देश-विदेश
ऑनलाइन गेमिंग में लगा दिया 3.26 करोड़ का सरकारी धन
कालाहांडी। ओडिशा के कालाहांडी जिले में ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर करोड़ों रुपये के गबन का मामला सामने आया है। ये रुपये भी सरकारी कोष से गबन करके निकाले गए। एक निलंबित पंचायत कार्यकारी अधिकारी को क्रिकेट सट्टेबाजी और ऑनलाइन गेमिंग के लिए तीन करोड़ रुपये से अधिक के सरकारी धन के गबन के आरोप में राज्य सतर्कता विभाग ने गिरफ्तार किया है।
एक अधिकारी ने इस घटना के बारे में जानकारी दी। जांच में यह भी पता चला कि पंचायत कार्यकारी अधिकारी ने अपने अधिकारी का दुरुपयोग करके यह राशि निकाली थी। इसके लिए उसने पंचायतों के सरपंचों के नकली हस्ताक्षर भी किए थे।
3.26 करोड़ रुपये का गबन
अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार पीईओ की पहचान देबानंद सागर के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि देबानंद सागर पर कालाहांडी जिले के थुमाल-रामपुर ब्लॉक के तहत तलनेगी ग्राम पंचायत और पोदापदर ग्राम पंचायत से 3.26 करोड़ रुपये के सरकारी धन का गबन करने का आरोप है। अधिकारी के मुताबिक, सागर पर अपने अधिकारों का दुरुपयोग करने और पंचायतों के सरपंच के जाली हस्ताक्षर करने का आरोप है। उन्होंने बताया कि सागर ने गबन की राशि कथित तौर पर अपने निजी बैंक खाते में भेजी थी। फिलहाल आरोपी पीईओ को गिरफ्तार कर लिया गया है।
दो पंचायतों में किया गबन
जानकारी के अनुसार देबानंद सागर ने तलनेगी ग्राम पंचायत से 1.71 करोड़ रुपये और पोडापदर ग्राम पंचायत से 1.55 करोड़ रुपये का गबन किया। उसने सरपंचों के फर्जी हस्ताक्षर करके पब्लिक फाइनेंस मैनेजमेंट सिस्टम (PFMS) का गलत इस्तेमाल किया। इसके अलावा उसने 15वें केंद्रीय वित्त आयोग (CFC) और 5वें राज्य वित्त आयोग के खातों से पैसे SBI धरमगढ़ बाजार शाखा के अपने निजी के खाते में ट्रांसफर कर लिए। आरोपी देबानंद सागर ने 4 जुलाई 2016 को तलनेगी ग्राम पंचायत में PEO के रूप में अपनी सरकारी सेवा शुरू की थी। बाद में 5 मई 2018 से 17 मार्च 2022 तक वह पोडापदर ग्राम पंचायत के प्रभार में रहा। इसी दौरान उसने सरकारी धन का गबन किया था।
सड़क हादसे में पुलिस अधिकारी की मौत
हैदराबाद। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बाबजी हैदराबाद में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के कार्यालय में पदस्थापित थे। पुलिस ने बताया कि एक मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है। तेलंगाना के हयातनगर में शनिवार तड़के टहलने निकले 57 वर्षीय एक पुलिस अधिकारी को एक बस ने टक्कर मार दी, जिसमें उनकी मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि यह घटना तड़के करीब चार बजकर 40 मिनट पर हुई।
पुलिस ने बताया कि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक टी एम नंदीश्वर बाबजी टहलने निकले थे, उसी दौरान यह घटना हुई। पुलिस ने बताया कि जब वह सड़क पार कर रहे थे, तभी आंध्र प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (आरटीसी) की एक बस ने उन्हें टक्कर मार दी।
पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि अब्दुल्लापुरमेट से हयातनगर जा रही बस तेज गति और लापरवाही से चलाई जा रही थी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बाबजी हैदराबाद में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के कार्यालय में पदस्थापित थे। पुलिस ने बताया कि एक मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है।
गुरुग्राम में पत्नी की हत्या के आरोप में पति गिरफ्तार
गुरुग्राम। हरियाणा के गुरुग्राम में होली पर घर जाने को लेकर हुए झगड़े के बाद पत्नी की कथित तौर पर गला घोंटकर हत्या करने के लिए पति को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि पत्नी की दुपट्टे से गला घोंटकर हत्या करने के बाद आरोपी पति शव को भांगरोला गांव में अपने किराये के कमरे में कथित तौर पर बंद कर मौके से फरार हो गया।
उसने बताया कि महिला का शव सात मार्च को बरामद हुआ। पुलिस के मुताबिक, मृतक महिला की पहचान उत्तर प्रदेश की मूल निवासी रेणु के रूप में हुई है। उसने बताया कि घटना के सिलसिले में खेड़की दौला थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
मानेसर अपराध शाखा की टीम ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के बलिया से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान अंकित के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश का ही रहने वाला है। गुरुग्राम पुलिस के प्रवक्ता ने बताया, “होली के त्योहार पर घर जाने को लेकर पति-पत्नी के बीच झगड़ा हुआ था, जिसके बाद आरोपी ने अपनी पत्नी की दुपट्टे से गला घोंटकर हत्या कर दी और फिर किराये के कमरे में ताला लगाकर भाग गया। हम आरोपी से पूछताछ कर रहे हैं।
झज्जर में घर में विस्फोट, चार लोगों की मौत
