छत्तीसगढ़ / मुंगेली

कैरियर गाइडेंस कार्यशाला एवं प्रतिभा सम्मान समारोह 2026

मुंगेलीः- डाॅ. भीमराव अम्बेडकर शिक्षण संस्थान छत्तीसगढ़ द्वारा प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी जिले के शासकीय/अशासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत सभी जाति वर्ग के कक्षा 10वीं तथा 12वीं में 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले प्रतिभावान तथा जेईई, नीट, राज्य एवं भारतीय प्रशासनिक परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए संस्थाध्यक्ष राजेन्द्र दिवाकर, व्यवस्थापक एच.आर.भास्कर के मार्गदर्शन में जिला स्तरीय एक दिवसीय निःशुल्क कैरियर गाइडेंस कार्यशाला एवं प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन दो सत्रों में डाॅ. भीमराव अम्बेडकर आवासीय विद्यालय परिसर में किया गया। जिसमें जिले  के तीनों विकास खण्डों मुंगेली, लोरमी, पथरिया से लगभग 250 छात्र-छात्राओं ने अपने-अपने अभिभावकों के साथ भाग लिया। सर्वप्रथम अतिथियों द्वारा डाॅ. भीमराव अम्बेडकर के छायाचित्र के समक्ष द्वीप प्रज्जवलन एवं माल्यार्पण कर कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। तत्पश्चात दैनिक प्रार्थना के साथ संविधान के प्रस्तावना का सामूहिक वाचन किया गया। संस्थान के पदाधिकारी एवं सदस्यों द्वारा उपस्थित अतिथि जिला शिक्षा अधिकारी द्वय मुंगेली एल.पी.डाहिरे व बेमेतरा जी.आर.चतुर्वेदी व सेनि. तहसीलदार वेदराम चतुर्वेदी का चंदन लगाकर शाल, श्रीफल एवं पौधे भेंटकर स्वागत व सम्मान किया गया। प्रथम सत्र में बच्चों को कैरियर से संबंधित जानकारी विषय-विशेषज्ञों जितेन्द्र गेंदले, कमलेश घृतलहरे, प्रकाश मनहर, जीवन बंजारा, देवचंद बंजारे आदि द्वारा दी गई। स्वल्पाहार पश्चात उपस्थित अतिथियों द्वारा प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को मेडल एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कक्षा 10वीं में 97 प्रतिशत अंक के साथ प्रदेश के टापटेन में आठवाँ स्थान प्राप्त करने वाली हेमा साहू को प्रमाण पत्र, मेडल, स्मृति चिन्ह तथा उनके पिता हृदयराम साहू का चंदन लगाकर शाल, श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया। कक्षा 12वीं में रानू लेडवानी 95.6 प्रतिशत अंक प्राप्त करने पर सम्मानित किया गया। कार्यशाला में उपस्थित छात्रों डाकेश कश्यप, श्रुति साहू, कुणाल कुर्रे, महेश कुमार, टिकेश्वरी साहू, पूनम निषाद आदि ने 10वीं के बाद विषय चयन कैसे करें, जेईई, नीट, बी.एस.सी. नर्सिंग, कलेक्टर, जज, वैज्ञानिक, शिक्षक, भाषा ज्ञान तथा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कब और कैसे करें, पढ़ाई के दौरान होने वाले कठिनाईयों का समाधान कैसे हो, क्या कोचिंग जरूरी है कोचिंग कहां मिलता है, कोचिंग में कितना खर्च लगता है। वार्षिक परीक्षा के बाद ग्रीष्मावकाश का सदुपयोग कैसे करें। तैयारी का मन तो बनता है पर अर्थाभाव और पालकों के दबाव के कारण मन विचलित होता है कुछ छात्रों ने शेयर किया कि हमें ऐसे कार्यक्रमों की जानकारी ही नहीं थी मित्रों ने बताया। यहां आकर हमें बहुत अच्छा लगा, ऐसे कार्यक्रम होते रहना चाहिए यहां आकर हमारी जिज्ञासा शांत हुई। अभिभावकों ने कहा कि यहां बच्चों के जिज्ञासा का समाधान बेहतर ढंग से किया गया। साथ ही सभी के लिए स्वल्पाहार व पानी की अच्छी व्यवस्था की गई। संस्थाध्यक्ष राजेन्द्र दिवाकर ने कार्यक्रम आयोजन के उद्देश्य के बारे में बताया तथा कहा कि जीवन में सफलता के लिए धैर्य एवं साहस बहुत जरूरी है। ग्रामीण, गरीब, प्रतिभावन छात्रों के लिए यह ग्यारहवां आयोजन है। बच्चों को बड़ी सोंच एवं सपना देखने व उसे पाने के लिए और सिविल सर्विसेस की तैयारी करने संबंधी विस्तार से जानकारी दी। भारतीय प्रशासनिक सेवा में चयनित प्रदेश के संजय डहरिया महासमुंद, राजस्व सेवा में नगर के अर्पण चोपड़ा वन सेवा में गुरूदयाल जांगड़े पलानसरी तथा सीडीएस परीक्षा में टेढ़ाधौंरा की बेटी सुप्रिया श्रीनेत जैसे उपलब्धि प्राप्त करने के लिए अभी से लक्ष्य तय करने को कहा। इस ग्रीष्मावकाश में संस्थान द्वारा जेईई, नीट, बी.