की बिक्री पर रोक लगाने के लिए कड़ी कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना शासन की महत्वाकांक्षी योजना है।
इस योजना के लिए पंजीयन करते समय गरीब एवं जरूरतमंदों को ध्यान में रखते हुए पंजीयन करें। सर्वे के दौरान उनका नाम नहीं छूटना चाहिए। ऐसे जरूरतमंद जो पात्रता की श्रेणी में आते है, उन्हें अनिवार्यत: लाभान्वित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत रेत, छड़, सीमेंट सहित अन्य आवास निर्माण के लिए सामग्री में विशेष छूट के लिए चेम्बर ऑफ कामर्स राजनांदगांव से सहमति बनी है। कलेक्टर ने एचएमपीवी वायरस की रोकथाम एवं इससे सावधानी बरतने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस बीमारी से घबराने की जरूरत नहीं है, इससे सभी आवश्यक सावधानी बरते। उन्होंने कहा कि नगरीय निकायों के चौक-चौराहों में शासन की योजनाओं की जानकारी तथा विभिन्न मुद्दों पर जागरूकता से संबंधित विडियो दिखाए जा सकते है। उन्होंने मुख्यमंत्री की घोषणा को समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में सड़क सुरक्षा माह मनाया जा रहा है। सड़क दुर्घटना से बचाव के लिए यह जरूरी है कि सभी हेलमेट पहनें तथा सीट बेल्ट बांधे। उक्त बातें कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक के दौरान कही।
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि स्कूल के आस-पास नशीले पदार्थों के अवैध बिक्री पर कड़ी कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति नशे की गिरफ्त में चला जाए तो नशे की आदत से वापस आना दुष्कर होता है। युवाओं को इस लत से दूर रखना है, इसके लिए जिले में दो पुनर्वास केन्द्र हंै, ऐसे युवाओं को चिन्हांकित कर उन्हें नशे की लत को दूर करते हुए समाज की मुख्य धारा में लाना है। उन्होंने कहा कि साईबर क्राईम में आम जनता न फंसे, इसके लिए सजग रहना चाहिए। साईबर क्राईम के लिए स्कूल स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम चलाने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि स्कूलों में स्मार्ट टीवी के माध्यम से जागरूकता से संबंधित नशे से दूर रहने, साइबर क्राईम, सड़क दुर्घटना से बचाव के उपाय, कैरियर गाइडेंस एवं अन्य शार्ट वीडियो के माध्यम से जानकारी देने के लिए कहा। उन्होंने गर्मी के मौसम में पेयजल की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए संबंधित विभागों को प्रस्ताव देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पानी की टंकी के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराएं। नगरीय निकाय में पेयजल की व्यवस्था, सफाई की व्यवस्था, तालाब सफाई, वेतन भुगतान, कार्य की गुणवत्ता, प्रापर्टी टेक्स वसूली, सड़क का डामरीकरण, कचरे के ढेर का निपटान तथा बेहतर व्यवस्था बनाने के लिए ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आने वाले 10 वर्षों में पौधरोपण के लिए विशेष तौर पर कार्य करने की आवश्यकता है, तब जाकर तापमान पर नियंत्रण कर सकेंगे।
पौधरोपण के साथ ही उनके संरक्षण एवं संवर्धन की जरूरत है। सड़क निर्माण से जुड़े कार्यों में पौधरोपण का भी प्रावधान होना चाहिए। कलेक्टर ने अवैध प्लाटिंग पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। अव्यवस्थित तरीके से निर्माण कार्य नहीं होना चाहिए। उन्होंने दिव्यांगजनों के लिए पेंशन, छात्रवृत्ति योजना, ट्रायसाईकिल, प्रमाण पत्र के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों का पृथक राशन कार्ड होना चाहिए। कलेक्टर ने आयुष्मान वय वंदना योजना, पोट्ठ लईका अभियान, अनुकंपा नियुक्ति की कार्रवाई, राजस्व शिविर, घुमंतू मवेशियों, मनरेगा, प्रधानमंत्री वंदन योजना, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना एवं राष्ट्रीय फायलेरिया कार्य की समीक्षा की।