मध्य प्रदेश
सूरीनाम एवं गुयाना के राष्ट्रपति तथा आस्ट्रेलिया की संसद सदस्य पीबीडी में होंगी शामिल भारत के सबसे स्वच्छ राज्य के स्वच्छतम शहर इंदौर में होगा 17वां पीबीडी सम्मेलन
भारत के सबसे स्वच्छ राज्य के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में 8-10 जनवरी को 17वां प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलनआयोजित किया जा रहा है। इस सम्मेलन का विशेष महत्व है क्योंकि चार साल बाद कोविड महामारी के बाद यह पहला आयोजन है। 16वां पीबीडी सम्मेलन नई दिल्ली में वर्ष 2021 में वर्चुअल मोड में हुआ था।
पीबीडी सम्मेलन के मुख्य अतिथि को-ऑपरेटिव गणराज्य गुयाना के राष्ट्रपति डॉ. मोहम्मद इरफ़ान अली और सूरीनाम गणराज्य के राष्ट्रपति श्री चंद्रिकाप्रसाद संतोखी विशिष्ट अतिथि होंगे। ऑस्ट्रेलिया की संसद सदस्य, सुश्री ज़नेटा मैस्करेनहास, दिनांक 8 जनवरी को यूथ प्रवासी सम्मेलन में सम्मानित अतिथि होंगी।
पीबीडी का विषय है "प्रवासी अमृत काल में भारत की प्रगति के लिए विश्वसनीय भागीदार", इसमें अगले 25 वर्षों में आत्म-निर्भर भारत के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण और नए भारत के इस दृष्टिकोण को प्राप्त करने में प्रवासी भारतीयों द्वारा निभाई जाने वाली महत्वपूर्ण भागीदारी की भूमिका शामिल है। इस बार के पीबीडी का इसलिए विशेष महत्व है क्योंकि वर्ष 2023 भारतीय स्वतंत्रता के 75वें वर्ष और भारत के लोगों, संस्कृति और उपलब्धि के गौरवशाली इतिहास को चिह्नित करता है।
पीबीडी सम्मेलन में तीन दिवसीय कार्यक्रम में युवा प्रवासी भारतीय दिवस, उद्घाटन दिवस और समापन दिवस के साथ-साथ विषय-आधारित महत्वपूर्ण सत्र शामिल हैं। पहले दिन 8 जनवरी को युवा प्रवासियों से जुड़ने के लिए युवा प्रवासी भारतीय दिवस मनाया जाएगा। जिसका आयोजन विदेश मंत्रालय एवं युवा मामले और खेल मंत्रालय द्वारा किया जायेगा। इसी दिन मध्यप्रदेश द्वारा अर्थ-व्यवस्था, संस्कृति, पर्यटन, प्रौद्योगिकी सेक्टर्स में दिये जा रहे विशेष अवसरों का भी प्रदर्शन किया जायेगा।
दूसरे दिन 9 जनवरी को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 17वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन का उद्घाटन किया जाएगा। प्रधानमंत्री "आजादी का अमृत महोत्सव (AKAM) - भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में डायस्पोरा का योगदान" विषय पर एक डिजिटल प्रदर्शनी का भी उद्घाटन और एक स्मारक डाक टिकट- "सुरक्षित जाएँ, प्रशिक्षित जाएँ" जारी करेंगे। तीसरे दिन 10 जनवरी को प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार प्रदान करने के साथ राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मु के भाषण के साथ सम्मेलन का समापन होगा।
महत्वपूर्ण विषयों पर होंगे सत्र
प्रवासी भारतीयों के पैनलिस्टों की भागीदारी के साथ पीबीडी सम्मेलन के दौरान कई महत्वपूर्ण विषयों पर आधारित सत्र होंगे। सत्र की अध्यक्षता मंत्री स्तर से की जाएगी। सत्रों से प्राप्त निष्कर्ष/सिफारिशें आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित मंत्रालयों/विभागों के साथ साझा की जाएंगी।
पहले सत्र में 8 जनवरी को नवाचारों और नई प्रौद्योगिकी में प्रवासी युवाओं की भूमिका, दूसरे सत्र में 9 जनवरी को अमृत काल में भारत के हेल्थकेयर इकोसिस्टम को बढ़ावा देने में प्रवासी भारतीयों की भूमिका: विजन @2047, तीसरे सत्र में 9 जनवरी को भारत की सॉफ्ट पावर का लाभ उठाना - शिल्प, व्यंजन और रचनात्मकता के माध्यम से सद्भावना, चौथे सत्र में 10 जनवरी को भारतीय कार्यबल की वैश्विक गतिशीलता को सक्षम करना - भारतीय डायस्पोरा की भूमिका और पाँचवें सत्र में 10 जनवरी को राष्ट्र निर्माण के लिए एक समावेशी दृष्टिकोण की दिशा में प्रवासी महिला उद्यमियों की क्षमता का दोहन विषय पर विस्तृत चर्चा होगी।
मोदी के 8, बाकी के 60 साल
लोकतंत्र का मनोरथ आम लोगों की भलाई होता है। हमारे देश में लोकतंत्र तो स्थापित हुआ किंतु शिक्षा, स्वास्थ्य, भोजन, सामाजिक न्याय, सड़क जैसे सामाजिक सरोकार से जुड़े जन-कल्याणकारी मुद्दे सरकार की प्राथमिकताओं में वर्ष 2014 में शामिल किए गए। 26 मई 2014 का दिन देश के भविष्य का ऐतिहासिक और प्रभावकारी दिन बन गया, जब देश का नेतृत्व जमीन से जुड़े उस महान नेता को मिला, जिनकी हर साँस में भारत माता की बेहतरी की अनगिनत कोशिशें और कार्यों में देश के प्रति असीम प्रतिबद्धता रही है।
दरअसल जन-कल्याण की सबसे आवश्यक मांग होती है, ऐसा सकारात्मक और दूरदर्शी नेतृत्व जिनमें आम जनता के सर्वांगीण विकास करने की जिजीविषा और कार्य-योजना हो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समूचे देश को एक सूत्र में बांध कर "एक भारत-सम्पूर्ण भारत'' के सपने को साकार कर दिया है। आज़ाद भारत में विकास के सपने तो कई सरकारों ने दिखाए, लेकिन उनके प्रशस्त होने का सिलसिला शुरू हुआ वर्ष 2014 से। विकास का अर्थ हमेशा सकारात्मक बदलाव से होता है और यह बदलाव अब नजर आ रहा है लोगों के मनोभावों में, युवाओं के सपनों में, बुजुर्गों के विश्वास में, मातृ-शक्ति के सशक्तिकरण में, उद्यमिता में और सरहदों की रक्षा करने वाले हमारे जांबाज़ जवानों में।
वर्ष 1962 में चीन से युद्ध में हमारे जवानों के पास न तो उपयुक्त हथियार थे और न ही पूर्वोत्तर की जटिल परिस्थितियों तक पहुँचने के मार्ग। नतीजा हमारे जवानों को रसद तक न मिल पाई। आज का भारत बदल गया है। कश्मीर से धारा 370 खत्म कर उस घाव को भर दिया गया है, जिससे भारत का हर नागरिक बैचेन रहता था। मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक के उस दंश से मुक्ति मिल गई है, जिससे कई माता-बहनों की ज़िन्दगी तबाह हो जाती थी। देश की सुरक्षा प्रधानमंत्री मोदी की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है और सेना का "वन रैंक-वन पेंशन'' का सपना साकार कर दिया गया है। चीन से सीमा विवाद के चलते और पूर्वोत्तर की सुरक्षा चुनौतियों से जूझते भारत ने अब अपनी सामरिक स्थिति को मजबूत कर लिया है। पूर्वोत्तर के प्रवेश द्वार असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच अब बोगीबिल पुल के बनने से सेना देश के किसी भी हिस्से से बहुत कम समय में चीन से लगती सीमा पर पहुँच जाएगी। सेना की लामबंदी और फ़ॉरवर्ड क्षेत्र में रक्षा आपूर्ति का काम आसान हो जाएगा। इस प्रकार चीन पर अब भारत को सामरिक बढ़त हासिल हो गई है।
विकास का अर्थ है कि सामाजिक व्यवस्था, सामाजिक संरचना, संस्थाओं और सेवाओं की बढ़ती क्षमता जो संसाधनों का उपयोग इस प्रकार से कर सकें, जिससे जीवन स्तर में अनुकूल परिवर्तन आए। देश में कच्ची सड़कों को पक्की सड़कों में बदल दिया गया है। देश की बड़ी आबादी के पास रहने के लिए घर नहीं थे,आज़ादी के बाद अब जाकर उन्हें पक्का घर नसीब हुआ है। एक दौर था जब भारत में होने वाली कन्या भ्रूण हत्या को लेकर वैश्विक बदनामी होती थी। अब मोदी के "बेटी बचाओ-बेटी-पढ़ाओ'' अभियान को वैश्विक स्तर पर सराहा जा रहा है। उज्जवला योजना परिवर्तनकारी साबित हुई है और बहु-बेटियों के लिए वरदान बन गई है।
इसी प्रकार बैंक में खाता खुलवाना और एटीएम रखना अमीरों तक सीमित था। आजादी के 6 दशक बाद भी भारत में बड़ी संख्या में ऐसी आबादी थी, जिन्हें बैंकिंग सेवाएँ हासिल नहीं थी। इसका मतलब है कि उनके पास न तो बचत का कोई जरिया था, न ही संस्थागत कर्ज पाने का कोई अवसर। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने इस बुनियादी समस्या का समाधान करने के लिए जन-धन योजना की शुरुआत की। इस योजना ने लाखों भारतीयों के जीवन और भविष्य को पूरी तरह से बदल दिया है। अब देश की अधिकांश आबादी के पास उनका बैंक अकाउंट है और इससे सरकार की सीधी मदद उनके बैंक अकाउंट तक पहुँचती है।
