छत्तीसगढ़ / बालोद

सेवा संकल्प अभियान : ‘सेवा संकल्प अभियान’ में बच्चों ने भरी सपनों की उड़ान: स्वामी आत्मानंद स्कूल के विद्यार्थियों ने चित्रकला के जरिए दिया स्वच्छता और गीले-सूखे कचरा प्रबंधन का सशक्त संदेश

 ‘मेरे सपनों का भारत’ प्रतियोगिता में बच्चों के सृजन को मिला मंच
राज्य शासन द्वारा जनसेवा और सुशासन के उद्देश्य से संचालित किए जा रहे ’सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत बालोद जिले के शालेय विद्यार्थियों में राष्ट्र निर्माण एवं स्वच्छता के प्रति असीम उत्साह देखा जा रहा है। अभियान के तहत शिक्षा विभाग के मार्गदर्शन में आयोजित ’मेरे सपनों का भारत’ चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता के माध्यम से नौनिहाल अपनी कल्पनाओं और रचनात्मकता के जरिए स्वच्छ व सशक्त भारत का खाका खींच रहे हैं।
छात्र तुषार गावरे ने प्रतियोगिता में अपने सपनों के स्वच्छ और सुंदर भारत की परिकल्पना को रंगों के माध्यम से कागज पर जीवंत रूप दिया। तुषार ने बताया कि उनके सपनों का भारत पूर्णतः स्वच्छ, हरा-भरा और कचरा-मुक्त होना चाहिए। उन्होंने अपनी पेंटिंग के माध्यम से नागरिकों को जागरूक करते हुए संदेश दिया कि सभी लोग स्वच्छता के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझें और अपने घरों तथा परिवेश में कचरा प्रबंधन को अपनी आदत बनाएं। तुषार ने अपील की है कि घरों से निकलने वाले गीले कचरे को हमेशा हरे डस्टबिन में तथा सूखे कचरे को नीले डस्टबिन में ही डालें, ताकि कचरा पृथक्करण सुगमता से हो सके और हमारा परिवेश सदैव स्वच्छ व स्वास्थ्यप्रद बना रहे।  
इसी कड़ी में विद्यालय की कक्षा 12वीं की छात्रा रागिनी देशमुख ने अपनी कलात्मक प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए डिजिटल इंडिया, ग्रीन इंडिया, ग्रीन एनर्जी एवं ’विकसित भारत 2047’ की थीम पर शानदार पेंटिंग तैयार की। रागिनी ने अपनी चित्रकला के माध्यम से आधुनिक तकनीक, सौर व हरित ऊर्जा के संवर्धन तथा पर्यावरण संतुलन के साथ 2047 तक भारत को विश्व पटल पर अग्रणी एवं विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को बड़े ही सुंदर और विचारोत्तेजक ढंग से दर्शाया। विद्यालय प्रबंधन एवं शिक्षकों ने छात्र तुषार गावरे और छात्रा रागिनी देशमुख की इस मौलिक सोच व रचनात्मक प्रस्तुति की मुक्तकंठ से सराहना की।
विद्यालय के अन्य विद्यार्थियों ने भी अपनी मनमोहक पेंटिंग्स के जरिए पर्यावरण संरक्षण, आत्मनिर्भर भारत और विकसित राष्ट्र के सपनों को बड़े ही रचनात्मक ढंग से प्रदर्शित किया। विद्यालय प्रबंधन एवं शिक्षकों ने विद्यार्थियों की इस मौलिक सोच और सामाजिक सरोकार की भूरि-भूरि प्रशंसा की।  
विद्यार्थियों ने कहा कि ’सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत आयोजित इस प्रतियोगिता ने उन्हें अपनी प्रतिभा निखारने के साथ-साथ राष्ट्र के विकास में अपनी सोच को साझा करने का सुनहरा अवसर प्रदान किया है।

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