छत्तीसगढ़ / मोहला मानपुर चौकी

स्वसहायता समूह से मिला संबल, मिट्टी के बर्तनों के कारोबार से आत्मनिर्भर बन रहीं नीरा बाई

पारंपरिक हुनर को मिला नया विस्तार, स्वरोजगार से हर माह लगभग 12 हजार रुपये की आय

सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से शासन की योजनाओं का लाभ लेकर जिले की महिलाएं अपने पारंपरिक हुनर और कौशल को स्वरोजगार से जोड़ते हुए आत्मनिर्भरता की नई राह पर आगे बढ़ रही हैं। ग्राम गोटाटोला निवासी श्रीमती नीरा बाई कुम्भकार ऐसी ही महिला हैं, जिन्होंने स्वसहायता समूह से जुड़कर मिट्टी के बर्तन बनाने के अपने पारंपरिक कार्य को व्यवसाय का रूप दिया और आर्थिक रूप से सशक्त बनने की दिशा मंब कदम बढ़ाया है।

नीरा बाई नवदुर्गा स्वसहायता समूह से जुड़ी हैं। समूह से मिले आर्थिक सहयोग और ऋण सुविधा का लाभ उठाकर उन्होंने मिट्टी के बर्तन बनाने के कार्य का विस्तार किया। अब तक उन्होंने समूह के माध्यम से लगभग 1 लाख रुपये का ऋण लेकर अपने व्यवसाय में आवश्यक संसाधन जुटाए और उत्पादन को बढ़ाया है। निरंतर मेहनत और अपने हुनर के दम पर आज उन्हें इस स्वरोजगार से लगभग 12 हजार रुपये प्रतिमाह की आय प्राप्त हो रही है। पहले पारंपरिक कार्य तक सीमित उनका यह हुनर अब परिवार की आर्थिक मजबूती का आधार बन रहा है। मिट्टी को आकार देकर उपयोगी और आकर्षक बर्तन तैयार करने वाली नीरा बाई अपने काम के जरिए परिवार की जरूरतों को पूरा करने में आर्थिक योगदान दे रही हैं। स्वरोजगार ने न केवल उनकी आय बढ़ाई है, बल्कि उनके भीतर आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास की भावना को भी मजबूत किया है।

नीरा बाई बताती हैं कि स्वसहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें अपने पारंपरिक कार्य को आगे बढ़ाने के लिए आर्थिक सहयोग और नया अवसर मिला। समूह के माध्यम से उपलब्ध सहायता से वे अपने काम का विस्तार कर सकीं और आज अपने पैरों पर खड़े होकर परिवार को आर्थिक संबल प्रदान कर रही हैं। उन्होंने महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने वाली योजनाओं और सहयोग के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

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