देश की आबादी की तकरीबन 68 फीसदी जनसंख्या गाँवों में रहती है। गाँवों को विकास से जोड़ कर ही देश का चहुँमुखी विकास हो सकता है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने किसानों और ग्रामीणजन के जीवन में बदलाव की एक स्वर्णिम योजना की शुरुआत की। प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना से भारत के ग्रामीण समाज का विकास और प्रगति से सीधे जुडने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। इससे किसानों और ग्रामीणों की भूमि को लेकर जो नया विजन सामने लाया गया है, वह विकास के नित नए आयाम स्थापित कर रहा है।
देश के अन्नदाता किसानों का आत्मबल मजबूत करने और खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिए भी विशेष प्रयास हुए हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की विशेष पहल से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि बनाई गई, जिसमें लघु एवं सीमान्त किसानों को एक साल में तीन किश्तों में 6 हजार रूपये दिये जा रहे हैं। हाल ही में देश के 10 करोड़ से अधिक किसानों को सम्मान निधि की 11वीं किश्त जारी की गई। अब किसानों को प्राकृतिक खेती से भी जोड़ा जा रहा है।
देश का नेतृत्व संभालते ही प्रधानमंत्री मोदी ने दो बड़ी योजनाओं, मेक इन इंडिया और स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत की। पहली योजना का मक़सद उद्योग और निवेश को बढ़ावा देना और दूसरी का स्वच्छता के प्रति जागरूकता पैदा करना था। मेक इन इंडिया का मक़सद लालफीताशाही को कम करना, विदेशी उद्योगों को भारत में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करना और देश की जन-शक्ति को रोज़गार प्रदान करने की अनुमति देने का था। सरकार ने आगे बढ़ते हुए विभिन्न क्षेत्रों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के द्वार भी खोल दिए। स्वच्छ भारत अभियान ने दुनिया में देश की छवि को बदल दिया है। यह अभियान लोगों का जोरदार समर्थन पाकर जन-आंदोलन बन गया है।
नमामि गंगे से देश की 40 फीसदी आबादी के जीवन पर आमूल-चूल परिवर्तन आया है। वहीं भारत के हर गाँव तक बिजली पहुँचाने के महत्वाकांक्षी मिशन ने देश को रौशन कर दिया है। देश जन धन-आधार और मोबाइल (JAM) के उपयोग से आमूल-चूल बदलाव करने वाले सुधारों की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ये प्रत्यक्ष नकद हस्तांकरण के लिए एक यूनीक कॉम्बिनेशन है। इससे अनोखी पद्धति से बिना किसी लीकेज के लोगों तक सीधे लाभ पहुँचाए जा सकेंगे।
शिक्षा की गुणवत्ता और उसकी पहुँच बढ़ाने के लिए कई यूनिक उपाय किए गए हैं। बुनियादी ढाँचे को बढ़ावा दिया जा रहा है। चाहें ये रेलवे हो, सड़क हो या शिपिंग। सरकार संपर्क बढ़ाने के लिए बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर फोकस कर रही है। सागरमाला परियोजना की तरह तटीय समुदायों के विकास के जरिए एक समग्र बंदरगाह आधारित विकास सुनिश्चित किया गया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में सरकार श्रमेव जयते के सिद्धांत पर कड़ी मेहनत कर रही है। यह आठ साल देश के स्वर्णिम विकास के आठ साल है और यही कारण है कि इस दौर का भारत स्वर्णिम और मजबूत भारत के रूप में दुनिया में पहचान बनाने में सफल रहा है।
युवा वंचित के जीवन में खुशहाली लाने का दायित्व ग्रहण करें : राज्यपाल श्री पटेल
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने युवाओं से अपील की है कि गरीब और वंचित वर्ग के विकास केप्रयासों को उन तक पहुँचाने, उनके जीवन में खुशहाली लाने का दायित्व ग्रहण करें। सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ उन तक पहुँचाने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि दीक्षांत दीक्षा का अंत है शिक्षा का नहीं इसलिये जीवन में सदैव ज्ञान प्राप्त करते रहें।
राज्यपाल श्री पटेल सिम्बॉयोसिस यूनिवर्सिटी ऑफ एप्लाइड साइंसेस इंदौर के तीसरे दीक्षांत समारोह को आभासी माध्यम से आज राजभवन भोपाल से संबोधित कर रहे थे।
राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय सनातन संस्कृति की मूल भावनाओं, भविष्य की चुनौतियों के अनुसार राष्ट्रीय शिक्षा नीति बनाई है। सबका विश्वास, साथ और प्रयास से सबके विकास के कार्य किये जा रहे हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति ने शिक्षा को बंधन मुक्त बनाया है। युवाओं के हौसलों को उन्नति के अपार अवसर दिए हैं। उन्हें सपनों को साकार करने में सक्षम बनाया है। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि समय और शिक्षा ही व्यक्ति को सफल बनाती है। आज का समय आत्म-निर्भर, समृद्ध, समर्थ और सशक्त नए भारत के निर्माण का है। अत: युवा नौकरी माँगने वाले नहीं नौकरी देने वाले बनें, आत्म-निर्भर, समर्थ और समृद्ध नए भारत के निर्माण में योगदान दें।
राज्यपाल श्री पटेल के कहा कि दीक्षांत समारोह जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव है। यह वह टर्निंग प्वाइंट है, जिससे आत्म-निर्भर जीवन, समाज और राष्ट्र के निर्माण में योगदान का नया अध्याय खुलेगा। इसके पन्नों पर दर्ज आपकी निष्ठा और सेवा समाज में आपकी पहचान होगी। जीवन के इस पड़ाव तक आपके पहुँचने में आपके मित्रों, परिजनों एवं शिक्षकों का भी बड़ा योगदान है। इस सुअवसर पर उन्हें धन्यवाद देना पर्याप्त नहीं है। याद रखें कि भावी जीवन में जो भी सफलता आप अर्जित करेंगे, उसमें उनका भी योगदान है। उन्होंने कहा कि जीवन परिवर्तनशील है। यहाँ उलझना भी पड़ेगा फिर सुलझना भी पड़ेगा। बिखरना भी पड़ेगा फिर निखरना भी पड़ेगा। निश्चय और संकल्प के साथ लगे रहने पर सफलता अवश्य मिलेगी। उन्होंने कहा कि हमारी सबसे बड़ी कमजोरी यह है कि हम प्रयास करना छोड़ देते है। सफलता का एक ही रास्ता है कि एक बार और प्रयास किया जाए।
डॉ. एस.बी. मजूमदार ने कहा कि कोविड का जीवन के सभी क्षेत्रों में विनाशक प्रभाव पड़ा है, किन्तु हर आपदा में जीवन की सीख होती है। कोविड ने पारिवारिक मूल्यों के संरक्षण, स्वास्थ और रोग प्रतिरोधक संचेतना, जीवनशैली और जीवन की महत्ता को बताया है। मानवता को समझाया है कि उत्तरजीविता तभी हो सकती है, जब कि हमारा परिवार, समाज, देश और विश्व सुरक्षित हो। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में धन ही सब कुछ नहीं है। नैतिक मूल्यों का पालन करते हुए कैरियर और करेक्टर का विकास करें। समाज का नेतृत्व ग्रहण करें। उन्होंने कहा कि नेतृत्व के लिये अकेले प्रयास करने का आत्मविश्वास, कठोर निर्णय लेने की क्षमता और हर हाल में जरूरतमंद की समय पर सेवा के गुण होना जरूरी है। डॉ. स्वाति मजूमदार ने विश्वविद्यालय का संक्षिप्त परिचय देते हुए बताया कि यह देश का पहला कौशल उन्नयन विश्वविद्यालय है, जहाँ के पाठ्यक्रम का 70 प्रतिशत व्यवहारिक प्रशिक्षण पर आधारित है। विद्यार्थियों में उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिये आत्म-निर्भर अवार्ड भी दिया जा रहा है। विश्वविद्यालय ने सफाई कर्मियों की संतानों के लिये कौशल उन्नयन करने का आपसी सहमति ज्ञाप नगर निगम इंदौर के साथ किया है।
कुलपति डॉ. चारूदत्त पाठक ने विश्वविद्यालय का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। संचालन डॉ. नेहा गुप्ता ने किया। आभार प्रदर्शन कुल सचिव विशाल चौधरी ने किया। समारोह में मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय नियामक आयोग के अध्यक्ष डॉ.भरत शरण सिंह भी मौजूद थे।
रेडक्रॉस की गतिविधियाँ जमीनी स्तर पर दिखाई दें - राज्यपाल श्री पटेल
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि रेडक्रॉस की गतिविधियाँ जमीनी स्तर पर दिखाई दें। सेवा संकल्प के कार्यों के लिए प्रदाय राशि का सदुपयोग हो। कार्य की गहन मॉनीटरिंग कर जानकारी राजभवन को प्रस्तुत की जाएँ। राज्यपाल श्री पटेल राजभवन में भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी मध्यप्रदेश राज्य शाखा की समीक्षा कर रहे थे। राज्यपाल के प्रमुख सचिव श्री डी. पी. आहूजा भी उपस्थित थे।
