देश-विदेश
वित्त मंत्री ने 1.7 करोड़ किसानों के फायदे के लिए पिटारा खोला
नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में किसानों और एमएसएमई सेक्टर के लिए कई अहम एलान किए हैं। किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए 7.7 करोड़ किसानों को अल्पकालिक लोन की सुविधा मिलती है। यूरिया उत्पादन में आत्मनिर्भरता के लिए असम में यूरिया संयंत्र में उत्पादन शुरू किया गया है। इसमें 12.78 लाख मीट्रिक टन की क्षमता वाला संयंत्र स्थापित किया जाएगा। राष्ट्रीय उच्च पैदावार बीज मिशन का क्रियान्वयन किया जाएगा।
वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत ऐसे 100 जिलों को चुना जाएगा, जहां पर कृषि उत्पादकता कम है। इससे वहां पर उत्पादकता बढ़ाने, खेती में विविधता लाने, सिंचाई और उपज के बाद भंडारण की क्षमता मजबूत करने में मदद मिलेगी। इस योजना से 1.7 करोड़ किसानों को लाभ होगा। इसके दायरे में सभी तरह के किसान आएंगे। कृषि के अच्छे तरीकों को अपनाने पर जोर दिया जाएगा।
दलहन में आत्मनिर्भरता के लिए खाद्य तेलों के उत्पादन पर ध्यान दिया जाएगा। सरकार छह वर्ष का मिशन शुरू करेगी ताकि दलहन में आत्मनिर्भरता हासिल की जा सके। नैफेड और एनसीसीएफ तीन तरह की दालों की खरीद करेगी। इन एजेंसियों में पंजीकृत किसानों से ये दालें खरीदी जाएंगी।
पीएम मोदी के चिंगारी फूटने वाले बयान पर बोलीं प्रियंका गांधी, कहा जनता के मुद्दों पर वे बात नहीं करते
नई दिल्ली. प्रधानमंत्री मोदी के चिंगारी फूटने वाले बयान पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी का रिएक्शन आया है. उन्होंने कहा कि वह हमेशा ऐसा ही करते हैं. वह कभी भी लोगों के मुद्दों पर बात नहीं करते हैं, जवाब नहीं देते. पिछला सेशन देखा, चर्चा ही नहीं कि तो यह सब कहेंगे ही.
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने रिएक्ट किया है. उन्होंने कहा कि पहले आप महाकुंभ पर बोल लीजिए. इतना बड़ा आयोजन कर रहे हैं, इतना बड़ा हादसा हो गया, इतने लोग मारे गए, आप उस पर बोलिए. बाहर की बात करने का क्या मतलब, पहले उस पर बोलिए, जो आपके देश में हो रहा है. बाहर की बातें, विदेशी ताकतें, प्रधानमंत्री और भाजपा के पास बस यही बातें रह गई हैं क्या? विदेशी ताकतें अगर हमारे देश में दखल दे रही हैं तो यह आपकी कमजोरी है, क्यों कर रही हैं और क्यों करने दिया जा रहा है. प्रधानमंत्री का हर इशारा राहुल गांधी की तरफ होता है. वे बताएं कि उन्होंने क्या किया? इतना बड़ा आयोजन किया, पूरी दुनिया में ढिंढोरा पीटा, वह आयोजन फेल हो रहा है.
क्या कहा प्रधानमंत्री मोदी ने?
प्रधानमंत्री मोदी ने आज बजट सत्र से पहले संसद के हंंस द्वार पर मीडिया को संबोधित किया और देशवासियों के नाम संदेश दिया. अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि साल 2014 से अब तक पहली बार ऐसा हुआ है कि बजट सत्र से पहले कोई विदेशी चिंगारी नहीं फूटी. वरना चिंगारी फोड़कर लोग शरारत करते और उसे हवा देकर भड़काने वाले कई लोग यहां हैं. इस बयान पर ही कांग्रेस सांसद का रिएक्शन आया है.
बता दें कि आज प्रधानमंत्री मोदी ने बजट सत्र से पहले अपने संबोधन की शुरुआत मां लक्ष्मी को नमन करके दी. उन्होंने कहा कि इस बार बजट कई बिलों को कानून बनाएगा. नारियों के लिए अहम साबित हो सकती है. इस बार बजट सत्र में साल 2047 के भारत की एक और तस्वीर पेश की जाएगी. क्योंकि जब देश आजादी की 100वीं वर्षगांठ मनाएगा, तब आज की युवा पीढ़ी उस भारत की लाभार्थी होगी.
महाकुंभ के भंडारे के खाने में पुलिसकर्मी ने मिला दी राख, कैमरे में कैद हुई गंदी हरकत
प्रयागराज. प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में श्रद्धालुओं के लिए आयोजित भंडारे के खाने में राख मिलाने का एक वीडियो सामने आया है. इस वीडियो में एक पुलिसकर्मी खाने में राख मिलाते हुए दिख रहा है. वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पुलिसकर्मी को निलंबित कर दिया है.
यह घटना सोरांव थाना क्षेत्र में हुई. वीडियो में दिख रहा पुलिसकर्मी सोरांव थाने का प्रभारी बृजेश कुमार तिवारी है. वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस उपायुक्त (गंगा नगर) कुलदीप सिंह गुनावत ने तिवारी को निलंबित कर दिया है.
इस घटना की निंदा करते हुए समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जो लोग महाकुंभ में फंसे लोगों के लिए भोजन-पानी की व्यवस्था कर रहे हैं, उनके सद्प्रयासों के ऊपर राजनीतिक विद्वेषवश मिट्टी डाली जा रही है. यह घटना महाकुंभ में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल खड़ा करती है. पुलिस का यह कृत्य निंदनीय है और इससे श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंची है.
बसंत पंचमी को तीसरे पवित्र स्नान से पहले रेलवे का झटका, कैंसल की 16 ट्रेनें, यहां देखें लिस्ट
प्रयागराज. महाकुंभ मेला के लिए भारतीय रेलवे ने हजारों स्पेशल ट्रेनों का संचालन करने का ऐलान किया. रेलवे महाकुंभ के लिए चलने वाली ट्रेनों की लिस्ट जारी करता है. अगला पवित्र स्नान 3 फरवरी बसंत पंचमी को किया जाएगा, जिसमें जाने की प्लानिंग कर रहे लोगों को झटका लग सकता है. रेलवे ने महाकुंभ में पवित्र स्नान के लिए चलने वाली कई ट्रेनों को कैंसिल कर दिया है. अगर आपने भी टिकट बुक कराया था, तो एक बार कैंसिल ट्रेनों की लिस्ट देख लें.
