छत्तीसगढ़ / बीजापुर
नक्सलियों द्वारा लगाये गये प्रेशर आईईडी विस्फोट से एक ग्रामीण गंभीर
बीजापुर । जिले के मद्देड़ थाना क्षेत्र अंर्तगत सिराकोंटा-दंपाया के मध्य स्थित जंगल में नक्सलियों द्वारा लगाये गये प्रेशर आईईडी की चपेट में आने से आज बुधवार को एक ग्रामीण विशाल गोटे उम्र 32 वर्ष निवासी पेगड़ापल्ली गंभीर रूप से घायल हो गया है, उसके पैर के चिथड़े उड़ गए हैं, जगदलपुर के मेडिकल कॉलेज में उसका उपचार जारी है। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी है। बीजापुर एएसपी चंद्रकांत गवर्णा ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि मामले की जांच की जा रही है। पुलिस से मिली पजानकारी के अनुसार ग्राम पेगड़ापल्ली निवासी ग्रामीण विशाल गोटे सिराकोंटा-दंपाया के जंगल से फुटू (प्रकृतिक मशरूम) निकालने के लिए गया था।
लेकिन उस इलाके में नक्सलियों ने जवानों को नुकसान पहुंचाने के लिए पहले से ही प्रेशर आईईडी प्लांट कर रखी हुई थी। इस दौरान ग्रामीण का पैर प्रेशर आईईडी पर आ गया, जिससे जोर का धमाका हुआ। प्रेशर आईईडी के विसफोट में ग्रामीण के पैर के चिथड़े उड़ गए। जिस समय धमाका हुआ उस समय गांव के कुछ और ग्रामीण भी वहां मौजूद थे। जो धमाके की आवाज सुनकर मौके पर पहुंच गए। जिसके बाद ग्रामीणों ने घायल को पहले मद्देड़ अस्पताल लाया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल और यहां से जगदलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है।
54330 तेन्दूपत्ता महिला संग्राहकों को चरण पादुका वितरण किया जाएगा
बीजापुर । जिला वनोपज सहकारी यूनियन मर्यादित बीजापुर के 54330 तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवार के महिला सदस्य को एक सेट चरणपादुका वितरण किया जाएगा। माननीय मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन एवं माननीय वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार 21 जून 2025 को नवोदय विद्यालय बीजापुर में प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति धनोरा एवं संतोषपुर के 15-15 तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवार के महिला सदस्यों को चरणपादुका वितरण कार्य का शुभारंभ किया जा चुका है।
कौशल परीक्षा
बीजापुर । राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के संविदा पद के लिए विज्ञापन जारी कर आवेदन आमंत्रित किया गया था। जिसका पात्र/अपात्र सूची जारी किया जा कर दावा आपत्ति में प्राप्त आवेदनों का जाँच एवं निराकरण पश्चात पात्र/अपात्र अभ्यर्थियों की मेरिट सूची सूचना पटल पर एवं जिले की वेबसाइट www.bijapur.gov.in पर अपलोड किया गया है। वहीं मेरिट सूची के आधार पर कौशल परीक्षा 27 जून 2025 को प्रातः 11ः00 बजे से शाम 5ः00 बजे तक कार्यालय जिला पंचायत बीजापुर के सभाकक्ष में आयोजित की जाएगी। अभ्यर्थी समय का विशेष ध्यान रखते हुए अपना उपस्थित एक घंटे पूर्व अवश्य दर्ज कराएं।
बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान हेतु टोल फ्री हेल्पलाइन नम्बर जारी
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने नागरिकों से अपील की है कि अवैध बांग्लादेशी संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधि अथवा पहचान पर संदेह हो तो वे तुरंत टोल फ्री नम्बर पर संपर्क करें
बीजापुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश में आंतरिक सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान हेतु उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा के निर्देश पर पुलिस विभाग द्वारा टोल फ्री हेल्पलाइन नम्बर 1800-233-1905 जारी किया गया है, जो 24 घंटे और सप्ताह के सभी दिनों में सक्रिय रहेगा। इस हेल्पलाइन के माध्यम से राज्य का कोई भी नागरिक, अपने क्षेत्र में मौजूद संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों अथवा उनकी गतिविधियों के संबंध में सूचना सीधे पुलिस प्रशासन को दे सकता है। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी, ताकि लोग बिना किसी भय के राष्ट्रहित में सहयोग कर सकें।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि देश की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। माननीय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सुशासन की सरकार राज्य को घुसपैठियों और अवैध गतिविधियों से मुक्त रखने के लिए प्रतिबद्ध है। जब तक ऐसी ताकतों को जड़ से नहीं उखाड़ा जाएगा, तब तक हमारे नागरिकों की सुरक्षा और शांति खतरे में रहेगी। यह हेल्पलाइन आम जनता को एक सीधा, सुरक्षित और प्रभावी माध्यम प्रदान करती है जिससे वे देशहित में अपनी भागीदारी निभा सकें। राज्य में अवैध बांग्लादेशी नागरिको की सूचना पर पूरी ताकत के साथ जांच और पहचान कर रही है।
उपमुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग को निर्देश दिए हैं कि वे इस हेल्पलाइन पर प्राप्त हर सूचना को गंभीरता से लें, आवश्यक सतर्कता बरतें और जल्द से जल्द आवश्यक कार्रवाई करें। साथ ही इस अभियान को लेकर आम नागरिकों में जागरूकता फैलाने हेतु प्रचार-प्रसार के निर्देश भी दिए गए हैं। पुलिस विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि घुसपैठ के मामलों की पुष्टि के लिए प्राप्त सूचनाओं की सत्यता की पूर्ण जांच की जाएगी, ताकि निर्दोष लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने राज्य के सभी नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें अपने आस-पास किसी संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधि अथवा पहचान पर संदेह हो तो वे तुरंत टोल फ्री नम्बर 1800-233-1905 पर संपर्क करें। यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम छत्तीसगढ़ को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सशक्त बनाए रखें।
अलग-अलग थाना क्षेत्रों से विस्फोटक के साथ 5 नक्सली गिरफ्तार
बीजापुर। नक्सलियों के द्वारा बीते एक सप्ताह में एक नाबालिक छात्र सहित 5 ग्रामीण युवकों की हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद जिले में सघन नक्सल विरोधी अभियान के तहत तीन अलग-अलग थाना क्षेत्रों मद्देड़, गंगालूर और जांगला में की गई कार्रवाई में कुल पांच नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है।
इन गिरफ्तार नक्सलियों के कब्जे से विस्फोटक सामग्री, नक्सली वर्दी, पि_ू, नक्सल साहित्य एवं दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद की गई है। गिरफ्तार किए गए सभी 5 नक्सलियों के खिलाफ थाना मद्देड़, गंगालूर और जांगला में कार्यवाही उपरांत आज सोमवार को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार थाना मद्देड़ पुलिस ने दुधेड़ा और दम्पाया के बीच जंगल से एक नक्सली संजय मरपल्ली उम्र 36 वर्ष को गिरफ्तार किया है।
आरोपी के पास से विस्फोटक सामग्री, नक्सली वर्दी, पि_ू और अन्य आवश्यक सामग्री बरामद किया गया है। डीआरजी बीजापुर और गंगालूर थाना की संयुक्त टीम ने गश्त और सर्चिंग के दौरान नक्सल प्रभावित मुतवेंडी क्षेत्र से तीन नक्सली मिलिशिया सदस्यों 1. कमलू ऊर्फ कलमू पूनेम उम्र 30 वर्ष निवासी मुनगा मातापारा, 2. कोसा भोगाम उम्र 45 वर्ष निवासी मुनगा नयापारा, एवं 3. कोसा तामो उम्र 45 वर्ष निवासी गमपुर माड़वीपारा को गिरप्तार किया है।
