छत्तीसगढ़ / राजनांदगांव
नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के सुदृढ़ीकरण के लिए कार्यशाला संपन्न
राजनांदगांव। कलेक्टर संजय अग्रवाल के मार्गदर्शन में जिले में नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के सुदृढ़ीकरण के लिए एकदिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरत्न ने कार्यशाला के आयोजन के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि टीकाकरण से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। टीकाकरण से नवजात मृत्यु, शिशु मृत्यु में कमी दर्ज की गई है। उन्होंने टीकाकरण के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। विश्व स्वास्थ्य संगठन के संभागीय प्रतिनिधि डॉ. खान एवं उनकी टीम द्वारा नियमित टीकाकरण के कवरेज को बढ़ाए जाने हेतु सूक्ष्म कार्ययोजना के संबंध में जानकारी दी गई। डॉ. खान ने नियमित टीकाकरण की सूक्ष्म कार्ययोजना के निर्माण हेतु आवश्यक प्रपत्र के बारे में विस्तृत जानकारी दी। जिला कार्यक्रम प्रबंधक संदीप ताम्रकार ने बताया कि नियमित टीकाकरण कार्यक्रम अंतर्गत 0 से 5 वर्ष के बच्चों को गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए सभी आवश्यक खुराक संशोधित टीकाकरण सारणी अनुसार नियमित अंतराल में टीकाकरण किया जाना आवश्यक है। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. तुलावी ने बताया कि जिला मे यूविन के तहत टीकाकरण कार्यक्रम संपादित की जा रही है। जिसमें सभी बच्चों एवं माताओं की एंट्री कर वैक्सीनेशन किया जा रहा है। जिसके उनके ट्रैकिंग भी हर स्तर पर संभव है। सेक्टर पर्यवेक्षक ने टीकाकरण स्थल के प्रोटोकॉल के संबंध में जानकारी दी। जिला डाटा प्रबंधक ने टीकाकरण की वर्तमान उपलब्धि के बारे में बताया। कार्यशाला मेें जिला टीकाकरण अधिकारी, शहरी कार्यक्रम प्रबंधक, जिला सलाहकार, खण्ड चिकित्सा अधिकारी, बीपीएम, बीईटीओ, बीडीएम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
राष्ट्रीय किसान मेला में कृषि विज्ञान केन्द्र राजनांदगांव का स्टॉल रहा आकर्षण का केन्द्र
राजनांदगांव। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर में चार दिवसीय राष्ट्रीय किसान मेला का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय किसान मेला के आयोजन से प्रदेश के किसानों को लाभ होगा। मुख्यमंत्री सहित अन्य मंत्रियों ने मेला का भ्रमण किया। इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम सहित अन्य मंत्री व जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। राष्ट्रीय किसान मेला में विभिन्न कृषि विज्ञान केन्द्रों द्वारा स्टॉल लगाया गया। कृषि विज्ञान केन्द्र राजनांदगांव का स्टॉल आकर्षण का केन्द्र रहा। स्टॉल में मशरूम उत्पाद, अचार, पापड़, बड़ी व सूखा मशरूम एवं धान के दुर्लभ किस्म प्रजाति ग्रीन राइस, ब्राउन राइस, देशी सफरी राइस, काला नमक किरण, गेहू, किस्म देशी बंशी, सोना मोती, खपली, काला गेहंू, हरा चना, ब्राउन चना सहित अन्य जैविक उत्पादों को प्रदर्शित किया गया। मेले में कृषि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. गुंजन झा, अंजली घृतलहरे, जितेन्द्र कुमार मेश्राम उपस्थित थे।
जिला पंचायत सीईओ ने विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों के क्रियान्वयन एवं प्रगति की समीक्षा की
राजनांदगांव। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुरूचि सिंह ने जिला पंचायत सभाकक्ष से वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों के क्रियान्वयन एवं प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को कार्य में प्रगति लाने के कड़े निर्देश दिए। बैठक में वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई जिले के अधिकारी उपस्थित थे। जिला पंचायत सीईओ ने आयोजित होने वाले विशेष ग्राम सभा में निर्वाचन नामावली, जल एवं फसल परिवर्तन विषयों पर चर्चा कर अनुमोदन कराने कहा। ग्राम सभा में किसानों को गर्मी में धान के बदले अन्य कम पानी की खपत वाले फसलों को लेने तथा आर्थिक रूप से फायदेमंद फसल को अपनाने के लिए प्रेरित करने कहा। उन्होंने विकासखंडवार जेम पोर्टल में रजिस्ट्रेशन की समीक्षा की और कार्य की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कौशल विकास केन्द्र का निरीक्षण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने कहा। प्रधानमंत्री आवास योजना के अन्तर्गत स्वीकृत आवासों की समीक्षा की और बचे हुए हितग्राहियों को जल्द से जल्द आवास स्वीकृति प्रदान करने के निर्देश दिए। सीईओ जिला पंचायत ने मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन सहित अन्य योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा की। उन्होंने समय-सीमा की बैठक, जनदर्शन एवं पीजीएन के लंबित प्रकरणों को शीघ्रता से निराकृत करने निर्देशित किया।
छत्तीसगढ़ विज्ञान गणित शिक्षा प्रोत्साहन योजना
पात्र विद्यार्थियों का 15 नवम्बर के पूर्व पंजीयन कराने के निर्देश
राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ विज्ञान गणित शिक्षा प्रोत्साहन योजना अंतर्गत कक्षा 11वीं एवं 12वीं विज्ञान एवं गणित संकाय में अध्ययनरत पात्र विद्यार्थियों का 15 नवम्बर 2024 के पूर्व पंजीयन कराने कहा गया है। योजना अंतर्गत कक्षा 10वीं व 11वीं में 70 प्रतिशत से अधिक अंक से उत्तीर्ण विद्यार्थी पात्र होंगे। छत्तीसगढ़ विज्ञान गणित शिक्षा प्रोत्साहन योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी संबंधित संस्था से प्राप्त की जा सकती है।
भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ जिला संघ राजनांदगांव का निर्वाचन संपन्न
राजनांदगांव। भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ जिला संघ राजनांदगांव का निर्वाचन डॉ. बल्देव प्रसाद मिश्र शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बसंतपुर में संपन्न हुआ। जिसमें सर्वसम्मति से आजीवन सदस्य उमेश कुमार हथेल को अध्यक्ष चुना गया। इसी तरह सभी आजीवन सदस्यों ने सर्वसम्मति से उपाध्यक्ष पुरूष के लिए विष्णु प्रसाद साव, टोमन साहू, राकेश भावते को एवं उपाध्यक्ष महिला के लिए वर्षा अग्रवाल, नीना खंडेलवाल, उषा चटर्जी तथा कोषाध्यक्ष हेतु आलोक बिंदल चुना। उपाध्यक्ष भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ राजेन्द्र गोलछा ने निर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी पदेन जिला आयुक्त प्रवास सिंह बघेल, जिला सचिव देवेन्द्र अंबादे सहित अन्य सदस्य व अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे।
ग्राम बंजारी एवं फत्तेगंज की कहानी ग्रामीण क्षेत्रों के लिए मिसाल
जल जीवन मिशन से जीवन स्तर में आया सुधार, ग्रामीणों में जगी नई उम्मीद
राजनांदगांव। डोंगरगढ़ विकासखंड के ग्राम बंजारी एवं फत्तेगंज की कहानी उन ग्रामीण क्षेत्रों के लिए मिसाल है, जहां जल जीवन मिशन के माध्यम से जनसामान्य के जीवन स्तर में सुधार आया है, बल्कि ग्रामीणों में नई उम्मीद भी जगी है। जिला मुख्यालय से 50 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत चारभाठा के आश्रित ग्राम बंजारी में 39 परिवार एवं ग्राम फत्तेगंज में 34 परिवार निवास करते हैं। इस गांव के ग्रामीणों की आजीविका का मुख्य साधन कृषि और मजदूरी है। पूर्व में इन गांव में पानी की काफी समस्या थी और पेयजल का एकमात्र स्रोत हैंडपंप था। ग्राम के सरपंच मनोज कोर्राम ने बताया कि ग्राम बंजारी और फत्तेगंज के ग्रामीण लम्बे समय से पेयजल के लिए संघर्ष कर रहे थे। हैंडपम्पों से पानी निकालने में काफी दिक्कते आती थी। गर्मियों के दिनों में जब जलस्तर नीचे चला जाता था, तब पानी निकलना और भी ज्यादा मुश्किल हो जाता था। कई बार पानी के लिए ग्रामीणों को लंबी लाइन में खड़ा रहना पड़ता था। इसके साथ ही ग्रामीणों को दूर के क्षेत्रों से पानी लाना पड़ता था। जिससे उनका समय तो बर्बाद होता ही था, मेहनत भी काफी लगती थी। पानी की कमी का सबसे ज्यादा प्रभाव गांव की महिलाओं पर पड़ता था। जिनके दिन का एक बड़ा हिस्सा पानी की व्यवस्था में बीत जाता था।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय तथा उप मुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरूण साव की पहल पर जल जीवन मिशन के तहत ग्राम बंजारी में 950 मीटर तथा ग्राम फत्तेगंज में 750 मीटर की पाइप लाइन बिछाई गयी है तथा सोलर के माध्यम से 24 घंटे पर्याप्त मात्रा में पानी मिल रहा है। अब ग्राम के प्रत्येक घर में नल के माध्यम से पेयजल पहुंचाया जा रहा है। जिससे ग्रामीणों की दिनचर्या में बहुत बदलाव आया है। जो समय पहले पानी की व्यवस्था में लगता था, अब वह अन्य कार्यों के लिए उपयोग किया जा रहा है। इससे ग्रामीणों की उत्पादकता भी बढ़ी है और जीवन स्तर में सुधार भी हुआ है। ग्राम की निवासी श्रीमती निर्मला साहू एवं श्रीमती अंजू सिन्हा ने बताया कि पहले उनका समय दिन भर पानी जुटाने में लग जाता था एवं अपने बच्चों की देखभाल में भी पूर्ण समय नहीं दे पाती थी। जल जीवन मिशन अंतर्गत घरों में नल की सुविधा मिलने से अब उनके बच्चों को भी पढ़ाई के लिए अधिक समय मिलने लगा है और बच्चों के शैक्षणिक स्तर में भी सुधार हुआ है।
जल अमूल्य है, अमृत है, जीवन व सृष्टि के हर एक प्राणी के लिए आवश्यक
- जिले में 32000 नलकूपों द्वारा भूमिगत जल का अंधाधुंध दोहन होने के कारण बन सकती है जलसंकट की स्थिति
राजनांदगांव। जल अमूल्य है, अमृत है और हमारे जीवन के लिए तथा सृष्टि के हर एक प्राणी के लिए आवश्यक है। जल संरक्षण की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा जनसहभागिता से मिशन जल रक्षा अभियान मिशन मोड में चलाया जा रहा है। ग्लोबल वार्मिंग, भू-जल का अत्यधिक दोहन एवं विभिन्न कारणों से राजनांदगांव जिले में घटते हुए जल स्तर ने विकासखंड राजनांदगांव, डोंगरगांव एवं डोंगरगढ़ में चिंताजनक स्थिति निर्मित की है। इन क्षेत्रों में भू-जल के अत्यधिक दोहन के कारण जल संकट की स्थिति बन सकती है। ऐसी चुनौतीपूर्ण स्थिति का सामना करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण है सजगता, ताकि हमारे आने वाली पीढिय़ों के लिए जल संकट की स्थिति नहीं बने। इसके लिए अभी से सशक्त कदम उठाने होंगे। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने रबी सीजन में कम पानी की आवश्यकता वाली फसल लगाने के लिए किसानों से अपील की है। धान की फसल में पानी की ज्यादा जरूरत होती है। किसानों को मक्का, कोदो, कुटकी, दलहन, तिलहन, सब्जी, फूल-फल की उद्यानिकी फसलें एवं लघु धान्य फसल लेना चाहिए। इससे जल संरक्षित हो सकेगा। जिन क्षेत्रों में भू-जल स्तर में अत्यधिक गिरावट आई है, वहां विशेष प्रयास एवं कार्य करने होंगे। जिसके लिए सभी किसानों के सहयोग एवं जागरूकता की जरूरत होगी। विचारों में परिवर्तन करते हुए फसल विविधीकरण के लिए कदम बढ़ाने की जरूरत है, ताकि हमें समाधान मिल सके। निश्चित ही यह हमारी भावी पीढ़ी के लिए महत्वपूर्ण कार्य होगा।