ये ट्रेनें हुईं कैंसिल
महाकुंभ में पवित्र स्नान की तारीखों पर ज्यादा भीड़ देखने को मिलती है. पिछली बार स्नान से पहले संगम पर भगदड़ मच गई, जिसमें बहुत से लोगों ने अपनी जान गवां दी. इस बार तीसरा स्नान 3 फरवरी 2025 को किया जाना है. स्नान करने के लिए महाकुंभ जाने के लिए लाखों श्रद्धालुओं ने ट्रेनों में टिकट बुक कराए हैं. श्रद्धालुओं को झटका देते हुए रेलवे ने 27 जनवरी से 4 फरवरी तक चलने वाली कई ट्रेनों को कैंसिल कर दिया है.
2 फरवरी को कैंसिल ट्रेनें
ट्रेन संख्या- 12312, कालका-हावड़ा ट्रेन कैंसिल
ट्रेन संख्या- 15658, कामाख्या-दिल्ली ट्रेन कैंसिल
ट्रेन संख्या- 12801, पुरी-नई दिल्ली ट्रेन कैंसिल
ट्रेन संख्या- 12397, गया-नई दिल्ली ट्रेन कैंसिल
ट्रेन संख्या- 12367, भागलपुर-नई दिल्ली ट्रेन कैंसिल
3 फरवरी को कैंसिल ट्रेनें
ट्रेन संख्या- 12397, गया-नई दिल्ली ट्रेन कैंसिल
ट्रेन संख्या- 12427, रीवा-आनंद विहार ट्रेन कैंसिल
ट्रेन संख्या- 12367, भागलपुर-नई दिल्ली ट्रेन कैंसिल
ट्रेन संख्या- 12506, आनंद विहार-कामाख्या ट्रेन कैंसिल
ट्रेन संख्या- 15484, दिल्ली-अलीपुरद्वार ट्रेन कैंसिल
ट्रेन संख्या- 12398, नई दिल्ली-गया ट्रेन कैंसिल
ट्रेन संख्या- 12368, नई दिल्ली-भागलपुर ट्रेन कैंसिल
4 फरवरी को कैंसिल ट्रेनें
ट्रेन संख्या- 15657, दिल्ली-कामाख्या ट्रेन कैंसिल
ट्रेन संख्या- 12802, नई दिल्ली-पुरी ट्रेन कैंसिल
ट्रेन संख्या- 12398, नई दिल्ली-गया ट्रेन कैंसिल
ट्रेन संख्या- 12368, नई दिल्ली-भागलपुर ट्रेन कैंसिल
इसके अलावा ट्रेन संख्या 22549/22550 वंदे भारत एक्सप्रेस का संचालन 27 जनवरी से 4 फरवरी तक लखनऊ तक ही किया जाएगा. वहीं, ट्रेन संख्या- 12275, 31 जनवरी, 2 और 4 फरवरी को सूबेदारगंज तक ही चलेगी. इसके अलावा ट्रेन संख्या- 12276, दिल्ली-प्रयागराज 31 जनवरी, 1 और 3 फरवरी तक सूबेदारगंज तक ही चलाई जाएगी. इन तारीखों में सफर करने वाले यात्री एक बार रेलवे की लिस्ट देख लें.
मंदिरों में वीआईपी दर्शन पर निर्देश देना हमारा अधिकार नहीं, खारिज की जनहित याचिका
नई दिल्ली. मंदिरों में वीआईपी दर्शन के लिए शुल्क वसूलने और खास वर्ग के लोगों को तरजीह देने के खिलाफ दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई करने से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह हमारे अधिकार क्षेत्र का मामला नहीं है. यह मुद्दा मंदिर प्रबंधन और सोसाइटी के निर्णय से जुड़ा है.
सुप्रीम कोर्ट में वीआईपी दर्शन के खिलाफ दायर याचिका पर शुक्रवार को मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति संजय कुमार की पीठ ने सुनवाई से इनकार कर दिया. पीठ ने कहा कि इस मुद्दे पर निर्णय लेना सोसाइटी और मंदिर प्रबंधन का काम है और अदालत कोई निर्देश नहीं दे सकती. हमारा मानना है कि मंदिर में कोई विशेष व्यवहार नहीं किया जाना चाहिए, लेकिन यह अदालत निर्देश जारी नहीं कर सकती.
कोर्ट ने कहा कि हमें नहीं लगता कि यह संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत अधिकार क्षेत्र का प्रयोग करने के लिए उपयुक्त मामला है. हम स्पष्ट करते हैं कि याचिका खारिज होने से उपयुक्त प्राधिकारियों को आवश्यकतानुसार उचित कार्रवाई करने से नहीं रोका जाएगा.
वीआईपी दर्शन की प्रथा मनमानी
सुप्रीम कोर्ट में वीआईपी दर्शन को लेकर वृंदावन स्थित श्री राधा मदन मोहन मंदिर के सेवायत विजय किशोर गोस्वामी ने याचिका दायर की है. कोर्ट में याचिकाकर्ता के वकील आकाश वशिष्ठ ने कहा कि वीआईपी दर्शन पूरी तरह से मनमानी प्रथा है. इसके लिए कुछ मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) बनाने की जरूरत है. याचिका में कहा गया है कि वीआईपी दर्शन की प्रथा संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 में निहित समानता के सिद्धांतों का उल्लंघन करती है, क्योंकि यह शुल्क वहन करने में असमर्थ भक्तों के साथ भेदभाव है.
अतिरिक्त शुल्क को लेकर जताई गई चिंता
याचिका में मंदिर में देवताओं के पास पहुंचकर पूजा करने के लिए लगाए गए अतिरिक्त शुल्क पर भी चिंता जताई गई है. याचिका में कहा गया है कि विशेष दर्शन सुविधा के लिए 400 से 500 रुपये तक शुल्क वसूल किया जाता है. इससे संपन्न श्रद्धालु और वंचित वर्ग के बीच विभाजन हो जाता है.
