छत्तीसगढ़ / बीजापुर
मुख्य अतिथि सांसद श्री महेश कश्यप ने स्वतंत्रता दिवस पर जिला स्तरीय समारोह में किया ध्वजारोहण
जिले में गरिमामय एवं हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया आजादी का महापर्व
रायपुर, 15 अगस्त 2025

आजादी के महापर्व 79वें स्वतंत्रता दिवस को बीजापुर जिले में गरिमामय एवं हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया। जिला स्तरीय मुख्य कार्यक्रम बीजापुर के मिनी स्टैडियम में मुख्य अतिथि बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप ने ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली। मुख्य कार्यक्रम में मुख्य अतिथ द्वारा माननीय मुख्यमंत्री जी का जनता के नाम संदेश का वाचन किया गया, तत्पश्चात हर्ष के प्रतीक रंगबिरंगे गुब्बारे आसमान में छोड़े गए।
समारोह स्थल में उपस्थित नक्सली उन्मूलन अभियान में शहीद हुए जवानों के परिजनों को मुख्य अतिथि द्वारा शॉल और श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया।
जिले के अपने कार्य क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य का प्रदर्शन करने वाले अधिकारी-कर्मचारी को प्रशस्ति पत्र से सम्मान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। जिसमें पुलिस के जवान, शिक्षा, स्वास्थ्य सहित विभागीय गतिविधियों में सराहनीय योगदान देने वाले अधिकारी-कर्मचारी शामिल थे। कार्यक्रम में परेड दल एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले टीम को पुरस्कार से सम्मानित किया। जिसमें सीनियर परेड दल सीआरपीएफ को प्रथम स्थान मिला, जिला पुलिस बल पुरूष को द्वितीय एवं छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं जूनियर परेड दल में एनसीसी को प्रथम स्थान, स्काउट को द्वितीय स्थान एवं एनएसएस को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।
इसी तरह मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुति स्कूली विद्यार्थियो द्वारा की गई जिसमें मोर छत्तीसगढ़ महतारी तोला बारम्बार प्रणाम गीत हेतु छु लो आसमा को प्रथम स्थान, शिक्षा क्रांती नाट्य गीत हेतु पीएमश्री नवोदय विद्यालय बीजापुर को द्वितीय स्थान एवं ओ माई तेरी मिट्टी बुलाएं गीत के सुंदर प्रस्तुति के लिए डीएव्ही मांझीगुड़ा को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। सभी विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं सम्मान के साथ मुख्यअतिथि सांसद बस्तर श्री महेश कश्यप, कलेक्टर श्री संबित मिश्रा एवं पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव ने सामूहिक फोटोग्राफी भी कराई। कार्यक्रम में मुख्य आकर्षण का केन्द्र रहा आत्मसमर्पित नक्सली एवं सुदूर वनांचल के विद्यार्थीगण स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ सरकार के आत्मसमर्पण नीति के तहत सैकड़ों की संख्या में आत्मसमर्पित नक्सलियो ने स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम देखकर भारत की एकता और अखंडता तथा देशप्रेम के जज्बे को सलाम किया। वहीं सुदूर वनांचल में पुनः संचालित कोरचोली, तोड़का, नेण्ड्रा, एड़समेटा, करका, इतावर एवं भट्टीगुड़ा स्कूल के बच्चे स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में शामिल हुऐ।
मुख्य कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक श्री विक्रम मंडावी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती जानकी कोरसा, नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती गीता सोम पुजारी सहित जिला एवं जनपद पंचायत के जनप्रतिनिधि, नगरपालिका के पार्षदगण, डीएफओ श्री रामकृष्णा वाय, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती नम्रता चौबे, उपनिदेशक इन्द्रावती टाईगर श्री संदीप बल्गा, अपर कलेक्टर श्री भूपेन्द्र अग्रवाल, एडिशनल एसपी श्री चन्द्रकांत गवर्ना, संयुक्त कलेक्टर श्री जागेश्वर कौशल सहित जिला एवं पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारीगण तथा स्कूली विद्यार्थी एवं जन सामान्य उपस्थित थे।
IED ब्लास्ट में जवान घायल...
बीजापुर । जिले के नक्सल प्रभावित भैरमगढ़ इलाके में जवान नक्सलियों के लगाए आईईडी की चपेट में आ गया। घटना इंद्रावती नदी के पार पूंडरी इलाके की है।
जानकारी के अनुसार सुरक्षा बल के जवान नक्सल ऑपरेशन पर निकले थे। इसी दौरान अचानक आईईडी ब्लास्ट हो गया, जिसमें एक जवान घायल हो गया। घायल जवान को सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। बीजापुर एसपी ने बताया कि, घायल जवान खतरे से बाहर है।
9 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण, कइयों पर था लाखों का इनाम
बीजापुर। छत्तीसगढ़ शासन और भारत सरकार की नक्सल उन्मूलन नीति, पुनर्वास योजना और नियद नेल्ला नार जैसी जन-उन्मुख पहलों के तहत बीजापुर में 9 कुख्यात माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पण करने वालों में कई शीर्ष स्तरीय नक्सली शामिल हैं जिन पर लाखों रुपये का इनाम घोषित था।
इन सभी ने आज दंतेवाड़ा रेंज के उप पुलिस महानिरीक्षक कमलोचन कश्यप, केरिपु सेक्टर बीजापुर के डीआईजी बी.एस. नेगी, एसपी डॉ. जितेंद्र यादव सहित विभिन्न सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में आत्मसमर्पण किया।
नक्सलियों की सूची व इनाम राशि:
बक्सू ओयाम – माड़ डिवीजन की कंपनी नंबर 01 का सदस्य, ₹8 लाख का इनामी, 2007 से सक्रिय
बुधराम पोटाम – प्लाटून नंबर 12 ACM, ₹5 लाख का इनामी, 2000 से सक्रिय
हिड़मा उर्फ हिरिया – प्लाटून नंबर 13 ACM, ₹5 लाख का इनामी, 2000 से सक्रिय
मंगू उइका उर्फ टोग्गी – टेक्निकल टीम सदस्य, ₹2 लाख का इनामी, 2004 से सक्रिय
रोशन कारम उर्फ सोनू – चिन्नापल्ली एरिया कमेटी पार्टी सदस्य, ₹2 लाख का इनामी, 2010 से सक्रिय
मंगलों पोड़ियाम – भैरमगढ़ एरिया कमेटी सदस्य, ₹2 लाख का इनामी, 2021 से सक्रिय
कमलू हेमला – डीएकेएमएस सदस्य, 2006 से सक्रिय
बुधराम हेमला – डीएकेएमएस सदस्य, 2014 से सक्रिय
पंडरू पूनेम उर्फ पदखूटा – भूमकाल मिलिशिया कमांडर, 1997 से सक्रिय
सुरक्षा बलों की रणनीति और सफलता
यह आत्मसमर्पण छग पुलिस की डीआरजी, जिला बल, एसटीएफ, कोबरा और केरिपु बल की संयुक्त रणनीति और लगातार दबाव का परिणाम है। अफसरों ने बताया कि आत्मसमर्पित नक्सली छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति और समर्पण के बाद मुख्यधारा में लौटने के अवसरों से प्रभावित होकर आए हैं।
एसपी डॉ. जितेंद्र यादव ने कहा कि समर्पण करने वाले माओवादियों को सरकारी योजनाओं का लाभ, पुनर्वास सहायता और सुरक्षा प्रदान की जाएगी, ताकि वे समाज में सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें।
इस आत्मसमर्पण से एक बार फिर यह स्पष्ट हुआ है कि सरकार की जनहितकारी योजनाएं और सुरक्षा बलों की रणनीति नक्सलवाद को कमजोर करने में कारगर साबित हो रही है।
पानी की जांचकर खोली आंखे, पीने के पानी की गुणवत्ता पर सजग हुए ग्रामीण
बीजापुर। धुर नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में अब विकास के साथ सामाजिक-स्वास्थ्य और अन्य क्षेत्रों में भी जागरूकता बढ़ रही है। प्रशासन इसके लिए तरह-तरह से प्रयास कर लोगों को समझाईश दे रहा है। बीजापुर जिले के भोपालपटनम एवं उसूर विकासखंडों के अंतर्गत आने वाले ग्राम बामनपुर, गुंजेपरती और नंबी में जल जीवन मिशन के तहत जल सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर ऐसे ही एक अनोखी और प्रेरणादायक जनजागरूकता पहल की गई।
इन गांवों में “हर घर नल से जल” योजना के अंतर्गत पेयजल सुविधा तो उपलब्ध थी, फिर भी कुछ ग्रामीण परंपरागत आदतों या जानकारी के अभाव में नदी और नालों के पानी का उपयोग पीने के लिए कर रहे थे। इससे स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं की संभावना बनी हुई थी। जल-जीवन मिशन की समीक्षा बैठक में प्रशासन ने तय किया कि ग्रामीणों को जल की गुणवता और उससे जुड़ी स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों के बारे में व्यावहारिक तरीके से समझाने का अभियान चलाया जाएगा। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों की देखरेख में यह अभियान प्रारंभ किया गया।
पानी की जांचकर खोली आंखे, पीने के पानी की गुणवत्ता पर सजग हुए ग्रामीण
जिला जल परीक्षण प्रयोगशाला की केमिस्ट के नेतृत्व में दल बनाकर गांवों में भेजा गया। वहाँ पहुँचकर उन्होंने सरपंच, सचिव, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन और ग्रामवासियों की उपस्थिति में नदी नाले के जल और नल से प्राप्त जल का परीक्षण करके अंतर को सबके सामने प्रस्तुत किया। जब ग्रामीणों ने स्वयं देखा कि नदी नाला के जल में हानिकारक तत्व उपस्थित हैं जबकि घर में लगे नल का जल साफ और सुरक्षित है, तो उन्होंने भविष्य में पीने के लिए केवल सुरक्षित नल के जल का उपयोग करने का वादा किया। इस पहल को स्थानीय लोगों ने सराहा और इसे आँखें खोलने वाला अनुभव बताया।
यह पहल इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि यदि जानकारी और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से जनसामान्य को समझाया जाए, तो वे सकारात्मक बदलाव के लिए तत्पर रहते हैं। यह अभियान जल जीवन मिशन के उद्देश्यों की प्राप्ति की दिशा में एक प्रभावशाली कदम साबित हुआ है। बामनपुर, गुंजेपरती और नंबी जैसे गांव अब केवल जल उपलब्धता में आत्मनिर्भर नहीं हैं, बल्कि जल की गुणवत्ता को लेकर भी सजग हुए हैं।
बीजापुर में CRPF जवान ने खुद को मारी गोली, जांच में जुटी पुलिस...