ये तीनों आरोपी 27 जुलाई 2024 को मुतवेंडी के कच्चे रास्ते पर लगाए गए आईईडी विस्फोट की वारदात में शामिल थे, जिसमें एक मासूम बालक ईरमा कवासी गंभीर रूप से घायल हुआ था और उसे अपना पैर गंवाना पड़ा था। उनके कब्जे से कार्डेक्स वायर, इलेक्ट्रिक वायर, बैटरी आदि विस्फोटक उपकरण बरामद किए गए।
जांगला थाना की पुलिस ने एरिया डॉमिनेशन अभियान के दौरान छोटे तुमनार नयापारा जंगल से एक नक्सली मिलिशिया सदस्य सोनाधर पोडिय़ाम उम्र 45 वर्ष को गिरफ्तार किया है। उसके पास से एक टिफिन बम, स्विच और पेंसिल सेल बरामद किया गया है।
औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं में प्रवेश 25 तक
बीजापुर। जिला बीजापुर के समस्त औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं बीजापुर, उसूर, भैरमगढ, एवं भोपालपटनम में प्रवेश सत्र 2025-26 एवं 2026-27 में संचालित व्यवसाय एक वर्षीय व्यवसाय कोपा, मैकेनिक डीजल एवं द्विवर्षीय व्यवसाय फिटर एवं विद्युतकार में प्रवेश के लिये 16 जून 2025 से 25 जून 2025 तक ऑनलाइन प्रवेश पोर्टल के माध्यम से आवेदन किया जा सकता हैं। प्रवेश के इच्छुक आवेदक स्वयं विभागीय वेबसाइट http://cgiti.admission.nic.in/ पर लाॅगिन कर अथवा किसी भी लोक सेवा केन्द्र के माध्यम से आनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
प्राकृतिक खेती पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
बीजापुर । बीजापुर जिले के ग्राम तुमनार में 21 जून 2025 को राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीकों, रासायनिक खेती के दुष्प्रभावों और टिकाऊ कृषि पद्धतियों के लाभों के बारे में जागरूक करना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जो इस मिशन के प्रति उनकी रुचि और जागरूकता को दर्शाता है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा किया गया जिसमें उप संचालक कृषि बीजापुर, पी एस कुशरे, और सहायक संचालक कृषि, कृष्ण कुमार सिंहा, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, पंकज कुमार नेताम मुख्य वक्ता और प्रदर्शनकर्ता के रूप में शामिल थे। कार्यक्रम में प्राकृतिक खेती के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई, जिसमें बीज उत्पादन, प्राकृतिक खाद जैसे घनजीवामृत, बीजामृत, जीवामृत, निमाहस्र और ब्रह्मास्त्र के निर्माण, और रासायनिक खेती के दुष्प्रभावों से बचाव के उपाय शामिल थे।
पी एस कुशरे द्वारा बीज उत्पादन और रासायनिक खेती के दुष्प्रभावों पर चर्चा किया गया उन्होंने किसानों को बीज उत्पादन के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने प्राकृतिक खेती के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाले बीजों के उत्पादन पर जोर दिया, जो न केवल लागत प्रभावी है बल्कि पर्यावरण के लिए भी लाभकारी है। कुसरे ने रासायनिक खेती के हानिकारक प्रभावों, जैसे मिट्टी की उर्वरता में कमी, जल प्रदूषण, और मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अंधाधुंध उपयोग से मिट्टी में मौजूद सूक्ष्मजीव और केंचुए जैसे लाभकारी जीव नष्ट हो रहे हैं, जो मिट्टी के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हैं। श्री कुशरे ने प्राकृतिक खेती को अपनाने के लाभों पर जोर देते हुए कहा, प्राकृतिक खेती न केवल मिट्टी की उर्वरता को बढ़ाती है, बल्कि यह किसानों की लागत को कम कर उनकी आय में वृद्धि भी करती है। यह पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ कृषि की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
