विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के उपचार के लिए हर संभव मदद करें - कलेक्टर श्री रणबीर शर्मा
बच्चों से किया संवाद, उपचार के लिए आर्थिक सहायता और पालकों को प्रेरित करने के दिए निर्देश
गरियाबंद, 12 अक्टूबर 2026
समग्र शिक्षा के अंतर्गत विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान, आकलन एवं उपचार की संभावनाओं का पता लगाने के लिए सोमवार को जिला चिकित्सालय गरियाबंद में जिला स्तरीय मेगा शिविर का आयोजन किया गया। स्कूल शिक्षा विभाग के समग्र शिक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित इस शिविर में बच्चों की आवश्यकताओं का आकलन कर उन्हें उचित उपचार, आवश्यक सुविधाएं एवं सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की दिशा में प्रभावी पहल करना था। शिविर कलेक्टर श्री रणबीर शर्मा के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। प्रथम चरण में गरियाबंद, छुरा एवं फिंगेश्वर विकासखंडों के विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को शामिल किया गया।
कलेक्टर श्री रणबीर शर्मा शिविर में उपस्थित होकर बच्चों से संवाद किया और उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली। उन्होंने बच्चों के स्वास्थ्य, उपचार और बेहतर भविष्य को प्राथमिकता देते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि जिन बच्चों का उपचार संभव है, उनके इलाज के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएं। जरूरतमंद बच्चों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में पहल की जाए तथा उनके माता-पिता को बच्चों के उपचार के लिए प्रेरित किया जाए, ताकि कोई भी बच्चा आवश्यक चिकित्सा सुविधा से वंचित न रहे।
कलेक्टर ने सिविल सर्जन एवं जिला मिशन समन्वयक को निर्देश दिए कि शिविर में आए ऐसे बच्चों की सूची तैयार की जाए, जिनका उपचार संभव है। सूची में बच्चों की बीमारी, उपचार की आवश्यकता और संभावित उपचार से संबंधित जानकारी शामिल की जाए। इसके आधार पर जरूरतमंद बच्चों के उपचार के लिए आवश्यक कदम उठाते हुए उन्हें समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
कलेक्टर श्री शर्मा ने कहा कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान के साथ उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य और समग्र विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। ऐसे बच्चों को उनकी जरूरत के अनुसार शिक्षा, उपचार और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि बच्चों की पहचान और उपचार की प्रक्रिया शिविर तक सीमित न रहे, बल्कि आगे भी उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप निरंतर प्रयास किए जाएं। समावेशी शिक्षा के माध्यम से प्रत्येक बच्चे को उसकी क्षमता और आवश्यकता के अनुरूप शिक्षा एवं सुविधाएं उपलब्ध कराया जाए। इस प्रकार के शिविरों से बच्चों की जरूरतों को समझने, उपचार की संभावनाओं का आकलन करने तथा उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में सहायता मिलती है।
शिविर में जिला मिशन समन्वयक श्री शिवेश शुक्ला, सहायक परियोजना अधिकारी श्री बुधविलास सिंह, विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री गजेंद्र ध्रुव, सहायक परियोजना समन्वयक श्री योगेश पटेल, विकासखंड स्रोत केंद्र समन्वयक श्री प्रेम मार्कण्डेय, स्रोत व्यक्ति श्रीमती एकता रात्रे एवं श्रीमती तुलजा धु्रव सहित संकुल शैक्षिक समन्वयक, शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा बच्चों के पालक उपस्थित थे।