बीजापुर । बीजापुर जिले से बुधवार सुबह एक दर्दनाक खबर सामने आई है। सीआरपीएफ की 22वीं बटालियन में तैनात जवान पप्पू यादव ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना सुबह करीब 5 बजे की है, जब जवान ने अपनी सर्विस राइफल से खुद के गले में गोली मार ली, जो सिर को चीरते हुए बाहर निकल गई। जवान की मौके पर ही मौत हो गई।
बिहार से लौटकर ड्यूटी पर आया था जवान
मृतक जवान पप्पू यादव बिहार के भोजपुर जिले के ग्राम ठाकुरी, थाना चाल पोखरी का निवासी था। वह एक दिन पहले ही, 29 जुलाई को छुट्टी से लौटकर ड्यूटी पर आया था। फिलहाल आत्महत्या के पीछे का कारण साफ नहीं है। जवान के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
घटना की सूचना मिलते ही नैमेड़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामला दर्ज कर लिया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। सीआरपीएफ और पुलिस अधिकारी मामले की जांच में जुटे हुए हैं।
गार्ड ऑफ ऑनर के बाद शव भेजा जाएगा गांव
पोस्टमार्टम के बाद शहीद जवान को गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा और फिर शव को भोजपुर (बिहार) स्थित उसके पैतृक गांव भेजा जाएगा।
बटालियन में मातम
इस घटना से बटालियन में शोक का माहौल है। साथियों के मुताबिक, पप्पू यादव कर्तव्यनिष्ठ और अनुशासित जवान था, इसलिए यह कदम चौंकाने वाला है। जवान की आत्महत्या ने सीआरपीएफ में मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन जैसे गंभीर विषयों पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस और बटालियन प्रशासन आत्महत्या की वजह तलाशने में जुटे हैं।
मुकेश चंद्राकर हत्याकांड: PWD के 5 अधिकारी गिरफ्तार, 2 रिटायर्ड EE भी शामिल
बीजापुर। पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड में बीजापुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लोक निर्माण विभाग (PWD) के पांच अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ये सभी गंगालूर-मिरतुल सड़क निर्माण में भारी भ्रष्टाचार में लिप्त थे, जिसकी खबर पत्रकार चंद्राकर ने उजागर की थी।
ये हैं गिरफ्तार अफसर
डीआर साहू – सेवानिवृत्त कार्यपालन अभियंता (EE)
वीके चौहान – सेवानिवृत्त अभियंता
एचएन पात्र – वर्तमान EE
प्रमोद सिंह कंवर – एसडीओ, बीजापुर
संतोष दास – उप अभियंता
ASP चंद्रकांत गवर्ना ने इन गिरफ्तारियों की पुष्टि की है। सभी अधिकारियों को दो दिन की रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की जा रही है।
पत्रकार ने खोली थी भ्रष्टाचार की पोल
पत्रकार मुकेश चंद्राकर ने PWD द्वारा बनाई जा रही गंगालूर-मिरतुल सड़क में घोटाले का खुलासा किया था। इसके कुछ ही दिन बाद 1 जनवरी को वे लापता हो गए। परिजनों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। 3 जनवरी को उनका शव एक ठेकेदार के सेप्टिक टैंक में बरामद हुआ। इस मामले में पुलिस पहले ही तीन लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
क्यों अहम है ये गिरफ्तारी?