सभी राज्यों को दिए जाएं निर्देश
याचिका में कहा गया कि गृह मंत्रालय को अवगत कराने के बाद भी केवल आंध्र प्रदेश को निर्देश जारी किए गए. जबकि उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे अन्य राज्यों को कोई निर्देश नहीं दिया गया. याचिका में अतिरिक्त शुल्क लगाने को समानता और धार्मिक स्वतंत्रता के सांविधानिक अधिकारों का उल्लंघन घोषित करने का निर्देश देने की मांग की गई.
याचिका में यह मांगें भी की गईं
मंदिर परिसरों में सभी श्रद्धालुओं से एक सा व्यवहार करने और मंदिरों तक समान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए केंद्र द्वारा मानक संचालन प्रक्रिया तैयार करने के निर्देश देने की मांग की गई है. इसके अलावा देशभर के मंदिरों के प्रबंधन और प्रशासन की देखरेख के लिए एक राष्ट्रीय बोर्ड गठित करने की भी मांग की गई है.
गुजरात में महिला को तालीबानी सजा, निर्वस्त्र कर पीटा, बाइक से बांधकर घुमाया, महिलाओं समेत 15 लोगों ने की क्रूरता
दाहोद. गुजरात में दाहोद जिले के एक गांव में 35 वर्षीय विवाहित महिला को गांव के ही 15 लोगों ने अमानवीय यातनाएं दीं. महिला पर गांव के ही एक युवक के साथ अवैध संबंध होने का आरोप लगाते हुए आरोपियों ने उसे अर्धनग्न कर पिटाई की और उसे बाइक से बांधकर पूरे गांव में घुमाया. पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
वीडियो सोशल मीडिया में वायरल किया
पुलिस के मुताबिक घटना 28 जनवरी की है. पीड़ित महिला गांव के ही रहने वाले एक व्यक्ति के घर पर मौजूद थी. इसी दौरान लाठी-डंडों से लैस 15 लोगों की भीड़ ने घर पर धावा बोल दिया. महिला को पीटते हुए घर के बाहर लाए और उसके कपड़े फाड़ दिए. इसके बाद उसे बाइक से बांधकर पूरे गांव में घुमाया. आरोपियों ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल भी कर दिया.
आरोपियों में 5 महिलाएं भी शामिल
महिला को यातना देने वाली 15 लोगों की भीड़ में 5 महिलाएं भी थीं. आरोपी महिलाएं पीड़ित को पकड़े थीं और डंडे से पीट रही थीं. पीड़ित महिला उनसे गुहार लगाती रहती है, लेकिन आरोपी महिलाएं उसे गालियां देते हुए पीटती रहती हैं. भीड़ महिला को अर्धनग्न कर पूरे गांव में घुमाती रही. कुछ लोग उसका वीडियो बनाते रहे. वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस तुरंत घटना स्थल पर पहुंची और सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया.
ये हैं सभी 15 आरोपियों के नाम
महिला के साथ दरिंदगी करने वाले आरोपी पुरुषों के नाम, बहादुर कांति डामोर, संजय बहादुर डामोर, दियार कीर्तन बहादुर डामोर, राजू कांति डामोर, धर्मेंद्र राजू डामोर, गोविंद भारत डामोर, हिमंत गेदल डामोर, पप्पू कल्याण डामोर, गोपाल पप्पू डामोर और विक्रम बहादुर पगी. आरोपी महिलाओं के नाम, हंसाबेन राजू डामोर, चंपाबेन बहादुर डामोर, सीताबेन विनोद सिसोदिया, वर्षाबेन पप्पू कल्याण डामोर और रमीलाबेन हिमंत डामोर हैं.
गंगा नदी में बड़ा हादसा, घाट के पास टक्कर के बाद पलटी नाव, 60 से अधिक लोग थे सवार
वाराणसी. उत्तर प्रदेश के वाराणसी में शुक्रवार को एक बड़ी दुर्घटना में लोगों से भरी नाव गंगा नदी में पलट गई. दो नाव की टक्कर के बाद यह दुर्घटना हुई. इन दोनों नाव पर 60 से ज्यादा लोग सवार थे.
यह घटना वाराणसी के मान मंदिर घाट के सामने गंगा पार के पास हुई है. जानकारी के अनुसार, नाव में सवार सभी यात्री ओडिशा के रहने वाले हैं. वे नाव में सवार होकर गंगा नदी के दर्शन कर रहे थे. तभी एक बड़ी नाव और छोटी नाव की आपस में टक्कर हो गई. राहत यह रही कि नाव में सभी सवार लोगों ने लाइफ जैकेट पहन रखी थी. वहीं, घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची एनडीआरएफ और जल पुलिस द्वारा सभी लोगों को बचाया गया.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नाव पर सवार लोग ओडिशा के रहने वाले हैं. एनडीआरएफ और जल पुलिस ने सभी लोगों को बचा लिया है, एक शख्स को चोट लगी है. जिसका तुरंत ही उपचार किया गया.
एक अन्य चश्मदीद ने भी पुष्टि की कि 60 लोग नाव पर सवार थे. तभी बड़ी नाव ने छोटी नाव को टक्कर मार दी, जिसके चलते यह हादसा हुआ. सभी लोगों को बचा लिया गया है. वाराणसी के एडिशनल पुलिस कमिश्नर डॉ. एस. चिनप्पा ने बताया कि गंगा नदी में दो नावों के बीच टक्कर हुई थी.
बड़ी नाव में 58 लोग सवार थे, जबकि छोटी नाव पर छह लोग मौजूद थे. बड़ी नाव ने छोटी नाव को टक्कर मारी थी, जिसके कारण छह लोग पानी में गिर गए. मौके पर मौजूद एनडीआरएफ और जल पुलिस के जवानों ने सभी को सकुशल बचा लिया है, जिनमें दो लोगों को मामूली चोट आई है. साथ ही नाव के मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है.