हरियाणा। हरियाणा के झज्जर जिले में शनिवार शाम एक घर में हुए विस्फोट में दो बच्चों और एक महिला सहित चार लोगों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, विस्फोट के कारण का अभी पता नहीं चल पाया है, लेकिन संदेह है कि विस्फोट एयर कंडीशनर (एसी) के कंप्रेसर में हुआ। पुलिस ने बताया कि घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र करने के लिए फोरेंसिक टीम को बुलाया गया है।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि विस्फोट शाम करीब साढ़े छह बजे बहादुरगढ़ में हुआ, जिसके बाद घर में आग लग गई। पुलिस ने बताया कि दमकल की गाड़ियों ने आग बुझाई और घटनास्थल से चार शव बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार, घटना में 10 साल के दो बच्चों, एक महिला और एक पुरुष की मौत हो गई।
मेरठ में पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर किया पति का मर्डर, हत्या की पूरी कहानी हिला देगी
एक पत्नी जिसने कभी अपने प्यार के साथ सात जन्मों का वादा किया. मोहब्बत(Meerut Love Story) मुकाम तक पहुंचती है लव मैरिज होती है. कसमें वादे और फेरे सब कुछ होता है, लेकिन अब उसी की सांसे छिन लीं, 15 टुकड़े करके एक ड्रम में उसे पैक कर दिया. आप कहेंगे कि इतनी हिम्मत कहां से आई. दरअसल, इस कलयुगी पत्नी(Muskan) के साथ अब उसका नया आशिक(Sahil Meerut) था.. कैसे एक पत्नी ने पति के साथ गद्दारी की और कैसे इस कत्ल की कहानी सामने आई चलिए आपको बताते हैं इस सनसनीखेज जुर्म की पूरी दास्तान. मेरठ(Meerut Murder Case)) की मुस्कान(Muskan) ने सौरभ(Saurabh) से प्यार किया, शादी की, लेकिन फिर उसी प्यार का गला घोंटने की साजिश भी रच डाली.
मेरठ में एक पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति की बेरहमी से हत्या की. शव के टुकड़े किए और पानी के ड्रम में भरकर सीमेंट से पैक कर दिया. हत्या के बाद दोनों मनाली घूमने चले गए. पुलिस जांच कर रही है. अंधविश्वास और प्रेम त्रिकोण इस हत्या के पीछे की वजह बताई जा रही है.
डीईओ ने की 8 साल की रेप पीड़िता की पहचान उजागर, हाईकोर्ट ने 4 सप्ताह में मांगा जवाब
जबलपुर. एमपी के जबलपुर में दुष्कर्म पीड़िता बच्ची की पहचान उजागर करने के मामले में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार, डीजीपी, कलेक्टर, एसपी, थाना प्रभारी बेलखेड़ा और जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी किया गया है. दरअसल, बेलखेड़ा थाना अंतर्गत 20 फरवरी को एक गांव में रहने वाली 8 साल की बच्ची से उसी के स्कूल शिक्षक ने दुष्कर्म किया था.
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया था. वहीं, शिक्षा विभाग ने आरोपी टीचर के निलंबित कर दिया. इस बीच शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी ने बच्ची की पहचान को उजागर कर दिया था. मामले पर जिला शिक्षा अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस से भी शिकायत की गई. जिस पर जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो सौरभ नाटी शर्मा की तरफ से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई. मामले पर शुक्रवार को सुनवाई हुई.
बच्ची की पूरी डिटेल्स उजागर कर दी
याचिकाकर्ता की तरफ से एडवोकेट अशोक गुप्ता ने कोर्ट को बताया कि मासूम बच्ची के साथ रेप से जुड़ा गंभीर मामला था, इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी ने बच्ची का गांव, माता-पिता के नाम, यहां तक की बच्ची का नाम उजागर करते हुए निलंबन के आदेश को शिक्षा विभाग के वॉट्सऐप ग्रुप में सेंड कर वायरल कर दिया. याचिकाकर्ता ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले पर शिकायत भी की थी, पर वहां से किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं की गई. याचिकाकर्ता के वकील ने बताया कि इस तरह के अपराध में दो साल तक की सजा और दो लाख का जुर्माना भी तय है. एसपी ने जब मामले पर संज्ञान नहीं लिया तो हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई, जिसमें नोटिस जारी किया गया है.
जस्टिस विशाल धगट की कोर्ट ने मामले पर सुनवाई करते हुए माना कि बच्ची के साथ कुछ न कुछ तो गलत हुआ है. फिलहाल हाईकोर्ट ने राज्य सरकार सहित अन्य को नोटिस जारी करते हुए 4 सप्ताह में जवाब मांगा है.
याचिका में यह मांग की गई
याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट से मांग की है कि पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिए जाए कि उनके द्वारा भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 72 (1), पॉक्सो अधिनियम की धारा 33(7), और किशोर न्याय अधिनियम 2015 की धारा 74 से संबंधित पूरे प्रदेश में दिशा निर्देश जारी किए जाए.
याचिका में कोर्ट को बताया गया कि 20 फरवरी को बेलखेड़ा के एक शासकीय स्कूल में कक्षा 3 में पढऩे वाली 8 साल की बच्ची के साथ स्कूल के ही टीचर घनश्याम ठाकुर ने रेप किया. बच्ची रोते हुए घर पहुंची और माता-पिता को पूरी घटना बताई. इसके बाद परिजन थाने पहुंचे और टीचर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई.
