गाँव में खुला ‘समाधान का द्वार’
दानसरा में लगे सेवा सेतु शिविर में एक ही छत के नीचे बने प्रमाणपत्र
समय और पैसों की बचत से ग्रामीणों ने माना सरकार का आभार
रायपुर, 08 अक्टूबर 2026

दूर-दराज के ग्रामीणों को अब छोटे-छोटे शासकीय दस्तावेजों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ रहे हैं। सेवा संकल्प अभियान के तहत सारंगढ़-बिलाईगढ जिले के ग्राम दानसरा में आयोजित विकासखंड स्तरीय सेवा सेतु शिविर ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत और खुशियों का केंद्र बना। शिविर में जाति, आय, निवास और विवाह प्रमाणपत्र के साथ-साथ आधार अद्यतन की सुविधा भी मौके पर ही उपलब्ध कराई गई। अपने हाथ में तत्काल प्रमाणपत्र मिलते ही आवेदकों और विद्यार्थियों के चेहरों पर खुशी की चमक साफ देखने को मिली।
विद्यार्थियों का भविष्य हुआ सुरक्षित
इस शिविर में अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के चम्पी सिदार पिता देवनारायण सिदार, अनन्या राठिया पिता नारायण राठिया, आरोन बनज पिता चंद्रशेखर और दिव्यांशु डहरे पिता ताराचंद को जाति प्रमाणपत्र बांटे गए। वहीं अन्य पिछड़ा वर्ग (व्ठब्) के तहत आर्यन निषाद पिता सुरेश निषाद, नैना निषाद, शनि यादव पिता रविलाल यादव एवं प्रिंस यादव को भी प्रमाणपत्र दिए गए।
प्रमाणपत्र प्राप्त कर चुके छात्र-छात्राओं और उनके परिजनों ने बताया कि जाति प्रमाणपत्र शिक्षा, छात्रवृत्ति एवं शासकीय योजनाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण दस्तावेज है। गाँव के पास ही यह सुविधा मिलने से समय और धन दोनों की भारी बचत हुई है।
नवदंपतियों के लिए भी रहा खास अवसर
शिविर में विवाह पंजीयन की सुविधा का लाभ उठाकर कई नवदंपति और उनके परिवार बेहद उत्साहित नजर आए। शिविर के दौरान रूपा साहू-नीलमाणी साहू, रानी डनसेना-राम कुमार, मनीषा अवध-तेजेश्वर तथा अनुज को मौके पर ही विवाह प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। लाभार्थियों ने पारदर्शी और त्वरित व्यवस्था के लिए राज्य शासन और जिला प्रशासन का दिल से आभार व्यक्त किया।
घर के करीब सुविधा, मजबूत होता भरोसा
दानसरा में आयोजित यह शिविर इस बात का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत करता है कि जब प्रशासन स्वयं आम जनता के द्वार तक पहुँचता है, तो किस तरह सकारात्मक बदलाव आता है। जिला प्रशासन द्वारा सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से अंतिम व्यक्ति तक शासकीय लाभ पहुँचाने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है, जिससे आमजनों का शासन-प्रशासन पर विश्वास और अधिक सुदृढ़ हुआ है।