चंद्राकर की हत्या को पत्रकारिता पर हमला और भ्रष्टाचार छिपाने की साजिश के तौर पर देखा जा रहा है। यह पहली बार है जब मामले में सरकारी अफसरों की संलिप्तता सामने आई है।
अधिकारियों की गिरफ्तारी से यह भी स्पष्ट हुआ है कि सड़क निर्माण घोटाले में उच्च स्तर तक मिलीभगत थी।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने संकेत दिए हैं कि इस मामले में और भी गिरफ्तारियां संभव हैं। एसआईटी जांच भी चल रही है और अब अफसरों से पूछताछ के आधार पर ठेकेदार और अन्य रसूखदारों की भूमिका की जांच तेज हो सकती है।
यह मामला छत्तीसगढ़ में पत्रकार सुरक्षा, भ्रष्टाचार पर रिपोर्टिंग और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़े गंभीर सवाल खड़ा करता है। पत्रकार संगठनों ने दोषियों को जल्द सजा देने की मांग की है।
बीजापुर में डीईओ की कुर्सी पर दो दावेदार, कर्मचारियों में असमंजस
बीजापुर । जिले में इन दिनों जिला शिक्षा अधिकारी की कुर्सी पर दो अधिकारी अपना दावा कर रहे हैं, दोनों स्वयं को “असली डीईओ” बता रहे हैं।
मिली जानकारी के अनुसार 10 जुलाई 2025 को जब राज्य शासन ने राजकुमार कठोते को प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी, बीजापुर के रूप में पदस्थ किया और लखनलाल धनेलिया को प्राचार्य, माकड़ी (कोंडागांव) बना दिया गया । लेकिन लखनलाल धनेलिया का कहना है कि मैंने अब तक प्रभार नहीं दिया है, और कार्यालय वैसे ही चल रहा है, जैसे पहले चलता था । उनका कहना है कि उन्होंने 23 जुलाई को हाईकोर्ट से स्टे भी ले लिया है । राजकुमार कठोते के पास शासन के आदेश होने से वे स्वयं को डीईओ बता रहे हैं। अब स्थिति ऐसी है कि एक कुर्सी के लिए दो दावेदार हैं, और दोनों कार्यालय आने-जाने लगे हैं, इससे कर्मचारियों की परेशानी बढ़ गई है, आखिर वे किसका आदेश माने। देखना दिलचस्प होगा कि अंत में डीईओ की यह कुर्सी किसे मिलती है ।
नक्सलियों की कायराना हरकत, दो ग्रामीणों की हत्या
बीजापुर। जिले के तर्रेम थाना क्षेत्र में नक्सलियों की एक बार फिर कायराना करतूत सामने आई है। मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम छुटवाई निवासी कवासी जोगा उम्र करीब 55 वर्ष और बड़ा तर्रेम निवासी मंगलू कुरसम उम्र करीब 50 वर्ष की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई है।
यह दर्दनाक घटना 20 और 21 जुलाई की दरम्यानी रात की बताई जा रही है। 4-5 अज्ञात नक्सलियों ने धारदार हथियारों से लैस होकर दोनों ग्रामीणों की बेरहमी से हत्या कर दी। थाना तर्रेम द्वारा घटना की जांच कर रही है। विस्तृत जानकारी मिलने पर आगे की जानकारी दिए जाने की बात कही गई है।
बीते दिन बीजापुर जिले के भोपालपटनम ब्लाक के ग्राम कोण्डापडगु में आईईडी ब्लास्ट में 16 साल का एक नाबालिग गंभीर रूप से घायल हो गया था। इसके बाद घायल हालत में नाबालिग को अस्पताल में भर्ती कराया। घटना उस वक्त हुई जब कृष्णा गोटा पिता फकीर निवासी कोण्डापडगु के जंगल में मवेशी चराने गया था। नक्सलियों ने सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने के मकसद से यहां आईईडी लगाया था।
आइये जानतें हैं छत्तीसगढ़ में कब-कब हुए नक्सली हमले-
अप्रैल 2021 को बीजापुर और सुकमा जिले के तेर्रम जंगलों में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में 22 सुरक्षाकर्मी बलिदान को प्राप्त हुए थे।
मार्च 2018 को नक्सलियों के आईईडी विस्फोट में सुकमा में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के नौ जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे।
18 फरवरी 2018 को सुकमा के भेज्जी में नक्सलियों के साथ एनकाउंटर में पुलिस के दो जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे।
24 अप्रैल 2017 को नक्सलियों के साथ सुकमा में मुठभेड़ में सीआरपीएफ के 24 जवान बलिदान हुए थे।
12 मार्च 2017 को सुकमा में माओवादी हमले में सीआरपीएफ के 12 जवानों ने शहादत दी थी।
