छत्तीसगढ़ / सरगुजा

सेवा संकल्प अभियान : सेवा की कहानीः मजदूरी की सीमित आय में अधूरा था पक्के घर का सपना, पीएम आवास ने तारावती की राह की आसान

 पति की मजदूरी से चलता है पांच सदस्यीय परिवार, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण से मिली सुरक्षित पक्की छत

घर निर्माण में तारावती और उनके पति ने भी किया श्रम, अब मौसम की परेशानियों से मिली राहत

अम्बिकापुर 27 सितम्बर 2026

  सीमित आमदनी में परिवार की रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के बाद पक्का मकान बनाना आसान नहीं था। पति की मजदूरी से परिवार का भरण-पोषण होता था और तीन बच्चों की जिम्मेदारी के बीच घर बनाने के लिए पर्याप्त राशि जुटाना मुश्किल था। ऐसे में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की सहायता ने बतौली विकासखंड की ग्राम पंचायत कपाटबहरी निवासी श्रीमती तारावती के परिवार को पक्के आवास का सपना पूरा करने में सहारा दिया। सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत ‘सेवा की कहानी’ की इस कड़ी में तारावती बताती हैं कि पहले उनका परिवार कच्चे मकान में रहता था। बारिश और खराब मौसम के दौरान कच्चे घर को लेकर हमेशा चिंता बनी रहती थी। परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वे स्वयं की आय से पक्का मकान तैयार करा सकें।

मजदूरी की आय में घर बनाना था मुश्किल
तारावती अपने पति अमरनाथ और तीन बच्चों के साथ रहती हैं। अमरनाथ मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। मजदूरी से होने वाली आमदनी का बड़ा हिस्सा घर की दैनिक जरूरतों और बच्चों के पालन-पोषण में खर्च हो जाता था। ऐसे में पक्का मकान बनाने के लिए अलग से राशि जुटा पाना परिवार के लिए बड़ी चुनौती थी। कच्चे मकान में रहते हुए सबसे अधिक परेशानी बारिश के मौसम में होती थी। तारावती बताती हैं कि बरसात शुरू होते ही घर और बच्चों की सुरक्षा की चिंता बढ़ जाती थी। परिवार की इच्छा पक्का घर बनाने की थी, लेकिन आर्थिक परिस्थितियां इसमें बाधा बनी हुई थीं।

योजना से मिली मदद, परिवार ने भी लगाया श्रम
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत पति के नाम आवास स्वीकृत होने से परिवार को पक्का घर बनाने की राह मिली। शासन से मिली सहायता के साथ तारावती और उनके पति ने भी निर्माण कार्य में मेहनत की। अपनी मजदूरी और श्रम के सहयोग से उन्होंने घर को बेहतर स्वरूप दिया। अब पक्का मकान तैयार होने के बाद परिवार को मौसम की मार से सुरक्षित छत मिली है। बच्चों के रहने और पढ़ाई के लिए भी पहले की तुलना में बेहतर वातावरण उपलब्ध हुआ है। घर की चिंता कम होने से परिवार अपने दैनिक जीवन और बच्चों की जरूरतों पर अधिक ध्यान दे पा रहा है।

“अब बारिश में घर की चिंता नहीं रहती”
तारावती बताती हैं, पहले बारिश के दिनों में घर को लेकर बहुत चिंता रहती थी। अब पक्का मकान बन गया है तो बच्चों के साथ सुरक्षित रहते हैं। सरकार की सहायता से हमारा पक्के घर का सपना पूरा हुआ है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की सहायता से सीमित आय वाले ग्रामीण परिवार को पक्का आवास मिलने के साथ वर्षों से चली आ रही घर की चिंता से राहत मिली है।

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