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुरूचि सिंह ने कहा कि घुमंतू पशुओं के नियंत्रण के लिए ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग को नोडल अधिकारी बनाया गया है। अंजोरा, मनकी, भानपुरी में पशु आश्रय स्थल बनाने के कार्य में गति लाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि पशुओं को चारे की उपलब्धता के लिए पैरादान के लिए अभियान चलायें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब एवं जरूरतमंदों के सर्वे के लिए विशेष तौर पर कार्य किए जा रहे है। इस अवसर पर प्रशिक्षु आईपीएस इशु अग्रवाल, अपर कलेक्टर इंदिरा नवीन प्रताप सिंह तोमर, नगर निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा, एसडीएम राजनांदगांव खेमलाल वर्मा, संयुक्त कलेक्टर शीतल बंसल सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
मरीज का ईलाज करते समय दया, सहानुभूति एवं मानवता को कभी न भूले : राज्यपाल
दंत चिकित्सा पेशेवर के रूप में अपने ज्ञान एवं कौशल से अनगिनत व्यक्ति के स्वास्थ्य एवं कल्याण में देंगे योगदान : रमेन डेका
राजनांदगांव । राज्यपाल रमेन डेका आज छत्तीसगढ़ डेंटल कॉलेज एवं रिसर्च इंस्टीट्यूट सुंदरा राजनांदगांव के स्नातक समारोह में शामिल हुए। राज्यपाल रमेन डेका को अपने उद्बोधन में कहा कि आज वर्षों की कड़ी मेहनत, समर्पण और दृढ़ता ने आप सभी ने डेंटल प्रोफेशनल के रूप में आकार दिया है और तैयार किया है। स्नातक होना आपके अध्ययन का एक मील का पत्थर ही नहीं बल्कि आपके सीखने के जुनून और दृढ़ संकल्प का प्रमाण है, जो आपको इस मंजिल तक लेकर आया है। यह एक अध्याय के अंत तथा दुसरे अध्याय के शुरूआत का प्रतीक है, जहां आपका ज्ञान और कौशल अनगिनत व्यक्तियों के स्वास्थ्य एवं कल्याण में योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि दंत चिकित्सा पेशेवरों के रूप में समाज में आपकी भूमिका महत्वपूर्ण है। मुख एवं दांत का स्वास्थ्य न केवल हमारी उजली मुस्कान से जुड़ी है, बल्कि यह हमारे समग्र स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। आपके द्वारा किया गया कार्य दर्द को कम करने, आत्मविश्वास बनाये रखने और जीवन को बेहतर बनाये रखने की ताकत रखता है। इस बड़ी जिम्मेदारी के साथ निरंतर सीखने और करूणा की जरूरत है। उन्होंने युवाओं के मस्तिष्क को दिशा देने के लिए प्रतिबद्धता, मार्गदर्शन, व्यवसायिक क्षमता के विकास के लिए संस्थान के सभी प्रतिनिधियों तथा बच्चों के अभिभावकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आज का यह अवसर इन उपलब्धियों का जश्र मनाने का दिन है।
राज्यपाल रमेन डेका ने युवाओं से कहा कि आपकी शिक्षा केवल कैरियर का साधन नहीं है, बल्कि यह सेवा के लिए प्रतिबद्धता है। नैतिकता एवं देखभाल के उच्च मानकों को बनाएं रखने का प्रयास करें। दंत चिकित्सा के क्षेत्र में आधुनिक नवीनतम अविष्कार, नवाचार से अद्यतन रहें और जीवन भर सीखने की जिज्ञासा बनाये रखें। आपके सामने चुनौतियां होगी, लेकिन आप साहस एवं क्षमता के साथ इसका सामना करेंगे। आप चाहे प्रैक्टिस करें, अनुसंधान करें या लोगों के स्वास्थ्य के लिए अपना योगदान देंगे। यह समझे कि आपके कार्य से समाज में एक अमिट प्रभाव पड़ेगा। आप अपने जीवन की एक नई यात्रा पर निकल रहे हैं। मैं आपसे यह कहना चाहता हूं कि सफलता केवल आपके पेशेवर उपलब्धियों से नहीं मापी जाती, बल्कि आप जिनकी जिंदगी में सकारात्मक परिवर्तन लाते हैं, उससे मापी जाती है। आप जिस भी मरीज का इलाज करें, दया, सहानुभूति एवं मानवता को कभी न भूले। राज्यपाल ने कहा कि शासन द्वारा स्वास्थ्य, शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में कार्य किये जा रहे है, लेकिन देश की आबादी के दृष्टिगत निजी क्षेत्रों की भूमिका एवं सहभागिता महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की जरूरत है।