11 मार्च 2014 में नक्सलियों के हमले में सुकमा सुरक्षा बलों के 15 जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे।
28 फरवरी 2014 को नक्सली हमले में दंतेवाड़ा में छह पुलिस ऑफिसर्स ने शहादत दी थी।
25 मई 2013 को सबसे बड़े नक्सली हमले में पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल, पूर्व राज्य मंत्री महेंद्र कर्मा, नेता उदयमुदलियार, योगेंद्र शर्मा सहित कांग्रेस के 25 नेता मारे गये थे।
29 जून 2010 को नारायणपुर जिले में नक्सली हमले में सीआरपीएफ के 26 जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे।
8 मई 2010 को नक्सलियों ने बीजापुर जिले में वाहन विस्फोट सीआरपीएफ के आठ जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे।
6 अप्रैल 2010 को नक्सलियों ने घात लगतार दंतेवाड़ा जिले में हमला किया। सीआरपीएफ के 75 जवान शहीद शहादत को प्राप्त हुए थे।
27 जुलाई 2009 को नक्सलियों ने दंतेवाड़ा जिले में बारूदी सुरंग विस्फोट किया, जिसमें छह लोगों की मौत हो गई थी।
9 जून 2025 को सुकमा में आईईडी ब्लास्ट में एएसपी आकाशराव गिरपूंजे वीरगति को प्राप्त, एसडीओपी और टीआई बुरी तरह से घायल
मुख्यमंत्री जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों का त्वरित निराकरण करें: कलेक्टर
बीजापुर । कलेक्टर संबित मिश्रा ने साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में विकास कार्यो की समीक्षा करते हुऐ कहा कि मुख्यमंत्री जनदर्शन में प्राप्त सभी आवेदनों का समय-सीमा में त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए, अनावश्यक रूप से आवेदन लंबित न हो। इस दौरान मुख्यमंत्री जनदर्शन, पीजी पोर्टल एवं कलेक्टर जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों का समीक्षा करते हुऐ विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। बैठक में नियद नेल्लानार क्षेत्रों में सर्वे, सैचुरेशन शिविर की प्रगति ग्रामीणों सहित आत्मसमर्पित नक्सली एवं नक्सल पीड़ित परिवारों को प्रदाय की जाने वाली आवश्यक दस्तावेज, जन्म प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, बैंक पासबुक, आधारकार्ड, आयुष्मान कार्ड, जाति प्रमाण पत्र इत्यादि के बारे में विस्तृत समीक्षा किया गया।
वहीं प्रधानमंत्री आवास, व्यक्तिगत शौचालय सहित सूदूर क्षेत्रों में संचालित विकास कार्यो की प्रगति के बारे में आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया। जिले में सीएसआर मद से प्राप्त नवीन 8 एम्बुलेेंस सहित उपलब्ध सभी एम्बुलेंस को मरीजों के त्वरित ईलाज हेतु टोल फ्री नंबर जारी करने एवं उनका व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। वन अधिकार पत्र हेतु प्राप्त आवेदनों का अनुभाग स्तर पर अनुशंसा पश्चात जिला स्तरीय समिति के बैठक जल्द आयोजित कर प्राप्त प्रकरणों पर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा।
सुशासन तिहारअंतर्गत प्राप्त आवेदनों/प्रकरणों का निराकरण करने संबंधी आवश्यक मार्गदर्शन भी दिए। जिलास्तरीय नामजद अधिकारियों को आश्रम, पोटाकेबिन के निरीक्षण संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुऐ व्यवस्थाओं में व्यापक सुधार लाने को कहा गया। बैठक में आरबीसी 6-4, सुकन्या समृद्धि योजना सहित केन्द्र एवं राज्य शासन के समस्त जनकल्याणकारी योजनाओं का जमीनी स्तर पर व्यापक क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा गया। इस अवसर पर अपर कलेक्टर भूपेन्द्र अग्रवाल सहित जिला स्तरीय वरिष्ठ अधिकारीगण, समस्त अनुभाग के एसडीएम डिप्टी कलेक्टर, सीईओ जनपद पंचायत एवं नगरीय निकाय के सीएमओ उपस्थित थे।
कोटपा एक्ट 2003 के तहत हुए चालानी कार्रवाई
36 चालान कर 6750 रुपये की गई चालानी कार्रवाई