गौरतलब है कि जिले में 32000 नलकूपों द्वारा भूमिगत जल का अंधाधुंध दोहन होने के कारण भविष्य में पेयजल निस्तारी एवं अन्य उपयोग के लिए जलसंकट की स्थिति बनेगी। धान की फसल को अत्यधिक जल की आवश्यकता 140-150 सेमी होती है। कम जल आवश्यकता वाली फसले-मक्का (50-60 सेमी), दलहन (25-30 सेमी), सोयाबीन (60-70 सेमी), तिल (30-36 सेमी), गेहूं (45-50 सेमी), रागी (50-55 सेमी) जैसी फसलों की खेती करके ग्रीष्मकालीन धान के क्षेत्र को हतोत्साहित करने की आवश्यकता है। इस हेतु जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में फरवरी 2024 से निरंतर कृषक प्रशिक्षण कार्यशाला एवं संगोष्ठियों के माध्यम से कृषकों को जागरूक कर ग्रीष्मकालीन धान की तुलना में लाभकारी फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। 1 अक्टूबर 2024 से कुल 511 ग्रामों में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारीवार शिविर आयोजन किया जा रहा हैं, जिसमें किसान संगवारी के साथ ग्राम पंचायत स्तर के जनप्रतिनिधि एवं कृषकों की सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है।
मक्का, गन्ना, कपास, लघु धान्य फसल रागी की फसल में असीम संभावनाएं-
जिला में 2 मक्का प्रसंस्करण से संबंधित उद्योग पूर्व से ही स्थापित है एवं वृहद मात्रा में मक्का का उर्पाजन एवं प्रसंस्करण संचालित है। प्राप्त जानकारी के अनुसार इन उद्योगों के लिए लगभग 75 प्रतिशत कच्चा माल अन्य राज्य बिहार, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र एवं आन्ध्रप्रदेश से मांग करने की आवश्यकता होती है। अत: मक्का खेती के उपरांत उपज के विक्रय की असीम संभावना है। विस्तृत क्षेत्र में मक्का क्षेत्राच्छादन विपुल उत्पादन कर क्षेत्र मक्का जिला घोषित किया जा सकता है।
राजनांदगांव जिला के राजनांदगांव, डोंगरगांव एवं छुरिया ब्लाक, जिला-बालोद के सीमावर्ती विकासखंड हैं। मां दंतेश्वरी शक्कर कारखाना, करकाभाठ जिला-बालोद में कुल आपूर्ति 69175 मिट्रिक टन में से 55929 मिट्रिक टन गन्ना की आपूर्ति की जाती है। शेष 13247 मिट्रिक टन अन्य जिलों से पूर्ति की जा रही हैं। सीमावर्ती विकासखंडों के कुछ कृषक गन्ना की खेती कर इसका लाभ प्राप्त कर रहे हंै। इन विकासखंडों में ड्रिप सिंचाई पद्धति से गन्ना की खेती को प्रोत्साहित कर ग्रीष्मकालीन धान को प्रतिस्थापित करने की रणनीति तैयार की जा रही है। बहुवर्षीय फसल होने के कारण गन्ना की खेती से धान की फसल को 3 वर्ष के लिए प्रतिस्थापित किया जा सकता है। ग्रीष्मकाल में शीतल पेय की अत्यधिक मांग है। गन्ना रस जैसे पौष्टिक औषधीय, शीतल पेय पर्याप्त उपलब्ध नहीं होने के कारण जनसामान्य कार्बोनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक्स पीने को विवश होते हैं। विशेषकर डोंगरगढ़ जैसे धार्मिक तीर्थ स्थलों में लाखों की संख्या में तीर्थ यात्रियों के प्रवास के कारण गन्ना रस के शीतल पेय के विपणन की असीम संभावनाएं हैं। इसी तरह अन्य विकासखंडों में भी इसकी संभावनाएं है। कृषक समुदाय एवं लखपति दीदी एवं कृषि सखियों को गन्ना उत्पादन एवं शीतल पेय उद्यम से जोडऩे की आवश्यकता है।
राजनांदगांव जिला महाराष्ट्र राज्य का सीमावर्ती जिला होने के कारण भूमि एवं जलवायु में समानता हैं, जिसके कारण कपास की खेती 500 हेक्टेयर में सफलतापूर्वक की जा रही है। यह नगदी फसल कृषकों के लिए लाभदायी होने के कारण धान की खेती को प्रतिस्थापित कर रहा है, जिसके क्षेत्र विस्तार के लिए निरंतर प्रयास किया जा रहा है।
इंटरनेशनल मिलेट ईयर 2023 के दौरान लघुधान्य फसल रागी के सघन प्रचार-प्रसार के फलस्वरूप कृषकों द्वारा ग्रीष्मकालीन रागी की सफलतापूर्वक खेती की गई, जिसका कृषकों को लाभ प्राप्त हुआ एवं ग्रीष्मकालीन धान के स्थान पर इस पोषक अनाज या न्यूट्रिसिरियल की खेती की जा रही है। आधुनिक जीवन शैली में या हुए मधुमेह, कार्डियोवस्कूलर, ऑस्टियोपोरोसीस, कैंसर, अल्सर एवं मोटापा या ओबेसिटी जैसी बीमारियों के लिए औषधीय एवं सामान्यजनों के लिए पोषक तत्व-कैल्शियम, फास्फोरस, मैगनीज, आयरन, कापर, बोरान, जिंक एवं एमिनोएसिड्स, फाईटोकेमिकल्स से भरपूर होने के कारण इसकी दिन प्रतिदिन मांग बढ़ती जा रही हैं। ग्रीष्मकालीन धान के स्थान पर रागी की फसल की खेती को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है।
मनुष्य के भोजन में अनाज, दलहन, तिलहन, शर्करा के अतिरिक्त सब्जी एवं फलों का अत्यंत महत्व है, जिससे संतुलित पोषक तत्व कार्बोहाईड्रेट, प्रोटीन, वसा एवं खनिज तत्व एवं विटामिन्स की पूर्ति होती हैं। ग्रीष्मकालीन धान के स्थान पर 500 हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न प्रकार की सब्जियों एवं फलों की खेती करने की आवश्यकता हैं, जो धान की तुलना में अत्यधिक लाभदायक है।
मृदा परीक्षण कराने से मिलेंगे अच्छे परिणाम
मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला राजनांदगांव से प्राप्त मिट्टी नमूनों के विश्लेषण के आधार पर जिले में विश्लेषित कुल 23782 नमूनों में से 554 नमूनें तीव्र अम्लीय (5.5 पीएच से कम) एवं 6365 नमूनें मध्यम अम्लीय तथा 31 नमूने तीव्र क्षारीय 8871 नमूनें मध्यम क्षारीय (7.1 से 8.5 पी.एच.) प्राप्त हुए है। तीव्र अम्लीय या तीव्र क्षारीय भूमि में हर एक सामान्य फसल की खेती करने से अपेक्षित उपज नहीं मिल पाती है। अत: तीव्र अम्लीय वाले खेतों में भूमि सुधारक का उपयोग कर अनानास, टेपिओक एवं गाजर जैसी फसलें एवं तीव्र क्षारीय भूमि में भूमि सुधारक का उपयोग करके कपास एवं ज्वार की खेती की जा सकती है। इस विषय पर कृषकों को प्रशिक्षित कर वैज्ञानिक अनुशंसा के आधार पर फसल विविधीकरण की दिशा में गहन तकनीकी मार्गदर्शन की आवश्यकता है।