कनाडाई पीएम पद की दौड़ में शामिल हुईं मॉडल से सांसद बनीं रूबी ढल्ला
ओटावा/नई दिल्ली। पंजाबी मूल की कनाडाई सांसद रूबी ढल्ला ने हाल ही में लिबरल पार्टी के नेतृत्व की दौड़ में भाग लेने और प्रधानमंत्री पद के लिए दावेदारी की है। उन्होंने दो दशक पहले बॉलीवुड की फिल्म 'क्यों? किस लिए?' में काम किया था। इस फिल्म को कम बजट में शूट किया गया था। विनोद तलवार द्वारा निर्देशित यह फिल्म हैमिल्टन सीरियल किलर सुखविंदर ढिल्लों की हत्या के मुकदमे पर आधारित है।
पहली बार 2004 में बनीं सांसद
50 वर्षीय रूबी का जन्म पंजाब के एक अप्रवासी परिवार में कनाडा में हुआ था। पहली बार 2004 में, वह ब्रैम्पटन, स्प्रिंगडेल के लिए संसद सदस्य के रूप में हाउस ऑफ कॉमन्स के लिए चुनी गईं और 2011 तक इस पद पर रहीं।
रूबी ने 2003 में रिलीज हुई अपनी पहली और एकमात्र फिल्म में एक पुलिस अधिकारी की भूमिका निभाई थी। डीवीडी रिलीज के कुछ समय बाद, भारतवंशी नेता ने आरोप लगाया कि फिल्म की प्रचार सामग्री में उनकी छवियों के साथ छेड़छाड़ की गई और फिल्म की डीवीडी रिलीज को रोकने की कोशिश की। हालांकि, फिल्म निर्माताओं ने रूबी के इस आरोप का खंडन किया। 2009 में आई सीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, फिल्म निर्माता चरणजीत सिहरा ने कहा कि रूबी ढल्ला की किसी भी छवि के साथ कोई भी छेड़छाड़ नहीं की थी। सिहरा ने कहा, 'वह हैमिल्टन आई थीं और वह हमेशा से बॉलीवुड स्टार बनना चाहती थीं। मैंने उन्हें फिल्म में काम करने का मौका दिया।'
1993 में, मिस इंडिया कनाडा प्रतियोगिता में उपविजेता रहीं
बता दें कि रूबी ढल्ला भारतीय मूल की पहली महिलाओं में से एक हैं, जिन्हें कनाडा की संसद में कंजर्वेटिव नीना अग्रवाल के साथ चुना गया था। वह 2006 और 2008 में फिर से चुनाव जीतकर हाउस ऑफ कॉमन्स गईं, लेकिन 2011 में हार गईं। इसके अलावा, वह एक मॉडल और होटल व्यवसायी भी रह चुकी हैं। रूबी 1993 में, मिस इंडिया कनाडा प्रतियोगिता में उपविजेता रहीं।
अवैध प्रवासियों पर दिए बयान को लेकर भी चर्चा में
रूबी ढल्ला कनाडा में अवैध प्रवासियों पर दिए बयान को लेकर भी चर्चा में हैं। उन्होंने कहा है कि अगर वह जस्टिन ट्रूडो के स्थान पर प्रधानमंत्री बनती हैं तो कनाडा से पांच लाख अवैध लोगों को निकाला जाएगा। उन्होंने कहा कि कनाडा में पांच लाख अवैध प्रवासी हैं, जो अस्वीकार्य हैं।
ढल्ला के बयान से पंजाबी समुदाय में गर्माहट
बता दें कि कनाडा में पीएम ट्रूडो इस्तीफा दे चुके हैं और कार्यकारी पीएम के तौर पर काम कर रहे हैं। वहां पर इमिग्रेशन अब सबसे बड़ा मुद्दा है। कनाडा हर कदम पर इमिग्रेशन पर सख्ती कर रहा है। कनाडा में कंजर्वेटिव व लिबरल सांसद अब खुलकर अवैध अप्रवासियों के खिलाफ बोलने लगे हैं। रूबी ढल्ला के बयान को लेकर कनाडा में पंजाबी समुदाय में काफी गर्माहट है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ होती है रूबी की तुलना
रूबी की तुलना अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ भी होती है। कनाडाई प्रधानमंत्री पद की रेस में शामिल रूबी ने अपने इंस्टा पोस्ट में साफ किया था कि वे कनाडा के हितों के लिए ट्रंप से दो टूक बात करने को तैयार हैं।
पुंछ में घुसपैठ की कोशिश नाकाम, सेना ने दो आतंकवादियों को किया ढेर
पुंछ। सेना ने जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया और दो आतंकवादियों को मार गिराया। नगरोटा स्थित व्हाइट नाइट कॉर्प्स ने बताया कि गुरुवार रात एलओसी पर आतंकवादी गतिविधि का पता चला। सतर्क सैनिकों ने घुसपैठ की कोशिश कर रहे आतंकवादियों को घेर लिया।
इसके बाद मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए। सेना ने बाद में इलाके में तलाशी अभियान चलाया और हथियार व युद्ध सामग्री बरामद की। सेना ने कहा कि ऑपरेशन अभी जारी है। व्हाइट नाइट कॉर्प्स ने एक पोस्ट में कहा, "कल रात पुंछ सेक्टर में लाइन ऑफ कंट्रोल पर आतंकवादी गतिविधि का पता चला। सतर्क सैनिकों ने तत्परता दिखाते हुए घुसपैठ करने वाले आतंकवादियों को घेर लिया। इसके बाद जबरदस्त गोलाबारी हुई। ऑपरेशन पूरे दिन चलता रहा।"
स्थानीय लोगों ने इलाके में कुछ संदिग्ध लोगों को देखे जाने की सूचना दी थी, जिसके बाद गुरुवार को सुरक्षा बलों ने जम्मू संभाग के डोडा जिले में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया। डोडा ऑपरेशन से एक दिन पहले, सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों के ओवर-ग्राउंड वर्करों (ओजीडब्ल्यू) का पता लगाने और उन्हें पकड़ने के लिए राजौरी जिले के 25 स्थानों पर तलाशी ली।
ओजीडब्ल्यू आतंकवादियों के लिए आंख और कान का काम करते हैं। वे उन्हें रसद सहायता प्रदान करते हैं, हथियार पहुंचाते हैं और सुरक्षा बलों की गतिविधियों पर नजर रखते हैं। खुफिया एजेंसियों ने यह भी बताया कि ओजीडब्ल्यू आतंकवादियों के लिए उन इलाकों में आतंक फैलाने के लिए आसान और निहत्थे ठिकानों की पहचान करते हैं।
2024 में आतंकवादियों द्वारा कुछ कायराना हमलों के बाद सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों के खिलाफ आक्रामक अभियान शुरू किया था। 20 अक्टूबर, 2024 को दो आतंकवादियों ने गांदरबल जिले के गगनगीर में एक इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी के श्रमिकों के शिविर में घुसकर अंधाधुंध गोलीबारी की थी। इस हमले में इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी के छह गैर-स्थानीय कर्मचारियों और एक स्थानीय डॉक्टर सहित सात नागरिक मारे गए थे।
2 नवंबर, 2024 को आतंकवादियों ने व्यस्त संडे मार्केट में एक ग्रेनेड फेंका था। इस हमले में तीन बच्चों की 42 वर्षीय मां की मौत हो गई थी और 11 अन्य नागरिक घायल हो गए थे।