सुप्रीम कोर्ट के जजों का पांच सदस्यीय डेलीगेट्स मणिपुर पहुंचा, राहत शिविरों का करेंगे दौरा
मणिपुर. न्यायमूर्ति बीआर गवई के नेतृत्व में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों का पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल शनिवार को मणिपुर के इंफाल पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल के एक सदस्य ने कहा, हम अभी-अभी आए हैं और इस यात्रा का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। हम यहां आकर बहुत खुश हैं। इस प्रतिनिधिमंडल में न्यायमूर्ति बीआर गवई, सूर्यकांत, विक्रम नाथ, एमएम सुंदरेश, केवी विश्वनाथन और एन कोटिश्वर शामिल हैं। यह सभी लोग अपनी यात्रा के दौरान राहत शिविरों का दौरा करेंगे.
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (एनएएलएसए) के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति गवई मणिपुर के सभी जिलों में विधिक सेवा शिविरों और चिकित्सा शिविरों का वर्चुअल उद्घाटन करेंगे। साथ ही इंफाल पूर्व, इंफाल पश्चिम और उखरुल जिलों में नए विधिक सहायता क्लीनिकों की भी शुरुआत की जाएगी। आंतरिक रूप से विस्थापित व्यक्तियों (आईडीपी) को आवश्यक राहत सामग्री का वितरण भी किया जाएगा.
विधिक सेवा शिविर आईडीपी को सरकारी कल्याण कार्यक्रमों जोड़ा जाएगा जिससे स्वास्थ्य सेवा, पेंशन, रोजगार योजनाओं और पहचान के दस्तावेज जैसे लाभों तक लोगों की पहुंच सुनिश्चित होगी। इससे पहले 18 मार्च को कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने हिंसा प्रभावित मणिपुर में राहत शिविरों का दौरा करने वाले सुप्रीम कोर्ट के छह जजों के फैसले का स्वागत किया था.
एएनआई से बात करते हुए जयराम ने हिंसा प्रभावित राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने में देरी पर सवाल उठाया। कांग्रेस सांसद ने कहा, हम मणिपुर का दौरा करने वाले सुप्रीम कोर्ट के छह जजों के फैसले का स्वागत करते हैं। अगस्त 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि संवैधानिक तंत्र पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है।
सुप्रीम कोर्ट ने यही शब्द इस्तेमाल किए थे, लेकिन इसके बावजूद सरकार को राष्ट्रपति शासन लगाने में करीब 18-19 महीने लग गए... राष्ट्रपति शासन लगाने में 18 महीने क्यों लगे? छह महीने तक कोई पूर्णकालिक राज्यपाल क्यों नहीं था। उन्होंने एक आदिवासी महिला, एक प्रतिष्ठित राजनीतिक शख्सियत को हटा दिया और उन्होंने असम के राज्यपाल को अतिरिक्त प्रभार दे दिया। वे एक सेवानिवृत्त सिविल सेवक को पूर्णकालिक राज्यपाल के रूप में लाए। क्यों? इसमें इतना समय क्यों लगा?
मणिपुर में हिंदू मैतेई और आदिवासी कुकी (जो ईसाई हैं ) के बीच हिंसा 3 मई, 2023 को ऑल ट्राइबल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ़ मणिपुर (्रञ्जस्रू) की एक रैली के बाद भड़की थी। हिंसा ने पूरे राज्य को जकड़ लिया था और केंद्र सरकार को स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए अर्धसैनिक बलों को तैनात करना पड़ा था।
IMD का एलर्ट : यूपी के 16 जिलों में वज्रपात समेत बारिश की चेतावनी, चलेंगी तेज हवाएं
लखनऊ. मौसम में लगातार उतार चढ़ाव जारी है. प्रदेश में 21 मार्च यानी शुक्रवार को दिन में तेज धूप थी, लेकिन शाम होते ही बादल छा गए. मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में आज यानी 22 मार्च को बारिश के आसार जताए हैं. इस दौरान प्रदेश में तेज हवाएं भी चल सकती हैं.
16 जिलों में बारिश की संभावना
आईएमडी रिपोर्ट के मुताबिक, मौसम विभाग ने बनारस सहित पूर्वांचल के 16 जिलों में तेज हवा के साथ हल्की बारिश का संकेत दिया है. इसके साथ ही वज्रपात का अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के अनुसार वाराणसी, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, जौनपुर, गाजीपुर, बलिया सहित 16 जिलों में तेज हवा चलेगी.
दो दिनों तक मौसम में रहेगा उतार चढ़ाव
बीते 24 घंटे की बात करें तो दिन में तेज धूप निकली थी. दिन का तापमान सामान्य से 2.7 डिग्री ज्यादा 36.6 और रात का तापमान सामान्य से 4.7 डिग्री ज्यादा 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज श्रीवास्तव ने कहा कि अगले दो दिनों तक मौसम में उतार चढ़ाव रहेगा. इस दौरान हल्की बारिश हो सकती है. सोमवार से तापमान फिर बढ़ेगा.
UGC का निर्देश : देश के सभी विवि और कॉलेजों को लगानी होंगी सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीनें
नई दिल्ली. देश के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को परिसर में सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीनें लगानी होंगी. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने सभी शिक्षण संस्थानों को कैंपस में मासिक धर्म स्वच्छता में सुधार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. उच्च शिक्षा संस्थानों को 25 मार्च तक रिपोर्ट देनी होगी.
