सड़क दुर्घटनाओं के कारणों की पहचान कर रोकथाम के लिए जिले में होगा डेटा आधारित कार्ययोजना का क्रियान्वयन
आईआईटी मद्रास के विशेषज्ञों की उपस्थिति में जिला स्तरीय बैठक एवं प्रशिक्षण आयोजित
बालोद, 09 अक्टूबर 2026
कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के मार्गदर्शन में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार जिले में डाटा ड्राइव हाईपरलोकल इंटरवेंशन प्रोग्राम के क्रियान्वयन के लिए परिवहन विभाग द्वारा कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय बैठक एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में आईआईटी मद्रास के विशेषज्ञों ने सड़क दुर्घटनाओं के वास्तविक कारणों की पहचान करने तथा उनकी रोकथाम के लिए डेटा आधारित कार्ययोजना तैयार करने की प्रक्रिया की जानकारी दी।
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि सड़क दुर्घटना होने पर आईराड डिजिटल प्लेटफॉर्म पर विभिन्न संबंधित विभागों द्वारा दर्ज की गई जानकारियों के आधार पर दुर्घटना के वास्तविक कारणों का आकलन किया जा सकता है। इस विश्लेषण के आधार पर दुर्घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने और प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने में मदद मिलेगी।
आईआईटी मद्रास के विशेषज्ञों ने संजय डिजिटल प्लेटफॉर्म की उपयोगिता की जानकारी देते हुए बताया कि आईराड के डेटाबेस के आधार पर तैयार इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त की जा सकती हैं। इसमें दुर्घटनाओं के समय और माह, दुर्घटना के प्रमुख कारण एवं प्रकार तथा घायलों और मृतकों की आयु जैसी जानकारियां शामिल हैं।
इस प्लेटफॉर्म की सहायता से दुर्घटना संभावित स्थलों और भविष्य में ब्लैक स्पॉट के रूप में विकसित हो सकने वाले स्थानों की पहचान करना आसान होगा। इससे समय रहते संबंधित स्थलों पर आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही कर सड़क दुर्घटनाओं की आशंका कम करने में मदद मिलेगी।
प्रशिक्षण में बताया गया कि डिस्ट्रिक्ट रोड सेफटी कमेटी ट्रैकर फिल्ड पर्सेप्शन सर्वे एवं ट्रामा केयर प्रिपेयर्डनेस लेवल संजय प्लेटफॉर्म की प्रमुख विशेषताएं हैं। इनके माध्यम से पुलिस, परिवहन, स्वास्थ्य और सड़क निर्माण विभाग के बीच समन्वय स्थापित कर सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
प्रशिक्षण के बाद जिले के विभिन्न संबंधित विभागों में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। इन अधिकारियों का संजय प्लेटफॉर्म पर पंजीयन किया जाएगा। इसके बाद वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों का पंजीयन कर सकेंगे, जिससे सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित जानकारी के संकलन, विश्लेषण और आवश्यक कार्यवाही की प्रक्रिया को व्यवस्थित किया जा सकेगा। कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी श्री सुरेंद्र वैद्य, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री चंद्रकांत गवर्ना, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधु हर्ष एवं श्री योगेश भंडारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे