छत्तीसगढ़ / रायपुर

सेवा संकल्प अभियान 2026 : सेवा की कहानी: कृषक उन्नति योजना से बदली खेती की दिशा, धान की जगह अदरक की खेती कर नई संभावनाएं तलाश रहे किसान सुनील कुमार सिंह

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में फसल विविधीकरण को मिल रहा बढ़ावा, किसानों को वैकल्पिक खेती अपनाने के लिए किया जा रहा प्रोत्साहित

एक एकड़ में अदरक की खेती करने पर मिलेगी 15 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि, खेती की लागत में मिलेगी राहत

कृषि विभाग के मार्गदर्शन से अपनाई नई फसल, अच्छी पैदावार और बेहतर आमदनी की उम्मीद से उत्साहित किसान

रायपुर, 17 अक्टूबर 2026

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार किसानों की आय बढ़ाने, खेती को अधिक लाभकारी बनाने और फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। कृषक उन्नति योजना के माध्यम से किसानों को परंपरागत धान की खेती के स्थान पर अन्य लाभकारी फसलों की ओर बढ़ने के लिए प्रोत्साहन दिया जा रहा है। योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता और कृषि विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन से किसान खेती में नए प्रयोग कर रहे हैं। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखंड स्थित ग्राम दरिमा के किसान सुनील कुमार सिंह की पहल इसका प्रेरक उदाहरण है। उन्होंने इस वर्ष धान की जगह एक एकड़ खेत में अदरक की खेती कर फसल विविधीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है।

’धान की जगह अदरक की खेती अपनाकर बढ़ाया आत्मनिर्भरता की ओर कदम’

किसान सुनील कुमार सिंह बताते हैं कि पिछले वर्ष उन्होंने अपने खेत में धान की खेती की थी। इस वर्ष कृषि विभाग के ग्राम सेवक से कृषक उन्नति योजना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने परंपरागत खेती से हटकर वैकल्पिक फसल लगाने का निर्णय लिया। कृषि विभाग के मार्गदर्शन में उन्होंने अपनी एक एकड़ भूमि में अदरक की खेती शुरू की। वर्तमान में अदरक की फसल अच्छी स्थिति में है, जिससे वे बेहतर उत्पादन की उम्मीद कर रहे हैं। उनका कहना है कि खेती में नई फसलों को अपनाने से किसानों के लिए आमदनी के अतिरिक्त अवसर विकसित हो सकते हैं।

’कृषक उन्नति योजना से मिलेंगे 15 हजार रुपये, खेती की लागत में मिलेगी राहत’

सुनील कुमार सिंह ने बताया कि कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत पात्रता अनुसार एक एकड़ में फसल विविधीकरण करने पर उन्हें 15 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्राप्त होगी। इस राशि से अदरक की खेती में बीज, खाद एवं अन्य कृषि कार्यों पर हुए खर्च की भरपाई करने में सहायता मिलेगी। इससे खेती की लागत का आर्थिक बोझ कम होगा और फसल से प्राप्त होने वाली आमदनी के साथ अतिरिक्त आर्थिक संबल भी मिलेगा। उन्होंने बताया कि योजना के तहत मिलने वाला यह प्रोत्साहन किसानों को धान के अलावा अन्य फसलों की खेती करने के लिए प्रेरित कर रहा है।

’कृषि विभाग का मार्गदर्शन बना नई खेती की प्रेरणा’

सुनील कुमार सिंह बताते हैं कि कृषि विभाग के ग्राम सेवक ने उन्हें कृषक उन्नति योजना के प्रावधानों और फसल विविधीकरण के लाभों की जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने अदरक की खेती करने का निर्णय लिया। पहले वे धान की खेती करते थे, लेकिन इस वर्ष अदरक की फसल की अच्छी स्थिति देखकर अपने निर्णय से संतुष्ट हैं। उन्हें उम्मीद है कि अदरक का बेहतर उत्पादन होने से अच्छी आमदनी प्राप्त होगी। उनका मानना है कि शासन की प्रोत्साहन राशि और कृषि विभाग का मार्गदर्शन मिलने से किसान नई फसलों की खेती में आने वाली आर्थिक चुनौतियों का बेहतर तरीके से सामना कर सकते हैं।

’प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार’

किसान सुनील कुमार सिंह ने बताया कि कृषक उन्नति योजना से उन्हें परंपरागत खेती के अलावा अन्य फसलों की ओर बढ़ने का अवसर मिला है। एक एकड़ में अदरक की खेती करने पर मिलने वाली 15 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि उनके लिए उपयोगी साबित होगी। उन्होंने योजना के माध्यम से मिल रहे प्रोत्साहन और कृषि विभाग के मार्गदर्शन के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय तथा कृषि विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।

’फसल विविधीकरण से मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था’

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ कृषि क्षेत्र में फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दे रही है। कृषक उन्नति योजना के माध्यम से धान के स्थान पर अन्य फसलों की खेती अपनाने वाले पात्र किसानों को प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराने की व्यवस्था खेती में नवाचार और वैकल्पिक फसलों के विस्तार को प्रोत्साहित कर रही है। इससे किसानों को उपलब्ध भूमि एवं संसाधनों का बेहतर उपयोग करने तथा बाजार की मांग के अनुरूप फसल उत्पादन की संभावनाएं तलाशने का अवसर मिल रहा है।

सरगुजा के किसान सुनील कुमार सिंह की पहल दर्शाती है कि शासन की योजनाओं और कृषि विभाग के मार्गदर्शन से किसान परंपरागत खेती से आगे बढ़कर नई संभावनाओं को अपना रहे हैं। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत सामने आ रही ऐसी प्रेरक कहानियां कृषि क्षेत्र में नवाचार, फसल विविधीकरण और किसानों की आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में सकारात्मक बदलाव का संदेश दे रही हैं।

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