इंडी गठबंधन में कांग्रेस का लगातार गिर रहा है ग्राफ-- राजेश गुप्ता अग्रहरि जम्मू-कश्मीर सरकार में कांग्रेस को मंत्री तो क्या संतरी के लायक भी नहीं समझा गया
राजनांदगांव, हरियाणा चुनाव में भाजपा के हाथों कांग्रेस की करारी हार के बाद कांग्रेस के निरंतर नीचे की ओर जा रहे ग्राफ पर तंज कसते हुए भाजपा शिक्षा एवं सांस्कृतिक प्रकोष्ठ प्रभारी राजेश गुप्ता अग्रहरि ने कहा कि लोकसभा चुनाव से लेकर विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की फिसड्डी प्रदर्शन व कांग्रेस को मिल रही लगातार हार को लेकर उनके इंडी गठबंधन के साथी उन्हें आंखें दिखाने से नहीं चूक रहे हैं, कांग्रेस के गिर रहे निरंतर ग्राफ से उनके गठबंधन साथियों के अलावा देश की जनता भी उसे महत्व नहीं दे रही, यहां तक कि हाल में ही जम्मू - कश्मीर में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में मात्र 6 सीट पाने वाली कांग्रेस को उनके ही गठबंधन के साथी नेशनल कांफ्रेंस की उमर अब्दुल्ला वाली सरकार ने कांग्रेस को मंत्री तो क्या संतरी पद के लायक भी नहीं समझा। कांग्रेस की इस तरह की बेइज्जती व चुनावो में लगातार होने वाली हार से कांग्रेस के युवा नेता लगातार छिटक रहे हैं वहीं कांग्रेस के इस तरह की मटियामेटी प्रदर्शन से बरसो से साथ रह रहे कांग्रेसी जिसमे देश प्रेम की भावना व सनातन धर्म के संस्कार है ऐसे वरिष्ठ जन व कांग्रेस के कार्यकर्ता निरंतर हतोत्साहित हो रहे है। श्री गुप्ता अग्रहरि ने कांग्रेस की इस तरह की स्थिति के लिए इसके युवराज राहुल गांधी की राजनीतिक अपरिपक्वता, उसका बाडी लेंग्वेज व परिवारवाद सहित देश के दुश्मनों को वरियता देने के अलावा मुस्लिम तुष्टिकरण, भ्रष्टाचार,और आलू से सोना निकालने व जलेबी का कारखाना जैसे लाल बूझक्कड़ वाली बात जिम्मेदार है, यह सब बात भाजपा के लिए प्लस पाइंट सिद्ध हो रहा है जो भविष्य के लिए देश हित में है।
राजनांदगांव में पीएमश्री विद्यालयों की जिला स्तरीय बौद्धिक प्रतियोगिता संपन्न, बच्चों ने दिखाया हुनर
रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के पहल पर राजनांदगांव में पीएमश्री विद्यालयों की जिला स्तरीय बौद्धिक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का आयोजन डॉ. बल्देव प्रसाद मिश्र शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बसंतपुर में किया गया, जिसमें जिले के पीएमश्री प्राथमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों ने विभिन्न श्रेणियों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
जिला शिक्षा अधिकारी श्री प्रवास कुमार सिंह बघेल पीएमश्री विद्यालयों की जिला स्तरीय बौद्धिक प्रतियोगिता के समापन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन से निश्चित रूप से जिले के बच्चों के समग्र विकास हेतु लाभदायक होगा। बच्चों में रचनात्मक एवं नवाचार की प्रवृत्ति में वृद्धि होगी। वाद-विवाद प्रतियोगिता, कबाड़ से जुगाड़, डिजिटल क्वेस्ट के गतिविधियों से उनमे टीम वर्क एवं नेतृत्व एवं क्षमता की विकास होगा। उन्होंने प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया।
उल्लेखनीय है कि पीएमश्री विद्यालयों की जिला स्तरीय बौद्धिक स्पर्धा में चार श्रणियों विद्या वैभव, मंथन मंडल, डिजिटल क्वेस्ट एवं स्थानीय स्थलों की खोज प्रतियोगिता में स्पर्धा का आयोजन किया गया था। जिसमें विद्या वैभव (ओलंपियाड) के अंतर्गत क्ंिवज वाद विवाद, रचनात्मक कला और खेल जैसी विभिन्न गतिविधियों में विद्यार्थियों ने भाग लिया।
जिसका उद्देश्य समग्र विकास को बढ़ावा देना, प्रतिमा को पोषित करना, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करना तथा रचनात्मकता व नवाचार को बढ़वा देना है। इसी तरह मंथन मंडल (डिबेट क्लब) अंतर्गत विकसित राष्ट्र और एक राष्ट्र और एक चुनाव पर वाद विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों में नेतृत्व और टीम वर्क की भावना को विकसित करना है। डिजिटल क्वेस्ट के माध्यम से छात्र पर्यावरण और सामाजिक मुद्दों की पहचान करेंगे तथा शिक्षकों से सहायता लेकर मोबाईल, कम्प्यूटर टेबलेट, लैपटॉप के माध्यम से अपने ज्ञान में वृद्धि करेंगे। स्थानीय स्थलों की खोज अंतर्गत प्रतियोगिता का उद्देश्य सांस्कृतिक और ऐतिहासिक जागरूकता की भावना को विकसित करेंगे।
विद्या वैभव प्रतियोगिता में पीएमश्री प्राथमिक शाला कंडरापारा डोंगरगढ़ के छात्र रितेश यादव ने प्रथम, पीएमश्री प्राथमिक शाला कोपेडीह राजनांदगांव के छात्रा पूर्वी साहू ने द्वितीय एवं पीएमश्री प्राथमिक शाला हरदी राजनांदगांव के छात्र नागेन्द्र कुमार साहू ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। मंथन मंडल प्रतियोगिता में पीएमश्री प्राथमिक शाला डुन्डेरा डोंगरगढ़ के छात्र विवेक कुमार ने प्रथम, पीएमश्री प्राथमिक शाला कोपेडीह राजनांदगांव की छात्रा कोमल वर्मा ने द्वितीय एवं पीएमश्री प्राथमिक शाला बोधीटोला डोंगरगांव की छात्रा गीतांजलि निषाद ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
डिजिटल क्वेस्ट प्रतियोगिता में पीएमश्री प्राथमिक शाला हरदी राजनांदगांव की छात्रा शताक्षी साहू ने प्रथम, पीएमश्री प्राथमिक शाला अमलीडीह डोंगरगांव के छात्र देवेन्द्र पटेल ने द्वितीय एवं पीएमश्री प्राथमिक शाला मोरकुटुम्ब छुरिया की छात्रा वारूणी सोरी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