राज्यपाल श्री पटेल ने बैठक में कहा कि रेडक्रॉस के मानव सेवा कार्यों को गरीब और वंचित वर्गों के बीच पहुँचाया जाए। स्वास्थ्य शिविर लगा कर, स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार के कार्य नियमित रूप से किए जाएँ। रक्तदान के मेगा अभियान का संचालन प्रत्येक माह महत्वपूर्ण दिवस निर्धारित कर किया जाए। उन्होंने कहा कि रेडक्रॉस का मूल उद्देश्य नि:स्वार्थ सेवा संकल्प के साथ पीड़ित मानवता की सेवा करना है। यह भावना संस्था के द्वारा दी जा रही हर सेवा में दिखाई देना चाहिए। रेडक्रॉस के चिकित्सक, पेरामेडिकल स्टाफ आदि सभी का आचरण और व्यवहार इसी के अनुरूप होना चाहिए।
राज्यपाल श्री पटेल ने प्रदेश की सभी जिला इकाइयों की गतिविधियों की वार्षिक विवरणिका तैयार कराने की ज़रूरत भी बताई। उन्होंने कहा कि रेडक्रॉस की स्थापना के इतिहास की प्रेरणादायी घटनाओं की जानकारी द्वारा जन-मानस को रेडक्रॉस की गतिविधियों में सहयोग के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए।
बताया गया कि निवाड़ी जिले में रेडक्रॉस की जिला शाखा शुरू हो गई है। राज्य इकाई के चिकित्सालय में आयुर्वेद परामर्श केंद्र संचालित हो रहा है। सिकल सेल रोग की जाँच एवं उपचार की निःशुल्क व्यवस्था उपलब्ध है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्म-दिवस पर रेडक्रॉस के रक्तदान अभियान को देश में सर्वाधिक रक्त संकलन की उपलब्धि मिली है। प्रधानमंत्री टी.बी. मुक्त भारत अभियान में 600 नि-क्षय मित्र बनाए गए हैं। सोसाइटी द्वारा दिव्यांगजन को व्हील चेयर और कृत्रिम उपकरण भी वितरित किए गए हैं। सभी तरह के भुगतान डिजिटली किए जा रहे हैं। फर्स्ट एड का प्रशिक्षण 7 हज़ार 640 लोगों को दिया गया है। प्रदेश में 2 हज़ार 963 नए आजीवन सदस्य बनाए गए हैं।
मध्यप्रदेश रेडक्रॉस राज्य शाखा के चेयरमेन डॉ. गगन कोल्हे, मानसेवी कोषाध्यक्ष श्री शशांक श्रीवास्तव और जनरल सेक्रेटरी श्री प्रदीप त्रिपाठी सहित राजभवन के अधिकारी मौजूद रहे।
9वाँ भोपाल विज्ञान मेला - राज्यपाल श्री पटेल करेंगे उद्घाटन
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल शुक्रवार 7 जनवरी को प्रात: 11 बजे जम्बूरी मैदान भेल भोपाल में 9वें भोपाल विज्ञान मेला का उद्घाटन करेंगे। विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी मंत्री श्री ओमप्रकाश सखलेचा अध्यक्षता करेंगे। चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग और मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष श्री भरत शरण सिंह विशेष अतिथि के रूप में सम्मिलित होंगे। मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी परिषद भोपाल के महानिदेशक ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर के इस विज्ञान मेला का आयोजन वर्ष 2012 से हो रहा है। मेला 10 जनवरी तक चलेगा।
इस आयोजन में मध्यप्रदेश शासन एवं केन्द्र शासन के विभिन्न विभाग, राष्ट्रीय स्तर के अनुसंधान, ब्रम्होस, डीआरडीओ एनपीसीआईएल, एनटीपीसी, सीएसआईआर - आईसीएमआर लेब, विभिन्न शैक्षणिक अनुसंधान संस्थान, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद, निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग, औद्योगिकी क्षेत्र की विभिन्न कम्पनी सहभागिता करेगी तथा अपनी गतिविधियों एवं तकनीकों का प्रदर्शन करेंगी।
सूरीनाम एवं गुयाना के राष्ट्रपति तथा आस्ट्रेलिया की संसद सदस्य पीबीडी में होंगी शामिल भारत के सबसे स्वच्छ राज्य के स्वच्छतम शहर इंदौर में होगा 17वां पीबीडी सम्मेलन
भारत के सबसे स्वच्छ राज्य के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में 8-10 जनवरी को 17वां प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलनआयोजित किया जा रहा है। इस सम्मेलन का विशेष महत्व है क्योंकि चार साल बाद कोविड महामारी के बाद यह पहला आयोजन है। 16वां पीबीडी सम्मेलन नई दिल्ली में वर्ष 2021 में वर्चुअल मोड में हुआ था।
पीबीडी सम्मेलन के मुख्य अतिथि को-ऑपरेटिव गणराज्य गुयाना के राष्ट्रपति डॉ. मोहम्मद इरफ़ान अली और सूरीनाम गणराज्य के राष्ट्रपति श्री चंद्रिकाप्रसाद संतोखी विशिष्ट अतिथि होंगे। ऑस्ट्रेलिया की संसद सदस्य, सुश्री ज़नेटा मैस्करेनहास, दिनांक 8 जनवरी को यूथ प्रवासी सम्मेलन में सम्मानित अतिथि होंगी।
पीबीडी का विषय है "प्रवासी अमृत काल में भारत की प्रगति के लिए विश्वसनीय भागीदार", इसमें अगले 25 वर्षों में आत्म-निर्भर भारत के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण और नए भारत के इस दृष्टिकोण को प्राप्त करने में प्रवासी भारतीयों द्वारा निभाई जाने वाली महत्वपूर्ण भागीदारी की भूमिका शामिल है। इस बार के पीबीडी का इसलिए विशेष महत्व है क्योंकि वर्ष 2023 भारतीय स्वतंत्रता के 75वें वर्ष और भारत के लोगों, संस्कृति और उपलब्धि के गौरवशाली इतिहास को चिह्नित करता है।
पीबीडी सम्मेलन में तीन दिवसीय कार्यक्रम में युवा प्रवासी भारतीय दिवस, उद्घाटन दिवस और समापन दिवस के साथ-साथ विषय-आधारित महत्वपूर्ण सत्र शामिल हैं। पहले दिन 8 जनवरी को युवा प्रवासियों से जुड़ने के लिए युवा प्रवासी भारतीय दिवस मनाया जाएगा। जिसका आयोजन विदेश मंत्रालय एवं युवा मामले और खेल मंत्रालय द्वारा किया जायेगा। इसी दिन मध्यप्रदेश द्वारा अर्थ-व्यवस्था, संस्कृति, पर्यटन, प्रौद्योगिकी सेक्टर्स में दिये जा रहे विशेष अवसरों का भी प्रदर्शन किया जायेगा।
दूसरे दिन 9 जनवरी को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 17वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन का उद्घाटन किया जाएगा। प्रधानमंत्री "आजादी का अमृत महोत्सव (AKAM) - भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में डायस्पोरा का योगदान" विषय पर एक डिजिटल प्रदर्शनी का भी उद्घाटन और एक स्मारक डाक टिकट- "सुरक्षित जाएँ, प्रशिक्षित जाएँ" जारी करेंगे। तीसरे दिन 10 जनवरी को प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार प्रदान करने के साथ राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मु के भाषण के साथ सम्मेलन का समापन होगा।
महत्वपूर्ण विषयों पर होंगे सत्र
प्रवासी भारतीयों के पैनलिस्टों की भागीदारी के साथ पीबीडी सम्मेलन के दौरान कई महत्वपूर्ण विषयों पर आधारित सत्र होंगे। सत्र की अध्यक्षता मंत्री स्तर से की जाएगी। सत्रों से प्राप्त निष्कर्ष/सिफारिशें आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित मंत्रालयों/विभागों के साथ साझा की जाएंगी।
पहले सत्र में 8 जनवरी को नवाचारों और नई प्रौद्योगिकी में प्रवासी युवाओं की भूमिका, दूसरे सत्र में 9 जनवरी को अमृत काल में भारत के हेल्थकेयर इकोसिस्टम को बढ़ावा देने में प्रवासी भारतीयों की भूमिका: विजन @2047, तीसरे सत्र में 9 जनवरी को भारत की सॉफ्ट पावर का लाभ उठाना - शिल्प, व्यंजन और रचनात्मकता के माध्यम से सद्भावना, चौथे सत्र में 10 जनवरी को भारतीय कार्यबल की वैश्विक गतिशीलता को सक्षम करना - भारतीय डायस्पोरा की भूमिका और पाँचवें सत्र में 10 जनवरी को राष्ट्र निर्माण के लिए एक समावेशी दृष्टिकोण की दिशा में प्रवासी महिला उद्यमियों की क्षमता का दोहन विषय पर विस्तृत चर्चा होगी।
17वें पीबीडी सम्मेलन को अब तक प्रवासियों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है। अब तक 66 देशों से 3200 से अधिक व्यक्तियों ने पंजीकरण कराया है। इस कार्यक्रम में यूएई, मॉरीशस, कतर, ओमान, यूएसए, यूके, बहरीन, कुवैत और मलेशिया सहित कई देशों के बड़े प्रवासी प्रतिनिधि-मंडल भाग लेंगे। मॉरीशस, मलेशिया और पनामा सहित कुछ देशों से मंत्रि-स्तरीय प्रतिनिधि-मंडल सहभागिता करेंगे।
खेलो इंडिया यूथ गेम्स के उद्घाटन और समापन समारोह भव्य रूप में हों
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि खेलो इंडिया यूथ गेम्स के 5वें संस्करण में प्रदेश के आठ नगरों में 30 जनवरी से 11 फरवरी 2023 तक हो रहे खेलों के आयोजन को यादगार बनाया जाए। यह मध्यप्रदेश के लिए भी एक विशेष अवसर है, जब प्रदेश की संस्कृति की झलक इन खेल आयोजनों के साथ देखी जा सकेगी। खेलो इंडिया यूथ गेम्स के उद्घाटन और समापन समारोह भव्य रूप में होना चाहिए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने खेलो इंडिया यूथ गेम्स के आयोजन की तैयारियों की बैठक में जानकारी प्राप्त की। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया उपस्थित थी।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश की राजधानी भोपाल सहित इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, जबलपुर, मण्डला, बालाघाट और महेश्वर में 30 जनवरी से 11 फरवरी 2023 की अवधि में विभिन्न खेल गतिविधियाँ होंगी। इनमें 6 हजार से अधिक खिलाड़ी हिस्सा लेंगे।मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि खिलाड़ियों के लिए आवास, भोजन, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं को व्यवस्थित रूप से संपादित करने के लिए विभिन्न समितियों को दायित्व दिया जाए। मध्यप्रदेश के लोक कलाकारों की प्रस्तुतियाँ भी खेलो इंडिया यूथ गेम्स के उद्घाटन और समापन समारोह में की जाएँ। मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
नवजात कन्या को जंगल में फेंका, 'इंद्र' ने गोद में उठाया, 'कृष्णा' ने पहुंचाया अस्पताल
भोपाल। अपना पाप छिपाने के लिए किसी ने एक नवजात बच्ची को मरने के लिए शाल में लपेटकर नजीराबाद के जंगल में फेंक दिया था। उन्हें उम्मीद थी कि जानवर उसे अपना निवाला बना लेंगे, लेकिन बचाने वाले के हाथ बहुत लंबे होते हैं। यह कहावत पूरी तरह चरितार्थ भी हुई। मासूम का करुण क्रंदन सुनकर 'इंद्र' ने उसे गोद में उठाया, तो 'कृष्णा' ने उसे अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों के मुताबिक बच्ची पूरी तरह स्वस्थ है। इस मामले में पुलिस 24 घंटे में आसपास के 10 गांव की आंगनबाड़ियों का 15 दिन के अंदर जन्मे बच्चों का रिकॉर्ड खंगाल चुकी है। अभी तक इस नवजात की मां के बारे में कोई सुराग नहीं मिल सका है। बच्ची की उम्र एक-दो दिन बताई जा रही है।
वन चौकीदार ने सुनी रोने की आवाज
मुख्य मार्ग से 100 मीटर अंदर मिली बच्ची
खतरों के बीच पड़ी थी मासूम
कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल ने भगवान शिव को लेकर कहे अपशब्द, वीडियो हुआ वायरल
श्योपुर। इंटरनेट मीडिया पर श्योपुर से कांग्रेस के विधायक बाबू जंडेल का एक वीडियो वायरल हुआ है। वीडियो में विधायक बाबू जंडेल नशे की हालत में भगवान शिव के लिए अपशब्द कहते हुए दिखाई दे रहे है। भाजपा नेता नरेंद्र सलूजा ने इस वीडियो को अपने एक्स हैंडल पर शेयर किया है। वीडियो करीब एक साल पुराना बताया जा रहा है। विधायक के बयान के विरोध में हिंदू संगठनों ने श्योपुर आज प्रदर्शन किया और कार्रवाई के लिए ज्ञापन भी सौंपा।
वीडियो में विधायक ने भगवान शंकर के लिए कई आपत्तिजनक अपशब्दों का उपयोग किया। वीडियो में देखकर लगता है कि विधायक नशे की हालत में हैं। लेकिन यह पता नहीं चलता कि विधायक का यह वायरल वीडियो कब का है।
विधायक ने कहा कि कांटा छांटा गया है उनका वीडियो
वायरल वीडियो को लेकर विधायक बाबू जंडेल का कहना है कि भगवान भोले नाथ उनके आराध्य है। मैं भगवान शिव की ही पूजा करता हूं। इस तरह की बात कहना तो दूर मैं सोच भी नहीं सकता। उन्होंने कहा कि वीडियो को कांट छांट कर रामनिवास रावत उन्हें बदनाम करने के लिए वायरल कर रहे है। यह वीडियो रक्षाबंधन के समय का है। मेरी कलाई पर राखी भी बंधी हुई है!
भोलेनाथ मेरे आराध्य, काट-छांटकर जारी किया वीडियो
मामले पर सफाई देते हुए विधायक बाबू जंडेल ने कहा- भोलेनाथ मेरे भी आराध्य हैं। मैं भगवान भोलेनाथ को पूजता हूं। इस तरह की बात कहना तो दूर, मैं सोच भी नहीं सकता। मैंने तो सिर्फ यह कहा था कि सिर्फ भोलेनाथ ऐसे भगवान हैं, जिनका लिंग पूजा जाता है।
विवादों से रहा है विधायक का पुराना नाता
विधायक बाबू जंडेल अपने काम से ज्यादा अपने बयानों को लेकर चर्चित रहते हैं। जनवरी महीने में विधायक बाबू जंडेल श्योपुर में पशु पालकों और वनांचल के कार्यक्रम में काथा कि भाइयों, अगर अपनी सरकार आई तो आप चिंता मत करो। जंगल में बकरियों को जलाने वालों को मैं जिंदा जला दूंगा। अक्टूबर 2024 में कराहल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक में कहा- अगर यहां कांग्रेस नहीं जीती तो मैं अपना मुंह काला करवा लूंगा।
अगस्त 2023 में श्योपुर में बारिश नहीं होने पर कहा था- श्योपुर की जनता से अपील है कि क्षेत्र के मुखिया यानी विधायक को गधे पर बैठाकर गाजे-बाजे के साथ जुलूस निकाले तो इंद्रदेव प्रसन्न होंगे और बारिश जरूर होगी। इसके अलावा मार्च 2023 में सब इंस्पेक्टर माधवी शाक्य को फोन पर गालियां दी थी। इसका ऑडियो इंटरनेट मीडिया में वायरल हुआ था और अब केस भी कोर्ट में चल रहा है।
इंदौर में 50 लाख रुपये की एमडी ड्रग्स के साथ दो आरोपित गिरफ्तार
इंदौर। इंदौर पुलिस ने नशे के खिलाफ अभियान चलाया हुआ है। इसी कड़ी में सराफा पुलिस ने दो आरोपितों को गिरफ्तार कर उनके पास से आधा किलो एमडी ड्रग्स बरामद की है। इस ड्रग्स की कीमत 50 लाख रुपये बताई जा रही है। पकड़े गए आरोपितों के नाम पारस और रिंकू हैं।
पुलिस दोनों से पूछताछ कर पता चलाने की कोशिश कर रही है कि वे यह ड्रग्स कहा से लाए थे और किसे सप्लाई कर रहे थे। भोपाल और झाबुआ में ड्रग्स की फैक्ट्री पकड़े जाने के बाद से प्रदेशभर में पुलिस जगह-जगह कार्रवाई कर ड्रग्स बेचने वालों को गिरफ्तार कर रही है।
विजय नगर पुलिस ने मादक पदार्थों की खरीद फरोख्त के मामले में पैडलर अर्जुन मीना (मंदसौर) को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक 22 अगस्त को आरोपित यश उर्फ नन्नू को स्मैक के साथ पकड़ा था। आरोपित ने अर्जुन का नाम बताया था। अर्जुन के विरुद्ध करीब 30 मामले दर्ज है।
गुजराती कॉलोनी में भंडारे के चंदे की बात पर दो पक्ष भिड़े
द्वारकापुरी थाना अंतर्गत गुजराती कॉलोनी में भंडारे के चंदे को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। दोनों पक्षों के बीच मारपीट हो गई। पुलिस ने एक पक्ष से बाबू गुजराती और दूसरे पक्ष से विजय अगोनिया की शिकायत पर केस दर्ज किया गया।
भंवरकुआं थाना क्षेत्र में छात्रा के साथ बस में छेड़छाड़
भंवरकुआं पुलिस ने बुधवार को आर्ट एंड कामर्स कॉलेज की छात्रा की शिकायत पर हसीब उर्फ आसिफ निवासी जन्नो की बस्ती महू के खिलाफ छेड़छाड़ का केस दर्ज किया है। टीआई राजकुमार यादव ने बताया कि घटना करीब 20 दिन पुरानी है। हसीब ने अश्लील हरकत की।
अहमदाबाद और ग्वालियर के बीच चलेगी फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें, मक्सी, उज्जैन, नागदा और रतलाम से गुजरेगी
रतलाम। यात्रियों की मांग व सुविधा को ध्यान में रखते हुए तथा दीपावली, छठ पूजा के दौरान ट्रेनों में अतिरिक्त भीड़ को समायोजित करने के लिए रेल मंडल के विभिन्न स्टेशनों पर ठहराव के साथ उधना-कानपुर सेंट्रल तथा अहमदाबाद-ग्वालियर के बीच त्योहार स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जाएगा।
09069 उधना-कानपुर स्पेशल 21 अक्टूबर से 11 नवंबर तक प्रत्येक सोमवार को उधना से सुबह 5.30 बजे चलकर रतलाम (1.05/1.15), नागदा (2.10/2.12),उज्जैन (3.15/3.25) व मक्सी (4.40/4.42) होते हुए अगले दिन सुबह 6.30 बजे कानपुर सेंट्रल पहुंचेगी।
कानपुर और उधना के बीच स्पेशल ट्रेन Kanpur to Udhna Train Route
इसी तरह 09070 कानपुर सेंट्रल-उधना स्पेशल 22 अक्टूबर से 12 नवंबर तक प्रत्येक मंगलवार को कानपुर सेंट्रल से 9.30 बजे चलकर मक्सी (12.35/12.37), उज्जैन (1.15/1.25), नागदा (2.00/2.02) व रतलाम (3.00/3.10) होते हुए अगले दिन सुबह 10 बजे उधना पहुंचेगी।
इन रूट से होकर गुजरेगी ट्रेन