यूजीसी के सचिव प्रोफेसर मनीष जोशी की ओर से राज्यों और विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को लिखे पत्र में कहा गया कि संस्थानों के कैंपस में इंसीनरेटर (अपशिष्ट पदार्थों को जलाने के लिए) लगाएं जाएं. इस कवायद का उद्देश्य मासिक धर्म स्वच्छता को बढ़ावा देना और शिक्षण संस्थानों में महिलाओं के लिए सुविधाजनक वातावरण तैयार करना है. इससे महिलाएं शैक्षणिक और सामाजिक गतिविधियों में बिना परेशानी पूर्ण भागीदारी निभा सकेंगी.
बिना इजाजत डिग्री देने वालों पर शिकंजा
यूजीसी ने बिना अनुमति डिग्री कार्यक्रम की पढ़ाई कराने वाले शिक्षण संस्थानों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. यूजीसी की ओर से जारी सूचना में कहा गया कि किसी को भी शिक्षण संस्थानों में अनुमति के बगैर डिग्री प्रोग्राम की पढ़ाई कराए जाने की जानकारी मिलती है तो इसकी सूचना दें. आयोग ने छात्रों और अभिभावकों से उच्च शिक्षण संस्थानों में दाखिले से पहले अनुमति जांचने का आग्रह किया है. राज्य अधिनियम और केंद्रीय अधिनियम या प्रांतीय अधिनियम के तहत स्थापित या यूजीसी अधिनियम 1956 के तहत स्थापित शिक्षण संस्थान ही अनुमति के बाद डिग्री प्रदान करने के लिए अधिकृत हैं. यूजीसी को जानकारी मिली है कि कई संस्थान प्रावधानों के विपरीत डिग्री प्रदान कर रहे हैं.
सरकार का बड़ा एक्शन, 3.4 करोड़ से अधिक मोबाइल कनेक्शन काटे, 17 लाख वॉट्सऐप अकाउंट किए ब्लॉक
नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने बताया कि टेलीकॉम फ्रॉड से निपटने के लिए संचार साथ पोर्टल के जरिए अब तक 3.4 करोड़ से ज्यादा मोबाइल फोन को डिस्कनेक्ट किया गया है और 3.19 लाख आईएमईआई नंबर को ब्लॉक किया गया है. दूरसंचार विभाग ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बिग डेटा की मदद से 16.97 लाख वॉट्सऐप अकाउंट भी ब्लॉक कर दिए गए हैं.
राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में संचार और ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्रशेखर ने कहा कि दूरसंचार विभाग की संचार साथी पहल के तहत 20,000 से ज्यादा बल्क एसएमएस भेजने वालों को भी ब्लैकलिस्ट किया गया है. सरकार के संचार साथी पोर्टल पर नागरिकों को चक्षु की मदद से संदिग्ध धोखाधड़ी से जुड़े कम्युनिकेशन को रिपोर्ट करने की सुविधा मिलती है.
डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी ने कहा कि संदिग्ध धोखाधड़ी से जुड़ी शिकायतें मिलने के बाद दूरसंचार विभाग इनकी जांच करता है. इसके बाद जांच में गलत पाए गए नंबर को ब्लॉक किया जाता है. व्यक्तिगत रूप से रिपोर्ट किए गए संदिग्ध धोखाधड़ी कम्युनिकेशन पर कार्रवाई करने के बजाय दूरसंचार विभाग अपनी जांच के लिए क्राउड-सोर्स डेटा का इस्तेमाल करता है, ताकि टेलीकॉम रिसोर्सेस का गलत इस्तेमाल होने से रोका जा सके.
दूरसंचार विभाग एआई बेस्ड टूल्स और बिग डेटा एनालिसिस के साथ नकली दस्तावेजों पर लिए गए संदिग्ध मोबाइल कनेक्शनों की पहचान करता है. इसके अलावा, दूरसंचार विभाग और दूरसंचार सेवा प्रदाताओं (टीएसपी) ने ऐसी अंतरराष्ट्रीय स्पूफ कॉलों की पहचान करने के लिए एक नया सिस्टम तैयार किया है, जो असल में विदेशों से होती हैं और भारत से आने वाली कॉल लगती हैं. इस सिस्टम के साथ इस तरह की कॉल की पहचान रियल टाइम में की जा सकती है और नंबर को ब्लॉक किया जा सकता है.
इस बीच, दूरसंचार सेवा प्रदाताओं ने 1,150 संस्थाओं/व्यक्तियों को ब्लैकलिस्ट कर दिया है और 18.8 लाख से ज्यादा रिसोर्सेस को डिस्कनेक्ट कर दिया है. इन कार्रवाइयों के साथ अनरजिस्टर्ड टेलीमार्केटर्स (यूटीएम) के खिलाफ शिकायतों में कमी आई है, जो कि अगस्त 2024 में 1,89,419 थीं और जनवरी 2025 में घटकर 1,34,821 रह गईं. भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने 12 फरवरी को दूरसंचार वाणिज्यिक संचार ग्राहक वरीयता विनियम (टीसीसीसीपीआर), 2018 में संशोधन किया.
अब ग्राहक स्पैम/अनसॉलिसिटेड कमर्शियल कम्युनिकेशन (यूसीसी) को लेकर स्पैम मिलने के सात दिन के भीतर शिकायत दर्ज करवा सकता है. पहले यह समय सीमा 3 दिन थी. इसके अलावा, अनसॉलिसिटेड कमर्शियल कम्युनिकेशन (यूसीसी) को लेकर अनरजिस्टर्ड सेंडर के खिलाफ एक्सेस प्रोवाइडर द्वारा कार्रवाई करने की समय सीमा भी 30 दिनों से घटाकर 5 दिन कर दी गई है. यूसीसी भेजने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए उनके खिलाफ कार्रवाई करने के मानदंड को रिवाइज कर पहले से अधिक कठोर बनाया गया है.