घनजीवामृत, बीजामृत, जीवामृत, निमास्त्र अग्नी अस्त्र, ब्रम्हास्त्र, पचपर्णीसार और दसपर्णीअर्क का जीवंत प्रदर्शन- सहायक संचालक कृषि, कृष्णकुमार सिंहा ने प्राकृतिक खेती में उपयोग होने वाले महत्वपूर्ण इनपुट्स, जैसे बीजामृत जीवामृत घनजीवामृत नीमास्त्र और ब्रह्मास्त्र के निर्माण की प्रक्रिया का जीवंत प्रदर्शन किया। उन्होंने किसानों को दिखाया कि कैसे गोबर, गौमूत्र, और अन्य स्थानीय रूप से उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग करके ये जैविक खाद और बीज उपचार सामग्री तैयार की जा सकती हैं। बीजामृत, जो बीज उपचार के लिए उपयोग होता है, और जीवामृत, जो मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में सहायक है, दोनों को बनाने की प्रक्रिया को किसानों ने बड़े ध्यान से देखा और समझा।
कृष्ण कुमार सिंहा ने बताया, बीजामृत और जीवामृत जैसे प्राकृतिक इनपुट्स न केवल सस्ते और आसानी से उपलब्ध हैं, बल्कि ये मिट्टी के स्वास्थ्य को बनाए रखते हैं और फसलों की गुणवत्ता को बढ़ाते हैं। इनके उपयोग से किसान रसायनमुक्त खेती की ओर तेजी से बढ़ सकते हैं।
कार्यक्रम में तुमनार के किसानों ने बढ़ चढ़कर हिसा लिया। किसानों ने प्राकृतिक खेती की तकनीकों और उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों के बारे में गहरी रुचि दिखाई। कई किसानों ने प्रशिक्षण के दौरान सवाल पूछे और अपने अनुभव साझा किए, जिससे प्रशिक्षण कार्यक्रम और भी जीवंत और संवादात्मक बन गया।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ग्राम तुमनार में इस तरह के और भी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक किसान प्राकृतिक खेती की ओर आकर्षित हों। इसके अलावा, स्थानीय स्तर पर मॉडल प्रदर्शन फार्म स्थापित करने और कृषि सखियों के माध्यम से जागरूकता बढ़ाने की योजना है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में सरपंच, उपसरपंच, वार्ड पंच, कृषक मित्र, कृषि सखी एवं समस्त किसान सम्मिलित हुए ।
जब्त अवैध मदिरा नष्ट किया गया
बीजापुर। कलेक्टर जिला बीजापुर द्वारा निर्देशित नष्टिकरण कार्यवाही के परिपालन मे थाना भैरमगढ़ के अंतर्गत ग्राम भैरमगढ़ मे खसरा नं. 49 का चयन कर विधिवत नष्टीकरण किया गया। कुल जब्तशुदा मात्रा 7142 लीटर अंग्रेजी शराब को थाना भैरमगढ़ से चयनित स्थान पर 6 ट्रेक्टर ट्राली के माध्यम से ले जाकर नष्टीकरण तथा भूमिगत किया गया। सम्पूर्ण प्रक्रिया की वीडियोग्राफी एवं फोटोग्राफी कराई गई। कार्यवाही मे राजस्व आबकारी पुलिस एवं अन्य विभाग उपस्थित रहे।
ग्राम पंचायतों में मनाया गया योग दिवस
बीजापुर । 21 जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर शासन के निर्देशानुसार जिले की ग्राम पंचायतों में योग दिवस पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। अमृत सरोवर में भी योग दिवस का आयोजन करते हुए एक पेड़ मां के नाम कार्यक्रम अंतर्गत पौधे रोपे गए। इस दौरान ग्राम पंचायतों में प्रातःकाल से ही योगासन, प्राणायाम के अलावा उपस्थित समुदाय को योग के लाभों और स्वास्थ्य जीवन शैली बनाए रखने के महत्व पर परिचर्चा भी आयोजित किए गए।
11 वे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पंचायत के पदाधिकारियों, स्व सहायता समूह की महिलाओं एवं ग्राम पंचायत स्तर के अधिकारी कर्मचारी की उपस्थिति में योग दिवस मनाया गया।
बीजापुर के 78 स्कूलों में पहुँचे शिक्षक,दो दशकों बाद स्कूलों में गूंजेगा ककहरा
बीजापुर । शिक्षा के क्षेत्र में बीजापुर जिले के लिए यह एक ऐतिहासिक मोड़ है। राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के अंतर्गत जिले के 78 शिक्षक विहीन स्कूलों में अब नियमित शिक्षकों की तैनाती कर दी गई है। इससे न केवल शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि वर्षों से बंद पड़े स्कूलों में फिर से पढ़ाई होगी। जिला शिक्षा कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार शासन के निर्देशों के अनुरूप युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