राष्ट्रपति के संबोधन के साथ संसद का बजट सत्र शुरू
नई दिल्ली। संसद का बजट सत्र आज से शुरू हो गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के दोनों सदनों को संबोधित करते हुए महाकुंभ हादसे पर दुख व्यक्त किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए कहा, ऐतिहासिक महाकुंभ चल रहा है। यह हमारी सांस्कृतिक परंपराओं और सामाजिक जागरण का पर्व है। देश-दुनिया से करोड़ों श्रद्धालुओं ने प्रयागराज में पवित्र डुबकी लगाई है। मौनी अमावस्या पर हुई दुर्घटना पर मैं अपनी संवेदना व्यक्त करती हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करती हूं।
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, दो महीने पहले हमने अपने संविधान को अपनाने के 75 साल पूरे किए और कुछ दिन पहले हमने 75 साल की अपनी यात्रा पूरी की। मैं सभी भारतीयों की ओर से बाबा साहब अंबेडकर और संविधान समिति के अन्य सभी सदस्यों को नमन करती हूं।
उन्होंने कहा, मेरी सरकार ने आदिवासी समाज के पांच करोड़ लोगों के लिए 'धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान' शुरू किया है। इसके अलावा, सरकार ने युवाओं की शिक्षा और उनके लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर विशेष ध्यान दिया है। आयुष्मान भारत योजना के तहत 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के छह करोड़ वरिष्ठ नागरिकों को स्वास्थ्य बीमा प्रदान करने का निर्णय लिया गया है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, सरकार ने 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' और वक्फ संशोधन विधेयक की दिशा में भी कदम उठाए हैं। मेरी सरकार मध्यम वर्ग के अपने घर के सपने को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके अलावा, मेरी सरकार देश में महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास में विश्वास करती है। सरकार का लक्ष्य 3 करोड़ 'लखपति दीदी' बनाना है। देश में कोई भी शिक्षा से वंचित न रहे, इसलिए मातृ भाषा में शिक्षा के अवसर दिए जा रहे हैं। विभिन्न भर्ती परीक्षाएं 13 भारतीय भाषाओं में आयोजित कर भाषा संबंधित बाधाओं को दूर किया गया है।
अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा, वह दिन दूर नहीं जब भारत में निर्मित गगनयान में एक भारतीय नागरिक अंतरिक्ष में जाएगा। कुछ दिन पहले स्पेस डॉकिंग में सफलता ने भारत के अपने स्पेस स्टेशन का मार्ग और आसान कर दिया है। विकसित भारत के निर्माण में किसान, जवान, विज्ञान के साथ ही अनुसंधान का बहुत बड़ा महत्व है। हमारा लक्ष्य भारत को ग्लोबल पावर हाउस बनाना है। देश के शिक्षण संस्थानों में अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए 50 हजार करोड़ की लागत से अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन स्थापित किया गया है।
उन्होंने आगे कहा, आज हमारे युवा स्टार्टअप से लेकर खेल और अंतरिक्ष तक हर क्षेत्र में देश का नाम रोशन कर रहे हैं। भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और प्रौद्योगिकी अपनाने के क्षेत्र में दुनिया को रास्ता दिखा रहा है। आज भारत डिजिटल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक प्रमुख वैश्विक खिलाड़ी के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है। दुनिया के विकसित देश भी भारत की यूपीआई लेनदेन प्रणाली की सफलता से प्रभावित हैं। मेरी सरकार ने डिजिटल प्रौद्योगिकी का उपयोग सामाजिक न्याय और समानता के लिए एक उपकरण के रूप में किया है। इसके अलावा, एमएसएमई के लिए लोन गारंटी योजना और ई-कॉमर्स निर्यात केंद्र देश के सभी क्षेत्रों में व्यापार को प्रोत्साहित कर रहे हैं।
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, मेरी सरकार साइबर सुरक्षा में दक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। डिजिटल धोखाधड़ी, साइबर अपराध और डीपफेक सामाजिक, वित्तीय और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौतियां हैं।
उन्होंने कहा, यह संसद के लिए बहुत गर्व की बात है कि आज बड़ी संख्या में महिलाएं लड़ाकू विमान उड़ा रही हैं, पुलिस में शामिल हो रही हैं और देश में कॉर्पोरेट्स का नेतृत्व भी कर रही हैं। हमारी बेटियां ओलंपिक पदक जीतकर देश को गौरवान्वित कर रही हैं।
राफेल-एम और स्कॉर्पीन डील पर जल्द लगेगी मुहर
नई दिल्ली। भारत की सीमा पर निगाहें गड़ाए दुश्मन मुल्कों को सचेत हो जाना चाहिए। भारत अपनी नौसेना की शक्ति बढ़ाने के लिए फ्रांस से राफेल लड़ाकू जेट के 26 नौसैनिक संस्करण और तीन स्कॉर्पीन पनडुब्बी की खरीद पर अगले कुछ हफ्ते में मुहर लगा सकता है। मामले से वाकिफ लोगों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
फ्रांस का दौरा करेंगे पीएम मोदी
हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि राफेल-एम और स्कॉर्पीन की खरीद संबंधी घोषणा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आगामी पेरिस यात्रा के दौरान की जाएगी या नहीं। मोदी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पर आधारित दो दिवसीय शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए 10-11 फरवरी को पेरिस की यात्रा करेंगे। शिखर सम्मेलन से इतर उनके फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से द्विपक्षीय वार्ता करने की संभावना है।
जुलाई 2023 में खरीद को मिली थी मंजूरी