बीजापुर । राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत जिले के भैरमगढ़ ब्लाॅक में किराना दुकानों, पान दुकानों में सिगरेट एवं अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम कोटपा एक्ट अंतर्गत जिला प्रवर्तन दल द्वारा चलानी कार्रवाई की गई। कलेक्टर संबित मिश्रा के निर्देशानुसार एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी आर पुजारी एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक NHM वरुण साहू एवं जिला नोडल अधिकारी राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम डॉ मनोज लम्बाडी के मार्गदर्शन में औषधि प्रशासन विभाग के औषधि निरीक्षक श्री प्रशांत शिवाना एवं पुलिस विभाग के संयुक्त टीम द्वारा यह कार्यवाही की गई।
राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के भैरमगढ़ क्षेत्र में स्थित किराना दुकानों, पान दुकानों में सिगरेट एवं अन्य तम्बाकू उत्पाद बिना चेतावनी चिन्ह के तम्बाकू पदार्थों को बेचा जा रहा था। उक्त प्रतिष्ठानों के द्वारा कोटपा एक्ट के प्रावधानों का पालन नहीं किये जाने अनुसार कोटपा एक्ट की धारा 4 एवं 6 अंतर्गत कुल 36 चालान कर 6750 रुपये की चालानी कार्रवाई की गई।
साथ ही दुकानदारों को प्रतिबंधित पदार्थों की खरीद-बिक्री के लिए गठित कानून के बारे में भी जानकारी दी गई। जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों को तंबाकू मुक्त क्षेत्र बनाये जाने के तहत चालानी कार्रवाई की गई है। चालानी का उद्देश्य कोटपा अधिनियम 2003 धाराओं को शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में लागू करना है। इस संबंध में प्रतिष्ठानों के मालिक सहित वहां पर आए लोगों को भी कोटपा एक्ट 2003 के बारे में जागरूक कराया गया।
IED ब्लास्ट में 3 ग्रामीण घायल, मशरूम बीनने गए थे जंगल...
बीजापुर । बीजापुर जिले में नक्सली हिंसा का एक और दर्दनाक मामला सामने आया है। थाना मद्देड़ क्षेत्र के धनगोल गांव के जंगल में मशरूम (फुटु) इकट्ठा करने गए तीन ग्रामीण नक्सलियों द्वारा लगाए गए प्रेशर IED की चपेट में आ गए। हादसे में एक 16 वर्षीय किशोरी सहित तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना रविवार सुबह की बताई जा रही है जब तीनों ग्रामीण जंगल में फुटु खोजने निकले थे। इसी दौरान छिपाए गए प्रेशर IED पर उनका पैर पड़ गया, जिससे जोरदार धमाका हुआ और सभी घायल हो गए।
घायल ग्रामीणों की पहचान:
कविता कुड़ियम (उम्र 16 वर्ष), पिता- नागैया, निवासी- धनगोल, थाना– मद्देड़, जिला– बीजापुर.
कोरसे संतोष, पिता- लच्छा, उम्र 26 वर्ष, निवासी- धनगोल, थाना – मद्देड़, जिला – बीजापुर.
चिड़ेम कन्हैया, पिता- किस्टैया, उम्र- 24 वर्ष, निवासी- धनगोल, थाना – मद्देड़, जिला – बीजापुर.
घटना के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों और सुरक्षा बलों की मदद से घायलों को जिला अस्पताल बीजापुर पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। सभी की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
लगातार बनी हुई है नक्सली खतरे की स्थिति
बीजापुर जैसे संवेदनशील इलाके में यह घटना एक बार फिर नक्सली हिंसा की खतरनाक हकीकत को सामने लाती है। सुरक्षा बलों द्वारा लगातार चलाए जा रहे ऑपरेशनों के बावजूद नक्सली प्रेशर IED जैसे हथियारों से आम ग्रामीणों को निशाना बना रहे हैं।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जंगलों में जाते वक्त सतर्क रहें और किसी संदिग्ध वस्तु या जगह की जानकारी मिलते ही तुरंत पुलिस को सूचना दें।
बीजापुर में प्रेशर IED विस्फोट, एक किशोरी सहित तीन ग्रामीण घायल
बीजापुर। माओवादियों की हिंसक गतिविधियों का खामियाजा एक बार फिर निर्दोष ग्रामीणों को भुगतना पड़ा है। बीजापुर जिले के मद्देड़ थाना क्षेत्र के ग्राम धनगोल के जंगल में पूर्व से बिछाए गए दबाव आधारित विस्फोटक (प्रेशर IED) की चपेट में आने से एक किशोरी सहित तीन ग्रामीण घायल हो गए। यह घटना 13 जुलाई की शाम उस वक्त हुई, जब कुछ ग्रामीण जंगल में जंगली मशरूम (स्थानीय नाम– फुटु) एकत्र करने गए थे।घायलों में कविता कुड़ियम (उम्र 16 वर्ष), कोरसे संतोष (26 वर्ष) और चिड़ेम कन्हैया (24 वर्ष) शामिल हैं। ये तीनों धनगोल ग्राम के निवासी हैं। विस्फोट से उनके पैरों और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें रात में ही जिला अस्पताल बीजापुर में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