इसके तहत जिले में चिन्हांकित 198 अतिशेष शिक्षकों में से 189 शिक्षकों की नई पदस्थापना की गई है। इनमें 104 सहायक शिक्षक, 13 प्रधान अध्यापक (प्राथमिक), 45 शिक्षक, 31 प्रधान अध्यापक (माध्यमिक) और 5 व्याख्याता शामिल हैं। नई पदस्थापना के तहत 82 शिक्षक पूरी तरह शिक्षकविहीन स्कूलों में, 44 शिक्षक एकल शिक्षक वाले स्कूलों में और 63 शिक्षक सामान्य जरूरत वाले स्कूलों में भेजे गए हैं। विशेष बात यह है कि जिले के 76 ऐसे स्कूल जो दो दशकों से बंद पड़े थे, वहां अब पहली बार नियमित शिक्षक तैनात किए गए हैं।
इनमें गुंडापुर, मुदवेंडी, हिरमगुंडा, बोटेतोंग, गुंजेपरती, जीड़पल्ली और मुरकीपाड़ जैसे दुर्गम और अतिसंवेदनशील इलाके शामिल हैं। इन गांवों में अब शिक्षकों की नियमित आवाजाही शुरू होगी, जिससे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी। इसी तरह एक उच्च माध्यमिक विद्यालय, जहां सभी व्याख्याता पद रिक्त थे, वहां अब हिंदी और सामाजिक अध्ययन विषयों के व्याख्याताओं की नियुक्ति कर दी गई है।
इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी और स्कूल में विषयवार पढ़ाई सुनिश्चित की जा सकेगी। सरकार की इस पहल से शिक्षा व्यवस्था को मिली मजबूती एक बड़ा बदलाव लेकर आई है। इस युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया से यह साफ है कि सरकार बीजापुर जैसे दूरस्थ और संवेदनशील जिलों में भी शिक्षा को प्राथमिकता दे रही है। वर्षों से सुनसान पड़े स्कूलों में अब फिर से बच्चों की आवाजें गूंजेंगी और उनके उज्जवल भविष्य की नई इबारत लिखी जाएगी।
वनाधिकार के आवेदनों का ग्रामसभा में करें निराकरण : कलेक्टर
बीजापुर । वनाधिकार पत्र हेतु प्राप्त आवेदनों को 9 से 14 जून तक आयोजित विशेष ग्राम सभा के माध्यम से निराकृत कर जिला स्तर पर प्रस्ताव को 25 जून से पहले भेजने के निर्देश कलेक्टर संबित मिश्रा ने समस्त संबंधित अधिकारियों को साप्ताहिक समय-सीमा के बैठक के दौरान दिए।
वहीं नए शिक्षा सत्र का प्रारंभ होने जा रहा है जिसके लिए व्यापक तैयारियां सुनिश्चित करने सहित चिन्हांकित समस्त शाला त्यागी एवं अप्रवेशी बच्चों को स्कूल से जोड़ने और बच्चों के पुनः प्रवेश हेतु ग्राम सभा में प्रस्ताव कराने को कहा। तथा ग्राम सभा के माध्यम से ही सुशासन तिहार अर्न्तगत शिविर में प्राप्त प्रकरणों का निराकरण करने को कहा।
बैठक में नियद नेल्लानार अर्न्तगत सर्वे की एंट्री, नियद नेल्लानार क्षेत्रों में संचालित विकास कार्यों- बिजली, पानी, सड़क, पुल, पुलिया, राशन दुकान, निर्माणधीन, स्कूल भवनों आंगनबाड़ी भवन निर्माण की प्रगति की समीक्षा करते हुए दिशा-निर्देश दिए। आत्मसमर्पित, नक्सली एवं नक्सल पीड़ित परिवारों के आवश्यक दस्तावेज बनाने सहित बुनियादि सुविधाओं से लाभान्वित करने को कहा गया।
बैठक में सीईओ जिला पंचायत हेमंत रमेश नंदनवार सहित जिला स्तरीय वरिष्ठ अधिकारीगण समस्त अनुभाग के एसडीएम डिप्टी कलेक्टर एवं तहसीलदार उपस्थित थे।
बाल श्रम प्रतिषेध दिवस पर 30 जून तक चलेंगे विशेष अभियान
बीजापुर । जिला बीजापुर में कलेक्टर संबित मिश्रा के निर्देशानुसार 10 से 30 जून तक बाल श्रम निषेध अंतर्गत जिले में सघन अभियान चलाने निर्देशित किया गया है। जिसके परिपालन में महिला बाल विकास अधिकारी कांता मसराम एवं श्रम पदाधिकारी ओम नेताम द्वारा समन्वय कर जिले में आईसीपीएस, श्रम विभाग, पुलिस विभाग की संयुक्त टीम के साथ शहर में प्रचार-प्रसार के लिए रेस्क्यू टीम तैयार की गई है।