यह ट्रेन दोनों दिशाओं में सूरत, भरूच, वड़ोदरा, रतलाम, नागदा, उज्जैन, मक्सी, शाजापुर, ब्यावरा राजगढ़, रुठियाई, गुना, शिवपुरी, ग्वालियर, सोनी, भिंड और ईटावा स्टेशनों पर रुकेगी। 09411 अहमदाबाद-ग्वालियर सुपरफास्ट स्पेशल 19 अक्टूबर से दो नवंबर तक प्रत्येक शनिवार को अहमदाबाद से रात 8.25 बजे चलकर रतलाम (1.20/1.30), नागदा (2.05/2.07), उज्जैन (3.00/3.10) व मक्सी (4.20/4.22) होते हुए रविवार को दोपहर एक बजे ग्वालियर पहुंचेगी।
20 अक्टूबर से 3 नवंबर तक चलेगी - Ahmedabad to Gwalior Special Train
इसी तरह 09412 ग्वालियर-अहमदाबाद सुपरफास्ट स्पेशल 20 अक्टूबर से तीन नवंबर तक प्रत्येक रविवार को ग्वालियर से 4.30 बजे चलकर मक्सी (11.50/11.52), उज्जैन (12.40/12.45), नागदा (1.56/1.58) व रतलाम (2.30/2.40) होते हुए सोमवार को सुबह 9.05 बजे अहमदाबाद पहुंचेगी।
प्रधानमंत्री श्री मोदी इंदौर में 17वें पीबीडी सम्मेलन का करेंगे उद्घाटन
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 9 जनवरी को इंदौर में 17वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन 2023 का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री श्री मोदी सुबह 8:25 बजे दिल्ली से वायु मार्ग से रवाना होकर 9:50 बजे इंदौर विमानतल आएंगे।
प्रधानमंत्री श्री मोदी सुबह 10:25 बजे से दोपहर 2 बजे तक इंदौर में ब्रिलिएन्ट कन्वेन्शन सेन्टर में 17वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन में शामिल होकर दोपहर 2:35 बजे विमानतल से नई दिल्ली के लिये रवाना होंगे। सम्मेलन के गुयाना गणराज्य के राष्ट्रपति डॉ. मोहम्मद इरफान अली मुख्य अतिथि और सूरीनाम गणराज्य के राष्ट्रपति चन्द्रिका प्रसाद संतोखी विशेष अतिथि होंगे।
प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन में राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, केन्द्रीय विदेश मंत्री श्री एस. जयशंकर, केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री वी. मुरलीधरन, केन्द्रीय राज्य मंत्री श्रीमती मीनाक्षी लेखी और केन्द्रीय राज्य मंत्री डॉ. राजकुमार रंजन सिंह शामिल होंगे।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी करेंगे इंदौर में 17वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन का उद्घाटन
राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मु के कर-कमलों से होगा समापन
तीन दिवसीय सम्मेलन में विश्व के प्रवासी भारतीयों का होगा समागम
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी इंदौर में हो रहे 17वें प्रवासी भारतीय दिवस (पीबीडी) सम्मेलन का 9 जनवरी को शुभारंभ करेंगे और राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मु समापन करेंगी। पीबीडी में विश्व में रह रहे हजारों प्रवासी भारतीय शामिल होंगे। तीन दिवसीय सम्मेलन 8 से 10 जनवरी तक होगा। पीबीडी सम्मेलन में संपूर्ण विश्व के प्रवासी भारतीय विभिन्न विषय पर चर्चा करेंगे। प्रवासी भारतीयों को देश और प्रदेश की उपलब्धिओं और क्षमताओं से रू-ब-रू कराया जायेगा। सांस्कृतिक गतिविधियाँ होगी। राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मु के कर-कमलों से तीन दिवसीय सम्मेलन के समापन पर प्रवासी भारतीयों का सम्मान होगा।
प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन के प्रथम दिवस 8 जनवरी को युवा प्रवासी भारतीय दिवस पर गुयाना के राष्ट्रपति श्री मोहम्मद इरफान अली, सूरीनाम के राष्ट्रपति श्री चंद्रिका प्रसाद संतोखी तथा ऑस्ट्रेलिया की संसद सदस्य सुश्री ज़ेनेटा मैस्करेनहास शामिल होंगी। पीबीडी में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और केन्द्र एवं प्रदेश सरकार के मंत्री शामिल होंगे।
युवा प्रवासी भारतीय दिवस
पीबीडी सम्मेलन के प्रथम दिन युवा प्रवासी भारतीय दिवस के कार्यक्रम होंगे, जिसमें मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान का संबोधन, सचिव (सीपीवी, ओआईए) विदेश मंत्रालय डॉ. औसाफ सईद का स्वागत भाषण, केन्द्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री श्री अनुराग सिंह ठाकुर का उद्बोधन, गेस्ट ऑफ ऑनर सुश्री ज़ेनेटा मैस्करेनहास संसद सदस्य ऑस्ट्रेलिया का विशेष संबोधन होगा। केन्द्रीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर संबोधित करेंगे। सचिव युवा मामले और खेल सुश्री मीता राजीवलोचन आभार व्यक्त करेंगी।
पहले दिन केन्द्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री श्री अनुराग सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में प्लेनरी सेशन में नवाचारों और नई प्रौद्योगिकी में प्रवासी युवाओं की भूमिका पर चर्चा होगी। इसके बाद प्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं से संबंधित 3 सेक्टर्स, टेक्सटाईल एण्ड गारमेंट्स : वीविंग द ग्रोथ स्टोरी ऑफ एम.पी., सूचना प्रौद्योगिकी और संबद्ध सेक्टर में मध्यप्रदेश में होने वाले परिवर्तनों की कहानियाँ, हेल्थ केयर एण्ड फार्मास्यूटिकल्स इन्वेस्टमेंट : रिशेपिंग द ग्लोबल हेल्थ वेल्यू चेन पर सत्र होंगे। इसके बाद 3 महत्वपूर्ण सत्र में इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश- द फूड बास्केट, स्टार्टअप ईको सिस्टम-अनलीशिंग द एन्ट्रेप्रेन्योरियल स्ट्रेंथ ऑफ मध्यप्रदेश एवं टूरिज्म अपॉर्चुनिटी इन द हॉर्ट ऑफ इन्क्रेडिबल इण्डिया, विषय पर महत्वपूर्ण चर्चा होंगी। शाम को मध्यप्रदेश की अनूठी सांस्कृतिक विशेषताओं पर आधारित सांस्कृतिक सम्मेलन होंगे।
प्रधानमंत्री श्री मोदी 9 जनवरी को करेंगे प्रवासी भारतीय दिवस का उद्घाटन
प्रधानमंत्री श्री मोदी 9 जनवरी को प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन का ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में उद्घाटन करेंगे। केन्द्रीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर स्वागत उद्बोधन देंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान, विशिष्ट अतिथि सूरीनाम के राष्ट्रपति श्री चंद्रिका प्रसाद संतोखी और मुख्य अतिथि गुयाना के राष्ट्रपति डॉ. मोहम्मद इरफान अली का उद्बोधन होगा। मंचासीन अतिथियों द्वारा विशेष डाक टिकिट "सुरक्षित जायें, प्रशिक्षित जायें’’ जारी किया जायेगा। इसके बाद प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी सम्मेलन को संबोधित करेंगे।
इसके बाद भारतीय प्रवासी दिवस प्रदर्शनी "आजादी का अमृत महोत्सव-भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में प्रवासी भारतियों का योगदान’’ का उद्घाटन होगा। गुयाना के साथ समझौता ज्ञापन एवं समझौतों का आदान-प्रदान होगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सूरीनाम के राष्ट्रपति श्री चन्द्रिका प्रसाद संतोखी के साथ बैठक होगी।
केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता में लंच के बाद "अमृत काल में भारतीय हेल्थ केयर ईको सिस्टम को बढ़ावा देने में भारतीय डायस्पोरा की भूमिका : विजन @ 2047’’ विषय पर प्लेनरी सेशन होगा। शाम को केन्द्रीय विदेश राज्य मंत्री श्री वी. मुरलीधरन की अध्यक्षता में भारत की सॉफ्ट पॉवर का लाभ उठाना-शिल्प व्यंजन और रचनात्मकता के माध्यम से सद्भावना’’ विषय पर सत्र होगा। इसके बाद सांस्कृतिक सम्मेलन एवं रात्रि भोज होगा।
राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु पीबीडी के समापन सत्र में प्रवासीय भारतीयों को सम्मानित करेंगी