स्थानीय स्थलों की खोज प्रतियोगिता में पीएमश्री प्राथमिक शाला डुन्डेरा डोंगरगढ़ के छात्र विवेक कुमार ने प्रथम, पीएमश्री प्राथमिक शाला हरदी राजनादगांव के छात्र नागेन्द्र साहू ने द्वितीय एवं पीएमश्री प्राथमिक शाला कंडरापारा डोंगरगढ़ के छात्र वेदांत यादव ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
कार्यक्रम में जिला नोडल अधिकारी श्री सतीश ब्यौहरे, एपीसी श्री रफिक अंसारी, और अन्य शिक्षण अधिकारी उपस्थित रहे। प्रतियोगिता ने बच्चों में शिक्षा के प्रति रुचि और उनकी प्रतिभा को निखारने का एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया।
ग्राम कुमर्रा छुरिया में आदर्श उल्लास केन्द्र का हुआ शुभारंभ
असाक्षरों को मिलेगा शिक्षा का उजाला
रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के पहल पर राजनांदगांव कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल के मार्गदर्शन में राजनांदगांव के छुरिया विकासखंड अंतर्गत ग्राम कुमर्रा छुरिया में 15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के असाक्षर व्यक्तियों को साक्षर बनाने के उद्देश्य से ’आदर्श उल्लास केन्द्र’ का शुभारंभ किया गया।
साक्षरता के जरिए जीवन में सुधार की ओर कदम
कार्यक्रम के दौरान जिला परियोजना अधिकारी श्रीमती रश्मि सिंह ने बताया कि आदर्श उल्लास केन्द्र का लक्ष्य उन ग्रामीणों को शिक्षा प्रदान करना है, जो किसी कारणवश औपचारिक शिक्षा से वंचित रह गए हैं। केन्द्र में बुनियादी साक्षरता, गणित, और सामाजिक जागरूकता से संबंधित जानकारी दी जाएगी, ताकि असाक्षर लोग पढ़ने-लिखने में सक्षम हो सकें और अपनी दैनिक जीवन की चुनौतियों का सामना आत्मविश्वास के साथ कर सकें।
स्थानीय शिक्षकों और स्वयंसेवकों की मदद से साक्षरता का होगा प्रसार
उल्लास केन्द्र में शिक्षण कार्य स्थानीय शिक्षक और स्वयंसेवकों द्वारा संचालित किया जाएगा, जो नियमित रूप से कक्षाओं का आयोजन करेंगे और ग्रामीणों को साक्षर बनाने में मदद करेंगे। इस अवसर पर उपस्थित असाक्षरों को अध्ययन सामग्री के रूप में पुस्तिका, पेन, और कॉपी भी वितरित की गई।
ग्रामीणों ने की पहल की सराहना
शुभारंभ कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, जनप्रतिनिधि, और शाला प्रबंधन समिति के सदस्य उपस्थित थे। ग्रामीणों ने आदर्श उल्लास केन्द्र के उद्घाटन के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद दिया और इसे गांव के विकास और उन्नति के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया। इस पहल से ग्रामीण समुदाय में शिक्षा के महत्व को बढ़ावा मिलेगा और असाक्षरों को सशक्त बनाकर समाज के विकास में योगदान दिया जाएगा।
साकेत साहित्य परिषद ने साहित्य के क्षेत्र में एक मिशाल पेश की है- सचिन सिंह बघेल
राजनांदगांव,- साकेत साहित्य परिषद सुरगी द्वारा साकेत भवन- कर्मा भवन प्रांगण में रजत जयंती समारोह का आयोजन किया गया। इसके तहत कार्यक्रम तीन सत्र में सम्पन्न हुआ। प्रथम सत्र में वैचारिक संगोष्ठी, द्वितीय सत्र में सम्मान समारोह एवं तृतीय सत्र में कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। वैचारिक संगोष्ठी का विषय था- ‘‘संस्कारधानी राजनांदगांव की समृद्ध साहित्यिक परम्परा एवं साकेत’’। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. अभिलाषा बेहार सचिव, छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग उपस्थित थी एवं अध्यक्षता डॉ. दादूलाल जोशी वरिष्ठ साहित्यकार राजनांदगांव ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. पीसी लाल यादव वरिष्ठ साहित्यकार गण्डई, आत्माराम कोशा आमात्य अध्यक्ष छत्तीसगढ़ी साहित्य समिति जिला ईकाई राजनांदगांव, हरभजन सिंह भाटिया मानस मर्मज्ञ सुरगी, डॉ. दीनदयाल साहू, सम्पादक, चौपाल हरिभूमि रायपुर, डॉ. शंकरमुनि राय विभागाध्यक्ष हिंदी दिग्विजय कॉलेज राजनांदगांव उपस्थित थे। सभा को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॉ. अभिलाषा बेहार ने कहा कि राजनांदगांव संस्कारधानी शहर कहलाता है। यह पदुमलाल पुन्नालाल बक्शी, गजानन माधव मुक्ति बोध, डॉ. बल्देव प्रसाद मिश्र, गणेश शंकर शर्मा, गणेश खरे, नन्दूलाल चोटिया जैसे साहित्यकारों की कर्मभूमि रही है। संस्कारधानी राजनांदगांव के ग्राम सुरगी सरस्वती पुत्रों की धरती है। यहां पच्चीस वर्षो से निरन्तर साकेत साहित्य परिषद का संचालन हो रहा है यह इस संस्था के पदाधिकारियों एवं सदस्यों की सक्रियता, जागरूकता एवं कर्मठता का ही प्रतिफल है। निरन्तरता एक ऐसा गुण है जो बड़ा योगदान देने के लिए आवश्यक है ऐसी संस्थाए समाज को दिशा देने का कार्य करती है। साकेत साहित्य परिषद इसी तरह साहित्य साधना में संलग्न रहे और आने वाली पीढिय़ो को संस्कारो से जोड़े रखे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. दादूलाल जोशी ने कहा कि साहित्यकार समाज को आईना दिखाता है। राजनांदगांव मूर्धन्य साहित्यकारो की धरती है। सुरगी जैसे गांव में लगातार पच्चीस वर्ष से साकेत साहित्य परिषद का चलना एक बड़ी उपलब्धि है। विशिष्ट वक्ता डॉ. पीसीलाल यादव ने कहा कि साकेत साहित्य परिषद ने संस्कारधानी राजनांदगांव की समृद्ध साहित्यिक परम्परा को आगे बढ़ाने का काम किया है। आत्माराम कोशा आमात्य ने कहा कि किसी संस्था द्वारा रजत जयंती मनाना एक बड़ी उपलब्धि है साकेत साहित्य परिषद के कर्मठ साथियो ने पच्चीस वर्ष से इस संस्था को संचालित कर यह साबित कर दिया है कि यदि व्यक्ति के मन में लगन एवं अपने काम के प्रति समर्पण की भावना हो