मामले से वाकिफ लोगों ने बताया कि दोनों समझौते अंतिम चरण में हैं और सुरक्षा मामलों पर कैबिनेट समिति (सीसीएस) को इन पर विचार करना होगा। जुलाई 2023 में रक्षा मंत्रालय ने फ्रांस से 22 राफेल (एम) जेट की खरीद को मंजूरी दी थी, मुख्य रूप से स्वदेशी रूप से निर्मित विमान वाहक आईएनएस विक्रांत पर तैनाती के लिए। मंत्रालय ने फ्रांस से तीन स्कॉर्पीन पनडुब्बी की खरीद को भी स्वीकृति दे दी थी।
6 स्कॉर्पीन पनडुब्बी का निर्माण
भारतीय नौसेना के प्रोजेक्ट-75 के तहत फ्रांस के नौसेना समूह के सहयोग से मझगांव डॉक लिमिटेड (एमडीएल) भारत में छह स्कॉर्पीन पनडुब्बी का निर्माण पहले ही कर चुका है। राफेल-एम जेट के साथ-साथ हथियार प्रणालियों और कलपुर्जों सहित संबंधित सहायक उपकरणों की खरीद एक अंतर-सरकारी समझौते (आईजीए) पर आधारित होगी। भारतीय वायुसेना ने फ्रांस से 36 राफेल लड़ाकू विमान उड़ने लायक स्थिति में खरीदे थे। वायुसेना का मानना है कि उसे राफेल जेट के कम से कम दो और बेड़े की खरीद करनी चाहिए।
गुजरात सभी पुलिस कमिश्नरेट में 30 अप्रैल तक तीनों नए फौजदारी कानून लागू करे: अमित शाह
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को कहा कि गुजरात सरकार को 30 अप्रैल तक सभी पुलिस कमिश्नरेट में और जल्द से जल्द पूरे राज्य में तीन नए आपराधिक कानूनों को लागू करना सुनिश्चित करना चाहिए।
शाह गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की उपस्थिति में आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन संबंधी समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को परिपत्र जारी कर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि संगठित अपराध, आतंकवाद और भीड़ द्वारा हत्या के प्रावधानों का दुरुपयोग न हो।
पिछले साल 1 जुलाई को लागू किए थे तीनों कानून
भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम को पिछले साल एक जुलाई को लागू किया गया था। इन कानूनों ने क्रमशः औपनिवेशिक काल की भारतीय दंड संहिता, आपराधिक प्रक्रिया संहिता और 1872 के भारतीय साक्ष्य अधिनियम की जगह ली है।
यहां जारी एक आधिकारिक बयान के मुताबिक नए कानूनों को लागू करने में गुजरात सरकार द्वारा अब तक किए गए कार्यों की सराहना करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार को 30 अप्रैल तक सभी पुलिस कमिश्नरेट में इनका कार्यान्वयन सुनिश्चित करना चाहिए और जल्द से जल्द पूरे राज्य में इनका कार्यान्वयन सुनिश्चित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा इसकी मासिक समीक्षा की जानी चाहिए, राज्य के गृह मंत्री द्वारा पाक्षिक रूप से तथा मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) और पुलिस महानिदेशक के स्तर पर साप्ताहिक समीक्षा की जानी चाहिए।
शाह ने की गुजरात की सराहना
शाह ने कहा कि गुजरात ने 10 वर्ष से अधिक की सजा वाले 92 प्रतिशत से अधिक मामलों में समय पर आरोप पत्र दाखिल करके महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने रेखांकित किया कि शेष मामलों के लिए, कानून में उन प्रावधानों का उपयोग सुनिश्चित करने के लिए समीक्षा की जानी चाहिए जो अदालत से अनुमति लेने का प्रावधान करते हैं। गृह मंत्री ने कहा कि गुजरात ने ‘जीरो एफआईआर’ को 100 प्रतिशत नियमित एफआईआर में परिवर्तित करने में सराहनीय काम किया है।
पुंछ में नियंत्रण रेखा पर आतंकी गतिविधियों का पता चलने पर सेना का एक्शन
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के पुंछ सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर आतंकी गतिविधियों का पता चलते ही सीमा पर अलर्ट जवानों ने मोर्चा संभाल लिया। दोनों तरफ से भारी गोलीबारी की खबर है। सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि सेना के जवानों ने गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों के एक समूह की घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि सतर्क सेना के जवानों ने खारी करमारा इलाके में नियंत्रण रेखा के पार से इस तरफ घुसने की कोशिश कर रहे आतंकवादियों की हरकत देखी, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी हुई।
अधिकारियों ने बताया कि सेना की गोलीबारी में कम से कम दो आतंकवादी गोली लगने से घायल हुए हैं, लेकिन अभी यह पता नहीं चल पाया है कि वे मारे गए हैं या घायल हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि घने जंगल के साथ सुरक्षा बल घटनास्थल पर पहुंच गए हैं और तलाशी अभियान जारी है। सुरक्षा अधिकारियों ने कहा कि ऑपरेशन पूरा होने के बाद इस मामले में विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
पूंछ, डोडा में शुरू हुआ था सर्च ऑपरेशन
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा बलों ने गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के पुंछ और डोडा जिलों में विभिन्न स्थानों पर संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया था। अधिकारियों ने बताया कि गुरसाई-हरनी बेल्ट में जादन वाली गली, सानी गली मोहल्ला, नादान वाला, मेंढर में धरना बेहिर रख, सुरनकोट में फजलाबाद नार और पुंछ के मंडी इलाकों में चकरारा फट्टा और डोडा के भद्रवाह इलाके में दोरहू, बस्ती और आसपास के वन क्षेत्र में तलाशी अभियान चल रहा है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की सहायता से पुलिस दल अभियान में शामिल हैं। पुलिस को अज्ञात व्यक्तियों की संदिग्ध गतिविधियों के बारे में सूचना मिलने के बाद सुबह 9.40 बजे से 10.45 बजे के बीच सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। संदिग्धों के आतंकवादी होने का संदेह था। ऑपरेशन पूरा होने के बाद आतंकियों के बारे में जानकारी मिलेगी।
राष्ट्रपति मुर्मू ने दिया विकसित भारत का संदेश