आश्रम में शिक्षक की लाश मिली, पुलिस ने शव को फंदे से उतारा
बीजापुर। जिले के उसूर ब्लॉक अंतर्गत बालक आश्रम कोरसागुड़ा में पदस्थ शिक्षक सन्नू राम उसेंडी ने फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक नारायणपुर जिले का निवासी था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शिक्षक ने मोबाइल पर किसी से बातचीत के दौरान ही यह आत्मघाती कदम उठाया।
बताया जा रहा है कि, कुछ महीने पहले ही शिक्षक की सगाई हुई थी। आत्महत्या के कारणों का फिलहाल स्पष्ट खुलासा नहीं हो पाया हैं। घटना की सूचना मिलते ही बीईओ समेत शिक्षा विभाग की टीम आश्रम पहुँची और पुलिस को जानकारी दी गई।
मौके पर पहुँची पुलिस ने शव को नीचे उतारा और कमरे को सील कर दिया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। आज पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। घटना के बाद से शिक्षा विभाग और परिजनों में शोक की लहर है।
जांच में मिली अनियमितता, 3 कृषि केन्द्रों को कारण बताओ नोटिस जारी
बीजापुर । जांच में मिली अनियमितता, 3 कृषि केन्द्रों को कारण बताओ नोटिस जारी संचालक कृषि के निर्देशानुसार जिले में संचालित उर्वरक, बीज एवं कीटनाशक विक्रय केन्द्रों का लगातार जांच जारी है।
उप संचालक कृषि प्रताप सिंह कुसरे के नेतृत्व में निरीक्षकों के द्वारा प्रत्येक विकासखण्ड संचालित विक्रय केन्द्रों का निरीक्षण कर अनियमितता पर कार्रवाइ की जा रही है। इसी क्रम में गुरुवार को निरीक्षण के दौरान अनियमितता पाये जाने पर 3 कृषि केन्द्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
बीजापुर विकासखण्ड़ में निरीक्षक उग्रेश कुमार देवांगन (सहायक संचालक कृषि) एवं मरकेला श्रीनिवास (कृषि विकास अधिकारी) द्वारा ग्राम मांझीगुड़ा में संचालित धुरवा कृषि केन्द्र का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान विक्रय केन्द्र में निर्धारित प्रारुप में स्कंध पंजी का संधारण, मुल्य सूची का प्रदर्शन, दैनिक उपलब्ध स्टॉक सूची का प्रदर्शन नहीं पाया गया। इसी तरह विकासखण्ड़ भोपालपटनम में उप संचालक कृषि प्रताप सिंह कुसरे के नेतृत्व में निरीक्षक चुनेन्द्र प्रकाश देवांगन (अनुविभागीय कृषि अधिकारी) द्वारा बालाजी ट्रेडर्स, मद्देड़ एवं लक्ष्मी मार्केटिंग एण्ड कृषि सेवा केन्द्र, मद्देड़ का निरीक्षण किया गया। जिसमें निजी उर्वरक विक्रेता बालाजी ट्रेडर्स, मद्देड में निर्धारित प्रारुप में स्कंध पंजी का संधारण किया जाना नहीं पाया गया। विकासखण्ड़ उसूर के ग्राम आवापल्ली स्थित निजी उर्वरक विक्रेता बालाजी इंटरप्राइजेस का निरीक्षण किया गया जहाँ उर्वरक का उपलब्ध स्कंध एवं मूल्य सूची प्रदर्शित नहीं था एवं स्कंध पंजी संधारित नहीं पाया गया। जिस पर कार्रवाई करते हुए सभी निजी उर्वरक विक्रताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है तथा कृषि आदान विक्रय केन्द्रों को किसी भी प्रकार परिस्थिति में अनियमितता न बरतने के निर्देश दिए गए।
बीजापुर में 30 हजार से अधिक परिवारों का आवास सर्वे पूरा
बीजापुर । मोर आवास मोर अधिकार योजना के तहत् राज्य के बीजापुर जिले में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। अब तक जिले में 30 हजार से अधिक परिवार आवास प्लस सर्वे में शामिल हो चुके हैं। जिससे उन्हें स्थाई आवास की दिशा में एक नई आश मिली है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप सभी पात्र परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का विशेष प्रयास किया जा रहा है।