इसके माध्यम से बाल श्रम प्रतिषेध दिवस के अवसर पर जिले के सभी क्षेत्रो में सड़क एवं सड़क जैसी परिस्थितियो में निवासरत बच्चों के सर्वेक्षण रेस्क्यू हेतु बालको का विभिन्न श्रेणियों के बच्चों का चिंहांकन किया जाना है एसे बच्चे जो बिना किसी सहारे के सड़को पर अकेले रहते हैं ऐसे बच्चे, दिन में सड़कों में रहते है और रात में निकट की झुग्गी, झोपड़ी बस्तियों में रहने वाले अपने परिवार के पास घर वापस आ जाते है, अपने परिवार के साथ सड़कों पर रहने वाले बच्चे उक्त श्रेणी के बच्चे अपनी उत्तरजिविका भोजन, पानी, वस्त्र आश्रय एवं संरक्षण हेतु विभिन प्रकार के संघर्षो एवं चुनौतियों का सामना करते रहते है ऐसे बच्चों का चिंहांकन किया जाना है, रेस्क्यू टीम द्वारा विकासखण्ड उसूर में जाकर बस स्टैंड, धार्मिक स्थल, होटल एवं ढॉबों, घरेलू कामगार, निमार्णाधीन भवन, घर निर्माण कार्य और गैरेज निर्माण, सार्वजनिक स्थानों में बालश्रम करने वाले बच्चों के तलाश की गई।
टीम द्वारा उसूर के बस स्टैंड से बाल श्रम निषेध दिवस का प्रचार-प्रसार किशोर न्याय अधिनियम, श्रम निषेध अधिनियम, का पांपलेट बॉटते हुए दुकान, होटल, ढाबों में जाकर चेक किया गया, है, कि श्रमिकों अथवा नौंकरों के रूप में बच्चों को नियोजन तो नहीं किया जा रहा है। साथ ही बाल मजदूरी के खिलाफ जागरूकता फैलाने और 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को इस काम से निकालकर कर उन्हें शिक्षा दिलाने की ओर अग्रसर करने को कहा गया, अगर 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को कारखानों, होटल एवं ढाबो, घरेलू कामगार, ईंट भटटी, खपरैल निर्माण, घर निर्माण कार्य और गैरेज में काम करवाये जाने वाले लोगों पर बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 संशोधित अधिनियम 2016 के अंतर्गत 06 माह से 03 वर्ष तक का कारावास या 20 हजार से 50 हजार तक का जुर्माना या दोनों से दंडित करने का प्रावधान है, यह जानकारी भी प्रचार-प्रसार के दौरान दी गई। इस दौरान दलेश्वर साहू श्रम कल्याण अधिकारी संदीप चिडेम सामाजिक कार्यकर्ता (आई.सी.पी. एस.)आशिष श्रम विभाग राजकुमार निषाद (सामाजिक कार्यकर्ता), राजूराम कश्यप (आउटरीच वर्कर), उपस्थित रहे।
मुठभेड़ में मारा गया 1 करोड़ का इनामी नक्सली सुधाकर
बीजापुर । छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों का नक्सलियों पर एक्शन जारी है। गुरुवार को नेशनल पार्क के जंगलों में फिर एक बड़ी मुठभेड़ जारी है। सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के CC मेम्बर नरसिम्हाचलम उर्फ गौतम उर्फ सुधाकर को ढेर कर दिया है। सुधाकर नक्सलियों के शिक्षा विभाग का इंचार्ज था और इस पर एक करोड़ का ईनाम था। वह आंध्रप्रदेश के चिंतापालुदी का रहने वाला है।
बीजापुर में मुठभेड़: बड़े नक्सली लीडर के मारे जाने की खबर
बीजापुर। बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों का नक्सलियों पर एक्शन जारी है। गुरुवार को नेशनल पार्क के जंगलों में फिर एक बड़ी मुठभेड़ जारी है। मुठभेड़ में एक और बड़े नक्सली लीडर के मारे जाने की खबर आई है। जिसे नक्सली कमांडर नक्सलियों के तेलंगाना स्टेट कमेटी का मेम्बर बताया जा रहा है। वहीं मौक़े से ऑटोमैटिक हथियार भी बरामद हुए हैं। फ़िलहाल इस पूरे मामले की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। लेकिन मारे गए नक्सलियों की संख्या बढ़ सकती है।
बीजापुर नपा अध्यक्ष व पार्षदों ने किया बस स्टैंड, मार्केट और शौचालयों का निरीक्षण
अव्यवस्थाओं पर जताई नाराज़गी