पीबीडी के तीसरे दिन 10 जनवरी को प्रथम सत्र में केन्द्रीय शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान की अध्यक्षता में "भारतीय कार्य-बल की वैश्विक गतिशीलता को सक्षम बनाना – भारतीय डायस्पोरा की भूमिका’’ विषय पर सत्र होगा। केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में "राष्ट्र निर्माण के लिये एक समावेशी दृष्टिकोण की दिशा में प्रवासी महिला उद्यमियों की क्षमता का उपयोग करना’’ विषय पर विस्तृत चर्चा होगी। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल द्वारा भोज का आयोजन किया गया है। इसके बाद राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मु ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर पहुँचेंगी और सूरीनाम के राष्ट्रपति श्री चंद्रिका प्रसाद संतोखी एवं गुयाना के राष्ट्रपति डॉ. मोहम्मद इरफान अली से भेंट करेंगी। केन्द्रीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर स्वागत भाषण देंगे। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान का संबोधन होगा। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु प्रवासी भारतीयों को पुरस्कार प्रदान करेंगी और सम्मेलन को संबोधित करेंगी। केन्द्रीय विदेश राज्य मंत्री डॉ. राजकुमार रंजन सिंह के धन्यवाद प्रस्ताव के साथ 17वें पीबीडी सम्मेलन का समापन होगा।
पीबीडी का इतिहास
प्रवासी भारतीय दिवस (पीबीडी) प्रतिवर्ष 9 जनवरी को मनाया जाता है। भारत के तत्कालीन प्रधान मंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने वर्ष 2002 में प्रवासी भारतीय दिवस मनाने की घोषणा की थी। यह दिन महात्मा गांधी की भारत वापसी का प्रतीक है। गांधी जी वर्ष 1915 में दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे थे।
पहला प्रवासी भारतीय दिवस वर्ष 2003 में मनाया गया था। यह दिन भारत के विकास में प्रवासी भारतीय समुदाय के योगदान का प्रतीक है। वर्ष 2015 से पीबीडी का द्विवार्षिक आयोजन हो रहा है।
इस विषय पर भारतीय प्रवासी समुदायों के योगदान को पहचानने के लिए विशेष सम्मेलन आयोजित किए जाते हैं। पीबीडी सम्मेलन विश्व के 110 देश के भारतीय प्रवासी समुदायों को परस्पर मेलजोल और वैचारिक आदान-प्रदान के लिए एक मंच प्रदान करता है, जिससे विश्व में रहने वाले प्रवासी भारतीयों में विश्वास और सद्भावना का वातावरण बनता है। हर साल पीबीडी सम्मेलन पूरे भारत में विभिन्न स्थानों पर मनाया जाता है।
अतीत में इस सम्मेलन को मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर अनेक राष्ट्र के राष्ट्रध्यक्षों और दुनिया भर से आए गणमान्य व्यक्तियों द्वारा सम्मानित किया गया है। विभिन्न राष्ट्रों से आए सैकड़ों एनआरआई और पीआईओ की उत्साही भागीदारी इस सम्मेलन की सफलता का प्रतीक है।
प्रवासी भारतीय दिवस सम्मान
प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन में भारत के राष्ट्रपति द्वारा प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार (पीबीएसए) भी प्रदान किए जाते हैं। प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार अनिवासी भारतीय, भारतीय मूल के व्यक्ति को दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है। यह पुरस्कार अनिवासी भारतीय द्वारा स्थापित और संचालित किसी संगठन या संस्था को भी दिया जाता है। यह पुरस्कार विदेश में भारत के बारे में बेहतर समझ बनाने, भारत के कारणों का समर्थन करने और स्थानीय भारतीय समुदाय के कल्याण के लिए काम करने के लिए भारतीय डायस्पोरा के योगदान को याद करने के लिए प्रदान किया जाता है। अब तक 269 प्रवासी सदस्यों को पीबीएसए पुरस्कार से सम्मानित किया गया है, जिसमें व्यक्तिगत और साथ ही संगठन दोनों शामिल हैं। वर्ष 2021 के लिए, दुनिया के 26 देश में कार्य कर रहे 15 भारतीय राज्य से संबंधित व्यक्तियों और संगठनों को कुल 30 पुरस्कार प्रदान किए गए थे। ये पुरस्कार व्यवसाय, सार्वजनिक/सामुदायिक सेवाओं, चिकित्सा, भारतीय संस्कृति, शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी आदि के क्षेत्र में प्रदान किए गए।
राज्यपाल श्री पटेल ने गणतंत्र दिवस कार्यक्रम की व्यवस्थाओं के लिये की बैठक
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम की व्यवस्थाओं के लिये राजभवन में समीक्षा बैठक ली। राज्यपाल श्री पटेल ने बताया कि सरकार की कोविड गाइडलाइन के अनुरूप कार्यक्रम के सारे इंतज़ाम किए जाएँ। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव को ध्यान में रखते हुए गणतंत्र दिवस की व्यवस्थाओं को सुनिश्चित किया जाए।
राज्यपाल के प्रमुख सचिव श्री डी.पी. आहूजा, आयुक्त भोपाल संभाग श्री मालसिंह भयड़िया, भोपाल कलेक्टर श्री अविनाश लवानिया, आयुक्त नगर निगम भोपाल श्री के.वी.एस. चौधरी और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
सूरीनाम एवं गुयाना के राष्ट्रपति तथा आस्ट्रेलिया की संसद सदस्य पीबीडी में होंगी शामिल
भारत के सबसे स्वच्छ राज्य के स्वच्छतम शहर इंदौर में होगा 17वां पीबीडी सम्मेलन
भारत के सबसे स्वच्छ राज्य के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में 8-10 जनवरी को 17वां प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलनआयोजित किया जा रहा है। इस सम्मेलन का विशेष महत्व है क्योंकि चार साल बाद कोविड महामारी के बाद यह पहला आयोजन है। 16वां पीबीडी सम्मेलन नई दिल्ली में वर्ष 2021 में वर्चुअल मोड में हुआ था।
पीबीडी सम्मेलन के मुख्य अतिथि को-ऑपरेटिव गणराज्य गुयाना के राष्ट्रपति डॉ. मोहम्मद इरफ़ान अली और सूरीनाम गणराज्य के राष्ट्रपति श्री चंद्रिकाप्रसाद संतोखी विशिष्ट अतिथि होंगे। ऑस्ट्रेलिया की संसद सदस्य, सुश्री ज़नेटा मैस्करेनहास, दिनांक 8 जनवरी को यूथ प्रवासी सम्मेलन में सम्मानित अतिथि होंगी।
पीबीडी का विषय है "प्रवासी अमृत काल में भारत की प्रगति के लिए विश्वसनीय भागीदार", इसमें अगले 25 वर्षों में आत्म-निर्भर भारत के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण और नए भारत के इस दृष्टिकोण को प्राप्त करने में प्रवासी भारतीयों द्वारा निभाई जाने वाली महत्वपूर्ण भागीदारी की भूमिका शामिल है। इस बार के पीबीडी का इसलिए विशेष महत्व है क्योंकि वर्ष 2023 भारतीय स्वतंत्रता के 75वें वर्ष और भारत के लोगों, संस्कृति और उपलब्धि के गौरवशाली इतिहास को चिह्नित करता है।
पीबीडी सम्मेलन में तीन दिवसीय कार्यक्रम में युवा प्रवासी भारतीय दिवस, उद्घाटन दिवस और समापन दिवस के साथ-साथ विषय-आधारित महत्वपूर्ण सत्र शामिल हैं। पहले दिन 8 जनवरी को युवा प्रवासियों से जुड़ने के लिए युवा प्रवासी भारतीय दिवस मनाया जाएगा। जिसका आयोजन विदेश मंत्रालय एवं युवा मामले और खेल मंत्रालय द्वारा किया जायेगा। इसी दिन मध्यप्रदेश द्वारा अर्थ-व्यवस्था, संस्कृति, पर्यटन, प्रौद्योगिकी सेक्टर्स में दिये जा रहे विशेष अवसरों का भी प्रदर्शन किया जायेगा।
दूसरे दिन 9 जनवरी को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 17वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन का उद्घाटन किया जाएगा। प्रधानमंत्री "आजादी का अमृत महोत्सव (AKAM) - भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में डायस्पोरा का योगदान" विषय पर एक डिजिटल प्रदर्शनी का भी उद्घाटन और एक स्मारक डाक टिकट- "सुरक्षित जाएँ, प्रशिक्षित जाएँ" जारी करेंगे। तीसरे दिन 10 जनवरी को प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार प्रदान करने के साथ राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मु के भाषण के साथ सम्मेलन का समापन होगा।
महत्वपूर्ण विषयों पर होंगे सत्र
प्रवासी भारतीयों के पैनलिस्टों की भागीदारी के साथ पीबीडी सम्मेलन के दौरान कई महत्वपूर्ण विषयों पर आधारित सत्र होंगे। सत्र की अध्यक्षता मंत्री स्तर से की जाएगी। सत्रों से प्राप्त निष्कर्ष/सिफारिशें आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित मंत्रालयों/विभागों के साथ साझा की जाएंगी।
पहले सत्र में 8 जनवरी को नवाचारों और नई प्रौद्योगिकी में प्रवासी युवाओं की भूमिका, दूसरे सत्र में 9 जनवरी को अमृत काल में भारत के हेल्थकेयर इकोसिस्टम को बढ़ावा देने में प्रवासी भारतीयों की भूमिका: विजन @2047, तीसरे सत्र में 9 जनवरी को भारत की सॉफ्ट पावर का लाभ उठाना - शिल्प, व्यंजन और रचनात्मकता के माध्यम से सद्भावना, चौथे सत्र में 10 जनवरी को भारतीय कार्यबल की वैश्विक गतिशीलता को सक्षम करना - भारतीय डायस्पोरा की भूमिका और पाँचवें सत्र में 10 जनवरी को राष्ट्र निर्माण के लिए एक समावेशी दृष्टिकोण की दिशा में प्रवासी महिला उद्यमियों की क्षमता का दोहन विषय पर विस्तृत चर्चा होगी।