वर्ष 2018 में तैयार की गई आवास प्लस की सूची में छूटे हुए पात्र परिवारों को सर्वे में शामिल करने मोर दुवार – साय सरकार थीम पर प्रदेश भर में महाअभियान चलाया गया। जिले में कुल 30 हजार 186 परिवार इस सर्वे में शामिल हुए है। इस सर्वे की महत्वपूर्ण बात यह है कि 2018 में जहां 117 ग्राम पंचायतों में ही सर्वे किए गए थे, वहीं इस बार जिले में कुल 170 ग्राम पंचायतों में से 165 ग्राम पंचायतों में सर्वे कार्य पूर्ण किया गया है।
पहुंच विहीन ग्राम पंचायतें जो दशकों से माओवाद प्रभावित क्षेत्र होने के कारण पूर्व में किये गए सर्वे में छूट गए थे। उन क्षेत्रों में भी जिला प्रशासन की ठोस रणनीति की बदौलत पहली बार वंचित परिवार का सर्वे कर पात्र परिवारों को शामिल करने में सफलता मिली है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के जिला समन्वयक गंभीर सिंह परिहार ने बताया कि कलेक्टर संबित मिश्रा के मार्गदर्शन में जरूरत मंद वंचित परिवार तक पहुंचने आवास प्लस सर्वे 2.0 की कार्ययोजना बनाई गई। जिला प्रशासन की विशेष पहल पर निरंतर मॉनिटरिंग एवं नियमित समीक्षा से बड़ी संख्या में परिवार सर्वे में शामिल हुए हैं।
मोर दुवार साय सरकार थीम पर प्रदेश भर में 15 अप्रैल से 30 अप्रैल तक सर्वेक्षण विशेष पखवाड़ा चलाये जाने का शासन स्तर से निर्णय था, सर्वे करने की अंतिम तिथि 15 मई निर्धारित थी। तय समय-सीमा में सर्वे से वंचित परिवारों को जोडऩे हेतु जिला स्तर से पत्र प्रेषित कर पुन: आवास प्लस ऐप को चालू करवाने हेतु राज्य शासन को पत्र प्रेषित किया। जिसे स्वीकार करते हुए भारत सरकार द्वारा 16 जून से 26 जून तक सर्वे तिथि को बढ़ाया गया। जिला प्रशासन की सक्रियता और समर्पित कार्यप्रणाली के चलते यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी पात्र परिवारों को उनका हक मिल सके।
रोड ओपनिंग पार्टी पर नक्सली हमला, 2 जवान घायल...
बीजापुर। नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में मंगलवार को गस्त पर निकले जवानों पर नक्सलियों ने हमला कर दिया। जवानों को निशाना बनाकर किये गए IED ब्लास्ट और गोलीबारी में CRPF के दो जवान घायल बताए जा रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि, मंगलवार को बीजापुर जिले के आवापल्ली के मुर्दोण्डा इलाके में रोड ओपनिंग ड्यूटी पर जवान निकले थे। उनकी वापसी के दौरान नक्सलियों ने स्टेट हाइवे पर कैम्प के करीब हमला कर दिया। फिलहाल दोनो तरफ से फायरिग जारी है।
बीजापुर में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता: 8 लाख का इनामी नक्सली सोढ़ी कन्ना ढेर
बीजापुर। बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुए मुठभेड़ में PLGA बटालियन नंबर-1 के डिप्टी कमांडर और 8 लाख के इनामी माओवादी सोढ़ी कन्ना को मार गिराया गया। यह कार्रवाई डीआरजी, एसटीएफ, कोबरा और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने की।
मुठभेड़ का पूरा घटनाक्रम
बीजापुर के नेशनल पार्क क्षेत्र में 4 जुलाई से चल रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान रुक-रुक कर मुठभेड़ होती रही। बाद में तलाशी अभियान में एक वर्दीधारी माओवादी का शव मिला, जिसकी पहचान सोढ़ी कन्ना के रूप में हुई।
कन्ना, माओवादी कमांडर माड़वी हिडमा का करीबी सहयोगी था और स्नाइपर के रूप में PLGA बटालियन में सक्रिय था। वह कई बड़ी घटनाओं, खासकर टेकलगुड़ियम क्षेत्र और धरमारम कैंप हमले में शामिल रहा है।
बरामद सामग्री:
1 .303 रायफल और 5 जिंदा राउंड
AK-47 मैगजीन और 59 जिंदा राउंड
माओवादी वर्दी, पिट्ठू बैग, साहित्य, डेटोनेटर, सेफ्टी फ्यूज, कोडेक्स वायर, रेडियो और अन्य सामग्री
आईजी सुंदरराज पी. का बयान
आईजी सुंदरराज पी. ने बताया “2025 में सुरक्षा बलों द्वारा सघन और रणनीतिक अभियानों के चलते अब तक 415 हार्डकोर माओवादी ढेर किए जा चुके हैं। यह सफलता हमारे जवानों की बहादुरी और जनसमर्थन की मिसाल है।”
सोढ़ी कन्ना की मौत से माओवादियों की सशस्त्र क्षमताओं, खासकर स्नाइपर यूनिट को भारी झटका लगा है। यह मुठभेड़ सुरक्षा बलों की सतत दबाव और इलाके में मजबूत उपस्थिति का परिणाम है।