छत्तीसगढ़ / सूरजपुर

पति का साथ छूटा, लेकिन हौसला नहीं टूट, सक्षम योजना से अमृता ने लिखी आत्मनिर्भरता की नई कहानी

 सूरजपुर । जिंदगी में कभी-कभी ऐसे मुश्किल मोड़ आते हैं, जब अपनों का साथ छूटने के बाद आगे की राह बेहद कठिन नजर आने लगती है। विशेषकर जब परिवार की जिम्मेदारियां और बच्चों के भविष्य की चिंता एक साथ सामने खड़ी हों, तो परिस्थितियों से संघर्ष करना आसान नहीं होता। लेकिन मजबूत हौसले, मेहनत और सही समय पर मिले सहयोग से मुश्किल परिस्थितियों को भी नए अवसर में बदला जा सकता है। 

 

ऐसी ही सूरजपुर जिले के ग्राम केशवनगर निवासी अमृता प्रजापति, जिन्होंने पति के निधन के बाद जीवन की कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए सक्षम योजना की सहायता से आत्मनिर्भरता की नई राह बनाई है। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत सेवा की कहानी में अमृता प्रजापति का संघर्ष और आत्मनिर्भर बनने का सफर महिलाओं के साहस, संकल्प और स्वावलंबन की प्रेरक मिसाल है।

पति के निधन के बाद बढ़ीं जिम्मेदारियां, बच्चों के भविष्य की थी चिंता

अमृता प्रजापति बताती हैं कि वर्ष 2021 में उनके पति स्वर्गीय संतोष प्रजापति का निधन हो गया। पति के असमय चले जाने से उनके जीवन में कठिन परिस्थितियां उत्पन्न हो गईं। एक ओर जीवनसाथी को खोने का दुख था, तो दूसरी ओर बच्चों के पालन-पोषण, उनकी शिक्षा और परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने की जिम्मेदारी भी सामने थी।पति के निधन के बाद वे कुछ समय तक अपने मायके में रहीं। लेकिन वे अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए स्वयं कुछ करना चाहती थीं। परिस्थितियां कठिन जरूर थीं, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपने पैरों पर खड़े होने का संकल्प लिया।

सक्षम योजना बनी सहारा, एक लाख रुपए से शुरू किया नया सफर

अमृता प्रजापति बताती हैं कि मायके से लौटने के बाद उन्हें सक्षम योजना की जानकारी मिली। उन्होंने योजना के अंतर्गत आवेदन किया, जिसके पश्चात उन्हें एक लाख रुपए का ऋण प्राप्त हुआ। यह आर्थिक सहायता उनके लिए जीवन में नई शुरुआत का अवसर बन गई। प्राप्त ऋण राशि का उपयोग उन्होंने दुकान के लिए जगह तैयार करने और अपना छोटा व्यवसाय शुरू करने में किया। साथ ही उन्होंने सिलाई मशीन भी खरीदी, जिससे दुकान संचालन के अलावा सिलाई का कार्य कर अतिरिक्त आय अर्जित करने लगीं।

दुकान और सिलाई से मिली नई पहचान, बच्चों की शिक्षा को मिला सहारा

कभी आर्थिक परिस्थितियों के कारण भविष्य को लेकर चिंतित रहने वाली अमृता प्रजापति आज अपने परिश्रम से परिवार की जिम्मेदारियां निभा रही हैं। दुकान संचालन और सिलाई के कार्य से होने वाली आमदनी उनके परिवार की जरूरतों को पूरा करने में सहायक बन रही है।अब वे अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिला पा रही हैं। जिस समय पति का साथ छूटा था, तब बच्चों के भविष्य को लेकर उनके मन में अनेक चिंताएं थीं। लेकिन आज अपने स्वरोजगार के माध्यम से अमृता को आय अर्जित करने का साधन नहीं, बल्कि आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और अपने बच्चों के बेहतर भविष्य का आधार बन गया है।

विष्णु भैया को दिया धन्यवाद, योजना ने आत्मनिर्भर बनने का दिया अवसर

अमृता प्रजापति बताती हैं कि सक्षम योजना से मिले एक लाख रुपए के ऋण ने उन्हें स्वयं का रोजगार स्थापित करने में मदद की। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त को बहुत-बहुत धन्यवाद देती हैं। अमृता प्रजापति बताती है कि कठिन परिस्थितियों में मिला आर्थिक सहयोग मेरे जैसे कई महिलाओं के जीवन को नई दिशा दे सकता है।

 

 

Leave Your Comment

Click to reload image