वंदे भारत एक्सप्रेस का किराया होगा कम! संसदीय समिति ने ऑक्युपेंसी बढ़ाने के लिए दिया सुझाव
नई दिल्ली: संसद की एक समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि रेलवे को नई रेलगाड़ियां शुरू करने से पहले व्यवहार्यता की पड़ताल करनी चाहिए और अधिकतम उपयोग के लिए किराया कम कर ट्रेन में अधिक से अधिक सीटों को भरने पर विचार करना चाहिए। संसद की लोक लेखा समिति ने शुक्रवार को लोकसभा में यह रिपोर्ट प्रस्तुत की। समिति ने पिछले वर्ष 20 अप्रैल को पिछली लोकसभा में प्रस्तुत अपनी 139वीं रिपोर्ट में सुविधा एक्सप्रेस रेलगाड़ियां चलाने के कारण दक्षिण पश्चिम रेलवे को होने वाली राजस्व हानि पर चिंता व्यक्त की थी।
वर्तमान रिपोर्ट, समिति की 139वीं रिपोर्ट में निहित टिप्पणियों और सिफारिशों पर सरकार तथा रेल मंत्रालय द्वारा की गई कार्रवाई पर समिति के विचारों से संबंधित है। इस रिपोर्ट के अनुसार समिति ने फिर कहा है कि सुविधा ट्रेनों के उपयोग पैटर्न का नियमित अध्ययन होना चाहिए ताकि सीटों का अधिकतम उपयोग करने के लिए आवश्यक संशोधन किया जा सके। समिति का मानना है कि यह ध्यान में रखते हुए कि ‘फ्लेक्सी-फेयर’ (मांग आधारित किराया वृद्धि) टिकटों की मांग में बढ़ोतरी और गिरावट, दोनों तरह से काम करता है। रेलवे को किराया कम कर ट्रेनों में अधिक से अधिक सीटों को भरने पर विचार करना चाहिए।
दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में जलकर खाक हो गया जूतों का शो रूम, दिखा भयावह मंजर
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में एक शो रूम में शनिवार (22 मार्च) को भीषण आग लग गई। इस आग की चपेट में आने के कारण पूरा शो रूम जलकर खाक हो गया। जानकारी मिलने पर दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं और आग को किसी तरह काबू में किया। बताया जा रहा है कि जहां आग लगी, वह जूतों का शो रूम था।
दमकल विभाग के मुताबिक आग की सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड की 8 गाड़ियों को तत्काल मौके पर भेज दिया गया। दमकल विभाग के कर्मचारियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग बुझाने के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी वहां से हटा दिया गया। इस आग की चपेट में आकर किसी के भी हताहत होने का मामला सामने नहीं आया है। फिलहाल इस बात की जानकारी नहीं मिल पाई है कि आग में शो रूम मालिक का कितना नुकसान हुआ है।
संकट में पाकिस्तान: अंदर-बाहर हर तरफ हाहाकार
-संजय सक्सेना, लखनऊ
पड़ोसी देश पाकिस्तान चौतरफा मुसीबतों से घिरता जा रहा है। चीन की दोस्ती उसे डूबों रही है तो भारत और अफगानिस्तान से दुश्मनी उसे भारी पड़ रही है। अमेरिका में भी ट्रम्प सरकार आने के बाद वहां से पाकिस्तान पर मेहरबानियों का सिलसिला थम गया है। पाकिस्तान के अंदरूनी हालात भी कम खराब नहीं है। एक तरफ पाक अधिकृत कश्मीर यानी पीओके,सिंध प्रांत की जनता पाकिस्तान सरकार के खिलाफ जहर उगल रही है,वहीं ब्लूचिस्तान प्रांत की विद्रोही जनता तो पाकिस्तान की अखंडता के लिये ही खतरा बन गया है।यहां के लोग पाकिस्तान से अलग पूर्ण आजादी चाहते हैं। इसके चलते बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी और पाकिस्तान सेना के बीच लगातार संघर्ष होता रहता है। हद तो तब हो गई जब 11 मार्च 2025 को बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने क्वेटा से पेशावर जा रही जाफर एक्सप्रेस ट्रेन को ही हाईजैक कर लिया, जिसमें लगभग 440 यात्री सवार थे। इस हमले में बीएलए ने ट्रेन को रोककर यात्रियों को बंधक बना लिया और सुरक्षाबलों पर हमला किया, जिससे 21 यात्रियों और 4 अर्धसैनिक बलों के जवानों की मौत हो गई। पाकिस्तानी सेना ने जवाबी कार्रवाई में 33 आतंकवादियों को मार गिराया और बचे हुए यात्रियों को सुरक्षित छुड़ा लिया।
इस घटना के बाद, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने राष्ट्रीय एकता का आह्वान किया और आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की बैठक बुलाई, जिसमें सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में आतंकवाद के खिलाफ रणनीतिक राजनीतिक संकल्प और बेहतर शासन की आवश्यकता पर बल दिया गया। इसके अतिरिक्त, पाकिस्तानी सेना ने इस हमले के लिए भारत को दोषी ठहराया, हालांकि उन्होंने इसके समर्थन में कोई ठोस सबूत प्रस्तुत नहीं किया। भारत ने इन आरोपों को खारिज किया है।