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव की गहमागहमी के बीच संसद का बजट सत्र शुक्रवार को आरंभ हो गया। इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित किया। उन्होंने सांसदों को संबोधित करते हुए देश को विकसित भारत का संदेश दिया। इसके साथ ही उन्होंने प्रयागराज महाकुंभ में हुए हादसे पर दुख जताया। राष्ट्रपति ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भी श्रद्धांजलि दी।
अपने अभिभाषण में राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि संसद की इस बैठक को संबोधित करते हुए मुझे हार्दिक प्रसन्नता हो रही है। अभी दो माह पहले हमने संविधान को अपनाने की 75वीं वर्षगांठ मनाई है और कुछ दिन पहले ही भारतीय गणतंत्र ने 75 वर्षों की यात्रा भी पूरी की है। ये अवसर लोकतंत्र की जननी के रूप में भारत के गौरव को नई ऊंचाई देगा। भारत की विकास यात्रा के इस अमृतकाल को आज मेरी सरकार अभूतपूर्व उपलब्धियों के माध्यम से नई ऊर्जा दे रही है। तीसरे कार्यकाल में तीन गुना तेज गति से काम हो रहा है। आज देश बड़े निर्णयों और नीतियों को असाधारण गति से लागू होते देख रहा है।
सरकार की उपलब्धियां गिनाईं
राष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना का विस्तार करते हुए तीन करोड़ अतिरिक्त परिवारों को नए घर देने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए पांच लाख 36 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाने की योजना है। जनजातीय समाज के पांच करोड़ लोगों के लिए धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान प्रारंभ हुआ है। इसके लिए 80 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत 70 वर्ष और उससे अधिक उम्र के छह करोड़ वरिष्ठ नागरिकों को स्वास्थ्य बीमा देने का फैसला हुआ है। इन्हें हर वर्ष पांच लाख रुपये का हेल्थ कवर मिलेगा।
रोजगार के नए अवसर तैयार करने पर विशेष फोकस
उन्होंने कहा, 'मेरी सरकार ने युवाओं की शिक्षा और उनके लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करने पर विशेष फोकस किया है। मेधावी छात्रों को उच्च शिक्षा में वित्तीय सहायता देने के लिए पीएम विद्यालक्ष्मी योजना शुरू की गई है। एक करोड़ युवाओं को शीर्ष 500 कंपनियों में इंटर्नशिप के अवसर भी दिए जाएंगे।'
उन्होंने कहा कि मेरी सरकार महिलाओं के नेतृत्व में देश को सशक्त बनाने में, यानी महिला के नेतृत्व वाले विकास में विश्वास करती है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के द्वारा लोक सभा और विधान सभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 91 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों को सशक्त किया जा रहा है। देश की 10 करोड़ से भी अधिक महिलाओं को इसके साथ जोड़ा गया है। इन्हें कुल नौ लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि बैंक लिंकेज के माध्यम से वितरित की गई है। हमारी बैंकिंग और डिजी पेमेंट सखियां दूर दराज के इलाकों में लोगों को वित्तीय व्यवस्था से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। कृषि सखियां नेचुरल फार्मिंग को बढ़ावा दे रही हैं और पशु सखियों के माध्यम से हमारा पशुधन मजबूत हो रहा है। ड्रोन दीदी योजना महिलाओं के आर्थिक और तकनीकी सशक्तिकरण का माध्यम बनी है। आज हमारा युवा स्टार्टअप्स, स्पोर्ट्स से लेकर स्पेस तक हर फ़ील्ड में देश का नाम रोशन कर रहा है। माय भारत पोर्टल के जरिये लाखों युवा राष्ट्र निर्माण के कार्यों से जुड़ रहे हैं।
हिमाचल में भूमि नियमितीकरण नीति पर जल्द आएगा फैसला
हिमाचल। प्रदेश हाईकोर्ट में 2002 की भूमि नियमितीकरण नीति पर जल्द फैसला आ सकता है। न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने 8 जनवरी को सुनवाई के बाद इस फैसले को सुरक्षित रख लिया है। राज्य की नियमितीकरण नीति के तहत सरकार ने लोगों से आवेदन मांगे थे, जिन्होंने सरकारी भूमि पर अतिक्रमण किया। इसके तहत एक लाख पैंसठ हजार से अधिक लोगों ने आवेदन किया था। तत्कालीन भाजपा सरकार ने भू-राजस्व अधिनियम में संशोधन कर धारा 163-ए को जोड़ा, जिसके तहत लोगों को 5 से 20 बीघा तक जमीन देने और नियमितीकरण करने का फैसला लिया गया था, जिससे जरूरतमंद लोगों को जमीन दी जा सके।
इस नीति की वैधता के खिलाफ हाईकोर्ट में दो लोगों ने चुनौती दी। अगस्त 2002 में दो न्यायाधीशों की खंडपीठ ने प्रकिया जारी रखने के आदेश दिए थे, जबकि पट्टा देने से मना कर दिया था।
अब 23 साल बाद इस मामले में फैसला आएगा। वहीं, भारत सरकार की ओर से दलीलें दी गईं कि प्रदेश सरकार ऐसी नीति नहीं बना सकती। वन संरक्षण अधिनियम 1980 के प्रावधानों के तहत प्रदेश सरकार केंद्र की पूर्व स्वीकृति प्राप्त किए बिना किसी भी अतिक्रमण को नियमित नहीं कर सकती। वहीं, महाधिवक्ता अनूप रतन ने कहा कि यह सरकार का अधिकार रहा है कि प्रदेश के लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए ऐसी नीति बनाई गई। यह समय की मांग है। लाखों लोगों को इसका फायदा होगा।
बैंस की अंतरिम जमानत पर सुनवाई
कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक से 20 करोड़ रुपये का फर्जी तरीके से लोन लेने और धोखाधड़ी मामले में हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में आरोपी युद्ध सिंह बैंस की अंतरिम जमानत पर सुनवाई शुक्रवार को होगी।
राज्य सरकार बैंस की जमानत रद्द करने का हाईकोर्ट से अनुरोध करेगी। यह उल्लेखनीय है कि युद्ध सिंह बैंस विजिलेंस ब्यूरो में चल रहे करीब 20 करोड़ रुपये के ऋण घोटाले में आरोपी है। उल्लेखनीय है कि इस मामले में बैंक स्टाफ की भी मिलीभगत का आरोप है।