17वें पीबीडी सम्मेलन को अब तक प्रवासियों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है। अब तक 66 देशों से 3200 से अधिक व्यक्तियों ने पंजीकरण कराया है। इस कार्यक्रम में यूएई, मॉरीशस, कतर, ओमान, यूएसए, यूके, बहरीन, कुवैत और मलेशिया सहित कई देशों के बड़े प्रवासी प्रतिनिधि-मंडल भाग लेंगे। मॉरीशस, मलेशिया और पनामा सहित कुछ देशों से मंत्रि-स्तरीय प्रतिनिधि-मंडल सहभागिता करेंगे।
प्रदेश में सहकारिता से हो रहा उन्नति का पथ प्रशस्त
प्रदेश में सहकारिता से उन्नति का पथ प्रशस्त हो रहा है। सहकारी संस्थाओं द्वारा किसानों को खरीफ और रबी फसल के लिये शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण देने, उन्नत बीज और उर्वरक उपलब्ध कराने के साथ समर्थन मूल्य पर किसानों से गेहूँ, धान आदि फसलों का उपार्जन किया जा रहा है। सहकारिता विभाग में विभिन्न क्षेत्रों में रजिस्टर्ड समितियाँ स्थानीय स्तर पर नागरिकों को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ प्रदेश के विकास में योगदान दे रही हैं।
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की किसानों के हित में शुरू की गई अनेक योजना में शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर किसानों को ऋण उपलब्ध कराने की योजना महत्वपूर्ण है। इस योजना से किसानों को सूदखोरों और ब्याज के कुचक्र से मुक्ति मिल रही है। शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर किसानों को ऋण उपलब्ध कराने में साल दर साल बढ़ोत्तरी हो रही है। ऋण उपलब्धता में वर्ष 2021-22 में वर्ष 2019-20 की तुलना में 47 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2019-20 में 11 हजार 471 करोड़ रूपये का ऋण किसानों को वितरित किया गया था, जबकि वर्ष 2021-22 में 16 हजार 807 करोड़ रूपये का ऋण वितरित किया गया। चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 14 हजार 700 करोड़ से अधिक के ऋण का वितरण किया जा चुका है।
किसानों को खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित कराने में सहकारी समितियों का उल्लेखनीय योगदान है। प्रदेश में 4 हजार 534 पैक्स (प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाएँ) सामान्य सुविधा केन्द्रों से किसानों को केसीसी पर (किसान क्रेडिट-कार्ड) कृषि ऋण और खाद-बीज का वितरण सुनिश्चित कर रही हैं। पैक्स से वर्ष 2020-21 में 10 लाख 85 हजार क्विंटल और वर्ष 2021-22 में 10 लाख 3 हजार क्विंटल प्रमाणित बीज किसानों को दिया गया। प्रदेश में संगठित क्षेत्र के कुल बीज उत्पादन का 80.15 प्रतिशत सहकारी बीज संस्थाओं द्वारा उत्पादित किया जा रहा है। इन संस्थाओं के उपार्जन केन्द्रों द्वारा समर्थन मूल्य पर किसानों से गेहूँ, धान आदि फसलों का उपार्जन किया जाता है।
सहकारी संस्थाओं से प्रदेश में फसलों का रिकॉर्ड उपार्जन किया गया है। वर्ष 2020-21 में कोरोना महामारी के समय में भी किसानों से एक करोड़ 29 लाख 42 हजार मीट्रिक टन गेहूँ और 37 लाख 26 हजार मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया था। वर्ष 2021-22 में एक करोड़ 28 लाख 16 हजार मीट्रिक टन गेहूँ और 45 लाख 82 हजार मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया। पैक्स द्वारा शासकीय उचित मूल्य दुकानों का भी संचालन किया जा रहा है।
सहकारिता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण पैक्स को सशक्त करने के लिये आई.टी. से जोड़ा जा रहा है। मध्यप्रदेश, पैक्स का कम्प्यूटराइजेशन करने वाला देश का पहला राज्य है। प्रदेश की सभी 4 हजार 534 पैक्स का कम्प्यूटराइजेशन किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा 177 करोड़ रूपये की लागत से किये जा रहे पैक्स के कम्प्यूटराइजेशन को अगले 3 वर्ष में पूरा किया जायेगा। पैक्स में माइक्रो एटीएम की स्थापना का कार्य भी प्रगति पर है। नाबार्ड की सहायता से 29 जिला सहकारी बैंक की शाखाओं और उनसे संबद्ध पैक्स में 4 हजार 628 माइक्रो एटीएम की स्थापना की जा रही है। माइक्रो एटीएम से पैक्स तक बैंकिंग सुविधा का विस्तार हो सकेगा।
सहकारिता विभाग द्वारा अनेक क्षेत्र में कार्य कर रही सहकारी संस्थाओं को फेसिलिटेट भी किया जा रहा है। महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में 10 हजार से अधिक महिला बहु-प्रयोजन सहकारी समितियों का गठन सहकारिता विभाग द्वारा किया गया है। ग्रामीण उद्योग और परिवहन, उद्यानिकी, पर्यटन, खनिज, श्रम, सेवा-प्रदाता आदि नये क्षेत्रों में भी विभाग द्वारा 814 सहकारी संस्थाओं का गठन किया गया है। विभिन्न प्रयोजनों के लिये नागरिकों द्वारा सहकारी संस्थाओं का गठन किया जाता है। ऐसे नागरिकों के लिए सहकारी संस्थाओं के गठन को अधिक सुविधाजनक बनाने पंजीयन की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन किया गया है। सहकारी संस्थाओं के ऑडिट आवंटन की प्रक्रिया को भी रेण्डम तरीके से ऑनलाइन किया गया है। ऐसा करने वाला प्रदेश, देश का पहला राज्य है।
सहकारिता में अधिकाधिक जन-समुदाय, विशेषकर युवाओं और महिलाओं को जोड़ कर इसे जन-आंदोलन का स्वरूप देने पर विभाग कार्य कर रहा है। सहकारी संस्थाओं को आर्थिक रूप से आत्म-निर्भर और व्यावसायिक इकाई के रूप में विकसित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय
मुख्यमंत्री श्री चौहान की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय
45 सीएम राइज विद्यालयों के लिये 1807 करोड़ 57 लाख रूपये की स्वीकृति
चिकित्सा महाविद्यालयों में 433 नवीन पीजी सीट की वृद्धि
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक में 45 सीएम राइज विद्यालयों के लिये 1807 करोड़ 57 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई। प्रदेश में सी. एम. राइज योजना के प्रथम चरण में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 275 स्कूल विकसित किये जा रहे हैं। इनमें से 45 स्कूलों के निर्माण के लिए डीपीआर तैयार कर परियोजना परीक्षण समिति के समक्ष 7 दिसम्बर 2022 को प्रस्तुत किये गये। विभागीय प्रस्ताव के अनुक्रम में परियोजना परीक्षण समिति की अनुशंसा पर 45 सर्वसुविधायुक्त स्कूलों के निर्माण का निर्णय लिया गया है। प्रदेश में कुल 9 हजार 200 सी.एम.राइज स्कूलों का निर्माण किया जाना है। इसकी मंत्रि-परिषद से सैद्धांतिक स्वीकृति जुलाई, 2021 में जारी की जा चुकी है। इसमें से प्रथम चरण में 370 स्कूलों का निर्माण हो रहा है, जिनमें 275 स्कूल शिक्षा विभाग में तथा शेष 95 स्कूल जनजातीय कार्य विभाग अंतर्गत निर्मित हो रहे हैं। पूर्व में मंत्रि परिषद द्वारा 2 हजार 660 करोड़ रूपए की लागत के 73 स्कूलों को स्वीकृति दी जा चुकी है।
चिकित्सा महाविद्यालों में 433 नवीन पीजी सीट की वृद्धि
438 करोड़ 40 लाख रूपये की राशि स्वीकृत
मंत्रि-परिषद ने चिकित्सा महाविद्यालय इन्दौर, ग्वालियर, जबलपुर तथा रीवा में 433 नई पी.जी. सीट वृद्धि का निर्णय लिया। चिकित्सा महाविद्यालय इन्दौर के लिए 192 करोड़ 24 लाख रूपये, चिकित्सा महाविद्यालय ग्वालियर के लिए 62 करोड़ 82 लाख रूपये, चिकित्सा महाविद्यालय जबलपुर के लिए राशि 100 करोड़ 66 लाख रूपये तथा चिकित्सा महाविद्यालय रीवा के लिए 82 करोड़ 68 लाख रूपये, इस प्रकार कुल राशि 438 करोड़ 40 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। चिकित्सा महाविद्यालय, इन्दौर, ग्वालियर, जबलपुर तथा रीवा के विभिन्न विभागों में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के लिए पी.जी सीट्स की वृद्धि होने से प्रदेश को प्रत्येक वर्ष अतिरिक्त संख्या में विषय-विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध हो सकेंगे।