इन घटनाओं के मद्देनजर, पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने देश को सख्त राष्ट्र बनाने और आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने बेहतर शासन और राजनीतिक संकल्प की आवश्यकता पर भी जोर दिया, ताकि आतंकवाद का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया जा सके। पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने 18 मार्च, 2025 को अपने एक बयान में पाकिस्तान को एक कठोर राज्य में बदलने की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष देश के अस्तित्व के लिए एक लड़ाई है। जनरल मुनीर ने यह टिप्पणी राष्ट्रीय सुरक्षा पर संसदीय समिति की एक उच्चस्तरीय बैठक में की, जो बलूच आतंकवादियों द्वारा एक यात्री ट्रेन का अपहरण करने के कुछ दिनों बाद बुलाई गई थी , जिसके परिणामस्वरूप 25 यात्रियों की मौत हो गई थी।
मुनीर ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष “हमारे और हमारी भावी पीढ़ियों के अस्तित्व की लड़ाई है।” उन्होंने बेहतर शासन और पाकिस्तान को एक “कठोर राज्य” बनाने का आह्वान किया और पूछा, “हम कब तक एक नरम राज्य की शैली में अनगिनत लोगों की जान कुर्बान करते रहेंगे?” जनरल मुनीर ने कहा, “स्थायी विकास के लिए, राष्ट्रीय शक्ति के सभी तत्वों को सामंजस्य के साथ काम करना होगा।”
बात बलूचिस्तान, के भौगोलिक और राजनैतिक परिदृश्य की कि जाये तो यह पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत, लंबे समय से देश के लिए एक गंभीर सुरक्षा चुनौती बना हुआ है। यहां के अलगाववादी आंदोलन, प्राकृतिक संसाधनों पर नियंत्रण की मांग, और मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप पाकिस्तान की स्थिरता के लिए खतरा बने हुए हैं। दरअसल, 1947 में भारत से अलग मुसलमानों के लिये पाकिस्तान देश बनने के बाद, बलूचिस्तान के कलात राज्य ने पाकिस्तान में विलय से इंकार कर दिया था। हालांकि, 1948 में पाकिस्तानी सेना ने इस पर कब्जा कर लिया, जिससे बलूच राष्ट्रवादियों में असंतोष बढ़ा। तब से, बलूचिस्तान में कई बार विद्रोह हुए हैं, जिनमें 1950, 1960, 1970 और 2000 के दशक शामिल हैं।
पिछले कुछ वर्षों में, बलूच अलगाववादी समूहों की गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 2015 से 2024 के बीच, इन समूहों द्वारा किए गए हमलों की संख्या चार गुना बढ़कर 171 हो गई है। इन हमलों में लगभग 590 लोग मारे गए हैं, जिनमें पाकिस्तानी सेना के जवान भी शामिल हैं।
गौरतलब हो बलूचिस्तान प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है, जिसमें गैस, सोना, और तांबा शामिल हैं। हालांकि, स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इन संसाधनों का लाभ उन्हें नहीं मिलता, बल्कि पाकिस्तान के अन्य प्रांतों को मिलता है। यह आर्थिक असंतोष अलगाववादी भावनाओं को बढ़ावा देता है।
ब्लूचिस्तान हमेशा से पाकिस्तान सेना की हैवानियत का भी शिकार होता रहा है। बलूच कार्यकर्ताओं और नागरिक समाज के सदस्यों के जबरन गायब होने की घटनाएं बलूचिस्तान में आम हैं। वॉयस फॉर बलूच मिसिंग पर्सन्स (वीबीएमपी) के अनुसार, बलूचिस्तान से 7,000 से ज्यादा लोग लापता हैं। हालांकि, सरकारी आंकड़े इससे कम हैं, लेकिन यह मुद्दा स्थानीय निवासियों में गहरा असंतोष पैदा करता है।
बलूचिस्तान में यहां के निवासियों के भारी विरोध के बाद भी चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) और अन्य विदेशी निवेश परियोजनाएं चल रही हैं,जबकि अलगाववादी समूह इन परियोजनाओं को अपने संसाधनों के शोषण के रूप में देखते हैं और इन्हें निशाना बनाते हैं। अगस्त 2024 में बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने एक घातक हमला किया, जिसमें 50 से अधिक लोग मारे गए। फरवरी 2025 में कलात जिले में एक बड़े संघर्ष में 18 पाकिस्तानी अर्धसैनिक बलों और 23 विद्रोहियों मतलब बीएलए के सदस्यों की मौत हुई थी।
बलूचिस्तान में जारी संघर्ष पाकिस्तान के लिए कई मोर्चों पर खतरा पैदा कर रहा है। लगातार हमलों से पाकिस्तान सुरक्षा बलों पर दबाव बढ़ता है और देश की आंतरिक स्थिरता खतरे में पड़ती है।सीपीसाीई जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर हमलों से विदेशी निवेशकों का विश्वास कम होता है, जिससे आर्थिक विकास प्रभावित होता है। वहीं मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों से पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय छवि धूमिल होती है, जिससे कूटनीतिक संबंध प्रभावित होते हैं।
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच खींची तलवारें