आदर्श आचार संहिता उल्लंघन के 860 से अधिक मामले दर्ज
नई दिल्ली। राजधानी में पांच फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) के कथित उल्लंघन के 860 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं। दिल्ली पुलिस के इलेक्शन सेल की ओर से जारी आंकड़ों में बताया गया है कि ये मामले आदर्श आचार संहिता लागू होने की तिथि सात जनवरी से लेकर 29 जनवरी के बीच दर्ज किए गए हैं।
इस अवधि के दौरान आबकारी अधिनियम समेत विभिन्न कानूनी प्रावधानों के तहत कुल 27,551 लोगों को गिरफ्तार किया गया। चुनाव से पहले पुलिस ने सीमा चौकियों पर सतर्कता बढ़ा दी और हथियारों, शराब और मादक पदार्थों की तस्करी समेत अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई की है। बयान के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने एमसीसी के कथित उल्लंघन के 863 मामले दर्ज किए और 415 अवैध आग्नेयास्त्र और 473 कारतूस जब्त किए हैं। शस्त्र अधिनियम के तहत 426 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने अब तक 96,957 लीटर शराब जब्त कर 1,147 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने 72.8 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के 165.876 किलोग्राम मादक पदार्थ और 1,200 से अधिक प्रतिबंधित इंजेक्शन जब्त किए और 156 लोगों को गिरफ्तार किया है। कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने 9.67 करोड़ रुपये की नकदी और 37.39 किलोग्राम चांदी भी जब्त की है।
पीएम मोदी ने विकास की गति को तेज करने का दिया मंत्र
नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ 18वीं लोकसभा के बजट सत्र का आगाज हो गया है। बजट सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया को संबोधित करते हुए मां लक्ष्मी को नमन किया। साथ ही उन्होंने सरकार के तीसरे टर्म के बारे में जानकारी दी। पीएम मोदी के भाषण की 10 बड़ी बातों पर नजर डालते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मां लक्ष्मी को नमन कर संबोधन की शुरुआत की। उन्होंने कहा, आज बजट सत्र की शुरुआत में मैं समृद्धि की देवी मां लक्ष्मी को नमन करता हूं। सदियों से हम ऐसे अवसरों पर मां लक्ष्मी को याद करते आ रहे हैं। मैं महालक्ष्मी से प्रार्थना करता हूं कि देश के हर गरीब और मध्यम वर्ग पर मां लक्ष्मी की विशेष कृपा बनी रहे।
पीएम मोदी ने इसे 2047 के संकल्प का विजन बताया। बोले , हमारे गणतंत्र ने 75 वर्ष पूरे कर लिए हैं। यह देश के प्रत्येक नागरिक के लिए बहुत गर्व की बात है। इस देश की जनता ने मुझे तीसरी बार जिम्मेदारी दी है। यह मेरे तीसरे कार्यकाल का पूर्ण बजट है। मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि यह बजट नई ऊर्जा देगा, यह विश्वास दिलाता है कि 2047 तक देश का विकास होगा और 140 करोड़ लोग अपने संकल्प के साथ इस विजन को पूरा करेंगे।
इसे युवा सांसदों के लिए सुनहरा मौका करार दिया। उन्होंने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, इस बजट सत्र में सभी सांसद विकसित भारत को मजबूती देने के लिए अपना योगदान देंगे। विशेषकर जो युवा सांसद हैं, उनके लिए तो ये सुनहरा अवसर है। क्योंकि वो सदन में जितनी जागरूकता और भागीदारी बढ़ाएंगे, विकसित भारत के फल उनकी नजर के सामने देखने को मिलेंगे।
पीएम मोदी ने बजट से पहले 'विदेशी कोने से चिंगारी भड़काने' वाली बात भी कही। बोले, मैं 2014 से देख रहा हूं कि हर सत्र से पहले शरारत करने के लिए लोग तैयार बैठते थे और यहां उन्हें हवा देने वालों की कोई कमी नहीं है। 10 साल बाद ये पहला सत्र मैं देख रहा हूं, जिसमें किसी भी विदेशी कोने से कोई चिंगारी नहीं भड़काई गई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकास की गति को तेज करने का मंत्र भी दिया। कहा, रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांस्फॉर्म। जब विकास की तेज गति हासिल करनी होती है, तो सबसे ज्यादा जोर रिफॉर्म पर होता है। राज्य और केंद्र सरकारों को मिलकर परफॉर्म करना होता है और लोगों की भागीदारी से हम ट्रांस्फॉर्मेशन देख सकते हैं।
सबसे अहम बात पीएम मोदी ने मिशन मोड में काम करने का दावा किया। उन्होंने कहा, तीसरे कार्यकाल में हम मिशन मोड में देश को सर्वांगीण विकास की दिशा में चाहे वह भौगोलिक रूप से हो, सामाजिक रूप से हो या आर्थिक भिन्न-भिन्न संदर्भ में हो, हम सर्वांगीण विकास के संकल्प को लेकर मिशन मोड में आगे बढ़ते जा रहे हैं।
उन्होंने युवा विकसित भारत के लाभार्थियों का जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारा देश युवा देश है, युवा शक्ति है। आज जो 20-25 साल के नौजवान हैं। जब वो 45-50 साल के होंगे तो वे विकसित भारत का सबसे बड़े लाभार्थी होंगे।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने नारी शक्ति के सम्मान की बात की। कहा, विशेषकर नारीशक्ति के गौरव को पुनः प्रस्थापित करना, पंथ-संप्रदाय के भेद से मुक्त होकर हर नारी को सम्मानपूर्ण जीवन और समान अधिकार मिले, इस दिशा में इस सत्र में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे।
पीएम मोदी ने आर्थिक रोडमैप की बात कही। बोले , इनोवेशन, समावेश और निवेश लगातार हमारी आर्थिक गतिविधि के रोडमैप का आधार रहे हैं। इस सत्र में हमेशा की तरह कई ऐतिहासिक बिल पर सदन में चर्चा होगी और व्यापक मंथन के साथ वो राष्ट्र की ताकत बढ़ाने वाले कानून बनेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने उम्मीद जताई कि सरकार जनता की उम्मीदों पर खरी उतरेगी। उन्होंने कहा कि मैं आशा करता हूं कि हम देश की आशा-आकांक्षाओं के इस बजट सत्र में खरे उतरेंगे।