बीजापुर । नगरवासियों की लगातार शिकायतों के बाद नगर पालिका बीजापुर की नवनिर्वाचित अध्यक्ष गीता सोम पुजारी और पार्षदों की टीम ने अंतरराज्यीय बस स्टैंड, चिकन-सब्जी मार्केट और सुलभ शौचालयों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान गंदगी, अनियमित कब्जा और अव्यवस्थाएं सामने आईं, जिस पर अध्यक्ष और पार्षदों ने व्यापारियों को हिदायत दी और व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए।
शौचालय और दुकानों में अवैध कब्जे पर चेतावनी
निरीक्षण में यह बात सामने आई कि कई शौचालयों और आबंटित दुकानों पर अन्य लोगों ने कब्जा कर रखा है। इस पर कड़ा एतराज जताते हुए अधिकारियों ने संबंधित लोगों को चेतावनी दी कि तत्काल कब्जा हटाएं, अन्यथा कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
साफ-सफाई पर विशेष जोर
बस स्टैंड परिसर में फैली गंदगी को देखते हुए व्यापारियों को साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए गए। कहा गया कि बस स्टैंड नगर का प्रमुख सार्वजनिक स्थल है, इसलिए यहां स्वच्छता बनाए रखना हर व्यापारी और नागरिक की जिम्मेदारी है।
निरीक्षण में ये जनप्रतिनिधि रहे शामिल
नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती गीता सोम पुजारी,पार्षद मुकेश राठी,पार्षद विक्रम दूधी,पार्षद अरविंद पुजारी,पार्षद बसंती लिंगम,पार्षद यशोदा पैंकरा,पार्षद सत्यवती परतागिरी उपस्थित रहें।
नगर परिषद द्वारा लिया गया यह निरीक्षणात्मक कदम नगर की सफाई और व्यवस्था सुधारने की दिशा में सराहनीय प्रयास है। जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि शहर की बेहतरी के लिए हर स्तर पर निगरानी और कार्रवाई जारी रहेगी।
समाधान शिविर में सर्वाधिक आवेदनों के निराकरण के साथ ही हितग्राही हुए लाभान्वित
बीजापुर। सुशासन तिहार के तीसरे चरण में 28 मई को भैरमगढ़ ब्लॉक के मिरतुर एवं उसूर ब्लॉक के हीरापुर में समाधान शिविर का आयोजन हुआ मिरतुर, अर्न्तगत ग्राम पंचायत पिनकोण्डा, तालनार, मिरतुर, तोयनार, फुलगट्टा, पिटेपाल, मदपाल एवं बेचापाल तथा उसूर ब्लॉक के हीरापुर अर्न्तगत ग्राम पंचायत फुतकेल, तिम्मापुर, पोलमपल्ली, हीरापुर, बासागुड़ा, मलेपल्ली, लिंगागिरी, कोरसागुड़ा के हजारों ग्रामीण उत्साहपूर्वक समाधान शिविर में शामिल होकर अपने आवेदन मांग एवं समस्या के निराकरण जानकारी ली।
शिविर के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, राजस्व, पीएचई, विद्युत, जल संसाधन, पंचायत, उद्यानिकी, मछलीपालन सहित विभिन्न विभागों द्वारा प्राप्त आवेदनों की निराकरण की जानकारी मंच के माध्यम से आवेदनों को दी गई। वहीं विभागीय योजनाओं से उपस्थित जनसमूह को अवगत कराया गया जिसमें प्रधानमंत्री आवास, व्यक्तिगत शौचाल निर्माण, मछलीपालन हेतु, तालाब निर्माण एवं शासन द्वारा प्राप्त सब्सिडी, सामूहिक तारफेंसिंग, उन्नत कृषि, पशुपालन, सुअर, बकरी, मुर्गी, गाय पालन, डेयरी उद्योग, स्व सहायता समूह का निर्माण समूह के माध्यम से ऋण सुविधा आर्थिक गतिविधियां संचालित करने सहित आधार, आयुष्मान, बैंक खाता, जाति, निवास बनवाने, महत्वपूर्ण दस्तावेजों के द्वारा शासन की योजनाओं से लाभान्वित होने आयुष्मान कार्ड से 5 लाख तक की निःशुल्क उपचार, आधार कार्ड एवं बैंक खाते से पीएम किसान, किसान क्रेडिट कार्ड, महतारी वंदन योजना, विभिन्न पेंशन छात्रवृत्ति, पीएम आवास से राशि प्राप्त करने संबंधी जानकारी देते हुऐ पात्रतानुसार योजनाओं से जुड़कर जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए प्रेरित किया गया।