अफगानिस्तान और पाकिस्तान में तनाव की वजह पर नजर दौड़ाई जाये तो दोनों देशों के बीच डुरंड रेखा विवाद का बड़ा कारण है। 1893 में ब्रिटिश शासन द्वारा खींची गई डुरंड रेखा को अफगानिस्तान ने कभी मान्यता नहीं दी है। यह सीमा विवाद दोनों देशों के बीच तनाव का एक ऐतिहासिक स्रोत है।उधर, पाकिस्तान का आरोप है कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान अफगानिस्तान की जमीन से संचालित होकर पाकिस्तान में आतंकी हमले कर रहा है। पाकिस्तान ने अफगान तालिबान से टीटीपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, लेकिन तालिबान ने इसे अस्वीकार कर दिया है।हाल ही में, तोरखम सीमा चौकी पर पाकिस्तानी और अफगान सुरक्षा बलों के बीच झड़पें हुई हैं, जिससे कम से कम एक व्यक्ति की मौत और कई घायल हुए हैं। यह संघर्ष सीमा पर एक नए चौकी के निर्माण को लेकर हुआ, जिससे तनाव और बढ़ गया है।दिसंबर 2024 में, पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के पक्तिका प्रांत में ठीटीपी के ठिकानों पर हवाई हमले किए, जिसमें कई नागरिकों की मौत हुई। अफगान रक्षा मंत्रालय ने इन हमलों की निंदा की और इसे अंतरराष्ट्रीय सिद्धांतों का उल्लंघन बताया।
चीन के चंगुल में फंसता पाकिस्तान
चीनी ने पाकिस्तान को लोन देकर अपने चंगुल में फंसा लिया है। पाकिस्तान ने चीन से सबसे अधिक लोन दिया है। यह लोन लगभग 28.6 बिलियन डॉलर है, जो उसके कुल कर्ज का 22 प्रतिशत है। विश्व बैंक के अनुसार, देश पर कुल मिलाकर लगभग 130 अरब डॉलर का कर्ज है। आज पाकिस्तान की हालत बेहद खस्ता है। यहां तक कि वहां पर आटे-दाल-चावल, सब्जियां और दूध तक आम आदमी की पहुंच से दूर जा चुके हैं। देश में बेरोजगारी चरम पर है।पाकिस्तान ने अपनी नाजुक वित्तीय स्थिति के चलते आईएमएफ से आपातकालीन फंड मांगता रहा है। हालांकि, चीन के लिए पाकिस्तान चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) का घर है। यह चीन के पश्चिमी प्रांतों को बलूचिस्तान के ग्वादर बंदरगाह से जोड़ने वाला लगभग 3,000 किलोमीटर लंबा गलियारा है।कहने का तात्पर्य यह है कि चीन पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान को कर्ज देकर वहां अपना आधिपत्य बनाता जा रहा है।
लापरवाही: टूटकर खेत में गिरा बिजली का तार, चपेट में आने से दो मासूम बच्चों की मौत…एमपी के जबलपुर का मामला
जबलपुर। पाटन के सुरैया गांव में शनिवार सुबह दर्दनाक हादसा हो गया। वहां 11 केवी का तार टूटकर गिरा, जिसकी चपेट में आने से दो बच्चों की मौत हो गई। वहीं एक अन्य झुलझ गया, जिसका उपचार जारी है।
घटना के बाद ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया और शवों को लेकर थाने पहुंच गए। ग्रामीणों द्वारा कुछ देर के लिए पाटन-शहपुरा मार्ग बंद करने की बात भी सामने आ रही है।
आक्रोश बढ़ता देख पुलिस और बिजली विभाग के अमले ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाइश देने में जुटा रहा। इसके बाद पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए मामले की जांच शुरू की।
सुरैया हार में रहने वाले सगे भाई-बहन चांदनी (12 वर्ष) , प्रशांत (10) और दिलीप रोजाना की तरह सुबह गेहूं के खेत में काम कर रहे थे। जहां उन्होंने देखा कि कुछ मवेशी खेत में घुस रहे हैं, जिन्हें भगाने के लिए तीनों खेत में घुसे, जहां पहले से टूटे पड़े 11 केवी की लाइन के तार में चपेट में आ गए और उन्हें जोरदार करंट लग गया।
गीता के कर्मयोग की वास्तविक प्रयोगशाला है एम्स: मुर्मु
नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान(एम्स) नयी दिल्ली के चिकित्सा के हर क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह गीता के कर्मयोग की वास्तविक प्रयोगशाला है।
श्रीमती मुर्मु ने संस्थान के दीक्षांत समारोह मे कहा कि यह एक ऐसा संस्थान है, जिसने स्वास्थ्य सेवा, चिकित्सा शिक्षा और जीवन विज्ञान अनुसंधान में उत्कृष्टता हासिल करके दुनिया भर में प्रतिष्ठा अर्जित की है। यह उन लाखों रोगियों के लिए आशा का प्रतीक है, जो अक्सर दूर-दूर से इलाज के लिए आते हैं। इसके संकाय, पैरामेडिक्स और गैर-चिकित्सा कर्मचारियों की मदद से वंचितों और विशेषाधिकार प्राप्त लोगों का समान समर्पण और सहानुभूति के साथ इलाज करते हैं। उन्होंने कहा कि यह कहा जा सकता है कि एम्स गीता के कर्म योग की चलती प्रयोगशाला है।
राष्ट्रपति ने कहा कि एम्स ने न केवल राष्ट्रीय बल्कि वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह एक गौरवपूर्ण मेड-इन-इंडिया सफलता की कहानी है और पूरे देश में अनुकरणीय मॉडल है। अपने अस्तित्व के 69 वर्षों में, ब्रांड एम्स मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के कारण समय की कसौटी पर खरा उतरा है। नवीन शोध और रोगी देखभाल के माध्यम से स्वास्थ्य सेवा को आगे बढ़ाने के लिए संस्थान की प्रतिबद्धता वास्तव में सराहनीय है।
श्रीमती मुर्मु ने एम्स द्वारा अपने सभी प्रयासों में सुशासन, पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए उठाए गए कदमों पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि किसी भी संगठन के स्वस्थ विकास के लिए सुशासन आवश्यक है और एम्स इसका अपवाद नहीं है। इसकी जिम्मेदारी स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और अनुसंधान से परे है।