एस.सी. नर्सिंग,सीयूईटी तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए 45 से 75 दिवसीय निःशुल्क क्रैश कोर्स कोचिंग जाती है। निःशुल्क कोचिंग से गणित संकाय के छात्र विगत सात वर्षों से लगातार जेईई मेंस क्लियर कर एडवांस के लिए क्वालिफाई हो रहे हैं। दोनों शिक्षा अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित होकर छात्रों व अभिभावकों का उत्साहवर्धन किया। एल.पी.डाहिरे ने बच्चों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा कि यह संस्थान क्षेत्र के प्रतिभावान छात्रों के लिए बहुत बेहतर कार्य कर रहा है ऐसे आयोजन से समाज व क्षेत्र को एक दिशा मिल रही है। जेईई, नीट एवं प्रशासनिक सेवाओं की भर्ती में मेहनत करने वाले छात्रों एवं उनके अभिभावकों को अपने लक्ष्य के प्रति सच्चे मन से कठिन परिश्रम कर आगे बढ़ते रहने की प्रेरणा दी। उन्होंने राज्य एवं भारतीय प्रशासनिक परीक्षा की तैयारी करने के संबंध में बताया कि अन्य प्रदेश की तुलना में यहां अधिकतर छात्र-छात्रा स्नातक, स्नातकोत्तर कक्षा की पढ़ाई पूर्ण करने के बाद इस दिशा में सोंचते हैं तब अपेक्षाकृत सफलता कम मिलती है जबकि ऐसे राज्य व राष्ट्रीय स्तर की कठिन परीक्षाओं के लिए बारहवीं के तुरंत बाद तैयारी में जुट जाना चाहिए। बारहवीं में मेरिट में आना मायने नहीं रखता बल्कि प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी किस स्तर का है यह मायने रखता है। बहुत से ऐसे प्रशासनिक अधिकारी हैं जिनका बारहवीं में 50 प्रतिशत से कम अंक रहे हैं और वे आज देश-प्रदेश में बड़े प्रशासनिक पदों पर विराजित हैं। जिला शिक्षा अधिकारी बेमेतरा जी.आर.चतुर्वेदी ने कहा कि संस्थान द्वारा सभी जातिवर्ग के मेधावी छात्रों एवं प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले तथा उनके अभिभावकों के लिए इस ऐतिहासिक आयोजन के प्रयास को सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि छात्र यदि सयय पालन, धैर्यता और निश्चित लक्ष्य के साथ तैयारी करें तो सफलता सुनिश्चित है। इसी तरह सही मार्गदर्शन मिले तो जिले को एक उत्कृष्टता का पहचान मिलेगी। कार्यक्रम को सफल बनाने में जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग, नगर पालिका परिषद, वन विभाग एन.के.गहरवार, खंड शिक्षा अधिकारी यतेन्द्र भास्कर, संस्था प्रचार्य आशा दिवाकर, एस.पी. कौशिक, योगकुमार पाटले, शत्रुहन कांत, राजेश दिवाकर, जितेन्द्र कुमार, आशिष टंडन, अशोक टोंडे, रोहित डिंडोरे, संजय ओगरे, बेदराम टंडन, सुरेश भास्कर, राजकुमार बनर्जी, रूपनारायण बंजारा, सूर्यकांत गोयल, छ.ग.प्रगतिशील सतनामी समाज जिलाध्यक्ष जीवन बंजारा, अजाक्स जिला अध्यक्ष लक्ष्मीकांत जड़ेजा तथा बड़ी संख्या में उपस्थित मेधावी छात्र-छात्रा, अभिभावक, शिक्षक-शिक्षिका, कोचिंग टीम, संस्थान के सदस्य एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। मंचसंचालन शैलेष कुर्रे ने किया तथा आभार प्रदर्शन उपप्राचार्य छत्रपाल डाहिरे ने किया।

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