डीन छत्तीसगढ़ डेंटल कॉलेज एवं रिसर्च इंस्टीट्यूट सुंदरा डॉ. नागरत्ना पीजे ने संस्थान के उद्देश्यों के संबंध में जानकारी दी। इस अवसर पर दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पीके पात्रा, आईजी दीपक झा, कलेक्टर संजय अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग, वनमंडलाधिकारी आयुष जैन, जिला पंचायत सीईओ सुरूचि सिंह, छत्तीसगढ़ डेंटल कॉलेज एवं रिसर्च इंस्टीट्यूट सुंदरा के अध्यक्ष एनसी पारख, संचालक एसके जैन, सचिव संजय गोलछा, उपाध्यक्ष एसके बोद्दून, कोषाध्यक्ष मनोज कोचर, डीन एकेडमिक डॉ. शैलेन्द्र कुमार साहू, डॉ. सौम्या जैन, डॉ. शिखर डेनियल सहित कॉलेज के अन्य स्टॉफ एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
बीमा सखी बनी 31 लखपति दीदियां
राजनांदगांव। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुरूचि सिंह की उपस्थिति में जिला पंचायत सभाकक्ष में बीमा सखी के संबंध में कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में बताया गया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन एवं भारतीय जीवन बीमा निगम के संयुक्त प्रयास से 31 लखपति दीदियों ने बीमा सखी बनकर रोजगार प्राप्त किया है।
यह योजना भारतीय जीवम बीमा निगम के माध्यम से संचालित की जा रही है। जिसमें बीमा सखी को प्रथम वर्ष 7 हजार रूपए, द्वितीय वर्ष 6 हजार रूपए एवं तृतीय वर्ष 5 हजार रूपए प्रतिमाह देय होगा। साथ ही निर्धारित कमीशन भी दिया जायेगा। कार्यशाला में भारतीय जीवन बीमा निगम के शाखा प्रबंधक संजीव सूद एवं विकास अधिकारी प्रशांत श्रीवास्तव ने बताया कि बीमा सखी बनने के लिए भारतीय बीमा संस्थान द्वारा निर्धारित परीक्षा उत्तीर्ण करना आवश्यक होती है। जिसमे प्रथम चरण में 23 दिसम्बर को 10 लखपति दीदियों ने एवं द्वितीय चरण में 10 जनवरी को 21 दीदियों ने परीक्षा उत्तीर्ण कर बीमा सखी बनकर रोजगार प्राप्त किया है। राज्य में यह अभिनव पहल राजनांदगांव जिले में की गई है। कार्यशाला में 60 लखपति दीदियों को बीमा सखी बनने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दिया गया। कार्यशाला में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन एवं भारतीय जीवन बीमा निगम के अधिकारी उपस्थित थे।
राज्यपाल ने ग्राम सुंदरा में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत निर्मित भवन का किया अवलोकन
प्रधानमंत्री आवास योजना से लाभान्वित हितग्राहियों से की मुलाकात
राजनांदगांव। राज्यपाल रमेन डेका ने जिले के प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे आवास निर्माण कार्यों का भ्रमण किया। राज्यपाल रमेन डेका ने राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम सुंदरा में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत निर्मित भवन का अवलोकन किया। उन्होंने भानू साहू, ननचू राम साहू, और बल्दुराम साहू को स्वीकृत प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण से बने पक्के आवास का अवलोकन किया। उन्होंने ग्राम सुंदरा में पूर्ण आवासों के भ्रमण के दौरान हितग्राहियों से बातचीत की। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना से पक्का आवास निर्माण से जीवन में स्तर में बदलाव के बारे में जानकारी ली और उन्हें शुभकामनाएं एवं बधाई दी।
राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के माध्यम से लाखों परिवारों को उनके सपनों का घर मिल रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्मित हो रहे सभी आवास निर्माण कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत गांवों में जो आवास निर्माण किए जा रहे हैं, उनकी गुणवत्ता और समय पर निर्माण सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब एवं जरूरत मंद परिवार को आवास सुविधा प्रदान करना है, ताकि वे बेहतर जीवन यापन कर सकें। इस अवसर पर राज्यपाल से बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण से लाभान्वित हितग्राहियों ने बताया कि उनके मकान कच्चे और खपरैल के थे, जिन्हें बंदरों द्वारा नुकसान पहुंचाया जाता था इससे उन्हें बारिश के दिनों दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। लेकिन