भावनात्मक स्वास्थ्य के मुद्दे पर बोलते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि यह आज की दुनिया में एक गंभीर चुनौती है। उन्होंने कहा कि किसी के लिए भी, खासकर युवा पीढ़ी के लिए निराशा की कोई गुंजाइश नहीं है। उन्होंने कहा कि जीवन में हर नुकसान की भरपाई की जा सकती है, सिवाय एक अनमोल जीवन के नुकसान के। उन्होंने एम्स के संकाय से मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दे पर जागरूकता अभियान शुरू करने का आग्रह किया ताकि लोगों को इस छिपी हुई बीमारी के बारे में जागरूक किया जा सके।
स्नातक छात्रों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि अब उन्हें अपनी शिक्षा का उपयोग करने के लिए एक उज्ज्वल करियर बनाना होगा। उन्होंने उनसे आग्रह किया कि वे वंचितों की मदद करने के किसी भी अवसर को कभी नज़रअंदाज़ न करें। उन्होंने कहा कि देश के कई क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में चिकित्सा पेशेवर नहीं हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वे उन क्षेत्रों में लोगों की सेवा करने पर विचार करेंगे, भले ही साल के कुछ समय के लिए ही क्यों न हो। उन्होंने उन्हें अपने आस-पास के लोगों का ख्याल रखने और अपने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का ख्याल रखने की सलाह दी।
जल सभ्यताओं की जीवन रेखा, इसे भविष्य की पीढ़ियों के लिए बचाना जरूरी : पीएम मोदी
नई दिल्ली। विश्व जल दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए जल संरक्षण का संदेश दिया। नेताओं ने लोगों से पानी की बचत और इसके महत्व को समझने की अपील की। प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि विश्व जल दिवस पर हम जल संरक्षण और सतत विकास के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं। उन्होंने कहा, जल सभ्यताओं की जीवन रेखा है, इसलिए इसे भविष्य की पीढ़ियों के लिए बचाना जरूरी है।
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने जल दिवस के मौके पर अपने सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर पोस्ट किया। इसमें उन्होंने विश्व जल दिवस पर सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए लिखा कि जल-प्रकृति का अमूल्य वरदान- न केवल जीवन का आधार है, बल्कि हमारी संस्कृति, कृषि और भविष्य की समृद्धि का मूल स्रोत भी है।
उन्होंने आगे लिखा कि इसकी सतत उपलब्धता सुनिश्चित करना हम सभी की संयुक्त जिम्मेदारी है। इसके साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि पंचकूला में कैच द रेन अभियान की शुरुआत हो रही है। उन्होंने आगे लिखा, आज हरियाणा के पंचकूला में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी जी के साथ जल शक्ति अभियान: कैच द रेन 2025 का शुभारंभ होने जा रहा है। इस वर्ष की थीम है: जल संचय, जनभागीदारी: जन जागरूकता की ओर।” यह सिर्फ एक थीम नहीं, जन-जन के जीवन से जुड़ा एक राष्ट्रीय आंदोलन भी है।
वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस मौके पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लिखा, विश्व जल दिवस की बधाई! आइए, जल को बचाने का संकल्प लें और स्वच्छ व समृद्ध भविष्य की ओर बढ़ें। उनका संदेश पानी के संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने पर केंद्रित था। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संदेश में कहा, प्रदेशवासियों को विश्व जल दिवस की शुभकामनाएं! उत्तराखंड पवित्र नदियों का उद्गम स्थल और जल संपदा से भरपूर है। यह हमारी धरोहर है, जिसे बचाना हमारा कर्तव्य है।
उन्होंने जल के सही उपयोग को सतत विकास की कुंजी बताया और कहा कि सरकार जल संसाधनों को संरक्षित करने के लिए लगातार काम कर रही है। धामी ने लोगों से भविष्य के लिए जल संरक्षण का संकल्प लेने को कहा।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी इस दिन को खास माना। उन्होंने लिखा, जल है तो कल है। विश्व जल दिवस पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं। आइए, प्रकृति के इस अनमोल तोहफे को बचाएं और समृद्ध भविष्य बनाएं। उनका संदेश पानी की अहमियत और इसके संरक्षण पर जोर देता है।
ग्रामीणों के लिए आजीविका और खेती में नए अवसर
नई दिल्ली, 21 मार्च, 2025: रोजगार के अवसर बढ़ाने और दीर्घकालिक कृषि स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए संगठन लगातार प्रयास कर रहे हैं। इसी कड़ी में वेदांता एल्युमीनियम और नाबार्ड ने ओडिशा के कालाहांडी जिले में ग्रामीणों की आजीविका सुधारने और खेती को मजबूत बनाने के लिए साझेदारी की है।