ग्रामीण क्षेत्रों में संपूर्ण स्वच्छता के लिए सजग सामूहिक प्रयास जरूरी-योगेन्द्र
रायपुर
। कलेक्टर कोरिया रोक्तिमा यादव के निर्देशन में कोरिया जिले के सभी ग्राम पंचायतों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 को लागू किया गया है। इसके अंतर्गत सभी ग्राम पंचायतों में स्वच्छता के मानकों के अनुसार आवश्यक स्वच्छता के लिए ठोस अपशिष्ट के पृथक्करण व प्रबंधन की व्यवस्थाएं की जा रही हैं। इस कड़ी में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री योगेन्द्र श्रीवास ने जिले की सभी जनपद पंचायतों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (एसडब्ल्यूएम) नियम-2026 का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में घर-घर से कचरे का पृथक संग्रहण, गीले एवं सूखे कचरे का स्रोत पर पृथक्करण तथा अपशिष्ट का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि वर्षा जल की प्रत्येक बूंद का संरक्षण कर उसे अधिक से अधिक भूजल पुनर्भरण (रिचार्ज) करना अभियान का मुख्य उद्देश्य है। जब हमारे भूजल स्तर में वृद्धि होगी तभी जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा तथा भविष्य की जल आवश्यकताओं की पूर्ति में सहायता मिलेगी इसलिए शासन द्वारा संचालित मोर गांव मोर पानी महाभियान को और तेज करते हुए सभी जनपद पंचायतों को मिशन मोड में सामुदायिक सोख्ता गड्ढों का निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एवं समय-सीमा का विशेष ध्यान रखते हुए शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने सभी जनपद पंचायतों को निर्देशित किया कि ग्राम पंचायतों में कार्यरत महिला स्वच्छतावाहियों को आवश्यक सुरक्षा किट उपलब्ध कराई जाए तथा सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित किया जाए, जिससे वे सुरक्षित एवं प्रभावी ढंग से अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें।
उन्होंने कोरिया वासियों से पूरे क्षेत्र की स्वच्छता में सहभागी होने का आवाहन करते हुए कहा कि प्रत्येक परिवार यह ठान लें कि अब किसी भी प्रकार का कचरा खुले में नहीं फेंकेंगे। इससे स्वच्छता का एक बड़ा चरण स्वमेव पूरा हो जाएगा। सभी नागरिक अपने घरों में ही गीले एवं सूखे कचरे का पृथक्करण करें और सार्वजनिक स्थानों, सड़क, पक्की नालियों, नदी-नालों एवं खाली भूमि पर कचरा नहीं फेंकने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि स्वच्छ कोरिया का संकल्प शासन, प्रशासन और आमजन की सहभागिता से ही साकार होगा तथा प्रत्येक नागरिक की भागीदारी इस अभियान की सफलता के लिए अत्यंत आवश्यक है।