जब से प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण से पक्का आवास निर्मित हुआ है तब से उन्हें इस समस्या से निजात मिली है और पूरा परिवार खुशी से जीवन बिता रहा है। इस अवसर पर राज्यपाल की संयुक्त सचिव हीना अनिमेष नेताम, आईजी दीपक झा, कलेक्टर संजय अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग, वनमंडलाधिकारी आयुष जैन, जिला पंचायत सीईओ सुरूचि सिंह, अपर कलेक्टर इंदिरा नवीन प्रताप सिंह, आयुक्त नगर पालिक निगम अतुल विश्वकर्मा, एसडीएम खेमलाल वर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
सामाजिक समरसता सम्मान से सम्मानित हुई - नीरा साहू
राज्यपाल ने कलेक्टोरेट परिसर में एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत किया पौधरोपण
राजनांदगांव । राज्यपाल रमेन डेका ने आज राजनांदगांव जिले के प्रवास के दौरान कलेक्टोरेट परिसर में एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत पौधरोपण किया। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पौधरोपण करने और इसकी सुरक्षा एवं देखभाल करने का संदेश दिया।
धार्मिक पर्यटन : सांकरदाहरा छत्तीसगढ़ का दूसरा राजिम
मोक्षधाम सांकरदाहरा में तीन नदी शिवनाथ, डालाकस एवं कुर्रूनाला का संगम
राजनांदगांव । राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव विकासखंड स्थित प्रसिद्ध सांकरदाहरा छत्तीसगढ़ का दूसरा राजिम बन गया है। मोक्षधाम सांकरदाहरा में तीन नदी शिवनाथ, डालाकस एवं कुर्रूनाला नदी का संगम है। ग्राम देवरी की सीमा से शिवनाथ नदी प्रवाहित होती है। महाराष्ट्र के कोटगुल से निकलकर अम्बागढ़ चौकी होते हुए सांकरदाहरा तक पहुंचती है। सांकरदाहरा के पहले डालाकस नदी एवं कुर्रूनाला नदी मिलती है और तीन नदियों का संगम होता है। सांकरदाहरा के पास नदी तीन धाराओं में बट जाती है और सांकरदाहरा के नीचे आपस में मिल जाती है। यात्रियों को मंदिर दर्शन करने के लिए नौका विहार की सुविधा है। नदी के तट पर मंदिर तथा शंकर भगवान की विशालकाय मूर्ति दर्शनीय है। नदी के संगम पर तथा नदी के तट पर मंदिर का दृश्य मनमोहक एवं रमणीय है।
सांकरदाहरा में छत्तीसगढ़ के अलावा महाराष्ट्र एवं मध्यप्रदेश से लोग अपने पूर्वजों की अस्थि विसर्जन करने के लिए आते हैं। सांकरदाहारा में विगत 6 वर्ष से महाशिवरात्रि के अवसर पर तीन दिवसीय विशाल मेले का आयोजन किया जाता है। जिसमें शामिल होने के लिए दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। नदी के बीचों-बीच सांकरदाहरा विकास समिति देवरी द्वारा शिवलिंग की स्थापना की गई है। ग्राम देवरी के ग्रामवासियों के सहयोग से सातबहिनी- महामाया देवी, अन्नपूर्णा देवी, शाम्भवी देवी, रिद्धीसिद्धी देवी, मंदाकिनी देवी, वैष्णवी देवी, मां बाह्याणी देवी की स्थापना की गई है। इस मुख्य मंदिर के उत्तर में संकट मोचन भगवान मंदिर एवं 32 फीट की विशालकाय शंकर भगवान की मूर्ति एवं नंदीश्वर भगवान के मंदिर ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। नदी के तट पर मां भक्त कर्मा, माँ शाकम्भरी देवी, सीता-राम लक्ष्मण एवं गुहा निषाद, राधाकृष्ण, भगवान बुद्ध, शिव-पार्वती, विश्वकर्मा, भगवान सेन, परमेश्वरी देवी, सीता राम लक्ष्मण, अनुसोइया देवी, दुर्गा माता, राजिम तामा, बुढ़ा देव सहित अन्य देवी-देवताओं के मंदिर है, जो श्रद्धालुओं के आस्था का केन्द्र हैं। शासन द्वारा यहां दो बड़े-बड़े भवनों का निर्माण किया गया है, जहां धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। शासन द्वारा एनीकट का निर्माण किया गया है, जिससे यहां हमेशा जल भराव रहता है। यहां मुण्डन कार्य एवं पिण्डदान के लिए पूरी व्यवस्था है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पूजन सामग्री दुकान एवं दुकानों का संचालन हो रहा है, यहां जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिल रहा है।
सांकरदाहरा का नामकरण