तो किसी भी संस्था को चलाने से कोई बाधा नही रोक सकती। हरभजन सिंह भाटिया ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में साकेत जैसे संस्थाओ के समक्ष कई प्रकार के बाधाओ का आना तय है लेकिन इस संस्था के सभी पदाधिकारियो एवं सदस्यो ने साहस पूर्वक इसका निराकरण कर संस्कारधानी की समृद्ध साहित्यिक परम्परा को जीवन्त बनाए रखने में एक भागीरथ प्रयास कर रहे हैं। डॉ. दीनदयाल साहू ने कहा कि पच्चीस वर्षो से निरन्तर क्रियाशील साकेत साहित्य परिषद सुरगी उत्तरोत्तर वृद्धि कर रहा है यह इस संस्था से जुड़े साहित्यकारो की संघर्ष, तपस्या, कड़ी मेहनत और लगन का परिणाम है। आगे भी संस्था ऊंचाईयो की ओर बढ़ता रहे यही हमारी कामना है। डॉ. शंकरमुनि राय ने कहा कि साकेत साहित्य परिषद सुरगी के रजत जयंती समारोह में उपस्थित होकर स्वयं को धन्य महसूस कर रहा हूँ यह छत्तीसगढ़ प्रदेश की ऐसी संस्था है जो यहाँ के बुद्धिजीवी जन की आत्मा में निवास करती है यही कारण है कि इस आयोजन में नगरों से आकर लोग इस समारोह को सफल बना रहे है। साकेत साहित्य परिषद सुरगी नगर को गाँव की ओर आकर्षित करने वाली संस्था है। आधार वक्तव्य देते हुए वरिष्ठ साहित्यकार एवं साकेत के संरक्षक कुबेर सिंह साहू ने कहा कि साकेत साहित्य परिषद सुरगी की गति िवधियों में परम्पराओ का अतिरेक दृष्टिगोचर होता है। जैसे लोक कलाकारो और लोक सांस्कृतिक मंचो को स्वयं को जोडऩा और उनका सम्मान करना। साकेत साहित्य परिषद सुरगी अपने स्वयं क्षमताओ के बल पर संचालित होता आ रहा है कवियो का समर्पण स्तुत्य है। स्वागत भाषण देते हुए संस्था के अध्यक्ष ओमप्रकाश साहू अंकुर ने संस्था की विकास यात्रा और भावी योजनाओ को रखते हुए संस्था के सदस्यो को रजत जयंती समारोह की हार्दिक शुभकामनाएं दी।अतिथियो का स्वागत संस्था के पदाधिकारियो एवं सदस्यो ने किया। इस सत्र का संचालन वरिष्ठ साहित्यकार महेन्द्र कुमार बघेल (मधु) ने एवं आभार प्रदर्शन संस्था के सचिव राजकुमार चौधरी रौना ने किया।
द्वितीय सत्र में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया जिसमें तीन साहित्यिक संस्था और एक लोक सांस्कृतिक संस्था का सम्मान किया गया। इस गरिमामयी आयोजन के मुख्य अतिथि सचिन सिंह बघेल अध्यक्ष जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक राजनांदगांव एवं अध्यक्षता कोमल सिंह राजपूत पूर्व उपाध्यक्ष कृषि उपज मण्डी राजनांदगांव ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में रोहित चन्द्राकर, अध्यक्ष, भाजपा ग्रामीण मंडल राजनांदगांव, आनन्द राम साहू, सरपंच सुरगी, मनोज साहू महामंत्री, भाजपा ग्रामीण मंडल राजनांदगांव, जीवन लाल साहू अध्यक्ष, मंडल साहू संघ मुड़पार, गुरूचरण सिन्हा, सेक्टर प्रभारी भाजपा सुरगी, कमलेश साहू अध्यक्ष, ग्राम विकास समिति सुरगी, खिलेश्वर साहू सुरगी की उपस्थिति रही। मुख्य अतिथि सचिन सिंह बघेल ने कहा कि साकेत साहित्य परिषद के रजत जयंती समारोह को देखकर मैं अभिभूत हो गया हूँ। कार्यक्रम बहुत ही व्यवस्थित एवं सुचारू ढंग से संचालित हुआ है जो एक बड़ी संस्था का मिशाल पेश करती है। कोमल सिंह राजपूत ने कहा कि साकेत साहित्य परिषद पच्चीस वर्षो से अनवरत साहित्य साधना में रत है आप सबने ने अभाव में रहकर भी प्रभावी कार्य किये है। साहित्य, संस्कृति कला कौशल को बढ़ावा देने का अविस्मरणीय कार्य किये है। इस हेतु संस्था को हार्दिक बधाई एवं उज्जवल भविष्य की कामना करता हूँ सम्मान की कड़ी में साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य हेतु शिवनाथ साहित्य धारा डोंगरगांव, भोरमदेव साहित्य सृजन मंच कबीरधाम, मधुर साहित्य परिषद जिला बालोद और लोक कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान हेतु लोक सांस्कृतिक संस्था धरती के सिंगार भोथीपार कला राजनांदगांव को साकेत साहित्य सम्मान प्रदान किया गया। सम्मान पत्र का वाचन क्रमश: मानसिंह ठाकुर, मदन मंडावी, फकीर प्रसाद साहू, कुलेश्वर दास साहू ने किया। इस सत्र का संचालन लखन लाल साहू लहर पूर्व अध्यक्ष एवं आभार व्यक्त थनवार निषाद सचिन कोषाध्यक्ष ने किया। तृतीय सत्र में वीरेन्द्र तिवारी वीरू, रोशन लाल साहू, पवन यादव पहुना, के सरस संचालन में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता रामेश्वर शर्मा वरिष्ठ साहित्यकार ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. इकबाल खान अध्यक्ष वनांचल साहित्य समिति मोहला, जयकांत पटेल अध्यक्ष पे्ररणा साहित्य समिति बालोद, ग्वाला प्रसाद नटखट अध्यक्ष पुरवाही साहित्य समिति पाटेकोहरा छुरिया, संतोष ठाकुर अध्यक्ष हस्ताक्षर साहित्स समिति दल्ली राजहरा, इंद्रजीत दादर अध्यक्ष छत्तीसगढ़ कलमकार मंच भिलाई उपस्थित थे। इस अवसर पर अखिलेश्वर प्रसाद मिश्रा, कुंजबिहारी साहू, डॉ. अशोक आकाश, डॉ. प्रवीण साव, डिनेन्द्र साहेब, महेश्वर दास साहू, कुबेर सिंह साहू, ओमप्रकाश साहू अंकुर, महेन्द्र कुमार बघेल मधु, राजकुमार चौधरी रौना, लखन लाल साहू लहर, मानसिंह ठाकुर, धर्मेन्द्र पारख मीत, दिलीप कुमार साहू अमृत, शंतुराम गंजीर, पवन यादव पहुना, थनवार निषाद सचिन, डोहर दास साहू, कुलेश्वर दास साहू, वीरेन्द्र तिवारी वीरू, प्यारेलाल देशमुख, फागूदास कोसले, फकीर प्रसाद साहू, आनन्द सार्वा, शिवप्रसाद लहरे, कैलाश साहू कुंवारा, रूपलाल साहू, ग्वाला प्रसाद नटखट, युनुस अजनबी, मदन मंडावी, नंदकिशोर साव नीरव, रोशन लाल साहू, बलराम सिन्हा, याददास साहू, अमृत दास साहू, रामखिलावन साहू, राजेश जगने, भूपेन्द्र साहू, गजेन्द्र हरिहारनो दीप, हर्ष देव साहू, रितुराज साहू, गजपति साहू, कन्हैया लाल बारले, जितेन्द्र पटेल, लखनलाल कलामे, रामकुमार साहू, घनश्याम कुर्रे, मीनेश साहू, राजकुमार मसखरे, कमलेश शर्मा, नंदकुमार साहू नादान, रामकुमार चंद्रवंशी, हेमलाल सहारे, होरीलाल भुआर्य, माधवी गनवीर, जागृति सार्वा, डाली साहू, संध्या पटेल, खिलेश्वरी साहू, दूजराम साहू, समीम अहमद सिद्दकी, बेदराम पटेल, कृष्ण कुमार तिवारी, योगेश्वर प्रसाद दुबे, जीवन लाल साहू, देवनारायण नंगरिहा, डॉ. एस.एल. गंधर्व, पुष्कर सिंह राज, शिवकुमार अंगारे, पूनाराम यादव, जशवंत कुमार चतुर्वेदी, हेमन्त कुमार साहू, रोशन लाल साहू, चुरामन पटेल, ईश्वर साहू बंधी, कोमरे मेडम सहित बड़ी संख्या में साहित्यकार एवं लोक कलाकार उपस्थित थे।
