छत्तीसगढ़ / राजनांदगांव

टीबी जागरूकता अभियान अंतर्गत ग्राम करमतरा में ग्रामीणों को किया गया जागरूक

 राजनांदगांव । स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा मेरा युवा भारत के माध्यम द्वारा ग्रामीणों में टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने, समय पर जांच एवं उपचार के लिए प्रेरित करने तथा टीबी के प्रति फैली भ्रांतियों को दूर करने टीबी (क्षय रोग) जागरूकता अभियान अंतर्गत डोंगरगांव विकासखंड के ग्राम करमतरा में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीणों को टीबी रोग के लक्षण, बचाव, जांच एवं उपचार के संबंध में आवश्यक जानकारी दी गई।

मेरा युवा भारत की स्वयं सेविका श्रीमती रूपमाला साहू ने बताया कि दो सप्ताह या उससे अधिक समय तक खांसी रहना, बुखार आना, रात में पसीना आना, वजन कम होना, भूख कम लगना तथा कमजोरी महसूस होना टीबी के संभावित लक्षण हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर व्यक्ति को बिना देरी किए स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराना चाहिए। टीबी एक उपचार योग्य बीमारी है और नियमित रूप से चिकित्सकीय सलाह के अनुसार दवा लेने से मरीज स्वस्थ हो सकता है। इस दौरान टीबी से संबंधित भ्रांतियों एवं सामाजिक भेदभाव को दूर करने तथा मरीजों के प्रति सहयोगात्मक एवं संवेदनशील व्यवहार रखने के लिए भी सभी को प्रेरित किया गया। स्वास्थ्य विभाग एवं मेरा युवा भारत की टीम द्वारा किए जा रहे टीबी जागरूकता कार्यों के संबंध में जानकारी दी गई तथा टीबी मुक्त समाज बनाने में सभी से सहयोग एवं सहभागिता का आग्रह किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीणों ने टीबी के संबंध में जानकारी प्राप्त की तथा अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में सरपंच, पंच, मितानिन, वरिष्ठ नागरिक, स्वास्थ्य एवं मेरा युवा भारत के माध्यम की टीम एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

 

 

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