आँचल ग्राम संगठन मचानपार का वार्षिक अधिवेशन संपन्न
महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता और संगठित प्रयासों से गांव के विकास को मिलेगी नई दिशा : जागृति चुन्नी यदु
राजनांदगांव । आँचल ग्राम संगठन मचानपार का वार्षिक अधिवेशन 25 सितम्बर को उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में राजनांदगांव जिला पंचायत सभापति जागृति चुन्नी यदु मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से संवाद करते हुए उनके कार्यों, उपलब्धियों एवं आगामी गतिविधियों की जानकारी ली।
मुख्य अतिथि जागृति चुन्नी यदु ने अपने उद्बोधन में कहा कि महिला स्वयं सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। महिलाओं को केवल समूह तक सीमित न रहकर अपनी प्रतिभा और मेहनत के माध्यम से स्वरोजगार एवं छोटे-छोटे उद्यमों को आगे बढ़ाना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं की आर्थिक मजबूती से परिवार मजबूत होता है और परिवारों की मजबूती से गांव के विकास को गति मिलती है। उन्होंने समूह की महिलाओं को नियमित बचत, आपसी सहयोग और उपलब्ध शासकीय योजनाओं का लाभ लेकर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं कृषि, पशुपालन, लघु उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण सहित विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। संगठित होकर कार्य करने से उन्हें अपने उत्पादों के लिए बेहतर बाजार भी उपलब्ध हो सकता है। उन्होंने ग्राम संगठन के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों की सराहना की तथा भविष्य में भी हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
कार्यक्रम में ग्राम पटेल तोखुदास साहू, पूर्व जनपद पंचायत सदस्य डोंगरगांव निर्मला सिन्हा, ग्राम पंचायत मचानपार के उपसरपंच खेमलाल पटेल, ग्राम विकास समिति के सचिव छन्नू साहू, कोषाध्यक्ष गोपालराम पटेल, पूर्व सरपंच चिंताराम साहू, भूतपूर्व सरपंच पूनाराम साहू, संकुल संगठन तुमड़ीबोड़ की सचिव एवन साहू, वंदना साहू, पूर्व अध्यक्ष चैती कुर्रे एवं सूरेखा विश्वकर्मा विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
अधिवेशन मेआँचल ग्राम संगठन समिति की अध्यक्ष लक्ष्मी साहू, सचिव संगिता यादव, कोषाध्यक्ष महेश्वरी साहू, लेखापाल खेमिन साहू, कृषि सखी नामेश्वरी पटेल, उद्योग सखी रोहनी पटेल, अनुपमा पटेल, लक्ष्मी राजपूत सहित विभिन्न स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम के दौरान ग्राम संगठन की गतिविधियों, महिला समूहों के कार्यों, बचत एवं आजीविका संबंधी प्रयासों पर चर्चा की गई। वार्षिक अधिवेशन ने महिलाओं को एकजुट होकर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में आयोजक समिति एवं स्वयं सहायता समूह की महिलाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।