राजनांदगांव अग्रहरि समाज के नवनिर्वाचित अध्यक्ष प्रभात गुप्ता 'राजा' ने कार्यकारिणी की घोषणा की
विगत दिनों स्थानीय अग्रहरि भवन के सभागार में संपन्न हुए चुनाव में समाज के वरिष्ठजनो और संरक्षको के मार्गदर्शन मे अग्रहरि वैश्य समाज के अध्यक्ष पद हेतु प्रभात गुप्ता जी'राजा' निर्विरोध निर्वाचित हुए।
युवा संग़ठन अध्यक्ष के रूप में डॉक्टर सुबोध गुप्ता जी को चुना गया। प्रभात गुप्ता जी अग्रहरि भवन के वंश परंपरागत ट्रस्टी, युवा संगठन के पूर्व अध्यक्ष तथा लगातार समाज में सक्रिय रहने वाले,नगर निगम राजनांदगांव में पूर्व एल्डरमैनऔर विभिन्न संस्थाओं के साथ-साथ गायत्री परिवार से भी जुड़े हुए हैं। संपन्न हुए चुनाव में बड़ी संख्या में समाज के लोगों की उपस्थिति रही एवं नए अध्यक्ष बनने पर बधाई और शुभकामनाएं दी। चुनाव का सफल संचालन श्री अरुण गुप्ता जी अधिवक्ता ने किया।
प्रभात गुप्ता ने अपनी नई कार्यकारिणी घोषित की, जिसमें
संरक्षकगण - श्री अजय कुमार जी, श्री श्याम चरण जी, श्री रमेश कुमार जी, श्री राजेश कुमार जी, श्री राम किशोर जी, श्री गौरी शंकर जी, श्री नवीन कुमार जी और श्री मनोज कुमार जी मार्गदर्शक मंडल में श्री राकेश कुमार जी, श्री सतीष कुमार जी, श्री श्रीकांत जी, श्री राधे श्याम जी और श्री अशोक कुमार जी
सलाहकार - श्री सुरेंद्र कुमार जी, श्री सुबोध कुमार जी
उपाध्यक्ष - श्री प्रबोध कुमार जी, श्री प्रज्ज्वल जी और श्री गीतेश जी
सचिव - श्री अरविंद जी सह सचिव - श्री अमित जी और श्री ज्ञानेश जी कोषाध्यक्ष - श्री प्रवीण कुमार जी प्रचार प्रसार प्रभारी - श्री कैलाश जी, और गगनजी विधिक सलाहकार - श्री अरुण कुमार जी एवं श्री आदित्य स्वरूप जी इनके अलावा कार्यकारिणी में श्री संजीव जी, श्री मुकेश जी, श्री दीपक जी, श्री पंकज जी, श्री आशीष जीऔर श्री अंकित कुमार जी को शामिल किया गया एवं हर्षोल्लास के साथ दीपावली मिलन व अन्नकूट मनाने की रूपरेखा तैयार की गई। उपरोक्त जानकारी मीडिया प्रभारी कैलाश अग्रहरि ने दी।
मनरेगा मज़दूरों ने लिया जल बचाने का संकल्प
जल जीवन मिशन योजना के तहत हर घर जल योजना एवं जल संरक्षण के लिए जागरूकता का कार्यक्रम लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग राजनांदगाँव द्वारा संचालित है। इस क्रम में ISA नवचेतन जन कल्याण एवं महिला उत्थान समिति द्वारा राजनांदगांव ब्लॉक के ग्राम घुमका में मनरेगा के तहत कार्यरत मज़दूरों को संस्था के टीम लीडर श्री शैलेंद्र निषाद के द्वारा जल संरक्षण के महत्व को बताते हुए गिरते भूमिगत जल स्तर को बचाने के लिए प्रेरित किया। इसके साथ ही पानी को व्यर्थ बर्बाद ना कर अमूल्य जल के संचय का संदेश दिया। साथ ही
घर से निकलने वाले जल को व्यर्थ ना करते हुए अपने अपने घरों में किचन गार्डन और सोख्ता गड्ढा बनाकर जल संरक्षण में अपना योगदान देने हेतु जागरूक किया।
इस दौरान उपस्थित सरपंच श्रीमती फूलमती वर्मा, पंच मीना यादव भागवती मरावी, रोजगार सहायक श्री अश्वनी कुमार राजपुर, मेठ, उत्तम वर्मा,प्रकाश वर्मा गिरवर सीवारे, संतोष गुप्ता लगभग 250 मजदूरों को जल संरक्षण के लिए जागरूक करते हुए सदैव जल बचाने एवं दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने हेतु शपथ दिलाई गई।
अपर कलेक्टर ने गणेशोत्सव समितियों एवं डीजे संचालकों की बैठक ली
राजनांदगांव। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देशानुसार अपर कलेक्टर श्रीमती इंदिरा नवीन प्रताप सिंह तोमर ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में गणेशोत्सव समितियों एवं डीजे संचालकों की बैठक ली। बैठक में अपर कलेक्टर ने उच्चतम न्यायालय एवं उच्च न्यायालय बिलासपुर द्वारा ध्वनि विस्तार यंत्रों के उपयोग के लिए जारी आदेश की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि आदेश का उल्लंघन करते पाए जाने पर संबंधित डीजे संचालक पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आदेश का उल्लंघन करने पर डीजे सिस्टम सहित वाहन को जप्त किया जाएगा। साथ ही वाहन चालक का ड्राइविंग लाईसेंस भी निरस्त करने की विधिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि डीजे एवं ध्वनि विस्तारक यंत्रों के तीव्र आवाज से बच्चों, बुजुर्गों, बीमार व्यक्तियों, प्रसूति माताओं के स्वास्थ्य पर बहुत ही बुरा प्रभाव होता है। बैठक में सेवा समिति, आशीर्वाद मंडल, तिरंगा मंडल, त्रिशंख मंडल, गौरी-गणेश उत्सव समिति, नवरत्न मंडल, अष्टविनायक मंडल एवं अन्य गणेशोत्सव समिति के सदस्य तथा डीजे वल्र्ड, यादव डीजे, शुभम डीजे, अजय साऊण्ड, वैष्णव साऊण्ड, डीजे तरूण, शिवम् धुमाल, सांई कृपा, डीजे आरवीएस, पावर जोन डीजे सहित अन्य डीजे संचालक उपस्थित थे।
सड़क हादसे में नर्स की मौत