आकांक्षा योजना के नये स्वरूप की स्वीकृति एवं निरंतरता को मंजूरी
मंत्रि-परिषद ने जनजातीय वर्ग के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग प्रतिष्ठित संस्थाओं से संभाग स्तर पर दिये जाने के लिए योजना का अनुमोदन एवं ऑफलाईन कोचिंग को प्रतिवर्ष और ऑनलाईन कोचिंग पायलेट प्रोजेक्ट में आगामी 4 वर्षों के संचालन के लिए वित्तीय भार 30 करोड़ 54 लाख 71 हजार रूपये का अनुमोदन किया। इस योजना में आफलाईन कोचिंग के लिए वर्ष 2022-23 से 2023-24 तक (2 वर्षीय पाठयक्रम अनुसार) 1600 विद्यार्थियों को ऑफलाईन कोचिंग से लाभान्वित किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री की घोषणा अनुसार कक्षा 9वीं से 12वीं तक की ऑनलाईन कोचिंग के लिए 10 विशिष्ट विद्यालयों के 25 विद्यार्थियों के मान से 4 वर्षों में कुल 250 विद्यार्थियों को लाभान्वित किये जाने का लक्ष्य है।
पंचायत प्रतिनिधियों के निर्वाचन में आम सहमति और निर्विरोध निर्वाचन के प्रोत्साहन के लिये पुरस्कार राशि में वृद्धि
मंत्रि-परिषद ने पंचायत प्रतिनिधियों के निर्वाचन में आम सहमति और निर्विरोध निर्वाचन को प्रोत्साहित करने की योजना में अभी तक ऐसी ग्राम पंचायत जिनके सरपंच निर्विरोध निर्वाचित हुए को 1 लाख रूपये, ऐसी ग्राम पंचायत जिनके सरपंच एवं सभी पंच निर्विरोध निर्वाचित हुए को 5 लाख रूपये तथा ऐसी ग्राम पंचायतें जिनके सरपंच एवं सभी पंच महिला हैं को 10 लाख रूपये प्रदाय किये जाते थे। योजना को पुनरीक्षित करते हुए अब नई श्रेणियाँ एवं पुरस्कार राशि निर्धारित की गई है। ऐसी ग्राम पंचायत जिसके सरपंच निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं, उन्हें 5 लाख रूपये। सरपंच पद के लिए वर्तमान निर्वाचन एवं पिछला निर्वाचन निरंतर निर्विरोध रूप से होने पर 7 लाख रूपये। ऐसी ग्राम पंचायत जिसके सरपंच एवं सभी पंच निर्विरोध निर्वाचित हुए, उन्हें 7 लाख रूपये। ऐसी ग्राम पंचायत जिसके सरपंच तथा सभी पंच महिला निर्वाचित हुए हैं 12 लाख रूपये, पंचायत में सरपंच एवं पंच के सभी पदों पर महिलाओं का निर्वाचन निर्विरोध होने पर 15 लाख रूपये दिये जाने का निर्णय लिया गया। इन पुरस्कार को प्रदान करने के लिये 55 करोड़ 60 लाख रूपये का प्रावधान वित्त वर्ष 2022-23 के बजट में किया गया है।
23 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों के सरपंचो के मानदेय में वृद्धि
मुख्यमंत्री द्वारा 7 दिसम्बर 2022 को सरपंचों के राज्य-स्तरीय उन्मुखीकरण, प्रशिक्षण-सह-सम्मेलन में घोषणा की गई थी कि सरपंचों का मानदेय 1,750 से बढ़ा कर 4,250 रूपये प्रतिमाह किया जाएगा। इस संदर्भ में पंचायत राज संचालनालय से जारी आदेश का मंत्रि-परिषद द्वारा अनुसमर्थन किया गया। इससे प्रदेश की 23 हजार 12 ग्राम पंचायतों के सरपंच, दूरभाष एवं सत्कार भत्ता सहित 4,250 रूपये प्रतिमाह मानदेय प्राप्त करेंगे।
सीएम हेल्पलाइन 181 को प्रभावी बनाने के निर्णय
मंत्रि-परिषद ने सी.एम. हेल्पलाइन 181 को प्रभावी रूप से संचालित करने के उद्देश्य से कई निर्णय लिया। इसके अुनसार सी. एम. हेल्पलाइन 181 के इनबाउंड एवं आउटबाउंड कॉल सेंटर की कुल क्षमता क्रमश: 300 सीट्स एवं 120 सीट्स की जाए एवं सात तकनीकी संविदा पदों का सृजन किया जाए। विभिन्न विभागों द्वारा उनकी योजनाओं के फीडबैक के लिए आवश्यकता अनुसार सी.एम. हेल्पलाईन के चयनित वेंडर की मेनपावर हेतु स्वीकृत दरों पर कॉल सेंटर का संचालन कराये जाने की स्वीकृति प्रदान की गयी। सी.एम. हेल्पलाईन के कार्यक्षेत्र में हुए विस्तार के दृष्टिगत एवं सी.एम. हेल्पलाईन परियोजना में स्वीकृत संविदा के पदों की संविदा अवधि मार्च 2026 तक निरन्तर जारी रखने की स्वीकृति दी गयी। लोक सेवा प्रबंधन विभाग में संविदा में कार्यरत जिला/विभागीय प्रबंधक एवं कार्यालय सहायक तथा राज्य लोक सेवा अभिकरण एवं सीएम हेल्पलाईन में कार्यरत संविदा कर्मचारियों को पुनरीक्षित मानदेय स्वीकृत किया गया।
ज्ञानोदय विद्यालयों के लिए पदों का सर्जन
मंत्रि-परिषद ने ज्ञानोदय विद्यालयों में सृजित किये गये शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक पदों की पूर्ति की स्वीकृति दी। ज्ञानोदय विद्यालय में स्वीकृत प्रयोगशाला सहायक को प्रयोगशाला शिक्षक (संविदा शिक्षक वर्ग 3) के समकक्ष घोषित किये जाने तथा 10 संभागीय ज्ञानोदय आवासीय विद्यालयों के लिए बालक एवं बालिका छात्रावासों में सहायक अधीक्षकों के 20 अतिरिक्त पद स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन किया गया।
जनजातीय परिवारों के हित में 15 करोड़ 75 लाख रूपये का अपलेखन
मंत्रि-परिषद ने जनजातीय कार्य विभाग की "ग्रेन बैंक" योजना के प्रावधान अनुसार 2846 ग्रेन बैंकों के माध्यम से गरीब असहाय जनजातीय परिवारों को वितरित 15 करोड़ 75 लाख रूपए का खाद्यान्न वापस न मिलने पर इसकी लागत पर शासन को हुई हानि राशि 15 करोड़ 75 लाख रूपए का अपलेखन किए जाने के निर्णय का अनुमोदन किया।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना 2.0 की स्वीकृति
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजनांर्गत पूर्व में प्रथम प्रसव वाली पात्र गर्भवती एवं धात्री माता को 5 हजार रूपये दिये जाने का प्रावधान था। मंत्रि-परिषद ने योजना के नवीन दिशा-निर्देशों में प्रथम प्रसव पर 5 हजार रूपये के साथ द्वितीय प्रसव पर बालिका के जन्म होने पर योजना के पात्र हितग्राही को 6 हजार रूपये दिए जाने की स्वीकृति प्रदान की। "मिशन शक्ति के 'सामर्थ्य' घटक में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना 2.0 प्रदेश के सभी जिलों में परिवर्तित दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित करने की स्वीकृति भी दी गई।
शौर्या दल के संचालन की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा शौर्या दल योजना में वर्ष 2015-16 से 2021-22 तक की व्यय राशि की कार्योंत्तर स्वीकृति एवं योजना को आगामी 3 वर्ष 2022-23 से 2024-25 की अवधि में संचालित किये जाने की स्वीकृति दी गई।
संपत्तियों का निर्वर्तन
मंत्रि-परिषद द्वारा राजस्व विभाग की वार्ड नं. 35, तलावली चांदा के पास, इंदौर, स्थित भूमि परिसम्पत्ति जिसका सर्वे नंबर 4/2 कुल रकबा 8280 वर्गमीटर है, के निर्वर्तन के लिए आमंत्रित द्वितीय निविदा के H-1 निविदाकार की उच्चतम निविदा राशि 10 करोड़ 23 लाख रूपये, जो रिजर्व मूल्य राशि 2 करोड़ 15 लाख रूपये का 4.76 गुना है, की संस्तुति करते हुए उसे विक्रय करने एवं H-I निविदाकार द्वारा निविदा राशि का 100 प्रतिशत जमा करने के बाद अनुबंध/रजिस्ट्री की कार्यवाही जिला कलेक्टर द्वारा किये जाने का निर्णय लिया गया।
मंत्रि-परिषद ने राजस्व विभाग की वार्ड क्र. 47, खसरा क्रमांक 184 / 1 ग्राम तिलिमाफ़ी, पार्सल क्र. 1, जिला सागर, म. प्र. स्थित भूमि परिसम्पत्ति कुल रकबा 6119 वर्गमीटर के निर्वर्तन के लिए H-I निविदाकार की उच्चतम निविदा राशि 14 करोड़ 73 लाख 98 हजार रूपये, जो रिजर्व मूल्य 8 करोड़ 5 लाख रूपये का 1.83 गुना है, की संस्तुति करते हुए उसे विक्रय करने एवं H-1 निविदाकार द्वारा निविदा राशि का 100 प्रतिशत जमा करने के बाद अनुबंध/रजिस्ट्री की कार्यवाही जिला कलेक्टर द्वारा की जाए, का निर्णय लिया गया।
मंत्रि-परिषद ने राजस्व विभाग की वार्ड क्र. 9. खसरा क्रमांक 215/1, 216/1, 217/1/2, 218/2 एवं 219/2 भू-खण्ड प्लॉट क्र. 3. गाडराखेड़ी, तहसील मल्हारगंज, जिला इंदौर स्थित परिसम्पत्ति कुल रकबा 8187 वर्गमीटर के निर्वर्तन के लिए H-I निविदाकार की उच्चतम निविदा राशि 48 करोड़ 90 लाख 48 हजार, जो रिजर्व मूल्य राशि 5.68 करोड़ रूपये का 8.61 गुना है, की संस्तुति करते हुए H-1 निविदाकार द्वारा निविदा राशि का 100 प्रतिशत जमा करने के बाद अनुबंध/रजिस्ट्री की कार्यवाही जिला कलेक्टर द्वारा की जाने का निर्णय लिया।