सांकरदाहरा के संबंध में प्रचलित कथाओं के अनुसार नदी का मध्य भाग जो दो चट्टानों के बीच दाहरा (गहरा जलभराव) स्थित है। बड़े चट्टान के नीचे एक गुफा है, वहां शिवशक्ति का निवास है। जिसे शतबहनी देवी नाम से पूजा की जाती है, यह ग्राम देवरी की देवी है। नदी के मध्य में चट्टान के अंदर एक गुफा है, जहां देवी का निवास है। चट्टान या दाहरा के पास कभी-कभी लोहे का सांकर पड़ा रहता था। उसे खींचते हुए गांव की ओर लाते थे, किन्तु कुछ दूर लाने के बाद उसका वजन बढ़ जाता था, तब उसे वहीं पर छोड़ कर घर चले जाते थे। दूसरे दिन जब वहां पर आते थे, तो सांकर अदृश्य हो जाया करता था और दाहरा के पास जाने पर ज्ञात होता था कि सांकर दाहरा में प्रवेश कर गया है। रेत में इसका चिन्ह दिखाई पड़ता था। इसलिए इस देव स्थान का नाम सांकरदाहरा पड़ा। वर्ष 1978 में लगभग 14 गांव के लोगों द्वारा मिलकर सांकरदाहरा समिति बनाया गया है। समिति द्वारा विभिन्न आयोजन समय-समय पर किए जाते हैं।
सांकरदाहरा की महिमा एवं प्रचलित कथाओं के अनुसार वर्ष 1950 में ग्राम मोहड़ की कुछ महिलाएं लकड़ी एकत्रित करने नदी में आयी थी। बरसात का समय था, महिलाएं लकड़ी एकत्रित करने में व्यस्त थी, तभी नदी में अनाचक बाढ़ आ गई। एक महिला उसी चट्टान पर रह गई और बाकी महिलाएं नदी के बाहर आ गई। बीच नदी में फंसी हुई महिला गर्भवती थी, संध्या का समय था। आसपास के गाँव वालों को जब जानकारी मिली कि बाढ़ में महिला फंसी हुई है, तब नदी के दोनों किनारे पर लोग रात्रि में इक_ा होकर महिला को सांत्वना दे रहे थे। महिला वहीं पास में कहवा (अर्जुन) का पेड़ था, उसमें चढ़ी थी। लोग कह रहे थे कि शतबहनी देवी का नाम स्मरण करते रहो तुम्हें कुछ नहीं होगा। इस प्रकार रात्रि व्यतित हो गई और बाढ़ भी धीरे-धीरे नीचे उतर गया। सुबह महिला को गांव के लोग जाकर देवी से प्रार्थना कर नदी से पार लाये और उन्हें उनके घर सुरक्षित पहुंचा दिया गया। कुछ दिन बाद उस महिला ने एक पुत्र को जन्म दिया, जिसका नाम संकरु रखा गया।
कृषक उन्नति योजना से किसानों के जीवन में आ रही समृद्धि एवं खुशहाली
राजनांदगांव । कृषक उन्नति योजना से किसानों की तकदीर बदल रही है। शासन की कृषक हितैषी नीतियों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। शासन द्वारा कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों से 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर और प्रति एकड़ 21 क्विंटल के मान से धान खरीदी होने पर किसानों के जीवन में समृद्धि एवं खुशहाली आ रही है। राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम रवेली के किसान अगनुराम साहू को इस वर्ष धान की बिक्री से 6 लाख 70 हजार रूपए प्राप्त हुए है। वर्ष 2023-24 में धान की बिक्री से बोनस की राशि 2 लाख 40 हजार रूपए का लाभ हुआ है, वहीं 2 वर्ष के बकाया बोनस की राशि 60 हजार रूपए प्राप्त हुई है। किसान अगनुराम ने बताया कि उनके पास 15 एकड़ जमीन है। जिसमें वे धान की खेती के साथ ही अन्य फसल लेते हैं। उन्होंने बताया कि वे खेती किसानी में आधुनिक एवं नवीनतम यंत्रों एवं पद्धति को अपना रहे है। कृषि कार्य के लिए ट्रेक्टर खरीदे हैं। धान की बिक्री से प्राप्त राशि से वे अपना पक्का मकान बनायेंगे, ट्रेक्टर की किस्त भरेंगे, घरेलू खर्च के साथ ही सिंचाई के लिए ट्यूबवेल लगायेंगे।
किसान अगनुराम ने बताया कि उन्हें शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल रहा है। जिनमें पर्रीनाला एनिकट से खेतों में सिंचाई के लिए मोटर पंप हेतु 11 हजार रूपए अनुदान प्राप्त हुआ है। घर में नल-जल योजना के तहत स्वच्छ जल मिल रहा है। उनकी बहु को शासन की महतारी वंदन योजना का लाभ मिल रहा है। सरकार द्वारा एकमुश्त राशि मिलने के कारण उसका उपयोग करने में आसानी हो रही है। उन्होंने कृषक उन्नति योजना का लाभ मिलने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को शुक्रिया कहा। उन्होंने कहा कि शासन की यह योजना किसानों के लिए मददगार है।