राजनांदगांव । निजी हॉस्पिटल में कार्यरत स्टाफ नर्स को मालवाहक ने टक्कर मार दी। हादसे में गंभीर रुप से घायल नर्स की इलाज के दौरान मौत हो गई।पुलिस ने बताया कि चौखड़ियापारा में रहने वाली 37 वर्षीय लीना देवांगन सुंदरा हॉस्पिटल में बतौर स्टाफ नर्स पदस्थ थीं।
रोज की तरह ड्यूटी जाने के लिए वह अपने मोपेड से निकली थी। लीना मठपारा के पेट्रोल पंप के पास पहुंची थी, तभी उसे मालवाहक क्रमांक सीजी 04 एलजी 6702 के चालक ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में लीना के सिर पर गंभीर चोंटे आई थी, जिसे तत्काल हॉस्पिटल पहुंचाया गया। लेकिन इलाज के दौरान ही उसने दम तोड़ दिया।
लोकतंत्र को मजबूत करने युवाओं ने निकाली मशाल रैली
राजनांदगांव। लोकतंत्र को मजबूत करने तथा विधानसभा निर्वाचन 2023 में शत प्रतिशत मतदान के लिए प्रोत्साहित करने युवाओं द्वारा मशाल रैली निकाली गई। जागृति की यह मशाल उन क्षेत्रों तक पहुंची, जहां पहले मतदान का प्रतिशत कम था। यह रैली महेश नगर, कमला कॉलेज और कौरिनभाठा क्षेत्र के गली-गली में मतदान करने की दस्तक दी गई। कलेक्टर डोमन सिंह के मार्गदर्शन एवं सीईओ जिला पंचायत एवं नोडल अधिकारी स्वीप अमित कुमार के निर्देशन में कम मतदान प्रतिशत वाले क्षेत्रों को चिन्हांकित कर मतदाता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर मतदाओं को जागरूक किया जा रहा है। इसी कड़ी में आज पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावास महेश नगर के विद्यार्थियों द्वारा उत्साह से मशाल रैली निकाल कर मतदाता जागरूकता रैली निकाली गई। रैली निकालते हुए जनमानस को वोट की महत्ता व मतदान अवश्य करने के लिए प्रेरित किया। कलेक्टर श्री डोमन सिंह के मार्गदर्शन में लगातार कम मतदान प्रतिशत वाले क्षेत्रों में मतदाओं को जागरूक करने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। मशाल रैली पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावास महेश नगर से निकलकर कमला कॉलेज, कौरिनभाठा होते हुए महेश नगर स्थित पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावास में समाप्त हुई। सीईओ जिला पंचायत अमित कुमार ने कहा कि वर्ष 2018 के विधानसभा निर्वाचन के दौरान इस क्षेत्र का मतदान प्रतिशत कम था जिसके लिए यहां के मतदाताओं को जागरूक करने के लिए मशाल रैली निकाली गई। इस क्षेत्र में 84 प्रतिशत मतदाता है। यहां 100 प्रतिशत मतदान कराने के लिए मशाल रैली निकाली गई है।
मशाल रैली में युवाओं ने हम सब ने ठाना है निष्पक्ष मतदान कराना है, शत प्रतिशत मतदान बनेगा राजनांदगांव का अभिमान, 7 नवम्बर मतदान अवश्य करें, वोट डालने जाना है अपना फर्ज निभाना है, लोकतंत्र का भाग्य विधाता होता जागरूक मतदाता, वोट डालने जाएं अपना वोट काम में लाएं, वोट हमारा हैं अनमोल कभी ना लेंगे इसका मोल, आओ मिलकर अलख जगाएं शत-प्रतिशत मतदान कराएं, चुनाव आयोग का है आव्हान सबको करना है मतदान, एक वोट से होता फैसला मतदाता का यही हौसला, मतदान हमारा अधिकार है इससे बनती सरकार है का नारा लगाते हुए शत प्रतिशत मतदान का संदेश दिया गया। छात्रावास में पहुंचकर युवाओं ने निष्पक्ष मतदान करने के लिए शपथ लिया। इस अवसर पर सहायक नोडल अधिकारी स्वीप रश्मि सिंह, सहायक संचालक आदिवासी विकास दीक्षा गुप्ता, सहायक परियोजना समन्वयक मनोज मरकाम एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
घर-घर रंगोली बनाकर मतदान के लिए प्रेरित
राजनांदगांव । जिले में मतदान जागरूकता के लिए शहर से लेकर गांव तक सघन अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें नागरिकों की जनसहभागिता व्यापक तौर पर रही है। लोकतंत्र के इस उत्सव में शामिल होने एवं मतदान करने का संदेश दिया गया। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री डोमन सिंह तथा नोडल अधिकारी स्वीप एवं जिला पंचायत सीईओ श्री अमित कुमार के मार्गदर्शन में स्वीप अंतर्गत जिले में शहरों से लेकर गांवों तक मतदाता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। स्वीप कार्यक्रम अंतर्गत पोस्ट कार्ड, रंगोली, मेहंदी, पेंटिंग एवं अन्य कार्यक्रम का आयोजन कर मतदाताओं को मतदान के लिए जागरूक किया जा रहा है। साथ ही मतदान करने के लिए शपथ भी दिलाई जा रही है। जिले में स्वीप कार्यक्रम अंतर्गत मतदान तिथि 7 नवंबर 2023 को शत-प्रतिशत मतदान के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए लगातार मतदाता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन हो रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी, ग्रामीण, विद्यार्थी, श्रमिक एवं आम नागरिक शामिल हो रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं ने मतदान जागरूकता के लिए खुबसूरत रंगोली बनाई।
जनपद पंचायत राजनांदगांव के 112 ग्राम पंचायतों में मतदाता जागरूकता कार्यक्रम अंतर्गत घर-घर रंगोली कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसके अंतर्गत घर-घर रंगोली बनाकर ग्रामीण मतदाताओं को मतदान तिथि 7 नवंबर 2023 को शत-प्रतिशत मतदान करने प्रेरित किया गया। रंगोली में सारे काम छोड़ दो सबसे पहले वोट दो, मतदान ही नागरिक की पहचान, चलो मतदान करें, वोट देना हमारा अधिकार, आओ मतदान करें, मेरा वोट मेरा भविष्य, छोड़ो अपने सारे काम पहले चलो करें मतदान, चलो दीदी-भाई करे मतदान, लोकतंत्र की विनती है हर एक वोट कीमती है का संदेश दिया गया। इस आयोजन में बड़ी संख्या में स्वसहायता समूह की महिलाएं एवं ग्रामीणजनों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।