मिरतुर के शिविर में उपस्थित जनपद अध्यक्ष दसरी कोरसा, उपाध्यक्ष मनीता तोली, जनपद सदस्य रामा नायक एवं सरपंच धनीराम कड़ती ने अपने क्षेत्र के ग्रामीणों को शिविर का लाभ लेकर योजनाओं से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
कलेक्टर संबित मिश्रा ने किया शिविर का अवलोकन- कलेक्टर संबित मिश्रा ने मिरतुर शिविर अवलोकन कर विभागीय अधिकारियों से जानकारी ली। भवन विहिन आंगनबाड़ी केन्द्रों के भवन निर्माण की स्थिति, संचालित आंगनबाड़ी केन्द्रो में बिजली, पानी की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। वहीं कार्यकर्ताओं द्वारा गैस सिलेण्डर की मांग पर आवश्यक कार्यवाही हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किए। इस दौरान सीईओ जिला पंचायत हेमंत रमेश नंदनवार, एसडीएम भैरमगढ़ विकास सर्वे एवं सीईओ जनपद पंचायत पीआर साहू उपस्थित थे।
नहर लाइनिंग के नाम पर ठेकेदार ने गिराए बेशकीमती सागौन के पेड़
बिना अनुमति की गई पेड़ों की कटाई पर विवाद
बीजापुर । जिले के मद्देड तालाब से किसानों तक पानी पहुंचाने के लिए बनाए जा रहे नहर लाइनिंग प्रोजेक्ट में बड़ा पर्यावरणीय उल्लंघन सामने आया है। करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से 8 किलोमीटर लंबी नहर लाइनिंग के निर्माण कार्य में ठेकेदार ने वन विभाग की अनुमति के बिना दर्जनों बेशकीमती सागौन के पेड़ गिरा दिए।
मशीन से काटे गए विशालकाय पेड़
स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ठेकेदार ने चैन माउंटिंग मशीन से हरे-भरे सागौन और अन्य फलदार पेड़ों को निर्ममता से काट डाला। पूछताछ में सुपरवाइजर कैलाश ठाकुर ने पहले पेड़ों के खुद गिरने की बात कही, लेकिन बाद में स्वीकार किया कि यह काम जल संसाधन विभाग के उप अभियंता गुलाम दस्तागिर के निर्देश पर किया गया।
उप अभियंता का चौंकाने वाला बयान
जब उप अभियंता दस्तागिर से इस पर सवाल किया गया तो उन्होंने साफ कहा “नहर के बीच में जो भी पेड़ आएंगे, उन्हें गिरा दिया जाएगा। मुझे इसके लिए किसी अनुमति की जरूरत नहीं।”
उनका यह बयान न केवल भारतीय वन अधिनियम, 1927 के खिलाफ है, बल्कि पर्यावरणीय संवेदनशीलता की भी अनदेखी करता है।
वन विभाग ने बताया गंभीर मामला
इस संबंध में वन मंडलाधिकारी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बिना अनुमति पेड़ काटना कानूनन अपराध है। उन्होंने कहा: “यह न सिर्फ पर्यावरण के लिए हानिकारक है, बल्कि कानून का उल्लंघन भी है। पेड़ों को बिना अनुमति काटा जाना गंभीर मुद्दा है और इसके लिए संबंधित ठेकेदार और विभाग पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।”
उन्होंने यह भी कहा कि निर्माण कार्य के दौरान पेड़ों को बचाने के लिए स्थानांतरण या वैकल्पिक मार्ग अपनाना चाहिए था।
क्या कहता है कानून?
भारतीय वन अधिनियम, 1927 के तहत बिना अनुमति पेड़ काटना अपराध है। दोषियों के खिलाफ पर्यावरण कोर्ट में मामला दर्ज किया जा सकता है। ठेकेदार और संबंधित अधिकारी दोनों जिम्मेदार माने जा सकते हैं।
ठेकेदार की जिम्मेदारी क्या है?
किसी भी निर्माण कार्य से पहले यदि पेड़ हटाने की आवश्यकता हो, तो इसके लिए सरकारी अनुमति लेना अनिवार्य है। वन विभाग की स्वीकृति के बिना पेड़ काटने पर दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
पर्यावरण की कीमत पर विकास नहीं हो सकता। बेशकीमती सागौन जैसे वृक्षों को बिना अनुमति काटना न सिर्फ प्राकृतिक संसाधनों की लूट है, बल्कि कानून और जिम्मेदारी की खुली अनदेखी भी है। इस प्रकरण की स्वतंत्र जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई ज़रूरी है, ताकि आने वाले समय में विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बना रहे।
अब यह देखना है कि पेड़ गिराने वालों को कानून कब गिराएगा?